पापा मम्मी की चूत चुदाई देखने का मजा-2

(Papa Mammi Ki Chut Chudai Dekhne Ka Maza-2)

दोस्तो, कहानी के पिछले भाग
पापा मम्मी की चूत चुदाई देखने का मजा-1
अब तक आपने पढ़ा..

मैं पापा का लण्ड देख कर हैरान रह गई उनका लण्ड पूरे जोश में था। अब पापा धीरे से बिस्तर पर आए और उन्होंने अपना लण्ड मम्मी के हाथों में दे दिया। पापा का लम्बा और मोटा लण्ड को मम्मी ने अपने हाथ में ले लिया और मम्मी ने पापा के लण्ड के ऊपरी हिस्से को अपने मुँह में डाल लिया और प्रेम से चूसने लगीं। अभी मम्मी पापा का लण्ड चूस ही रही थीं कि तभी पापा ने अपने एक हाथ को मम्मी की चूत पर रख दिया और उनकी चूत को मसलने लगे। अब शायद मम्मी बहुत गर्म हो गई थीं।

तो उन्होंने पापा से कहा- जानू.. अब बस करो.. और चोद दो मुझे..
जिस पर पापा ने कहा- नहीं.. मेरी रानी ऐसे मज़ा नहीं आएगा..
अब आगे..

अब तक मेरी चूत में भी ‘सुरसुरी’ होने लगी थी.. तो मेरा हाथ मेरी पैन्टी के अन्दर चला गया और मेरी उंगली मेरी चूत में आगे-पीछे होने लगी। मैं एक हाथ से अपने चूचों को दबाने लगी।

उधर मम्मी पापा का लण्ड चूस रही थीं और अब पापा भी थोड़े टेड़े हो गए थे और वो मम्मी की चूत की तरफ आ गए थे, दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और पापा मम्मी के ऊपर हो कर मम्मी की टांगें खोल कर उनकी चूत को दोनों हाथों से खोल दिया, चूत को खोल कर जीभ अन्दर डाल कर जीभ से चूत को चोदने लगे और चूसने लगे।

फिर मम्मी ने पापा का लण्ड अपने मुँह से निकाल दिया और अब सिर्फ पापा ही मम्मी की चूत चूस रहे थे। मम्मी के मुँह से ‘आअह्ह.. उउह्ह्ह..’ की आवाजें आने लगीं। इसका मतलब मम्मी को अपनी चूत चुसवाने में मजा आ रहा था।

अब मेरी उंगली मेरी चूत में तेज-तेज चलने लगी। मुझे यह पहली बार देखने को मिल रहा था, मुझे अपनी चूत में उंगली करने में भी बहुत मजा आ रहा था।

अब पापा ने भी मम्मी की चूत को चूसना बंद कर दिया और दोनों उठ कर बैठ गए।
पापा- आज कुछ और मजे करने का मन है।
मम्मी- क्या मजे करोगे?
पापा- एक मिनट रुको कम्प्यूटर ऑन करने दो।

फिर पापा ने उठ कर कम्प्यूटर ऑन किया और उन्होंने अपने ऑफिस के बैग से एक पेन ड्राइव निकाली और कंप्यूटर में लगा दी।
मम्मी- ब्लू फिल्म है?
पापा- हाँ.. ब्लू फिल्म है।
मम्मी- हमने तो काफी देखी हैं इसमें क्या अलग है।
पापा- अरे मेरी रानी.. ये थोड़ी अलग है।
मम्मी- क्यों ऐसा क्या खास है इसमें..?
पापा- तुम देखो तो सही.. खुश हो जाओगी।
मम्मी- ठीक है दिखाओ।
पापा- हाँ दिखाता हूँ.. बस आ जाओ.. अब मेरे पास..

