ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-1

(Group Sex Ka Online Maja- Part 1)

नमस्कार, मैं सारिका आप सबका दिल से धन्यवाद देना चाहूंगी.

आप सबने मेरी पिछली कहानियों को खूब सराहा और मुझे प्रेरित किया कि मैं अपनी एक और कहानी लिखूँ.

ये मेरी हाल की ही एक घटना है.. जिसे मुझे लगा कि मैं आप सबके साथ बाटूं. वैसे तो संभोग कोई अनजान प्रक्रिया नहीं है.. सब कुछ समान होती है. लेकिन सभी के साथ कुछ न कुछ अलग होता है, तो कोई एक ऐसा पल जिसमें पूरे बदन में करंट सा दौड़ जाता है. मन किसी एक बिंदु पर आकर अटक जाता है और फिर उस असीम सुख की अनुभूति होती है, जिसके लिए दो बदन आपस में मंथन करते हैं.

मेरा अनुभव कहता है कि कुछ लोगों को संभोग करके मजा आता है, कुछ को दूसरों को देख कर और कुछ लोगों को किस्से सुन कर रस मिलता है. अन्तर्वासना के सभी पाठक तीसरे तरह जैसे हैं, जिन्हें पढ़ के मन में उत्पन्न होने वाली हर क्रिया को प्रकाशित करके कल्पना के सागर में गोते लगाने में मजा आता है.

मेरी यह कहानी भी एक ऐसे ही एक दंपति की है.

बात एक ऐसे दंपति की है, जिनका असली नाम मैं नहीं बता सकती.. और ये दंपति मुझ तक मेरी सहेली शान्ति की प्रोफाइल के जरिये संपर्क में आए. वैसे तो मैं रोज एक वयस्कों से मित्रता करने वाली साईट पर जाती हूँ और रोज कइयों मर्द, औरतें और कुछ फेक लोग मुझे संपर्क करना चाहते हैं.. पर मैं सबसे मित्रता नहीं करती.

इस दम्पति ने मुझसे संपर्क करने के बहुत प्रयास किए, पर मैं ध्यान नहीं देती थी.

फिर एक रात मैं ऐसे ही शान्ति से चैट पर बात कर रही थी. उसने मुझसे उनकी बात कही.

मैँने उनकी प्रोफइल देखी, वो काफी बोल्ड किस्म की थी. उनकी कुछ नग्न तस्वीरें और कुछ वीडियोज भी साईट पर अपलोड थे.

कुछ दिनों के बाद उन्होंने मुझसे फिर से संपर्क करने का प्रयास किया तो मैंने भी उत्तर दे दिया.

बस फिर क्या था.. थोड़े ही दिनों में जान पहचान हो गयी, पर अभी तक मैंने अपनी न तो तस्वीर को उनके साथ साझा किया था.. न ही फ़ोन नंबर. क्योंकि उनकी प्रोफाइल तो दम्पति की थी, पर मुझसे केवल पुरुष सदस्य ही चैट करता था. इसी वजह से पहले मुझे शक हुआ कि कहीं ये कोई फेक आदमी तो नहीं है.

पर जैसे जैसे दिन बीतते गए, वो लोग खुल कर सामने आ गए. फिर मैंने उन दोनों को लाइव कैमरे पे देखा, तो मुझे उन पर यकीन हो गया.

उनके बारे में अब मैं बता दूँ कि वो दोनों ही विदेशी नागरिक हैं. पति अमेरिका का से है, पर उसकी माँ एक गोरी महिला थी. जबकि उसके पिता काले नीग्रो थे तो वो वैसे तो नीग्रो जैसा दिखता था, पर उसका रंग साफ था. जबकि पत्नी सिंगापुर से थी. वो दोनों करीब 23 सालों से एक साथ हैं और उनके 7 बच्चे हैं.

यहां ये भी बता दूँ कि पुरुष के पहली पत्नी से 2 बच्चे हैं और इस महिला से भी 2 हैं. जबकि महिला के एक बच्चा पहले से और एक बच्चा दूसरे पति से है. ये उसका तीसरा पति है.

दोनों के बच्चे अपने अपने देश में रहते हैं. जबकि ये दोनों भारत में 14 साल से हैं. वो दोनों ही एक सरकारी संस्था में कार्यरत हैं, पर मैं उनकी असल जीवन इस कहानी में उजागर नहीं करूँगी.. और कहानी को रोचक बनाने के लिए दोनों का काल्पनिक नाम दूंगी.

पुरुष को मैं माइक स्यागर कहूंगी और महिला मुनीर नाम से संबोधित करूँगी.

