याराना-4

(Yarana- Part 4)

This story is part of a series:

मेरी सेक्सी कहानी के पिछले भाग
याराना-3
में आपने पढ़ा कि कैसे हम दो दोस्त एक दूसरे की बीवी को लेकर बेडरूम में गए, लेकिन सिर्फ फोरप्ले के लिए, चुदाई के लिए नहीं… लेकिन उत्तेजना और कामुकता वश बात कहानी तक बढ़ गयी.

इस प्रकार रीना इतनी उत्तेजित हो गई कि वह अपनी गांड को मेरे मुंह पर जोर जोर से गिराने लगी इससे मेरी नाक पर चोट तो लगी लेकिन मैंने उस मीठे दर्द को बर्दाश्त किया और उसकी चूत को जोर-जोर से जीभ से चोदना शुरू किया।
इसी प्रकार उत्तेजना में वह मेरे लिंग को जोर जोर से चूस रही थी और उसकी चूत ने एकदम से पानी छोड़ दिया… मगर वह रुक नहीं रही थी और मेरे लिंग को लगातार चूस रही थी. अतः मेरे लिंग ने भी पानी छोड़ दिया हम एक दूसरे के ऊपर ही 69 की अवस्था में निढाल होकर गिर गए।

मुझे अपने जीवन में अब से पहले कभी ऐसी उत्तेजना और ऐसा चरमोत्कर्ष कभी प्राप्त नहीं हुआ था।

थोड़ी देर बाद मैं सीधा हो गया और रीना को अपने ऊपर लेटा लिया उसके गद्दीदार स्तनों को मैं अभी भी अपने सीने पर महसूस कर रहा था और उसके चूचुकों से खेल रहा था।
रीना ने कहा कि आज उसने जो सुख अनुभव किया है वह कभी नहीं किया है। उसने मुझे धन्यवाद कहा और कहने लगी कि मुझे अब दूसरे कमरे में जाने की तैयारी करनी चाहिए।

मेरे दिल पर यह उसकी है बात बिजली सी गिरी, मैंने कहा- शायद अभी राजवीर और प्रिया का फोरप्ले पूरा नहीं हुआ है, उन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए। शायद वे दोनों अपने चरम पर पहुंचने वाले हैं और हम उनका मजा खराब कर दें, यह ठीक नहीं होगा.

रीना ने इस बात पर सहमति जताई और इंतजार करने को कहा. 15 से 20 मिनट तक उनके आने का कोई संकेत नहीं मिला तो मैंने बात को संभालते हुए कहा कि शायद वह भावनाओं में बह गया है और सोचने के बाद सेक्स करने लगे हैं। मेरी पत्नी है ही इतनी खूबसूरत और उत्तेजना पैदा करने वाली!
इस पर रीना ने कहा- नहीं… राजवीर ऐसा नहीं कर सकता।

तो मैंने उसे कहा- यार ये तो अच्छा हुआ हम 69 की पोजिशन की वजह से स्खलित हो गए। स्खलित नहीं होते तो क्या अपने आप को रोक पाते? शायद नहीं… इसमें उनकी गलती नहीं है। न ही हमारी गलती है। शायद वे दोनों फोरप्ले करके स्खलित ना हो पाए हों, और उन्होंने अपने क्रियाकलापों को लगातार जारी रखा हुआ हो। देखो रीना वह दोनों दोबारा लौटकर नहीं आए इसका मतलब यह है कि वह सो तो नहीं रहे होंगे, सेक्स ही कर रहे होंगे। अतः हमें भी यह सब करना चाहिए। यह केवल मजे के लिए है और एक रात के लिए मुझे तो तुम सेक्स के लिए एक पूर्ण रूप नारी लगती हो। क्या मैं तुम्हें पसंद नहीं आया?

