बीवी को गैर मर्द से चुदवाने की मंशा-2

(Biwi ko Gair Mard se chudvane ki Mansha- Part 2)

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मैं दर्द के मारे चीख रही थी।

कुछ देर में उसने मुझे पूरी तरह नंगी कर दिया और खुद भी नंगा हो गया।
उसका काला-कलूटा लंड देख कर मैं डर गई।

वो मेरे मुँह के पास अपना लंड लेकर आया और मुझे चूसने को कहा.. मैंने मना किया, फिर भी वो ज़बरदस्ती मुँह में डालने लगा।
उसके लंड से मुझे बड़ी दुर्गन्ध आ रही थी।

मैंने मेरा सिर घुमा दिया लेकिन उसने मेरे बाल खींच कर ज़बरदस्ती मेरे मुँह में दिया और चूसने को कहा.. मैं मजबूर थी।

सुहागरात ऐसी होती क्या.. मैं ये सोचने लगी।

लगभग 5 मिनट चूसने के बाद उसका पानी मेरे मुँह में ही निकल गया।

वैसे मैं बाथरूम में भागी और मुँह साफ़ किया।

अब मेरा बाहर जाने को मन नहीं था.. मैं बाथरूम में ही रुकी रही।

मेरे शौहर बाथरूम में आए और वो फिर मुझे दबोचने लगा।

कुछ देर बाद हम वापिस हॉल में आ गए और उसने मुझे वापिस से लंड चूसने को कहा।

मेरा मन नहीं कर रहा था.. लेकिन मैं कुछ बोली नहीं और चूसने लगी।

कुछ देर में वो वापिस मूड में आ गया.. फिर उसने मुझे सीधा लिटा कर मेरे ऊपर आया और मेरी चूत पर लंड रख कर एक ज़ोर का धक्का दिया।

मैं ज़ोर से चीख पड़ी.. उसने मेरे मुँह में मुँह डाल दिया और मुझे बड़ी बेरहमी से चोदने लगा।

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मुझे बहुत दर्द होने लगा.. लेकिन 5 मिनट बाद मुझे अच्छा लगने लगा.. अब मेरी चूत में से कुछ पानी निकलने लगा इसलिए दर्द भी कुछ कम हो गया और अच्छा भी लगने लगा।

मैंने भी अब ज़ोर से मेरे शौहर को पकड़ लिया और उसकी चूमा-चाटी का जबाव देने लगी।

अभी मेरी मस्ती शुरू ही हुई थी कि तब सलीम ने 3-4 ज़ोर के झटके दिए और मेरी चूत में पानी निकाल दिया और मेरे बदन पर ही गिर गया।

मेरी संतुष्टि हुई ही नहीं.. अभी कहाँ मैं गरम ही हुई थी और उसने पानी निकाल दिया.. मैं तड़पती रही।

कुछ देर बाद उसने मेरी चूत में से लंड निकाला तो उसमें खून लगा हुआ था और मेरी चूत में से भी खून बह रहा था।

मैं डर गई.. लेकिन शौहर खून देख कर हँसने लगा और इतना ही बोला- उम्मीद नहीं थी मुझे.. कि तुम वर्जिन मिलोगी..

मैं उस वक़्त उसकी बात समझी ही नहीं। दिन में ही हमारी सुहागरात हो गई थी। उस रात को उसने मुझे 4 बार चोदा।

दूसरे दिन सलीम काम पर चला गया…
घर पर मैं अकेली थी।
घर में एक छोटा टीवी था और कंप्यूटर… मैं टीवी देखती रही.. दोपहर में सो गई।

शाम को सलीम मेरे लिए कुछ कपड़े ले आया।

मैंने देखा 2-3 छोटी-छोटी ड्रेस थीं और एक पारदर्शी नाइट-गाउन था।

कपड़े देख कर ही मुझे शरम आई.. फिर भी उन्होंने मुझे पहनने को कहा।

उस रात में उसने फिर मेरा साथ जी भर के चुदाई की।

दूसरे दिन मुझे वो छोटा सा पारदर्शी नाइट-गाउन पहनने को कहा और बोले- दिन भर इसी गाउन में रहना।