दोनों की मुलाकात फिलीपीन्स में उस वक्त हुई थी, जब माइक फिलीपीन्स में कार्यरत थे. दोनों ने एक साल की दोस्ती के बाद शादी कर ली. मुनीर ने अपने दूसरे पति को तलाक दे दिया, जबकि माइक पहले से ही तलाक शुदा थे. माइक अब 60 साल के हैं और मुनीर 59 साल की है.

अब मैं आगे की बात बताती हूँ.

यह बात पिछले साल दिसंबर से शुरू हुई थी, पर हम इस साल गणेश उत्सव में ऑनलाइन मिले थे.

जब उन लोगों ने मुझसे बातचीत शुरू की और हमने एक दूसरे को जाना, तब से मुनीर मुझसे मिलने का प्रार्थना कर रही थी. पर मैंने उसे साफ कह दिया कि मैं समलैंगिक नहीं हूँ. हालांकि उत्तेजना में मैंने वो अनुभव भी लिया है, पर मैं उससे ये उजागर नहीं करना चाहती थी. पता नहीं उन दोनों के मस्तिष्क में क्या चल रहा था, वे खुल के नहीं कहते थे.. पर दोनों ही मुझसे मिलना चाहते थे. उन लोगों ने अपने कामक्रिया की बातें मुझसे साझा करनी शुरू कर दी थीं.

फिर एक रात उन्होंने मुझसे बात करते हुए मुझे अपना कैमरा दिखाया. मैं वीडियो देख चकित हो गयी कि माइक एक 40-45 उम्र की महिला के साथ संभोग कर रहा था, जबकि मुनीर उनकी वीडियो सार्वजनिक रूप से दिखा रही थी. भगवान का शुक्र है कि उन्होंने अपना चेहरा सार्वजनिक नहीं किया था. जब संभोग क्रिया समाप्त हुई, तब हमने बात शुरू की और फिर उन्होंने बताया कि मुनीर में पिछले कई सालों से ऐसा हो रहा कि उसे संभोग में मजा नहीं आता पर दूसरों को सम्भोग करते देख कर वो उत्तेजित हो जाती है.

इस बात पर मैंने कहा कि इसके लिए पोर्न वीडियोज भी तो हैं, उन्हें देख लिया करो.
तो उन्होंने कहा कि हम दोनों सब प्रयास कर चुके हैं, पर मुनीर को ये सब लाइव देख कर ही उत्तेजना होती है. इसलिए उन लोगों ने मुझे संपर्क किया और मुझे लुभावनी बातें सुनानी शुरू की.

आगे मुनीर ने मुझे बताया कि उसे औरतें भी पसंद हैं. वैसे तो मेरा भी अनुभव समलैंगिक कामक्रिया में रहा है, जिसे मैंने अपनी पहले की कहानियों में आप सभी को बताया भी है. पर मुझे मर्द ही ज्यादा पसंद हैं.

उन्होंने इसी तरह की बातें करते हुए मुझसे मिलने का आग्रह किया, पर मैंने उन्हें अपनी स्थिति साफ़ बता दी और कह दिया कि मैं नहीं मिल सकती.

एक शाम में अपने छत पर बैठी अकेली अपने मोबाइल पे ऑनलाइन थी, तभी उनका एक संदेश आया कि वो अपने एक साथी के साथ थ्री-सम क्रिया करने जा रहे हैं.

थ्री-सम उन्होंने मुझे समझाया कि ये वो क्रिया होती है, जिसमें 3 लोग संभोग करते हैं. इसमें या तो 2 मर्द और एक औरत होती है या 2 औरतें और एक मर्द होता है. मैं सुन कर ही उत्तेजित हो गयी कि आखिर ऐसा क्या होता है.. शायद कोई नया अनुभव हो सो मैंने उनसे आग्रह किया कि मैं उन्हें देखना चाहती हूँ.

मुनीर ने तुरंत ही अपना कैमरा ऑन कर दिया और जो मैंने देखा, उस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल सा था. क्योंकि उन दोनों के साथ कोई और नहीं बल्कि मेरी पुरानी सहेली तारा थी, जिसका जिक्र मैंने अपनी पिछली कहानी में किया था. तारा के लिए जैसा कि मैंने पहले बताया था कि वो नटखट प्रवृति की है.

उसने कैमरे की ओर देख कर मुझे हैलो कहा क्योंकि वो जानती थी कि मैं ही देख रही हूँ और वो मेरी प्रोफाइल पहचानती है. वो बहुत खुश दिख रही थी और दोनों के बीच बैठी थी. हालांकि वो मुझे नहीं देख पा रहे थे, पर उनके आव भाव से ऐसा लग रहा था, जैसे मुझे देख रहे हों.