इस पर रीना ने मुझसे कहा- नहीं रणविजय, तुम बहुत सेक्सी हो। मेरा भी तुमसे सेक्स करने को मन है पर मेरा जमीर मुझे रोकता है। अगर राजवीर ने प्रिया के साथ सेक्स नहीं किया होगा तो मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाऊंगी।
इस पर मैंने कहा- मेरी प्रिया इतनी सेक्सी है कि उसके साथ कोई फोरप्ले कर ले और सेक्स ना करे, ऐसा हो ही नहीं सकता।

यह बात कहकर में रीना को चिढ़ाना चाहता था।
और मेरा तीर सही निशाने पर पहुंचा जब रीना ने कहा- तो क्या मैं इतनी सेक्सी नहीं हूँ कि कोई मेरे साथ फोरप्ले करके सेक्स किए बिना रह जाए? क्या मुझ में वह बात नहीं है?

बस फिर क्या था, मैंने रीना के ऊपर आते हुए कहा- रीना तुम मेरी प्रिया से कहीं से भी उन्नीस नहीं लगती हो, तुम भी उतनी ही सेक्सी हो कि कोई मर्द इतना सब करके रुक ना पाए… अब तुम ही सोचो कि मैं कैसे रुका हुआ हूं!

इस पर हम दोनों ने एक बार फिर एक-दूसरे को चूमना शुरू किया और हमारा सेक्स क्रियाकलाप फिर से शुरू हो गया।

बस फिर क्या था अबकी बार जो हम चुम्बन कर रहे थे और एक दूसरे को सब को एक दूसरे के शरीर को चूस रहे चाट रहे थे हमें यह पता था कि इसका अंत संभोग से ही होना तय है।

इस बार रीना को चूसते हुए मैं अपने लिंग का स्पर्श उसकी चुत पर रगड़ करा रहा था, इसका कोई विरोध नहीं कर रही थी। हम उत्तेजना में इतने बह गए थे कि आगे बिना किसी बात करते हुए हमने सिर हिला कर एक दूसरे को सहमति दी और अपना कड़क लिंग मैंने मेरे सपनों की पोर्न नायिका की गीली फांकों में दे दिया, अत्यधिक उत्तेजना के कारण उसकी चूत मेरे लिंग को झट से खा गई और धक्का-मुक्की का खेल शुरू हो गया।

अपने दोस्त की बीवी को चोदकर मैंने उसकी चूत को लाल कर दिया था, उसके गाल और स्तन लाल हो चुके थे। उसका उत्तेजना पैदा करने वाला पेट मेरे नाखूनों से कब लाल हो गया था, मुझे पता ही नहीं चला। शीशे में देखने पर यह दृश्य वैसा ही था जैसा कि कोई पोर्न मूवी की नायिका वाइल्ड सेक्स के दौरान बुरी तरह से ठुकी है।
मैं और रीना कुछ मिनट के उठापटक वाले सेक्स के बाद झड़ गए और हम एक दूसरे की बांहों में लिपट कर लेट गये.

तीसरी बार मेरे लिंग ने रीना के शरीर को देखते हुए सलामी देना शुरु कर दिया था, मैं हैरान था कि ऐसी ठुकाई के बाद भी मेरा लिंग तीसरी बार खड़ा हो गया है। यह सब केवल रीना के आकर्षक अदा खान वाले मॉडल जैसे जिस्म का ही नतीजा था… इस रात को मैं कभी नहीं खोना चाहता था।

लेकिन रीना चूत का भोसड़ा बन चुका था इसलिए रीना ने कहा- मैं बहुत थक गई हूं। मन तो है कि आज सोयें नहीं… पर अब मेरी चूत अब ठुकाई के लिए राजी नहीं होगी। तुमने उसकी हालत बहुत खराब कर दी है शायद मुझे चला भी नहीं जाएगा सुबह। तुम तो पूरे जंगली हो।
और मुस्कुराने लगी।

