टैक्सी ड्राईवर को मिली सेक्सी गर्म चूत

(Taxi Driver Ko Mili Sexy Garam Chut)

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम बंटी है, ये मेरा शॉर्ट नाम है. वैसे तो मेरी जिन्दगी में बहुत सी घटना हुई हैं.. लेकिन ये अभी 15 रोज़ पहले ही हुई एक सत्य घटना की है.

मैं आपको पहले मेरे बारे में बताता हूँ. मैं एक टूर वाली टैक्सी का ड्राइवर हूँ, मेरी उम्र 25 साल है. मैं हमेशा टूर पर रहता हूँ. मेरी पर्सनल टैक्सी इनोवा है. मुझे एक एजेंसी के जरिए एक टूर का काम मिला, जिसमें एक पंजाबी पार्टी थी. उनका 13 दिन का राजस्थान का टूर था. मैंने उनको पहले दिन जयपुर से पिक किया था. उस फैमिली में हज़्बेंड और वाइफ, उनके साथ उनका एक लड़का, जो करीब 15 साल का था और एक लड़की थी, जो करीब 19 साल की थी. ये फैमिली बहुत ही रिच थी.

जब एयरपोर्ट पर मैंने उस लड़की को देखा तो देखता रह गया. वो बहुत ही सुंदर और कंटीले फिगर वाली लौंडिया थी. उसका रंग एकदम गोरा था और वो एक मस्त माल लग रही थी. मैं बार बार उसे देख रहा था.

मैंने एक दिन उन सभी को जयपुर घुमाया.. फिर शाम को होटल आ गए. वो मेरे से पूरे दिन हँस कर बात करती रही थी. उस दिन उसने शॉर्ट फ्रॉक पहनी हुई थी, जिसकी वजह से उसकी चिकनी टांगें पूरी साफ़ दिख रही थीं.

शाम को मैंने उनको होटल ड्रॉप किया. मैं उनको छोड़ कर अपने कमरे में आ गया. मुझे रात भर उसके ही सपने आए. मुझे सेक्स चढ़ रहा था तो मैंने उसे इमेजिंग करके दो बार मुठ भी मारी. अगले दिन भी मैंने उनको जयपुर घुमाया.

आज वो मेरे साथ फ्रंट सीट पर बैठ गई थी. वो मुझे देख कर मुस्करा रही थी. मैं भी उसे एक हल्की सी स्माइल दे देता था. आज दिन भर उसके साथ रहने से मुझे बड़ा मजा आया.

फिर नाइट में उनको होटल में ड्रॉप किया, तो उस लड़की ने मुझे रोक कर बोला कि मुझे आपसे टूर के बारे में बात करनी है. आप मेरे साथ बैठो.

मैं रुक गया. उसके मम्मी और पापा रूम में चले गए. तब टूर की बातों के साथ उसने मेरे बारे में भी पूछा और कुछ अपने बारे में बताया. मैं तो बस उसको ही देखे जा रहा था.

अब आप सब जानते ही हो कि पंजाब की लड़कियां कितनी मस्त माल होती हैं. उनकी गदराई जवानी को हर कोई देखता रह जाता है.

फिर मैंने उससे होटल से जाने की बात कही और मैं जाने लगा.
तभी उसने कहा- आप कहां सोते हो?
तो मैंने कहा- होटल में ड्राइवर रूम है, वहां रुकता हूँ.
वो ओके कह कर चली गयी.

तीसरे दिन मैं उनको मॉर्निंग 6 बजे होटल से लेकर उदयपुर के लिए निकला. आज भी वो मेरे पास बैठी थी और उसकी फैमिली पीछे थी. रास्ता लंबा था तो बाकी सब सो गए, वो और मैं बात कर रहे थे. आज वो बिल्कुल ही फ्रेंक हो गयी थी, मुझसे खुल के बात कर रही थी.

लम्बी दूरी तय करके हम लोग उदयपुर पहुँच गए. वे लोग पहले से बुक किए हुए एक होटल में रुके. वो सब रूम में चले गए, मैं गाड़ी में बैठा रहा.

दोपहर के दो बज रहे थे. वो लड़की कुछ देर बाद आई और बोली- चलो हम दोनों ही चलते हैं, वो सब आराम कर रहे हैं.