माइक हाफ पैंट में था, मुनीर एक बेबीडॉल नाइटी में थी, जो कि केवल घुटनों से कुछ ऊपर तक की होती है.. और ये एकदम पारदर्शी थी. उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी, सो उसके चूचुक गहरे भूरे रंग में होने के कारण साफ पता चल रहे थे. उसके स्तन भी काफी वजनी लग रहे थे और गोरे गोरे दिख रहे थे. नीचे उसने नीले रंग की पतली सी पैंटी पहनी हुई थी, जो कि उसकी इस सफेद पारदर्शी नाइटी में साफ दिख रही थी.

तारा सिर्फ पजामे और ब्रा में थी. वो तो संभोग के खेल में हमेशा ही काफी उत्साहित रहती है. मेरे ख्याल से वो खुद ही अपना टॉप उतार कर बैठी होगी. तारा ने मुझसे कहा कि मैं हैडफ़ोन लगा लूँ ताकि जो वो कहना चाहे, मैं उसे सुन सकूं क्योंकि उनमें से कोई लिखना नहीं चाहता था.

मैंने भी सोचा कि ये जगह ठीक नहीं, सो मैं अपने कमरे में चली आयी और दरवाजा बंद कर जल्दी से हैडफ़ोन लगा कर बैठ गयी.

तब तारा ने माइक की पैंट उतार दी और माइक का लिंग हाथ में हिलाते हुए कहा- देखो.. कितना मोटा है.
सच में उसका लिंग शिथिल अवस्था में भी किसी उत्तेजित लिंग के समान था और मोटा भी था.

मैंने कल्पना करनी शुरू कर दी कि 23 साल से कैसे मुनीर एक मूसल के समान लिंग को अपनी योनि में लेती होगी. क्योंकि एशियाई लोग अमरीकियों के मुकाबले शारीरिक रूप से छोटे होते हैं. मुनीर भी करीब 5 फ़ीट की थी, वहीं माइक 6 फ़ीट से ज्यादा लम्बे थे. तारा का शरीर भी भारी भरकम है, परंतु वो भी माइक के सामने छोटी लग रही थी. पर तारा के साथ जोड़ी थोड़ी अच्छी लग रही थी क्योंकि वो करीब 5 फ़ीट 7 इंच की है. और पहले के मुकाबले अब थोड़ी वजनदार भी दिख रही थी. तारा के स्तन मेरे ख्याल से 36डी के लग रहे थे और नितम्ब 46 के थे. वहीं मुनीर के स्तन 34 के और नितम्ब 40 के लग रहे थे.

तभी मुनीर वहां से उठी और कुछ लाने के लिए गयी. जब वह वापस आयी तो मैंने उसके पीछे का हिस्सा देखा.. उसके नितम्ब कुछ खास सुडौल नहीं थे, पर उसकी पैंटी इस तरह से दोनों कूल्हों के बीच घुसी हुई थी कि लग रहा था पैंटी उसने पहनी ही नहीं है.

तारा ने माइक के लिंग को हाथ से हिलाते हुए मुँह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया. वो लिंग चूस रही थी और बार बार कैमरे की तरफ ऐसे देख रही थी.. जैसे मानो मुझे इशारा कर रही हो कि उसके मुँह में कोई स्वादिस्ट चीज़ हो और मुझे भी लेना चाहिए.
माइक अब सीधा होकर लेट गया और तारा लिंग को चूसती जा रही थी.

तभी मुनीर माइक के अंडकोषों को हाथ से हल्के दबाते हुए माइक के सीने पे लेट माइक को मुँह लगा कर चूमने लगी. थोड़ी देर चूमने के पश्चात मुनीर उठी और तारा के सिर के बालों को सहलाने लगी. तारा ने लिंग को चूसते हुए अपना सिर ऊपर उठा कर मुनीर को देखा और मुस्कुराते हुए लिंग के सुपारे पर अपनी जीभ फिराने लगी. मुनीर ने उसे देखते हुए मुस्कुरा कर उसके चेहरे को हाथों से पकड़ कर उठाया और मुँह से मुँह लगा तारा को चूमने लगी.