मेरा लक्ष्य दोस्त की बीवी रीना की गांड मारना था क्योंकि मुझे पता था कि मेरे दोस्त राजवीर ने उसकी गांड का उद्घाटन नहीं किया है क्योंकि रीना ने उसे कभी ऐसा नहीं करने दिया। मुझे यह भी पता था कि रीना ने जब अपने पति को ही अपनी गांड नहीं दी तो वह मुझे भी इतनी आसानी से अपनी गांड नहीं देगी।

मैंने रीना से कहा- क्या तुम आज की रात को यादगार रखना चाहोगी? आज की रात तुम्हारे लिए हमेशा यादगार रहेगी?
रीना ने कहा- हां, इस रात को मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी और यह ना भूलने वाला अनुभव है।

इस पर मैंने रीना को कहा- वक्त के साथ शायद तुम भूल जाओ लेकिन जो मैं करना चाहता हूं वह ऐसा है कि तुम इस रात को चाह कर भी कभी नहीं भूल पाओगी और मेरे लिए यह सबसे बड़ी खुशी की बात होगी!
मेरी बात सुन कर रीना चौंक गई और उसने कहा- अब ऐसा क्या करने वाले हो?

मैंने अपनी एक उंगली को अपने थूक में भरा और उस उंगली को सीधा रीना की गांड पर लगाकर उसकी गांड के छेद पर फिराने लगा. इस पर, रीना जो लेटी हुई थी, फट से बैठ गई, उसने कहा- ऐसा सोचना भी मत!
और हंसने लगी।
उसने कहा- नहीं, तुम नहीं कर सकते! और मैं यह करवाऊंगी भी नहीं।

मैंने उसकी काफी मिन्नतें की, कहा- इसमें तुमको बहुत मजा आएगा, तुम्हारी मोटी गांड बनी ही इसलिए है कि वह इसमें बहुत सारे लिंग के धक्के खाए।
मैंने कहा- इस रात को यादगार बनाने के लिए हमें इस काम को करना ही चाहिए!
उसने कहा- यह पहली बार होगा इसलिए मैं नहीं करवाऊंगी!
मैंने कहा- पहली बार होगा इसलिए तो यह रात यादगार होगी, यह बात जिंदगी भर याद रखोगी। जो अभी तक हमने किया है यह एक साधारण चुदाई ही है लेकिन तुम्हारी गांड का उद्घाटन तुम्हें हमेशा याद रहेगा।

रीना अंततः राजी हो गई, उसने कहा- अगर मुझे दर्द होगा तो तुम तुरंत रुक जाओगे?
लेकिन मुझे प्रिया की गांड मारने का इतना अनुभव था कि मुझे पूर्ण विश्वास था कि आज रीना की गांड का उद्घाटन मैं करके ही रहूंगा।

मैंने रीना को किस करना शुरू किया, उसके पूरे शरीर पर, गोरे मांसल स्तनों से लेकर उसकी चूत तक मैंने चाट चाट कर उसको गर्म कर दिया। इतनी आकर्षक शरीर वाली औरत को चूसना ही एक प्रकार की सेक्स क्रिया थी, ऐसा करने से रीना फिर उत्तेजना में बह गई।

अब वो उचक उचक कर मेरा साथ देने लगी थी, मैंने उसको उल्टी लेटाते हुए उसकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया और उसके गांड के दोनों तरबूजों को अलग करते हुए उसकी गांड के छेद के चारों ओर अपनी जीभ फिरानी शुरू की। मैंने अपने दोस्त की बीवी की गांड को अपनी जीभ से पूरा गीला कर दिया।

रीना उत्तेजना में मेरा साथ देने लगी थी और अपनी गांड के छेद को मेरे मुंह की तरफ धकेलने लगी. अब मुझे लगा कि रीना गांड चुदाई के लिए पूर्ण रूप से तैयार है तो मैंने उठ कर अपना लिंग उसके मुंह में दे दिया।

