पड़ोसन देसी कॉलेज गर्ल का नंगा बदन-2

(Padosan Desi College Girl Ka Nanga Badan- Chapter 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अब तक आपने पढ़ा..

मेरी पड़ोस की लौंडिया रिहाना से मेरी दोस्ती हो गई थी, वो मेरे नीचे थी।

अब आगे..

मैं अब उसकी जीभ से खेलने लगा और वो भी मेरे मुँह में अपनी जीभ को अन्दर-बाहर करने लगी।

मैंने अपने हाथों से उसके पूरे शरीर का नाप ले लिया।
वो भी मेरे पूरे बदन पर अपना हाथ फेर रही थी, कभी मेरे बालों को सहलाती.. कभी मेरी पीठ पर हाथ फेरती।

हम दोनों देर तक ऐसे ही एक-दूसरे को चूमते रहे। उसका ऊपरी भाग मेरी छाती को रगड़ खा रहा था और मेरे निचला हिस्सा उसकी पैन्टी के ऊपर से ही मेरे तने हुआ लंड से उसे सहला रहा था।

अब हम मदहोश हो चुके थे और हम दोनों की तेज़ गर्म साँसों से पूरा बाथरूम गरमा उठा।

मैंने अब धीरे-धीरे रिहाना के चूचों पर हाथ फेरने लगा। बीच-बीच में मैं उसके चूचों को दबा भी देता था।
वो अब और तेज़ आवाजें निकालने लगी ‘आहह.. आहह..’

मैं अब रिहाना के कबूतरों पर ब्रा के ऊपर से ही हाथ फेरने लगा, वो कसमसा गई.. और बोली- धीरे दबाओ ना राजा.. ये कहीं भाग थोड़ी ना जाएंगे।

मैंने उसकी ब्रा के पीछे से स्ट्रिप खोल दी और ब्रा में कैद हुए मम्मों को आज़ाद कर दिया।

क्या लग रहे थे दोस्तो.. उसका लगभग 36-32-36 का साइज़ होगा। पूरी दूधिया रंग के चूचे थे और उस पर लाल रंग के अंगूर समान टोपे सजे हुए थे।
क्या कमाल लग रहे थे.. जी कर रहा था कि खा जाऊँ।

मैं अब उसके मम्मों को दोनों हाथों से मसलने लगा।

रिहाना ने आँखें बंद कर लीं और मम्मों को मसलवाना एंजाय करने लगी, वो अपने मुँह से अजीब-अजीब आवाजें निकाल रही थी जिसे सुनकर मेरे अन्दर आग भड़क रही थी।

अब मैं अपनी जीभ को उसके मम्मों पर फेरने लगा और दांतों से निप्पल के टोपों को काटने लगा।
वो चिल्ला उठी और ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी।

अब रिहाना भी मेरे तौलिये के ऊपर से ही हाथ फेरने लगी।
वो तौलिये के ऊपर से ही मेरे लंड को मरोड़ने लगी।
उसकी ये अदा मुझे बहुत ही अच्छी लगी।

मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन मज़ा आ गया।

उसके ऊपर चूमने से ही मेरा लंड और ठोस हो रहा था, मेरा लौड़ा तौलिये के अन्दर ही झटके देने लगा।
अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

रिहाना ने एक झटके से मेरा तौलिया अलग कर दिया।
अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर पर ही था।

फिर से रिहाना ने अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को कसके दबा दिया।
मुझे अब बहुत दर्द हो रहा था, मैंने रिहाना का हाथ खींच लिया, मैंने कहा- रिहाना ये क्या कर दिया.. बहुत दर्द हो रहा है।
रिहाना- जानू मेरी वजह से तुम्हें दर्द हुआ ना.. तो मैं ही इसे ठीक करूँगी।

यह कहकर रिहाना नीचे घुटनों के सहारे बैठ गई और उसने मेरी अंडरवियर नीचे सरका दी।
मेरा लम्बा लंड उसके सामने था।

उसने बड़े प्यार से उस पर जीभ फेरना चालू कर दिया।
जीभ के एक स्पर्श से ही मेरे पूरे शरीर में बिजली सा तेज करेंट लग गया।

वो मेरे लंड के टोपे पर किस करने लगी और जीभ से चाटने लगी, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
अब मेरा पूरा दर्द गायब हो गया।

उसने तेज़ हरकतें चालू कर दी थीं। वो अब मेरे लंड को अपने मुँह में अन्दर-बाहर करने लगी।
जैसे वो मेरे लंड से अपना मुँह चुदवा रही हो, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

Comments

सबसे ऊपर जाएँ