याराना का चौथा दौर-3

(Yarana Ka Chautha Daur- Part 3)

This story is part of a series:

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरा (राजवीर का) साला श्लोक मेरे साथ गोवा जा रहा था. फ्लाइट में उसने अपने दोस्त नील के साथ हुई जुगलबंदी का जिक्र किया जिसमें कि श्लोक और नील ने मिल कर एक दूसरे की बीवियों की चुदाई करने की प्लानिंग कर ली.

अब आगे की कहानी:

श्लोक- तो नील! अब तू मेरी बीवी सीमा को पटा और मैं तेरी बीवी रकुल को। 
“मेरे पास एक आइडिया है!” श्लोक ने नील से कहा.

श्लोक ने राजवीर से बताते हुए सुनाया-

जीजू जैसा कि हम चारों की रात काफी मजेदार होती थी। हम कभी ताश खेलते, कभी लूडो, कभी साथ में फ़िल्म देखते थे। उसी तरह हम चारों (श्लोक, सीमा, नील व रकुल) ने आपस में नक्की लड़ा रखी थी। नक्की लड़ाने का मतलब होता था कि हम चारों को हमारे हाथ पर पेन से एक निशान हर समय बना के रखना था जोकि किसी दूसरे के चाहने पर दिखाना होता था। अगर सामने वाले के हाथ पर वो निशान न हो तो वह हार जाता था।

हम हारने वाले से कोई भी एक चीज़ मांग सकते थे। शुरुआत में जब कोई भी हारता तो बात एक डेयरी मिल्क की चॉकलेट से खत्म होती थी। लेकिन अब समय इस शर्त का पूरा इस्तेमाल करने का था।

एक वक्त रात के समय अकेले में जब रकुल बाहर थी तो मैंने अचानक से उससे निशान के बारे में पूछा लेकिन रकुल के हाथ में वह निशान नहीं था। यानी रकुल हार गई। उसने कहा- कल मेरी तरफ की चॉकलेट आपको मिल जाएगी।

मैंने कहा- चॉकलेट की ही शर्त है ऐसा कब नियम बना? मुझे कुछ और चाहिए।
रकुल- क्या चाहिए?
श्लोक- एक किस!
रकुल चौंक कर- क्या?
श्लोक- हाँ।
रकुल हंसते हुए बोली- कल चॉकलेट मिल जाएगी.
और हंसते हुए चली गयी।

अगले दिन शाम को जब हमारे पास सीमा और नील नहीं थे तब रकुल मेरे लिए चॉकलेट लेकर आई। लेकिन मैंने चॉकलेट के लिए उसे मना कर दिया और कहा जो कल बोला था वही चाहिए।
रकुल- यार वो तो नहीं मिल सकता, सॉरी!
और ये बोलकर चली गयी।

अब मैंने रकुल से बात करना बंद कर दिया। सबके सामने जब वो कुछ कहती तो बिना कुछ बोले गर्दन हिलाक़र उसकी बात का जवाब दे देता ताकि सीमा और नील को हमारे बीच चल रहे इस विवाद का पता न चले।

इसी तरह नील भी सीमा को पटाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए ज्यादा से ज्यादा वक्त हम एक दूसरे को देते थे अपनी बीवियों के साथ अकेले में, ताकि बात जल्दी बने। साथ ही साथ जानबूझ कर अगर हम एक दूसरे की बीवी के साथ होते तो हम उस ओर नहीं जाते थे।

अगले दिन रकुल मेरे पास आकर बोली- यार श्लोक ऐसे कैसे चलेगा? तुमने तो बात ही करना बंद कर दिया। जब ये शुरू हुआ था तो ऐसा थोड़ी न था कि हम कुछ भी करवा सकते हैं?

श्लोक- बात ये हुई थी कि हारने वाले को एक बात जीतने वाले की माननी होगी। अब मुझे चॉकलेट नहीं चाहिए। मुझे तुम्हारे होंठों का रस पीना है।
रकुल- यार ये गलत है। सीमा और नील को पता चला तो?
श्लोक- यार दोस्त हैं हम। इतना तो चलता है और उन्हें कौन बताएगा जो उनको पता लगेगा इस बाते के बारे में? न तुम बताने वाली हो और न मैं बताने वाला हूं. फिर उनको कैसे पता लग जायेगा कि मैंने तुम्हारे होंठों पर किस किया है!

