बहन का लौड़ा -58

(Bahan Ka Lauda-58)

अभी तक आपने पढ़ा..

दोपहर को रोमा अपनी दोस्त टीना के यहाँ चली गई थी और उसकी माँ को बता दिया कि वो अकेली है.. तो टीना को उसके साथ रात घर भेज दे.. मगर टीना की माँ ने कहा कि तुम यहीं रुक जाओ दोनों वहाँ अकेली क्या करोगी.. तो रोमा ने पढ़ाई का बहाना बना दिया और झूठमूट कह दिया कि घर में कीमती गहने पड़े हैं.. रात को वहाँ कोई ना होगा तो चोरी होने का डर है.. तो टीना की माँ मान गई।
रात के करीब 9 बजे टीना और रोमा कमरे में बैठी बातें कर रही थीं।

अब आगे..

टीना- यार रोमा.. तू मुझे अपनी दोस्त बोलती तो है.. मगर मनती नहीं..
रोमा- अरे यार क्या बात कर रही हो.. तू तो मेरी सबसे बेस्ट फ्रेण्ड है।
टीना- नहीं.. ये सब बोलने की बात है.. अगर ऐसा होता तो तू मुझसे झूठ नहीं बोलती.. पिछले कई दिनों से तू पता नहीं किस से मिलने जाती है.. उसके लिए तूने कई बार स्कूल भी ‘मिस’ किया है।
रोमा- अरे यार.. अब तू नाराज़ मत हो.. मैं सब बताती हूँ.. बस खुश..

रोमा ने अपने और नीरज के बारे में टीना को बताया.. मगर सिर्फ़ इतना ही कि वो दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और वो उसी से मिलने जाती है।

टीना- वाउ.. यार तू तो बड़ी छुपी रुस्तम निकली.. उसी को पटा लिया.. जो किसी के लिए स्कूल आता था.. मगर ये बात बस मिलने तक ही है.. या किस-विस्स भी किया उसने?
रोमा- चल हट बदमाश.. ऐसा कुछ नहीं किया हमने।

टीना- ना ना.. मैं नहीं मानती.. आजकल के लड़के बहुत फास्ट हैं.. किस तो पहली मुलाकात में ही कर देते हैं और तू तो कई दिनों से उससे मिलने जा रही है.. मुझे तो लगता है उसने तेरा पूरा रस पी लिया होगा हा हा हा..
रोमा- छी: छी:.. कुछ भी मत बोल.. ऐसा कुछ नहीं हुआ.. वो बहुत अच्छे हैं.. ऐसी बातों से दूर हैं।

टीना- देख रोमा.. मेरा कोई ब्वॉय-फ्रेण्ड नहीं है.. मगर स्कूल में कई लड़कियाँ इस चक्कर में पड़ी हैं। मुझसे कुछ छुपा नहीं है.. लड़के बिना टच किए रह ही नहीं सकते.. अगर तू मेरी कसम खाए तो मानूँ.. नहीं तो मुझे लगता है तू बहुत आगे तक चली गई है।
रोमा- अरे यार.. इसमें कसम की क्या बात है.. ऐसा कुछ नहीं है बस..

टीना नहीं मानी और अपने सर पर रोमा का हाथ रख कर उससे कहा- ऐसा कुछ नहीं है.. तो कसम खाने में क्या जाता है।

रोमा अच्छी लड़की थी.. तो बस उसको सब कुछ बताना पड़ा.. मगर फिर भी उसने वीडियो की बात नहीं बताई और न ही ये बताया कि आज वो आएगा, यह बात टीना को नहीं बताई।

टीना- हे राम.. तुझ में जरा भी अकल है या नहीं.. अरे सब कुछ उसको दे दिया.. अगर वो शादी से मुकर गया तो.. और वैसे भी अभी तुम बहुत छोटी हो.. यार मुझे तो ये सही नहीं लगा..