रीना के मुंह के थूक से मेरा लिंग चिकना हो गया था। वह रीना की गांड में जाने के लिए बेताब था किंतु मैं जानता था कि रीना की छोटे से गांड के छेद के लिए यह चिकनाई पर्याप्त नहीं है, मैंने फटाफट से प्रिया के मेकअप बॉक्स में से क्रीम निकाल ली और अपने लिंग पर उसे चारों तरफ लगा कर उसे भर दिया।

रीना उत्तेजना में पागल हो गई थी अब लग रहा था कि वह मजबूर नहीं है और यह देखना चाहती है कि गांड मराने में कितना मजा आता है।

मैंने अपने लिंग मुंड को बहुत अधिक क्रीम से भर रखा था। मैंने रीना के गांड को चौड़ा करते हुए अपने लिंग को उसकी गांड के छेद पर टिका दिया, रीना के मुंह से हल्की सी सिसकारी निकली। मैंने अपने लिंग को रीना की गांड के छेद में दबाया।
उसने कहा- यार, बहुत दर्द हुआ।
उसकी आंखों से आंसू आने लगे।

मैंने प्यार से कहा- हम एक बार और कोशिश करेंगे नहीं हुआ तो रहने देंगे। लेकिन तुम यह समझ लो कि जैसे तुम्हें पहली बार चूत चुदवाने में दर्द हुआ होगा, उतना दर्द तो तुम्हें पहली बार गांड मरवाने में भी सहना ही होगा.

अपनी उंगलियों को क्रीम में भरकर मैंने उसकी गांड में एक-एक करके डालना शुरू किया। दर्द के साथ थोड़ी देर में मैंने रीना की गांड में तीन उंगलियां डाल दी थी जो मेरे लिंग के लिए पर्याप्त जगह बना चुकी थी।

मैंने फिर से रीना को घोड़ी बनाया और अपना लिंग फिर से उसकी गांड के छेद पर दबाया। मेरे लिंग मुंड रीना की गांड में चला गया उसने दर्द से तकिए को पकड़ लिया और छटपटाकर मेरे लिंग को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी।

लेकिन मैंने आगे से उसकी कमर पकड़ कर एक हाथ से उसकी गर्दन को अपनी ओर खींचा जिससे वह आगे की तरफ नहीं जा पाई। इससे वह छटपटाई लेकिन इतने में मैंने जोर लगा कर अपना लिंग उसकी गांड में पेल दिया।
तभी मेरी मनोकामना रीना को पूरा लाल करते हुए पूरी हुई। रीना का गोरा चिट्टा बदन पूरी तरह से लाल हो चुका था जैसे कि किसी इंग्लिश ब्लू क्सक्सक्स फिल्म की हीरोइन वाइल्ड सेक्स करवाते हुए लाल हो जाती है।

जब मेरे दोस्त की बीवी, मेरी जानम का दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने पहले हल्के झटके देने शुरू किए।
रीना जो शुरू में असहज महसूस कर रही थी, दर्द की जगह अब मजे ने ले ली थी तो मेरी प्यारी रीना अपनी गांड आगे पीछे करके गांड मरवाने का मजा लेने लगी थी।

फिर मैंने अंत में धक्कों की गति बढ़ा कर उसको बेहाल कर दिया और मैं उसकी संकरी सी गांड में स्खलित हो गया। रीना उल्टी ही लेट गयी और मैं भी उसकी गांड में अपना लिंग रख कर उसके नंगे चिकने जिस्म पर लेट गया।

आज मेरी सब इच्छाएं पूरी हो गई थी। ऐसी मनोकामना पूर्ण करने वाली रात जीवन में कभी कभार ही मिल पाती है। जितना मजा रीना को चोदकर मिला इतना मजा अभी तक तो नहीं मिला था। अब भविष्य में मैं रीना को दोबारा चोद पाऊंगा या नहीं… मुझे पता नहीं था. लेकिन मुझे अपने दोस्त के भागे पर रश्क होने लगा था, राजवीर बड़े नसीब वाला था जो उसके पास रीना थी।