रकुल को एकदम से पता नहीं क्या हुआ कि उसने बिना कुछ कहे एकदम से मेरे गालों पर एक चुम्बन किया और भाग गई।
इससे मुझे अपनी जीत का अहसास हुआ।

मगर गालों पर चुम्बन लेने से मेरा मकसद पूरा नहीं होने वाला था. इसलिए मैं उसके पीछे गया.
वो एक तरफ जाकर खड़ी थी.
मैं बोला- ये तो बेइमानी है. मुझे तुम्हारे होंठों का रस चाहिए था और तुम ऐसे गाल पर सूखी सी पप्पी देकर भाग आईं? ये तो बहुत नाइंसाफी है. मैं तुमसे कभी बात करूंगा ही नहीं. तुम चाहे कुछ भी कहो.

इतना कहना था कि रकुल मेरे पास आई और अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया और आंखें बंद कर लीं। 
मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू किया और एक लम्बा चुम्बन उसे किया। उसके गोरे गाल शर्म से लाल हो गये थे। 

सीमा और नील के आने के डर से वो वहां से निकल गयी।
अब अगले दिन से मैंने नोटिस किया कि रकुल अब अपने हाथ पर निशान बनाना भूलने लगी थी. जिसका मतलब साफ था कि अब मेरी प्लानिंग कामयाब हो चुकी थी और मौका पाकर मैं रकुल के होंठों का रस पीने लग जाता था. अब वो भी मेरा साथ देने लग जाती थी.

ऑफिस में नील से बातें करके पता चला कि सीमा और नील भी अब चूमा-चाटी तक पहुंच चुके हैं. मतलब दोनों ही तरफ से हम प्रगति पर थे अपने मिशन में. मैंने रकुल की चुदाई के मिशन के लिए और नील मेरी बीवी सीमा की चुदाई के लिए.

एक दिन मैंने नक्की में जीत जाने पर रकुल से उसके स्तनपान की इच्छा जताई जो कुछ मिन्नतों के बाद उसने बाथरूम में सीमा और नील से छुपते हुए पूरी कराई। नील को सीमा के स्तनों तक पहुचने में मुझसे ज्यादा दिन लगे। लेकिन वह भी आखिर सीमा के स्तनपान तक पहुंच ही गया।

सीमा ने अपने स्तन रसोई में हमसे छुपते छुपाते नील से चुसवाये। अब हमारी बीवियां पराए मर्दों के साथ खुल चुकी थीं। जिसका पता हम दोनों को था क्योंकि ऑफिस के केबिन में हम एक दूसरे की बीवी के साथ कहां तक पहुंचे हैं इस बात की जानकारी ले लेते थे.

रात में जब हम अपनी अपनी बीवी की चुदाई करते तो एक अलग ही उत्तेजना हमारे अंदर होती थी कि ये मेरे दोस्त के साथ गुलछर्रे उड़ा रही है इसलिए चढ़ाई में घमासान जोरदार होता था। कुछ दिन तक तो ऐसे ही चलता रहा. मगर अब इस प्लान को अंजाम तक पहुंचाने की बारी थी.

हमने एक प्लान बनाया और उसके क्रियान्वयन के लिए पूरी तैयारी में जुट गए। आने वाला सप्ताहांत इस के कार्य के लिए सही समय चुना गया। हमने अपनी बीवियों से कह दिया था कि आने वाला सप्ताहांत अच्छे से मस्ती करते हुए मनाएंगे।

श्लोक राजवीर से-
जीजाजी, जब हम चारों यानि कि सीमा मैं, आप और रीना दीदी जब साथ में रहते थे तो मैंने एक बात जानी थी कि सीमा और रीना दीदी चाहे कितनी भी अच्छी दोस्त और ननद भाभी हो लेकिन उनके बीच एक अजीब सी प्रतिस्पर्धा रहती थी। सुंदर दिखने की। सेक्सी दिखने की।

जब दो नारी साथ में हों तो उनके बीच में कभी न कभी ये भावना अवश्य आती है कि वो एक दूसरे से सुंदर दिखें चाहे उनका आपसी रिश्ता कुछ भी क्यों न हो.
अतः इस प्लान में हमें इसी प्रतिस्पर्धा को आधार बनाना था जो कि अक्सर सभी महिलाओं के बीच अपने आप पनप जाती है।

