बहन का लौड़ा -62

(Bahan Ka Lauda-62)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अभी तक आपने पढ़ा..

रोमा- चुप रहो.. मैं तुम्हें दिल से अपना मानती हूँ.. और तुम मेरी सहेली के बारे में ऐसा बोल रहे हो.. कहाँ गई वो प्यार की बातें.. कहाँ गए वो वादे.. हाँ?
नीरज- तेरी इतनी हिम्मत.. साली तूने मुझे मारा.. अरे तेरी जैसी दस को ये नीरज अपने लौड़े पर रखता है.. मैंने तेरे से कोई प्यार नहीं किया.. बस तेरी जवानी का मज़ा लेने के लिए नाटक किया था.. अब साली तेरी चूत में मज़ा नहीं रहा.. अब तो टीना की टाइट चूत को मारूँगा..।
रोमा- बंद करो अपनी बकवास.. निकल जाओ यहाँ से.. ऐसा कभी नहीं होगा.. मैं तुम्हें जान से मार दूँगी।

नीरज- अबे हट साली.. तेरी औकात कहाँ है कि तू मुझे मारे.. अब देख.. मेरी एक बात सुन ले.. अगर तू ख़ुशी-ख़ुशी टीना को मेरे हवाले कर देगी.. तो तुझे भी चुदाई का मज़ा देता रहूँगा.. तुम दोनों को एक साथ चोदूँगा.. नहीं तो साली तुझे ऐसी रंडी बना दूँगा कि तू कहीं की नहीं रहेगी.. याद है ना तेरा वीडियो बनाया था मैंने.. साली मैं तुझको बदनाम कर दूँगा..
नीरज की बात सुनते ही रोमा के पैरों के नीचे से ज़मीन निकल खिसक गई.. उसको यकीन नहीं हुआ कि नीरज उसके साथ ऐसा भी कर सकता है।

अब आगे..

रोमा की आँखों में आँसू आ गए.. वो नीरज के पैरों में गिर गई।
रोमा- नहीं नहीं.. नीरज प्लीज़.. ऐसा कभी मत करना.. मैं मर जाऊँगी.. प्लीज़ तुम्हें हमारे प्यार का वास्ता..
नीरज- अब आई ना साली लाइन पर.. अब सुन.. मैंने कभी तुझसे प्यार नहीं किया.. मुझे बस कच्ची कुँवारी चूत चाहिए थी.. जो मैंने स्कूल के बाहर किया वो सब नाटक था ताकि कोई चिड़िया मेरे जाल में फँस जाए.. तेरी किस्मत अच्छी थी कि तू फँस गई और तुझे लौड़े का सुख मिल गया। अब देख चुपचाप टीना को मेरे हवाले कर दे.. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगा..

रोमा- नहीं नहीं.. नीरज तुम मेरे साथ जो चाहे कर लो.. टीना को मत बर्बाद करो प्लीज़..
नीरज- अरे बर्बाद कहाँ जान.. मैं तो उसको आबाद कर रहा हूँ.. देखो तुम्हें कैसे मेरे लौड़े की लत लग गई है.. कितना मज़ा आता है चुदाई में.. उसको भी मज़ा आएगा.. दोनों साथ मिलकर चुदना.. बहुत मज़ा आएगा..
रोमा- नहीं नीरज.. ये पाप मुझसे मत करवाओ.. वो मेरी बेस्ट फ्रेण्ड है.. उसको खराब मत करो प्लीज़.. मैं उसको मुँह नहीं दिखा पाऊँगी।

नीरज- चल ठीक है.. अभी मैं उसको नहीं चोदूँगा.. मगर वो खुद मेरे पास चुदवाने आएगी.. तो तू बीच में टांग मत अड़ाना।
रोमा- नहीं ऐसा कैसे हो सकता है.. टीना क्यों ऐसा करेगी?

नीरज- करेगी मेरी जान.. वो जरूर करेगी.. और उसके सामने तुझे शरमिंदा भी नहीं होना पड़ेगा.. अब बोल तू तैयार है ना.. इस बात के लिए.. या कल यू-ट्यूब पर तेरा वीडियो डाल दूँ?
रोमा- नहीं नहीं.. ऐसा मत करना.. अगर वो खुद आएगी.. तो मैं कुछ नहीं कहूँगी.. मगर फिर भी ऐसा होगा कैसे?