वो काम पर चले गए… मैं दिन भर उसी गाउन में थी…
मुझे शरम आ रही थी क्योंकि उस गाउन में से मेरा बदन साफ-साफ दिखाई दे रहा था।

शाम को दरवाजे की घन्टी बज़ी.. मैंने दरवाजा खोला तो देखा.. मेरे शौहर और उसके 3 दोस्त साथ में आए हैं।

मैं शरमा कर जल्दी से रसोई में चली गई।

मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि शौहर अपने साथ किसी को लेकर घर पर आएंगे.. नहीं तो मैं दूसरे कपड़े पहन लेती।

दोस्तों को हॉल में बिठा कर सलीम रसोई में आए और मुझसे कहा- मेरे दोस्तों के लिए पानी लेकर आओ।

मैंने कहा- आप ही लेकर जाओ.. मैं इस नाइट-गाउन में हूँ।

सलीम मुझ पर गुस्सा हुए और बोले- पहली बार मेरे दोस्त घर आए हैं.. जितना कहा उतना सुन..

वो बाहर चले गए… मैंने ट्रे में पानी के 3 गिलास लिए और शरमाते हुए हॉल में आई.. सबको पानी दिया और अन्दर जाने लगी।

तभी सलीम मुझसे बोले- यहीं पर बैठो.. मुझे इनसे तुम्हारी पहचान करानी है।

मैं शरमाते हुए सामने एक कुर्सी पर बैठी, मेरे दोनों टाँगें और जांघें खुली थीं.. वो बहुत छोटी सी नाईटी थी। सब दोस्त मुझे घूरने लगे।
उस नाइट गाउन में से मेरा पूरा बदन साफ़ दिखाई दे रहा था।

सब मुझे भूखे भेड़िए के जैसे घूर रहे थे।

मैं शरमा कर नीचे देखने लगी…
फिर मैंने सबको चाय दी। मेरा मन कर रहा था कि नाईटी चेंज कर लूँ.. लेकिन मेरे सब कपड़े उसी हॉल में थे और हॉल में सब बैठे थे।

फिर सलीम ने मुझे वापिस बाहर बुलाया.. एक दोस्त बोला- भाभी.. सच में तुम सेक्सी और हॉट हो..

मैंने शरमा कर नजरें झुका लीं।

दूसरा दोस्त मेरे शौहर से बोला- यार तू तो पूरी रात मेरी भाभी को सोने नहीं देता होगा.. रात भर बिस्तर गरम करता होगा..

सब हँसने लगे… मैं शरमा कर पानी-पानी हो गई।

कुछ देर बाद सब चले गए और सलीम ने मुझे पकड़ कर मेरे साथ ज़बरदस्ती चुदाई की..
चुदाई करते वक़्त वो मुझसे बोला- डार्लिंग.. तूने आज तो मेरे सब दोस्तों के लंड खड़े कर दिए।

यह बात सुन कर मुझे अच्छी नहीं लगी, कोई पत्नी नहीं चाहेगी कि उसका शौहर पत्नी के बारे में ऐसी बात करे।

मैं चुप रही।

खाना खाने के बाद सलीम मुझसे बोला- चलो तुमको कंप्यूटर सिखाता हूँ।

फिर मुझे कंप्यूटर के बारे में सब बताया.. और 4-5 दिन में मैं सीख गई।

अब शादी हुए 20 दिन हो गए थे।

रोज का रूटीन यही थी…
दिन भर टीवी.. रात में बिस्तर पर शौहर के साथ चुदाई.. कभी-कभी सलीम रात में मुझे इंटरनेट पर पॉर्न पिक्स और वीडियो क्लिप दिखाता था।
सब क्लिप गंदी ही होती थीं।