कहानी निर्णायक मोड़ पर आने वाली है इसलिए अब जरूरी बातें इसके पात्रों के बारे में बता देता हूं।
श्लोक दिखने में सुंदर और आकर्षक चेहरे वाला, न मोटे न पतले शरीर वाला था.
नील भी कुछ ऐसी ही आकर्षक देह वाला था।
हम दोनों की एक विशेषता थी कि नील का लन्ड खड़ा होने के बाद लगभग 10 इंच का लंबा और काफी मोटा था और मैं आसानी से न झड़ने वाला लगभग घण्टे भर तक लगातार चुदाई कर सकता था।

सीमा के बारे में आप जानते ही हो। 32-26-34 के साइज की देह की मालकिन सीमा लम्बी सेक्सी टांग वाली कृति सेनन की छवि है और रकुल बिल्कुल रकुल प्रीत सिंह जैसी क्यूट चेहरे वाली। 33-27-35 की साइज़ की देह की मालकिन है।

अतः वह शाम आ ही गयी। ऑफिस से आकर हम दोनों नहा धोकर मेरे कमरे में इकट्ठे हुए।
रकुल और सीमा भी तैयार थी।
खाना और बियर हम साथ में लेकर आये थे।

एक एक बियर अपने हाथ में लेकर हमने ताश के पत्ते बांटे और खेलने लगे। एक एक बियर मेरे और नील के लिए सामान्य थी लेकिन सीमा और रकुल को नशे का सुरुर आने लगा था. हमने भी अपने प्लान के मुताबिक हल्की हल्की चढ़ने का दिखावा करते हुए बातचीत का सिलसिला शुरू किया।

श्लोक- यार आज बियर के नशे में सीमा बड़ी प्यारी लग रही है। मन कर रहा है ताश छोड़कर सीमा से प्यार करने लग जाऊं।
सीमा- मैं तुम्हें प्यारी लगी, इसके लिए तुम्हें बियर की जरूरत है? 
श्लोक- नहीं यार प्यारी तो तुम हो। मैंने कहा कि बियर के नशे में इतनी बेसब्री है कि मन कर रहा है तुमसे प्यार करने लग जाऊं।

नील- प्यारी तो मेरी जान रकुल भी बहुत लग रही है। मेरा मन भी ऐसा ही कर रहा है।
श्लोक- मगर तेरी रकुल मेरी सीमा से ज्यादा प्यारी नहीं लग रही है।
नील- अरे नहीं पगले। रकुल ज्यादा प्यारी है। क्यूट भी है और सेक्सी भी।

दोस्तो उस वक्त हमारे बीच कुछ संवाद अंग्रेजी में हुए जो कि ज्यादा भद्दी न लगे। मैं वास्तविक स्थिति को प्रकट करने के लिए वही भाषा यहां लिख रहा हूं।
नील- देख श्लोक, मेरी रकुल बेहतर है। हर बूब्स बिगर देन सीमा।
(उसके स्तन सीमा से बड़े हैं)

श्लोक- नो, सीमा हेव बिग बूब्स। (नहीं सीमा के स्तन बड़े हैं)
सीमा- व्हाट आर यू सेयिंग गाइज। (ये क्या बात कर रहे हो यार) 
रकुल- नील इज राइट। 
सीमा- रकुल तुम भी इनके साथ?
नील- सीमा हार रही है रकुल से। इसलिए वह बात पूरी नहीं होने देना चाहती।

सीमा- अरे यार हम ताश खेल रहे हैं या ब्यूटी कम्पीटिशन?
श्लोक- कुछ भी हो सीमा इज विनर।
नील- नो सीमा के स्तन छोटे हैं। 
सीमा- अरे ऐसे कैसे।
अब सीमा को भी गुस्सा आ गया था। एक बियर का कमाल अब नजर आने लगा था। हमने ये बात करते-करते दोनों को दूसरी बियर थमा दी। और पीते हुए उन दोनों को और ज्यादा उकसाने लगे.

अधिकतर वार्तालाप और शब्द अंग्रेजी के इस्तेमाल किए गए थे लेकिन यहां मैं उन्हें हिंदी में लिख रहा हूं. 
रकुल- यार साफ सामने दिखता है कि मेरे स्तन बड़े हैं।
सीमा- नहीं मुझे लगता है मेरे स्तन बड़े हैं। तुम लंबाई में मुझसे छोटी हो इस वजह से तुम्हारे स्तन थोड़े बड़े नजर आते हैं किंतु मेरी लंबाई अधिक होने के कारण ऐसा लगता होगा कि मेरे स्तन छोटे हैं लेकिन मेरे स्तन तुमसे बड़े हैं।

श्लोक- हां सीमा सही कहती है।
रकुल- नहीं नहीं। मेरे स्तन बड़े हैं।
सीमा- तुम ऐसा कैसे कह सकते हो? हमारी ब्रा का साइज़ तो एक ही है। 

