भाई बहन ननदोई सलहज का याराना-6

(Bhai Behan Nandoi Salhaj Ka Yarana- Part 6)

This story is part of a series:

मैं- देखो श्लोक, मैं मानता हूं कि हमारी सभ्यता और संस्कृति इसके विपरीत है किंतु तुम विदेश में जाकर पढ़ाई करके आए हो। भारत में भी अब ऐसा कल्चर है जहां पर लोग अपने मनोरंजन के लिए अपनी बीवियां बदल कर चुदाई करते हैं। हम ऐसा मजबूरी में कर रहे हैं। अदला बदली का खेल कौन सा सही है लेकिन लोग यह कर रहे हैं। तो तुम लोग भूल क्यों नहीं जाते कि तुम लोग भाई बहन हो। अगर आने वाले भविष्य में अपने सेक्स लाइफ को अच्छा बनाने के लिए हम दोनों कपल किसी और के साथ बदला बदली कर लेते हैं तो हम चारों के स्वैपिंग करने में क्या समस्या है? हम साथ रहते हैं एक ही फ्लैट में… यहां कोई डर नहीं है, कोई देखने वाला नहीं है, इज्जत बिगड़ने व किसी को पता चलने का कोई डर नहीं है। क्या समस्या है? यह बात हम चारों तक है यह हम चारों तक ही रहेगी। बच्चों के पेट में पड़ने के साथ हम अपनी अपनी बीवी अपने अपने पतियों के साथ रह सकते हैं। बच्चों को भी है सच पता नहीं होगा कि वह सीमा और श्लोक का बच्चा नहीं सीमा और मेरा तथा रीना और श्लोक का बच्चा है।

रीना और सीमा ने कहा- हमें सोचने के लिए कुछ वक्त चाहिए!
हम दोनों छत से नीचे चले आए, दोनों को सोचने के लिए समय दे दिया।

श्लोक- यार जीजू, कहां से लाते हो इतना दिमाग? कहां से बना लेते हो ऐसी बातें? मैं तो आश्चर्यचकित हूं।
मैं- देखते जाओ श्लोक, अभी तो हमें बहुत सारे याराना बनाने हैं, देखना तो यह है कि दोनों ननद-भाभी इसमें ही मान जाती हैं या फिर उन्हें और बातों का डोज देना होगा!

थोड़ी देर बाद रीना और सीमा नीचे आई और बोली- हमारे भविष्य के लिए हम तैयार हैं, आप सच कह रहे हैं। अपने सुखद भविष्य के लिए हमें यह कार्य करना ही पडेगा।
बस फिर क्या था, सारे प्लान सही काम कर रहे थे।
मैं- तो प्रिय सीमा रीना और श्लोक, हम सब रजामंदी से यह स्वैपिंग कर रहे हैं। किसी तरह की मजबूरी से नहीं और जब अदला-बदली में चुदाई होनी ही है तो क्यों ना मजे के साथ की जाए, किसी तरह का भार मन पर न रखा जाए! सीमा और मुझे तो किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी लेकिन रीना और श्लोक को अपना भाई बहन का रिश्ता इग्नोर करना होगा और वैसे भी ऊपर वाले ने हमें इतना आकर्षक शरीर तो दिया ही है। उस शरीर के आनन्द को पाने के लिए हम सब कुछ बातें भूल सकते हैं।

तीनों ने गर्दन हिला कर हामी भरी तो मैं बोला- क्यों न अब हम चारों खुले में आ जायें! मेरे पास एक खेल है ‘सच का सामना’ जिसमें मैं केवल एक प्रश्न पूछूंगा और उसका सही जवाब सामने वाले को देना है।
रीना मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी क्योंकि हम यह खेल पहले भी खेल चुके थे। शायद रीना को आभास हो गया कि ये बाबा की कही बातें ना हों, मेरी ही मेरा ही किया धरा हो। लेकिन उसकी तरफ से अभी तक ऐसी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।

“हां तो पहला सवाल सीमा के लिए… सीमा, क्या तुमने कभी मेरे प्रति किसी भी प्रकार की सेक्स भावना के बारे में सोचा है?”

क्योंकि सीमा खुले दिमाग वाली लड़की थी और उसे यह पता था कि यह खेल एक दूसरे को खोलने के लिए ही खेला जा रहा है इसलिए इतने नखरे ना करते हुए जवाब दिया- जीजू, मैंने रीना दीदी को एक बार बिना कपड़ों के नहाते हुए देखा था, उनके स्तनों पर आपके नाखूनों के निशान थे उनका गदराया हुआ शरीर देखकर मेरे मन में ऐसे ही विचार आ गया कि इस शरीर के साथ आप कैसे खेलते होंगे। उसके बाद आपकी और रीना दीदी के सेक्स के बारे में मन में मैंने कल्पना करके मैंने अपने दिमाग में कई तरह के चित्र बनाये। आपका शरीर आपके चेहरे की तरह आकर्षक है और एक नॉर्मल लड़की को आप जैसे स्मार्ट मर्द से कभी भी इस तरह का अट्रैक्शन हो ही जाता है। अतः मैंने एक या दो बार आपके बारे में इस तरह से सोचा है!