रोमा- अब बस आगे कुछ मत बोल.. वो बहुत अच्छे हैं मुझे कभी धोखा नहीं देंगे.. चल अब सो जा.. सुबह उठने में दिक्कत होगी।

टीना- अरे ऐसे ही सो जाऊँ क्या.. कपड़े तो चेंज करने दे.. मैं तो कुछ लाई भी नहीं.. ला तेरे कपड़े दे.. जो आराम दायक हों.. मुझे सुकून से सोना है।

रोमा ने टीना को एक नाईटी दे दी.. जो गाउन टाइप की थी.. यानि आगे से खुलती थी और ‘हाँ’ रोमा ने जूस में वो नींद की दवा भी उसको दे दी थी।
कपड़े बदलने के बाद कुछ देर दोनों बातें करती रहीं और दवा ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया, टीना नींद की दुनिया में खो गई।

ठीक दस बजे रोमा ने नीरज को फ़ोन लगाया- हैलो कहाँ हो आप.. आ जाओ..
नीरज- टीना को दवा दी या नहीं?
रोमा- अरे वो कब की सो गई.. अब आ भी जाओ.. सुबह से मेरी चूत पानी-पानी हो रही है।
नीरज- अरे मगर तूने बताया नहीं.. तेरा घर कौन सा है.. तू हमेशा पीछे की गली में उतर जाती है।

रोमा ने नीरज को ठीक से समझा दिया कि कहाँ आना है।
नीरज- आ रहा हूँ मेरी जान.. बस तू गेट खोल कर रख.. मैं स्पीड से अन्दर आऊँगा.. ताकि कोई देख ना ले..

करीब 15 मिनट बाद नीरज जल्दी से घर में घुस गया.. रोमा उसका हॉल में बैठी इंतज़ार कर रही थी।
रोमा- ओह्ह.. मेरे जानू.. तुम आ गए.. कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ।

जब रोमा नीरज से लिपटी तो उसको शराब की बदबू आई।

रोमा- ये क्या जानू, तुमने शराब पी रखी है?
नीरज- अरे नहीं जान वो कुछ पुराने दोस्त मिल गए थे.. तो बस उन्होंने जबरदस्ती पिला दी.. तुम चिंता मत करो मैंने ज़्यादा नहीं पी है.. चलो कमरे में चल कर बात करते हैं। आज तुमको तुम्हारे ही घर में चोद कर मज़ा दूँगा.. और हाँ.. आज मैंने पावर की गोली भी ली है.. पूरी रात मैं तेरी चूत को आराम नहीं लेने दूँगा..

रोमा- अच्छा यह बात है.. तो चलो मुझे भी दिखाओ गोली का असर..
नीरज- एक मिनट तुम्हारी सहेली सो गई ना.. दवा का असर हुआ या नहीं पहले चैक तो कर लूँ?
रोमा- अरे मेरे जानू.. वो कब की सो गई.. तुम्हें चैक क्या करना है?
नीरज- नहीं.. मुझे देखना है.. चलो नहीं तो हमारी चुदाई के बीच वो आ गई ना.. तो सब चौपट हो जाएगा।
रोमा- अच्छा चलो.. वो सामने के कमरे में सोई हुई है..

जब नीरज और रोमा कमरे में गए.. तब टीना सीधी लेटी हुई आराम से सो रही थी.. उसकी नाईटी थोड़ी ऊपर को हो रही थी.. जिससे उसकी गोरी-गोरी टाँगें साफ दिख रही थीं और सांस के साथ उसके अमरूद भी ऊपर-नीचे हो रहे थे.. जिसे देख कर नीरज की आँखों में हवस और लंड में तनाव आ गया था।
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रोमा- देख लो, ये टीना तो कितने आराम से सोई हुई है..

नीरज- हाँ सही कहा तुमने.. अरे वो मेन-गेट शायद तुमने लॉक नहीं किया था.. जाओ उसको लॉक करके आओ.. तब तक मैं टीना को हिला कर देखता हूँ, कहीं जाग तो नहीं रही है।
रोमा- मैंने बन्द किया था शायद.. इसको टच मत करना.. कहीं जाग गई तो?
नीरज- अरे ये शायद क्या होता है.. देख आओ.. और टच करने से जाग जाए.. ऐसी गोली नहीं दी मैंने.. समझी।

बेचारी रोमा कहाँ जानती थी कि नीरज के इरादे क्या है.. वो गेट देखने चली गई और नीरज जल्दी से टीना के करीब गया उसके मम्मों को सहलाने लगा.. हल्का-हल्का दबाने भी लगा।

नीरज- उफ़फ्फ़ साली.. क्या कड़क आम हैं तेरे.. इनको जब चूसूंगा.. तो मज़ा आ जाएगा और तेरी चूत कितनी टाइट होगी उफ़.. मेरा लौड़ा तो ख़ुशी के मारे अभी से ‘तक-धिना-धिन’ करने लगा है.. तू उस रोमा से भी ज़्यादा मस्त माल है.. तेरी चुदाई में तो मज़ा आ जाएगा।

रोमा को आता देख नीरज टीना से थोड़ा दूर हो गया।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।
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