फिर पापा ने मम्मी को अपनी गोद में बैठा लिया और बिस्तर पर बैठ गए।
मैंने देखा कि मम्मी के दोनों पैर के बीच में से पापा का मोटा लण्ड निकला हुआ था और मम्मी की पूरी चूत ढक गई थी।

फिर कम्प्यूटर में फिल्म चालू हो गई उसमें एक काला आदमी और एक गोरी मेम थी। वो गोरी मेम उस काले आदमी का लण्ड चूस रही थी। उस काले आदमी का मोटा और तगड़ा लण्ड देख कर मेरी मां के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल रहे थे।
मैं मम्मी को ही देख रही थी और मम्मी ने पापा के लण्ड को एक हाथ से पकड़ रखा था, पापा मम्मी के चूचों को दबा रहे थे।

इतने में उस ब्लू फिल्म में एक और आदमी आ गया.. जो गोरी मेम जैसा ही गोरा था। उस आदमी ने गोरी मेम की चूत में अपना लण्ड डाल दिया, वो दोनों गोरी मेम को खूब चोदने लगे।

वो देख कर मम्मी के होश उड़ गए- अरे बाप रे.. दोनों एक साथ में?
पापा- हाँ बहुत मजा आता होगा न?
मम्मी- उसमें मजा क्या.. बेचारी की हालत ख़राब हो रही है।
पापा- नहीं.. कुछ नहीं होता.. बहुत मजा आता है। तुम्हें भी ट्राई करवाऊँगा कभी..

मम्मी- नहीं.. कभी नहीं.. मुझे तो डर लगता है।
पापा- कुछ नहीं होता उसमें..
मम्मी- नहीं बाबा.. तुम्हारा ही इतना मोटा है कि मुझे तो इसी से डर लगता है।
पापा- इसमें डरने की क्या बात है.. जितना मोटा हो… उतना ज्यादा मजा देता है।
मम्मी- वो तो है।
पापा- अगर एक बार दो को एक साथ ट्राई करोगी.. तो खुश हो जाओगी।
मम्मी- न बाबा.. मुझे तो सच में बहुत डर लगता है.. मेरे लिए तो तुम्हारा लण्ड ही काफी है।

फिर कुछ देर मम्मी पापा ऐसे ही फिल्म देखते रहे और फिल्म देख कर दोनों वैसे ही गर्म हो चुके थे.. तो पापा अब मम्मी की टांगों की तरफ आ गए और मम्मी की टांगों और जाँघों को मसाज करने लगे। जिससे मम्मी की चूत अच्छी तरह गरम हो जाए और पानी छोड़ दे।

फिर चुदाई भी अच्छी तरह हो सके। अब पापा मम्मी की तरफ बढ़े और मम्मी की चूत को फिर चूमने चाटने लगे।
मम्मी पापा का पूरा साथ दे रही थीं और उनके मुँह से आवाजें आने लगी थीं- आअह्हह.. आअह्ह्ह.. और चूसो.. जोर-जोर से.. आअह्ह्ह्ह..
अब तो मम्मी की बर्दाश्त की हद पार हो गई थी, वह कहने लगीं- अब चोद भी दो.. अब सहा नहीं जाता।
पापा बोले- अरे मेरी रानी अभी तुम्हारी ख्वाहिश पूरी करता हूँ।

और यह कह कर वह मम्मी के ऊपर आ गए।

चुम्मी करते हुए पापा ने मम्मी चूत में अपना लण्ड सटा दिया और धीरे-धीरे धक्का देने लगे। दोनों काफी गरम थे इस कारण दोनों की साँसें तेज़ चल रही थीं, दोनों के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं।

फिर मम्मी पापा से कहने लगीं- तुम्हारी ट्रेनिंग के वजह से हम कितने दिन तक चुदाई नहीं कर पाए.. पर आज तुम अपनी रानी को जी भर के चोदो।

पापा मम्मी की चूत को धीरे-धीरे चोद रहे थे.. जिससे उन दोनों को काफी मज़ा आ रहा था। फिर मम्मी कहने लगीं- डार्लिंग.. मुझे जल्दी और तेज़-तेज़ चोदो।
इसी बीच मम्मी ने पापा को कस कर जकड़ लिया और पापा जोर-जोर से मम्मी को चोदने लगे।
मम्मी ‘आअहह.. आह्ह्ह..’ करके सिसकारियाँ ले रही थीं.. पापा मम्मी को चोदते जा रहे थे और उन्हें गालियाँ भी दिए जा रहे थे- ले साली.. मादरचोदी.. और ले आअह्हह.. आअह्ह्ह ले.. मेरी रंडी.. आआह ह्हह्ह..