और राजवीर भी शायद मेरे लिए ऐसा ही सोचता होगा क्योंकि प्रिया जैसी वाइफ मुझे मिली। क्योंकि प्रिया की बॉडी बहुत प्यार आकर्षक शरीर वाली थी जैसे किसी सांचे में डाली हुई हो।

रीना थक कर गहरी नींद में सो चुकी थी और यह सब सोचते हुए मुझे भी नींद आ गई, जब मैंने आखिरी बार टाइम देखा तो सुबह के 5:00 बज चुके थे।

एक सवाल मेरे मन में तब भी था कि क्या राजवीर और प्रिया सो गए होंगे? या मेरा दोस्त राज अभी भी मेरी पत्नी प्रिया की चूत या गांड को ठोक रहा होगा?

आगे की कहानी कहानी अब मेरे मतलब राजवीर के शब्दों में”

जब रणविजय ने मुझे अपनी और रीना की ठुकाई का किस्सा सुनाया तो मेरे मन में जलन की भावना आ गई, मैंने उसकी पत्नी प्रिया को प्यार से ठोका था लेकिन विजय ने मेरी पत्नी रीना के साथ वाइल्ड सेक्स किया था। यह खुद में एक बड़ी उत्तेजना का भाव है.

इसकी अगली वाली सुबह जब हम 10:00 बजे ब्रेकफास्ट के लिए फोन करके रेस्तरां में इकट्ठे हुए तब हम दोनों एक दूसरे की बीवियों के साथ रेस्तराँ में आए थे, मैंने दूर से अपनी बीवी रीना को आते हुए देखा तो रीना की चाल बदली बदली हुई लग रही थी, उसने चूत का भोसड़ा बनने और गांड के उद्घाटन का मीठा दर्द जो सहा था।

जब हम मिले तो हम चारों के चेहरे पर मुस्कान थी और रणविजय और मेरे चेहरे पर जीत की चमक। हमने आंखों ही आंखों में एक दूसरे को सफलतापूर्वक एक दूसरे की बीवी की ठुकाई करने पर बधाई दी।

मुझे रीना से और प्रिया को विजय से बात करने का मौका नहीं मिला था। विजय ने मुझे इशारे में बताया कि उसने कोई पिक या किसी भी प्रकार का xxx वीडियो नहीं बनाया।

जब हम चारों टेबल पर बैठ गए तो हम दोनों की बीवियों के चहेरे नीचे को झुके हुए थे… शाताद नारी सुलभा लज्जा के कारण!
हमने आपस में बातें करते हुए माहौल को सही किया, अब हमारी बीवियों की शर्म उड़ चुकी थी और हम चारों एक दूसरे से हंसी मजाक करने लगे थे। चारों ने कहा कि पिछली रात का अनुभव वास्तव में यादगार था, अतुलनीय था।

और हम चारों आगे भी यह बीवियों की अदला बदली यानि वाइफ स्वप्पिंग करने के लिए राजी थे। लेकिन पारिवारिक लड़ाई की वजह से शायद घर जाकर ऐसा करना दोबारा संभव ना हो इसलिए हमने फैसला किया कि इस टूर को इसी प्रकार यादगार बनाए रखने के लिए बाकी की बची हुई रातें और दिन हम बीवियां बदल कर ही रहेंगे अर्थात मैं और प्रिया, रीना और रणविजय। प्रिया और रीना भी इस बात से लिए पूर्ण रूप से सहमत थी.