फिर कभी-कभी रात में चैट करता था। शुरू में याहू चैट क्या है.. मुझे नहीं पता था।
बाद में धीरे-धीरे सब समझने लगी.. चैट क्या होती है।

एक दिन वो मुझसे बोला- चलो तुमको छुट्टी के दिन ‘कांकरिया लेक’ दिखा कर लाता हूँ।

मैं भी खुश हो गई.. शादी के बाद पहली बार शौहर के साथ कहीं बाहर निकल रही थी।

अहमदाबाद देखने का भी एक सपना था मैंने उस दिन साड़ी पहनी थी।

रास्ते में सिटी बस में काफ़ी भीड़ थी.. मैं पूरी तरह दब गई।
साँसें लेने को जगह नहीं थी.. 3-4 मर्दो ने मुझे ऐसे दबोचा कि मैं डर गई..

करीब 30 मिनट तक उस भीड़ में कोई ना कोई मर्द.. मेरे बदन को छू रहा था तो कोई मौके का फ़ायदा लेकर मेरे मम्मों को दबा रहा था।

मुझे भीड़ में एक आवाज़ सुनाई दी- क्या माल है यार सन्नी.. और उसका शौहर देख कैसा सड़ा हुआ है.. लंगूर के हाथ अंगूर..

फिर दोनों हँसने लगे।

मैंने देखा सलीम ने भी वो बात सुनी लेकिन चुप था।
अंत में स्टेशन आया तब कुछ चैन हुआ।

फिर ‘कांकरिया लेक’ देखा और बहुत सारी जगह घूमी। शाम को हम लोग माणेक चौक गए.. रात में 11 बजे घर पहुँचे।

उस रात को सलीम ने मुझे चैट करना सिखाया.. याहू पर मेरी भी एक आईडी बना दी।

दो दिन बाद मुझसे मिलने मेरे माँ और पापा आए..
रात में सलीम भी आया, सबने बातें करते हुए खाना खाया।

खाना ख़ाकर माँ और पापा को भी हमारे बाजू में सोने के लिए जगह की.. गर्मी का मौसम था और AC हमारे कमरे में ही था।

लाइट बंद होने के 10 मिनट बाद सलीम ने मेरे बदन पर हाथ डाला।

मैंने झट से हटा दिया और कहा- प्लीज़ आज के दिन नहीं.. आज मम्मी-पापा हैं।

लेकिन वो कहाँ मानने वाला था, ज़बरदस्ती मुझे दबोचने लगा…15 मिनट में मुझे नंगा कर दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे चोदने लगा।

अब मैं भी कंट्रोल खोने लगी थी… जैसे ही सलीम ने मेरी चूत में लंड डाल कर ज़ोर का धक्का मारा.. मैं चिल्ला पड़ी।

शौहर के कान में बोली- प्लीज़ ज़रा धीरे से…

लेकिन वो अपनी स्टाइल में मुझे चोद रहा था।

मुझे पता था.. माँ-पापा अभी सोए नहीं हैं.. मुझे बहुत शरम आने लगी।

लगभग 15 मिनट तक हमारी चुदाई चली, फिर सलीम सो गया.. मैं भी कुछ देर बाद सो गई।

दूसरे दिन माँ-पापा अपने गाँव चले गए।

रात को मैं सलीम पर बहुत गुस्सा हुई और कहा- कल मेरे माँ-पापा के सामने क्यों मेरे साथ सेक्स किया.. क्या आपको शरम नहीं आई?

सलीम बोला- डियर उन्होंने भी चुदाई की.. तब तू पैदा हुई ना.. इसमें शरम कैसी.. अच्छा है कि उन्होंने भी कल अपनी बेटी को चुदते हुए देखा।

उसकी बात सुन कर मैं और क्या बोलती…

मेरी इस सच्ची घटना पर आप सभी के सभ्य भाषा में विचारों का स्वागत है।
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कहानी जारी है।

 

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