मैंने गाड़ी स्टार्ट की और निकल पड़े. वो मुझे अपनी लाइफ के बारे में बताने लगी. कुछ देर बाद हम दोनों पिचोला लेक पहुंच गए और उधर पर बैठ कर बातें करने लगे.

फिर मैं उसके लिए आइसक्रीम लाया, तो वो खुश हो गई. अब उसने मेरे बारे में बात करना शुरू कर दी, वो पर्सनल बातें कर रही थी.

हम दोनों 7 बजे होटल आ गए. वो रूम में चली गयी, मैं भी फ्रेश होके अपनी गाड़ी में आ गया.

मैंने बैग से अपनी व्हिस्की की बॉटल निकाली और पैग बनाने लगा. मैंने गाड़ी में बैठ कर ड्रिंक चालू कर दी. दो पैग ही लिए थे.. हल्का नशा हो गया था. वैसे मुझे दारू का नशा चढ़ता नहीं है.

तभी वो मेरे पास आई और बोली कि इधर मेरा मन नहीं लग रहा है, मुझे कहीं बाहर ले चलो.

ये बोलते बोलते उसकी नज़र मेरे हाथ में व्हिस्की के पैग पर चली गई. मैं थोड़ा डर गया.

फिर कुछ 5 मिनट चुप रहने के बाद वो चुपचाप गाड़ी में बैठ गयी और बोली- अकेले अकेले ही मजा ले रहे थे.

उसके मुँह से ये सुनने के बाद मेरी जान में जान आई. मुझे लगा कि वो मेरी कंप्लेंट कर देगी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.
अब मैंने उससे पूछा- क्या आप भी ड्रिंक करना पसंद करेंगी?
तो उसने हां बोल दी.

फिर मैंने पूछा- आप कौन सी ब्रांड पसंद करती हैं?
तो उसने कहा- जो आप ले रहे हो, वो ही ले लूँगी.
इतना अमीर होने के बाद भी वो बिल्कुल देसी सी लड़की थी.

मैंने कहा- तो बनाऊं?
उसने बोला कि यहां नहीं.. यहां तो सब गाड़ी वाले और होटल वाले देख लेंगे, हम कहीं और चलते हैं.
मैंने कहा- ओके.

मैंने गाड़ी स्टार्ट की और गाड़ी को सिटी से बाहर हाइवे पर ले गया और साइड में लगा कर मैं उसके लिए पैग बनाने लगा.

उसने मेरा पैग जो कि हाफ हो गया था, उसको उठा लिया और एक ही सांस में पूरा पी लिया. मैं उसकी दारू पीने की अदा पर हैरान था. मैंने चुपचाप उसकी तरफ नमकीन की पुड़िया बढ़ा दी.

फिर हम दोनों एक ही ग्लास में पैग पीने लगे. उसने बताया कि वो और उसकी कॉलेज फ्रेंड्स हर वीकेंड को पार्टी करते हैं, तो वो वहां ड्रिंक करती थी.

मैंने सिगरेट उठाई तो उसने मेरी सिगरेट ले ली और खुद ही लाइटर से जला कर बड़ी दिलकश अंदाज से कश खींच कर सिगरेट मेरी तरफ बढ़ा दी. हम दोनों एक ही सिगरेट से मजा लेने आगे और मैं उसके होंठों का टच सिगरेट के माध्यम से लेने लगा.

नशा चढ़ने लगा था, तो मेरी कामुक नज़रें उसके फिगर को देख रही थीं.

फिर मैंने गिलास देते समय उसके हाथ को टच किया तो उसने मुझे एक स्माइल दे दी. उसने अब तक 3 पैग ले लिए थे.. उसकी आँखों में मस्ती दिखने लगी थी. फिर मैंने उसे चलने के लिए बोला तो उसने कहा कि कहीं दूर चलो.

इसी के साथ उसने अपने पापा को कॉल करके बोल दिया कि मैं उदयपुर के पास में जैसमन्ड लेक घूमने जा रही हूँ और कुछ देर में आ जाऊंगी.
अब वो मुझसे बोली- चलो ना.. मुझे पूरी रात आपके साथ घूमना है और शराब पीनी है.

मैं सिटी में आया और मैंने 1 बॉटल व्हिस्की और ले ली. अब हम जैसमन्ड के लिए निकल गए. मुझे पीने की आदत है, इसलिए ज्यादा नशा नहीं होता है. जबकि उसको हल्का नशा हो रहा था.