अब पापा ने मम्मी से कहा- अब तुम ऊपर आ जाओ और मेरे लण्ड पर बैठ जाओ..
फिर मम्मी पापा के लण्ड पर बैठ गईं और उनके लण्ड पर उछलने लगीं..
इधर पापा भी नीचे से अपनी कमर उठा-उठा कर धक्के लगाने लगे और साथ ही मम्मी के चूचों को भी दबा रहे थे।

थोड़ी देर बाद जब पापा को थकान महसूस हुई तो उन्होंने मम्मी को नीचे गिरा लिया और मम्मी के चूचों को चाटने लगे।
पापा- आह्ह.. मेरी जान.. तुम अभी भी जवान हो।
मम्मी- जवान तो तुम हो रहे हो दिनों दिन.. आह्ह..
पापा- शादी से पहले तुम्हारी चूत कितनी छोटी सी थी.. और अब देखो कितनी बड़ी हो गई है..

मम्मी- आह्ह.. ये सब तुम्हारा ही काम है.. तुमने ही जो मुझे इतना चोदा है आह्ह.. कि रोमा की डिलीवरी नार्मल हुई और डिलीवरी के वक़्त मुझे ज्यादा दर्द भी नहीं हुआ।
पापा- हाँ.. सब मेरे लण्ड का जादू है..
फिर पापा ने मम्मी को डॉगी पोजीशन में खड़ा किया और लौड़ा हिलाते हुए पीछे चले गए।

मैं ये सब देख कर पागल सी हो गई थी और तेज-तेज अपनी चूत में उंगली अन्दर-बाहर कर रही थी।
पापा ने पीछे से अपना लण्ड मम्मी की चूत में घुसा कर उन्हें चोदना शुरू कर दिया।
मम्मी मदहोश होकर सिसकियाँ भरने लगीं- ऊऊह्ह्ह ह्ह.. आआअह्ह.. आह्ह.. और चोदो आअह्ह.. ऊऊफ़्फ़्फ़ आअह्ह..

पापा ने मम्मी को कमर से पकड़ा हुआ था और वे तेज़-तेज़ से धक्के मारने में लगे थे, वे फुल स्पीड में चोदे जा रहे थे।

मम्मी- आह्ह.. हनी.. मुझे जोर-जोर से चोदो.. आह्ह.. मेरी इस भूखी चूत को अपना लण्ड दो.. फाड़ दो.. आज इस चूत को.. अपने मोटे लण्ड से.. आह्ह.. और जोर से मेरे राजा.. आह्ह.. और जोर से चोदो.. और..।
पापा अपना मूसल ठोके जा रहे थे और मम्मी लगातार चिल्ला रही थीं- आआह्ह ऊफ़्फ़फ़्फ़.. कितना मजा आ रहा है.. मेरा पानी निकल राह्ह्ह है.. मैं झड़ रही हूँ..

कमरे में चुदाई की ‘फ़चाफ़च..’ की आवाजें गूंजने लगी थीं।

फिर पापा ने मम्मी को सीधे लिटा दिया और उनके दोनों पैर ऊपर किए और लण्ड को फिर से मम्मी की चूत में घुसेड़ते हुए उनकी चूत के दाने को रगड़ते जाते थे। मम्मी की चूत काफी गीली हो चुकी थी.. वो फिर चिल्लाईं- ऊओह्ह्ह.. उउउफ्फ्फ्फ.. मेरी चूत गईईई..
फिर पापा ने भी कहा- ले मादरचोदी.. मेरी रंडी..

और पापा के मुँह से गालियों की बौछार होने लगी और पापा अपने होंठ मम्मी के होंठ पर रख कर चूसने लगे और मौक़ा पाते ही पापा ने एक धक्का और मारा। शायद यह उनका आखिरी धक्का था।
फिर दोनों एक साथ झड़ गए और पापा के लण्ड का सारा माल मम्मी की चूत के अन्दर ही चला गया।

फिर पापा ने मम्मी की चूत से लण्ड बिना निकाले उन्हें एक तरफ को लुढ़का लिया। शायद दोनों थक चुके थे और वैसे ही पड़े रहे। मम्मी-पापा की इस पूरी चुदाई को देख कर मैं भी दो बार झड़ चुकी थी। फिर मैं भी जल्दी से अपने कमरे में आकर सो गई।

तो दोस्तों.. यह थी मेरे मम्मी-पापा की चुदाई की आँखों देखी सच्ची घटना। दोस्तों.. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी.. प्लीज मुझे जरूर बताईएगा और अपने कमेंट्स जरूर लिखें।

तब तक के लिए धन्यवाद..
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