तारा ने लिंग को बाएं हाथ से पकड़ लिया और हिलाते हुए मुनीर का साथ देना शुरू कर दिया. अब वे दोनों एक दूसरे में चूमते हुए खो से गए. दोनों कभी होंठों को चूसते, तो कभी जुबान चूसते.. तो कभी जुबान से जुबान लड़ाते हुए मजा ले रही थीं. कभी वे दोनों एक दूसरे के मुँह का रस चूसने लगतीं. ऐसे में किस मर्द की मर्दानगी न जोर मारेगी, माइक का भी यही हुआ, ये सब देख कर उसका लिंग सन्न से खड़ा हो गया और टनटनाने लगा.

माइक ने एक हाथ से मुनीर की नाइटी को सरका दिया और दूसरे हाथ से तारा की ब्रा का हुक खोल दिया.

बस क्या था.. दोनों के सुडौल और बड़े स्तन मुक्त होकर झूलने लगे थे. माइक बारी बारी से दोनों के स्तनों को टटोलने लगा. कभी एक हाथ से मुनीर के बायें तो कभी दाएं स्तन को सहलाता तो कभी दबाता, तो दूसरे हाथ से तारा के स्तनों को मसलता. थोड़ी देर बाद मुनीर उनसे अलग होकर बगल में तकिया लगा बैठ गयी. अब उसने तारा और माइक को आपस में एक दूसरे के जिस्मों से खेलने के लिए अकेला छोड़ दिया. ये एक ऐसी स्थिति थी, जिसमें कोई खुद पर काबू न कर पाता.. पर मुनीर ऐसे बैठ गयी, जैसे उसके लिए ये कोई सामान्य सी बात हो. मतलब माइक ने ठीक कहा था कि मुनीर आसानी से उत्तेजित नहीं होती.

तारा माइक के ऊपर सवार हो गयी और उसे चूमने चूसने लगी. माइक का लिंग तारा के कूल्हों के बीच तना हुआ रगड़ खा रहा था, जबकि तारा अपने कूल्हों को हिलाती और माइक उसके कूल्हों को पैंट के ऊपर से दबा और सहला रहा था. तारा ने उसके सीने को चूमना शुरू किया, फिर बारी बारी उसके स्तनों के चूचुकों को चूसा और फिर नीचे की तरफ चूमते हुए लिंग तक पहुँच गयी. उसने माइक के लिंग को प्यार करना शुरू कर दिया. उसे लिंग चूसते हुए काफी देर हो चली थी, तब मुनीर सामने आई और उसने तारा का पजामा और पैंटी निकाल कर उसे पूरी तरह से नग्न कर दिया. माइक अपनी पीठ के बल चित लेटा हुआ था और तारा उसके ऊपर झुक कर उसके लिंग को प्यार कर रही थी. मुनीर ने तारा की टांगों को फैलाया और फिर ठीक उसकी योनि के नीचे सिर लगा लेट गयी. वो उसकी योनि को चाटने लगी. तारा भी अब उत्तेजित लगने लगी और मुनीर के मुँह में स्वयं ही अपनी योनि को घुमाने लगी. इस वक्त ऐसा लग रहा था जैसे वो स्वयं अपनी योनि का रस उसे पिला रही हो.

थोड़ी देर के इस क्रिया के बाद माइक और मुनीर दोनों ही उठे और तारा को लिटा दिया. फिर माइक ने तारा की योनि का रस चखना शुरू कर दिया. तारा की मादक सिसकारियों की आवाजें मेरे हैडफ़ोन में गूंजने लगी थीं. उधर दूसरी तरफ मुनीर उसके स्तनों से खेलने लगी. थोड़ी देर बाद मुनीर भी तारा की योनि के पास आ गयी और अब वो माइक के साथ बारी बारी से तारा की योनि चूसने और चाटने लग गई थी.

यहां मैं बता दूँ कि माइक के मुकाबले मुनीर योनि के खेल में माहिर लग रही थी. वो कभी योनि में अपनी दो उंगली घुसा देती और उसके ऊपर के दाने को चूसती.. तो कभी योनि की पंखुड़ियों को अपने होंठों से भींच कर खींचती. तारा अपने दोनों हाथों से अपने तकिये को पकड़ सिसकारती रही.. जब तक उन दोनों ने उसकी योनि से खेला. उसका पूरा जिस्म उत्तेजित होकर अँगड़ाई लेता रहा. अब उसकी हालत ऐसी हो चुकी थी कि अब उसे अपनी योनि में लिंग की आवश्यकता तीव्र हो चुकी थी.

आपको इस सेक्स स्टोरी में कितना मजा आ रहा है, ये आप मुझे लिख सकते हैं.
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कहानी जारी है.

कहानी का अगला भाग: ग्रुप सेक्स का ऑनलाइन मजा-2