हम दोनों अब भी एक ही ग्लास में पी रहे थे. रास्ता पूरा सुनसान था. मैं धीरे धीरे ड्राइव कर रहा था. तभी अचानक से उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और हाथ को चूमते हुए बोली- यू आर सो क्यूट.

इतना हुआ तो लंड में आग लग गई. मैंने गाड़ी थोड़ी सुनसान जगह पर लगाई और उसको पकड़ कर किस करने लगा. वो भी मुझसे लिपड़ गई. मैंने उसे गाड़ी की पीछे वाली सीट पर बिठा दिया और किस करता रहा. वो भी मेरा साथ दे रही थी.

मैंने एक हाथ उसके टॉप के ऊपर से ही चूचे दबाने लगा. फिर मैंने उसके शॉर्ट में हाथ डाल दिया. उसने पेंटी नहीं पहन रखी थी.. तो मेरा हाथ सीधा उसकी चुत पर चला गया. उसकी चुत पर हल्के बाल थे. मैं उसकी चुत को ऊपर से ही सहला रहा था और उसके गुलाबी होंठों का रस पी रहा था. उसके होंठ बहुत ही मीठे और मुलायम थे. वो मेरा पूरा साथ दे रही थी और उसने मुझे कसके पकड़ रखा था.

मैंने उसको सीट पर लेटा दिया और उसके टॉप ऊपर किया, अन्दर उसने ब्लैक कलर की जॉकी की ब्रा पहनी थी. उसका गोरा गोरा पेट देख कर मैं पागल हुआ जा रहा था. मैं उसके मम्मों पर टूट पड़ा. वो हल्की हल्की आवाज़ निकाल रही थी.

फिर मैंने उसका शॉर्ट भी निकाल दिया.. तो नजारा देख कर मेरी आँखें दंग रह गईं. क्या खूबसूरत चुत थी उसकी यार.. लंड ने आन्दोलन शुरू कर दिया था.

मैंने इस पहले इतनी सुंदर चुत नहीं देखी थी. मैं जल्दी से उसकी चुत पर टूट पड़ा और चुत चाटने लगा. वो अपने हाथों से मेरा सर अपनी चुत में दबा रही थी. मुझे तो सेक्स का नशा चढ़ गया था. मैं पागलों की तरह चुत चाट रहा था और उसका रस पी रहा था.

बस 15 मिनट के बाद वो मेरे मुँह में झड़ गयी.. मैं उसका पूरा रस पी गया. चूत का टेस्ट बहुत अच्छा था. फिर मैं उसके मम्मों पर आ गया और उसके मुँह में मैंने अपना 7 इंच का लंड निकाल के दे दिया. उसने पहले तो लंड चूसने से मना किया, लेकिन ज़बरदस्ती करने पर लंड ले लिया और चूसने लगी.

मेरे मुँह से ‘आ अयू..’ की आवाज़ आ रही थीं. फिर मैंने देर नहीं करते हुए लंड को उसकी चुत पर रख दिया और ऊपर से ही घुमाने लगा. फिर थोड़ा सा अन्दर डाल दिया तो उसको कुछ दर्द हुआ. मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर रखे और चूसने लगा. फिर थोड़ा ज़ोर लगाके एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया. उसकी आँख से आँसू निकल रहे थे लेकिन मैं लंड को अन्दर बाहर करने लगा. कुछ देर बाद वो भी गांड उठा उठा के साथ देने लगी. बीस मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मैं उसकी चुत में ही झड़ गया. फिर हम लोग यूं ही चिपके पड़े रहे.

उस रात मैंने उसकी एक बार और चुदाई की. फिर मॉर्निंग में हम दोनों वापस उदयपुर आ गए. उस दिन से जब तक टूर था, मैंने मौक़ा पाते ही उसको बहुत बार चोदा और एक बार उसकी गांड भी मारी. उसकी चुत से ज़्यादा मज़ा उसकी गांड मारने में आया.

टूर खत्म होने के बाद वो चली गयी. लेकिन अब उसका कॉल आता है. हम खूब सेक्सी बातें करते हैं. उसने जल्दी ही अपनी कुछ फ्रेंड्स के साथ आने को कहा है, उसके बाद का किस्सा जब होगा तो आप सभी को जरूर लिखूंगा.

दोस्तो, ये मेरी सत्य चुदाई कथा है, इसमें कुछ भी असत्य नहीं है.
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