मैं- रीना जी, श्लोक के बारे में आपके कोई सेक्सी विचार?
रीना- मैंने कभी श्लोक के साथ ऐसी कल्पना नहीं की। हां, सीमा के जीरो फिगर को देखकर मैंने उसके लिए चिंता की थी कि क्या पता सीमा के साथ वह अपने शौक पूरे कर पाता होगा या नहीं। सीमा सेक्स में उसके शौक पूरे कर पाती होगी या नहीं… लेकिन रात को सीमा की जोरदार आवाज ने मेरे मन के इन विचारों को बंद कर दिया था। सीमा की जोरदार सिस्कारियों से तो मैं डर ही गई थी कि इस प्रकार का सेक्स भी कोई करता है। अगर मेरा पति ऐसा होता तो मैं कैसे उसे झेलती। फिर कभी कभी हवस मुझ पर हावी हुई और मन में विचार आया कि अगर इतनी देर तक कोई सेक्स करने में सक्षम है तो वह कितना आनंददायक होता होगा जो कि शरीर की नस नस को खोल दे एक एक जोड़ तोड़ दे। इस तरह का विचार मेरे मन में आया था।

यानि सब एक दूसरे के शरीर को पसंद करने वाले थे।

श्लोक के रीना के लिए विचार तो मैं जानता ही था फिर भी रीना और श्लोक कंफर्ट फील करें इसलिए मैंने श्लोक से यह सवाल पूछ ही लिया।
श्लोक- मैं जीजाजी को बहुत ही खुशनसीब इंसान समझता था, दीदी का शरीर बहुत आकर्षक है जो जीजा जी को मिला। माना कि आप मेरी बहन हैं इसलिए मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए लेकिन कभी कभी मुझे जीजू से जलन हुई। पता नहीं क्यों गलत विचार आया कि आप मेरे इतने करीब होते हुए भी किसी और के साथ। यह विचार गलत था लेकिन आपके जैसा शरीर ने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया।
मैं- होता है। चलो कोई बात नहीं, हम चारों जवान हैं तो इस प्रकार के विचार आना लाजमी है क्योंकि हमारे शरीर हैं इस प्रकार के कि कोई भी अपनी वासना की सोच में डूब जाए।

मैंने अब सीमा और रीना से उनके मासिक धर्म की तारीखें पूछी। संयोग से दोनों की तारीखें एक जैसी थी और अभी चार पांच दिन पूर्व ही उनके पीरियड खत्म हुए थे। मैंने सबको बताया कि पीरियड्स खत्म होने के बारह दिन बाद से गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। तो एक सप्ताह बाद का समय संतान उत्पत्ति के लिए उपयुक्त समय रहेगा तो हम यह अदला-बदली का खेल के लिए अगले सप्ताह तक छोड़ते हैं।

हमने आठ दिन बाद 31 मार्च की रात तय की। अतः इस दिन के लिए हमें पूरे 8 दिन का इंतजार करना था, इन 8 दिनों में हमने एक दूसरे से बेहद करीबी वाली दोस्ती कर ली। रिश्तेदार से हम यार बन गए यार से हमें याराना बनाना था। एक दूसरे से अश्लील मज़ाक एक दूसरे को छेड़ना अंगों को छू लेना, किस कर लेना यानी कोई बाहर का आदमी देखे तो समझ ना पाए कि कौन पति पत्नी है। हम एक दूसरे से इतना खुल गए थे कि अगर एक एक बात बताने बैठूं तो कहानी की लंबाई और ज्यादा बढ़ जाएगी।

आखिर 31 तारीख की आ ही गई थी जिस दिन हमें अदला बदली कर चुदाई करनी थी। क्योंकि यह अदला-बदली में हमारा पहला सेक्स था इसलिए हमने एक दूसरे को कंफर्ट फील कराने के लिए और किसी प्रकार की लाज शर्म के लिए और इस सेक्स को मजेदार बनाने के लिए अलग-अलग कमरों में चुदाई करना उपयुक्त समझा।

रात के 10:00 बज रहे थे, खाना-वाना खाकर हम नहा धोकर फ्रेश होकर एक दूसरे के कमरे में प्रविष्ट हुए जहां हमारी बीवियां आकर्षक खुशबू उत्तेजक कपड़े पहन कर हमारा इंतजार कर रही थी।
मैं सीमा के कमरे में गया और अंदर से दरवाजे को लॉक किया।

सीमा ने नाइटी पहनी हुई थी। हमारी दोस्ती हो चुकी थी इसलिए सीमा ने मुझे पीछे से ही कसकर पकड़ लिया और उसके स्तनों को मेरी पीठ पर दबाने लगी जिससे मुझे अहसास हुआ कि इसके अंदर उसने कुछ नहीं पहना हुआ है।
मेरे मन में एक शंका थी कि सीमा को तो श्लोक के साथ लंबे समय तक सेक्स करने की आदत हो चुकी है, क्या उसको मैं संतुष्ट कर पाऊंगा, खुश कर पाऊँगा।