नीरज- हा हा हा.. तू मेरे शैतानी दिमाग़ को नहीं जानती.. अरे जिस मर्द के पीछे किसी रंडी का हाथ हो ना.. उसके लिए कोई चीज नामुमकिन नहीं.. ये सब मेरी शीला रानी का कमाल है.. अब सुन अभी मैं टीना को नंगा करके उसका वीडियो बनाऊँगा और तू इस काम में मेरी मदद करेगी.. उसके बाद मैं किसी तरह उसको ये वीडियो दिखा कर अपने पास बुला लूँगा.. तो साली को झक मार के चुदना ही पड़ेगा मेरे से… हा हा हा हा..

रोमा- नहीं.. मैं ऐसा कभी नहीं होने दूँगी, यह गलत है.. मेरे घर में तुम ये सब करोगे.. तो उसको पता नहीं लगेगा क्या?
नीरज- मेरी जान मैं यहाँ हूँ.. इस बात का पता उसको नहीं है ना.. और मैं उसका नहीं.. तेरा भी वीडियो बनाऊँगा.. ताकि वक्त आने पर तू उसको ये बोल दे कि पता नहीं हमारे सोने के बाद कौन घर में आया और हमें नंगा करके ऐसे वीडियो बना के ले गया और अब हमारा क्या होगा?

रोमा ने बहुत ना-नुकुर की.. मगर नीरज की धमकी के आगे उसको झुकना पड़ा.. वो एकदम मजबूर हो गई और उसने ‘हाँ’ कह दी।
रोमा- ठीक है.. मगर बस दूर से वीडियो बनाना उसको तुम अपने गंदे हाथों से छूना भी मत..
नीरज- ये हुई ना बात.. चल तू यहीं रुक.. मैं अभी मेरी नई दुल्हन का दीदार करके आता हूँ..
रोमा- नहीं.. मैं भी साथ रहूंगी.. तुम जैसे घटिया आदमी का कोई भरोसा नहीं..
नीरज- आ जाओ मेरी जान.. किसने रोका है तुम्हें..

दोनों वहाँ से चले गए। टीना अब भी वैसे ही बेसुध पड़ी हुई थी। नीरज ललचाई नज़रों से उसको देख रहा था और उसके पास जाकर उसने ब्रा को नीचे सरका दिया.. तो उसके मम्मे आज़ाद हो गए।

नीरज- वाउ.. क्या मस्त संतरे हैं.. इनमें तो बड़ा रस भरा हुआ होगा.. मेरी जान तेरे चूचे अब रस नहीं देते.. आज तो इस कली का रस पिऊँगा.. आह्ह.. मज़ा आ जाएगा..
नीरज अब पक्का वहशी नज़र आ रहा था.. उसने टीना के मम्मों को सहलाना शुरू कर दिया.. तो रोमा के तन-बदन में आग लग गई.. वो झट से आगे बढ़ी और नीरज के हाथ को टीना के मम्मों से दूर कर दिया।

रोमा- बस नीरज.. मैंने मना किया था ना.. तेरे गंदे हाथ टीना से दूर रखना..
नीरज- अबे चुप साली.. तू हाथ की बात करती है.. मैं इसको नंगा करके इसके सारे जिस्म पर अपने होंठ की छाप छोड़ने वाला हूँ.. अब तू निकल यहाँ से.. मुझे मज़ा लेने दे..
रोमा के दिल के कोने से आवाज़ आई कि ये आदमी शैतान है.. इसने तुझे तो बर्बाद कर ही दिया है.. अब इस हैवान से.. टीना की जिंदगी सिर्फ तू ही बचा सकती है।

रोमा ने नीरज को एक जोरदार थप्पड़ मारा और आँखें लाल करके बोली- अब यहाँ एक मिनट भी रुका.. तो मैं शोर मचा कर सब को बुला लूँगी..
नीरज- साली दो कौड़ी की लड़की.. तेरी इतनी हिम्मत.. तूने मुझे मारा.. तुझे इसका मज़ा जरूर चखाऊँगा.. सब के सामने तुझे नंगा कर दूँगा.. और शोर मचा कर तू क्या करेगी.. बुला सबको.. मेरे पास भी सबूत है.. कि तू एक रंडी है हा हा हा हा..

रोमा ने अब रौद्र रूप धारण कर लिया था।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।
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