पतियों की अदला बदली-3

(Patiyon Ki Adla Badli- Part 3)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

शाम को समीर आया, वो नहाने गया तो रेखा भी नंगी होकर उसके साथ बाथरूम में घुस गई। जोरदार चूत चुदाई के बाद नहाकर दोनों नीचे आये, रेखा ने समीर को कपड़े नहीं पहनने दिए।

डिनर तैयार था, दोनों ने एक प्लेट में ही डिनर लिया और फिर कॉफ़ी…
कॉफ़ी पीते पीते रेखा ने बीच में समीर का लंड भी चूस लिया था और अब वो चुदाई के लिए तैयार था।

दोनों बेडरूम में गए और बेड पर अंग से अंग मिला दिए।
हर अंग अपने साथी से एक होने को बेताब था। जीभ मिल चुकी थी और लंड चूत के मुँह पर टक्कर मार रहा था, टांगें बार बार रगड़ रही थी।
समीर की छाती ने रेखा के मजबूत मम्मे दबा रखे थे।

अचानक रेखा चढ़ गई समीर के ऊपर और जोर जोर से उम्म्ह… अहह… हय… याह… आवाजें करते हुए समीर की चुदाई करने लगी। समीर नीचे से धक्के लगा रहा था और फिर उसने रेखा को पागलपने की हद जैसा नीचे पलटा और लगा चोदने!
वहशीपन सा छा रहा था दोनों को… बिना यह परवाह किये कि उन्हें चोट भी लग सकती है, बस चुदाई के नए आयाम कायम करने की ललक थी।

समीर ने रेखा की गांड के नीचे एक मोटा तकिया लगा दिया था, अब रेखा की चूत ऊपर उठ गई थी। अब चोदने में समीर और रेखा दोनों को मजा दोगुना आ रहा था।

न रेखा थक रही थी और न समीर छुटने को तैयार था।
समीर ने खड़े होकर रेखा के पैर ऊपर खींचे और अपने कंधे पर टिकाये। अब रेखा का सर नीचे और पैर ऊपर थे, समीर ने अपना लंड रेखा की चूत में घुसा दिया और लगा धक्के देने!

चूत चुदाई का यह नया आसन था रेखा के लिए और उसे बहुत मजा आ रहा था। पर वो जल्दी थक गई तो उसने अपनी बाहें ऊपर उठाई और समीर ने उसे ऊपर उठा लिया, उसका लंड अभी भी रेखा की चूत में ही था।

रेखा ने अपने पैर समीर की कमर पर गोल बांध लिए, उसकी गर्दन पर झूल गई और लटक कर चुदवाने लगी।
दोनों के होंठ मिले हुए थे।

अब समीर का लंड भी छुटने को तैयार था… समीर ने रेखा को नीचे लिटाया और उसकी टांग ऊपर अपने कंधे पर रखी और पूरा अंदर करके जोरदार धक्के लगाये और सारा माल रेखा की चूत और पेट पर छोड़ दिया।

चूत रस और वीर्य से सना लंड चूसा

उसने एक नया काम और किया कि रेखा के मुँह में अपना लंड दे दिया। रेखा ने इससे पहले कभी वीर्य से भीगे लंड को नहीं चूसा था… उसे खराब तो लगा पर समीर को वो मना नहीं कर पाई। एक बार मुँह में लेने पर उसे चूसना अच्छा लगा और उसने चूस कर पूरा लंड सफाचट कर दिया।

आज की यह चुदाई उन दोनों की जिंदगी की अनोखी चुदाई थी। बगल बगल लेट कर दोनों बातें करने लगे। उन्होंने यह तय किया कि अनिल को कुछ नहीं बताना इस बारे में… पर जब भी मौका मिलेगा दोनों मिला करेंगे।

समीर को दो दिन बाद अपनी बीवी को लेने जाना है, प्रिया के आने के बाद ये सब कैसे होगा, ये तभी सोचेंगे।

अगले दिन दोपहर तक अनिल आ गया, आकर सीधा ऑफिस गया और वहाँ से 6 बजे घर आ गया।

रेखा ने ढूंढ ढूंढ कर अपनी और समीर की मस्ती के निशान गायब किये, अनिल के पसंद के नाश्ते की तैयारी की, उसे मालूम था कि अनिल आते ही बढ़िया नाश्ता चाहेगा और नाश्ता लगाते लगाते वो उसके मम्मों और चूत को चूसना चाहेगा।

उसने ऊपर का जीना लॉक किया और चाभी उसी में लगी रहने दी, जिससे ऊपर से कुछ न दिखे।
आज वो पूरी की पूरी अनिल की होकर रहना चाहती थी।

पति ने रसोई में चूत चोद दी

अनिल ने आते ही गेट पर उसे चूम लिया। वो उसके लिए बहुत सुंदर ड्रेसज लाया था, एक नाईट ड्रेस भी लाया था जिसे पहनो या न पहनो एक ही बात थी… रेखा ने जानबूझ कर फ्रॉक पहनी थी और उसके नीचे कुछ नहीं।

रेखा को चिपटाते ही अनिल समझ गया कि उसने नीचे कुछ नहीं पहना है और मामला गर्म है।
रेखा किचन में गई चाय चढ़ाने… पकौड़े तो उसने सेक ही लिए थे। अनिल सीधा रसोई में आया और उसकी फ़्रॉक उठा कर नीचे बैठ कर उसकी गांड और चूत चूसने लगा।
रेखा हंसी, बोली- ऐसे तो बन गई चाय…

अनिल नहीं माना और उसने अपना लंड निकाल कर रेखा की चूत में डाल ही दिया।
किचन के स्लैब पर झुककर उनकी फ़ास्ट ट्रैक चुदाई पूरी हुई।
रेखा ने पेपर नैपकिन से अपनी चूत को पौंछा और चाय लेकर ड्राइंग रूम में आ गई।

दिन में उसने समीर को बोल दिया था कि वो आज डिनर बाहर कर ले और अनिल को कोई बहाना बना दे इसलिए समीर के आने की कोई टेंशन नहीं थी।

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