सीमा बोली- आइए जीजू… मुझे केवल आनंद और पूर्ण आनंद देने वाला सेक्स प्रदान कीजिए!
मैं बोला- मैं कुछ समझा नहीं सीमा?
सीमा- जीजू, श्लोक सेक्स तो बहुत अच्छा करता है लेकिन मेरी संतुष्टि के बाद भी वह काफी समय तक मेरे साथ सेक्स करता रहता है जिससे कि मेरी चूत में जलन होने लग जाती है अतः मेरे लिए सेक्स मजे के साथ दर्द का भी समावेश है। मैं अपने पति के साथ साथ में स्खलित होना चाहती थी। स्खलन के समय पर हम एक दूसरे को कसकर पकड़ना चाहते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है, मेरे स्खलित होने के बावजूद भी श्लोक मेरी चूत में जोरदार धक्के देता है। आज हम दोनों साथ स्खलित होंगे और मेरी मनोकामना पूर्ण होगी। दर्द का नामोनिशान नहीं होगा और सेक्स में केवल मजा होगा। आपके बारे में बहुत ख्याली पुलाव पकाया है मैंने। आपके सच का सामना गेम में शर्म के मारे बता नहीं पाई लेकिन आपके बारे में मेरी वासना हमेशा मुझ पर हावी रही। जितना प्यारा आपका व्यवहार है उतना ही पाया प्यारा आपका सेक्स होता होगा यह सोच-सोचकर मैंने आपके बारे में कहीं कल्पना कि और रीना दीदी से मुझे जलन थी।

इतना कहकर सीमा ने मेरी तरफ पीठ कर दी और अपनी नाइटी उतार दी। मैं उसके पीछे खड़ा हुआ था, उसके गोरे लंबे शरीर को पूर्ण रूप से पीछे से देख सकता था, उसके पीछे से सेक्सी कंधे, पीठ और कूल्हों के उभार देखकर मैं हिल गया। 26″ की कमर के नीचे 34 के कूल्हे… कितना मनमोहक दृश्य बना रहे थे! मेरा लिंग पजामा फाड़ कर बाहर आने को बेचैन होने लगा।

मेरे साले की बीवी सीमा कपड़े खोलने की पहल कर चुकी थी इसलिए मैंने भी अपनी टीशर्ट और लोअर उतारकर पूर्ण रूप से नग्न होकर अपने पूर्ण नग्न शरीर को सीमा के पीछे टिका दिया। सीमा की लंबाई ज्यादा होने की वजह से मेरा लिंग उसकी गांड के छेद पर टिक गया।

सीमा ने पीछे हाथ करके मेरा लिंग हाथ में लिया और आश्चर्यचकित होकर एकदम से पीछे मुड़ गई है और बोली- वाह यार जीजू, आज तो मुझे सिर्फ आनंद वाला सेक्स नहीं बल्कि श्लोक से थोड़े लंबे और मोटे लंड का स्वाद भी चखने को मिलेगा!
मैंने कहा- कैसे?
सीमा- आपका लिंग श्लोक से करीब आधा इंच लंबा और मोटा है यानि आज तो पूर्ण रूप से नया एहसास होगा। मुझसे इस का रोमांच नहीं सहा जा रहा है, इन 8 दिनों में बहुत बेचैनी से इस दिन का इंतजार किया है जीजू!

जब मेरा सीमा की बात से ध्यान हटा, तब मैंने उसके कचोरी जैसे गोल स्तनों को देखा, यह नजारा मैं पहले भी देख चुका था लेकिन यह मुझे सीमा से छुपाना था, आज तो मैं सीमा के होशोहवास में था, मुझसे रहा नहीं गया, मैंने सीमा को कसकर पकड़ लिया और उसे ज़ोर से गले लगा लिया उसके गोल स्तनों को अपने सीने पर दबाए कारण मैंने उसके शरीर को महसूस किया।

मैंने उसे बेड पर धक्का दे दिया और उसके बाद स्तनों को चूसने लगा। पिछले वाली स्वैपिंग में प्रिया के साथ वाइल्ड सेक्स ना करने का गम जो था उसे आज मैं खत्म करने वाला था हालांकि किसी दूसरी पार्टनर के साथ ही।
और हम एक दूसरे को चूसते चाटते रहे। मैंने उसकी पीठ पेट कमर उसका चेहरा, होंठ, टांगें कुछ नहीं छोड़ा। उसकी लंबी टांगें एक अलग ही दृश्य बनाती थी, एक अलग ही प्रकार की उत्तेजना पैदा करती थी। रीना की टांग इतनी लंबी नहीं थी लेकिन भरी-पूरी थी, उनका मजा अलग था लेकिन इन गोरी टांगों का मजा अलग मैंने उसकी टांगों का एक भी हिस्सा नहीं छोड़ा और पूरी टांगों को चाट चाट कर उसकी वासना को चरम पर पहुंचाने की पूरी कोशिश की।

कहानी जारी रहेगी। मेरी सेक्सी स्टोरी पर आप अपने विचार मुझे मेरी मेल पर भेजें!
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