नील- अच्छा चलो, यह प्रतियोगिता रही कि सीमा और रकुल में किसके स्तन ज्यादा बड़े हैं। जो जीतेगा उसे एक पॉइंट मिलेगा और जो हारेगा उसे जीरो. फिर उसके आगे अगली प्रतियोगिता में हारने वाले के पास जीतने का एक मौका होगा।

रकुल- हां तो टेप लेकर आओ, आज पता चल ही जाए कि किसके स्तन ज्यादा बड़े हैं।
नील हॉल में जाकर टेप निकाल कर लेकर आया और रकुल के टीशर्ट के उपर से ही उसके स्तन का माप लेने लगा।

श्लोक- अरे यार, तू अगर तेरी बीवी के स्तनों का माप लेगा तो बेशक उन्हें ज्यादा ही बताएगा। दिखने में इन दोनों के स्तन का आकार लगभग एक जैसा लगता है। अतः मापन में काफी करीबी जीत और हार होगी। अतः ऐसे में तो तुम बेइमानी कर लोगे।

सीमा- हां श्लोक सही कह रहा है। श्लोक को रकुल की स्तनों को मापना चाहिए।
नील- तो फिर सीमा के स्तनों का मापन मैं करूंगा ताकि तुम्हारी तरफ़ से भी कोई बेइमानी ना हो।

हमारे इन विवादों के बीच में बीयर का घूंट गले से उतरना लगातार जारी था और सुरूर चढ़ते चढ़ते चढ़ता ही जा रहा था।

श्लोक- पहले मैंने टेप लेकर रकुल के स्तनों का मापन किया और इस काम में मुझे इतना मजा आया कि जिसका मैं बखान नहीं कर सकता। उसके उभरे हुए स्तनों को टी शर्ट के ऊपर से मैंने जैसे ही नापने के लिए हाथ लगाया मेरा लन्ड अकड़न के चरम पर पहुंच गया।

मैंने रकुल के स्तनों का आकार 34 बताया जो वास्तविक था। 
उधर नील ने सीमा के स्तनों को टी-शर्ट के ऊपर से मापा उसके अंदर के भाव को भी मैं समझ सकता था कि उसके लन्ड में कितना बड़ा तूफान उत्पन्न हो रहा होगा।

अतः हमें यह पता था कि सीमा के स्तन रकुल से छोटे ही होंगे किंतु हमारे पहले किए हुए प्लान के मुताबिक नील ने सीमा के स्तनों का आकार 34 ही बताया।

सीमा इस पर खुश हुई किंतु रकुल को इस मापन से खुशी नहीं हुई। एक औरत की नजर इन चीजों में बड़ी काम करती है। उसे पूरा विश्वास था कि उसके स्तन सीमा के स्तनों से बड़े हैं। अतः उसने विरोध प्रकट किया और कहा कि मापन सही नहीं हुआ है।

मैंने कहा कि शायद टी-शर्ट होने की वजह से मापन में त्रुटि रह गई हो अतः असली निर्णय के लिए तुम दोनों को अपनी अपनी टी-शर्ट उतार कर ब्रा में आना होगा। 

रकुल और सीमा को अगर बियर का नशा न होता तो वह शायद इसके लिए अपने दिमाग को इस्तेमाल कर लेती कि हम दोनों (श्लोक और नील) का ही कोई प्लान हो सकता है लेकिन बियर के सुरूर में उनको अपना दिमाग चलाने का मौका नहीं मिला और बाकी की कसर उनकी सुंदर दिखने की आपसी प्रतिस्पर्धा ने पूरी कर दी थी.

एक तो हम चारों के ऊपर शराब का सुरूर था. उसके ऊपर दोस्ती का जो सुरूर हमने नक्की लड़ा कर बनाया था यह असर उसका भी था कि वो दोनों ही अपने टीशर्ट को उतार कर अपने स्तनों का माप देने के लिए हमारे सामने ही तैयार हो गईं.

सीमा ने अपनी टीशर्ट उतार दी और रकुल ने अपनी टीशर्ट उतार दी. दोनों के ही क्लिवेज अब लाइट की रोशनी में उजाला करने लगे.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी कि कैसे नील और श्लोक ने मिल कर अपनी बीवियों को वहीं पर सब के सामने नंगी होने पर मजबूर कर दिया और उसके बाद क्या हुआ.
कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया आप भी जारी रखें.
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