हमने होटल बदल लिया, दूसरे होटल में दोस्त की बीवी अपनी बीवी बता रूम लिया और पूरा टूर इंजॉय किया।

हमने चारों ने मिलकर ग्रुप सेक्स नहीं किया क्योंकि हमारी बीवियों की शर्म इतनी भी नहीं खुल पाई थी, वे अपने पतियों के सामने दूसरे मर्द का लंड लेने से हिचक रही थी।

फिर हम 1 दिन के अंतराल से अपनी अपनी पत्नी के साथ घर लौट गए ताकि हमारे घर वालों को शक ना हो कि हम एक ही जगह से एक साथ लौटे हैं।

विदा लेते हुए हमारा यह फैसला हुआ कि कोई पत्नी और पति अपने पार्टनर से यह न पूछे कि उन रातों को उनके साथ कैसे क्या हुआ और जो हुआ उसे सब भूल जाए क्योंकि यही हमारी शादीशुदा जिंदगी के लिए सही था।

हम अब खुशी से अपनी लाइफ में मस्त हैं, घर वालों के लिए हम एक दूसरे के दुश्मन थे। कभी प्रिया दिखती तो मैं बस मुस्कुरा जाता वह भी जब कोई देखे ना और शायद विजय और रीना का भी ऐसा ही था।

बिजनेस संभालने के कुछ दिन बाद विजय और मैं क्रिकेट के ग्राउंड में मिले। और तभी मैंने रीना और रणविजय की ठुकाई की कहानी सुनी जो कि अभी आप को बताई है।
मैंने भी रणविजय को प्रिया की चुदाई की कहानी बताई।

हम अभी दोस्त हैं और कभी-कभी ऐसे ही गांव से दूर बैठकर बातें कर लिया करते हैं। एक दूसरे की बीवी को चोदने को लेकर मजाक कर लेते थे।

मुझे दुख था कि मैंने प्रिया की चूत को चूत ही रहने दिया, उसका भोसड़ा नहीं बनाया। मुझे और विजय को ऐसा फिर कर पाने की चाहत है लेकिन इतने बड़े बिजनेस में दूर जाकर इतने दिन निकालना बड़ा मुश्किल था।

कुछ दिन बाद हमने बिजनेस में एक दूसरे का साथ देने की डील पक्की की, घरवालों की लड़ाई के बावजूद हम गुपचुप एक दूसरे के साथ बिजनेस करते और सब कुछ सही चलने लगा था, हमारे बिजनेस ने काफी तरक्की की, हम दोनों ने इससे लाखों का फायदा कमाया।

रही स्वैपिंग की बात… तो मैंने सोच लिया था कि अब यह खत्म हो चुका है और ऐसा फिर नहीं होगा!
लेकिन यह सोचना मेरी गलतफहमी थी।
वाइफ स्वैपिंग एक ऐसा चस्का है जो अगर लग जाए तो दिन-रात दिमाग पर छा जाता है। मुझे नहीं पता था कि एक और शानदार याराना मेरा और रीना का इंतजार कर रहा है।

एक ऐसा किस्सा बनने वाला था जोकि विश्वास से परे था, उत्तेजना से भरपूर था, रोमांच को चरम पर पहुंचाने वाला था। इस स्वैपिंग में रीना का सेक्स पार्टनर वह था जिसके साथ यह सब करना रीना कभी सोच भी नहीं सकती थी और मेरी पार्टनर भी ऐसी ही महिला थी।

स्वैपिंग की शुरुआत होने का रोमांच अभी बाकी है। कितनी मुश्किल और असलियत से भरपूर एक और आपबीती शुरू होने वाली है।
असली याराना तो अब शुरू होगा।

याराना की वापसी का इंतजार कीजिए।

प्रिय अन्तर्वासना पाठको, आपके मेल ही मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए प्रेरित करेंगे। मेरी आपबीती अगर पसंद आई हो और आगे भी पढ़ना चाहते हो तो कृपया मुझे मेल करें!
[email protected] पर।

अगर अन्तर्वासना का कोई लेखक इस कहानी को आगे बढ़ाने में मेरी सहायता करना चाहता है तो कृपया मुझे मेल करें।
धन्यवाद.

Download a PDF Copy of this Story याराना-4