बहन का लौड़ा -52

(Bahan Ka Lauda-52)

अभी तक आपने पढ़ा..

दोस्तो, आप जानते हो.. अब यहा से थोड़ी देर आपको कहाँ ले जाऊँगी.. तो सोचो मत.. चलो..

रात को रोमा अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी.. तभी उसकी माँ ने उसको बताया कि तेरी सहेली टीना को यहाँ क्यों नहीं बुलाती.. तू ही वहाँ जाती है?
तब रोमा ने झूट कहा- वहाँ और लड़कियाँ भी स्टडी करने आती हैं.. तो अब सबको यहाँ नहीं बुला सकती ना..

रोमा की माँ वहीं बैठ गई और थोड़ी देर उससे बात करके चली गई.. मगर जाते-जाते वो रोमा को ऐसी बात कह गई कि जिसे सुनकर रोमा की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब वो बात क्या है.. यह आपको सुबह बता दूँगी.. अभी वहाँ राधे बाहर आ गया है.. चलो वहाँ देखते हैं।

अब आगे –

मीरा औंधे मुँह सोए हुई थी.. राधे उसके पास आया और मीरा के चूतड़ों पर हाथ घुमाने लगा।

राधे- अरे जान.. तुम तो बीयर के नशे में नींद का मज़ा ले रही हो.. मगर ऐसे सोकर मुझे क्यों तड़पा रही हो.. अब तुम्हें सोते में चोदना ठीक नहीं लग रहा.. क्योंकि तुम मेरी सच्ची मोहब्बत हो.. चलो आज लौड़े पर लगाम लगा देता हूँ.. तुम भी क्या याद करोगी मुझे..

राधे ने मीरा को किस किया और उसके पास लेट गया और बस मीरा के बारे में सोचते हुए उसको नींद आ गई। दोनों ही सुकून की नींद सो गए।

सुबह का सूरज तो निकला.. मगर आज आपको मीरा के पास नहीं.. सीधे रोमा के पास ले चलती हूँ।

आज रोमा का चेहरा किसी गुलाब से भी ज़्यादा खिला हुआ था क्योंकि रात उसकी मॉम ने उसको बात ही ऐसी बताई थी.. कि वो अपने कमरे से निकली और सीधी अपनी मॉम के पास चली गई।

रोमा- मॉम, मैं कुछ मदद करूँ आपकी.. पैकिंग करने में?
रोमा की मॉम ने उसको मना कर दिया और कहा- तू जल्दी तैयार हो जा.. स्कूल जाने में देर हो जाएगी.. मैं बस तैयार हूँ साथ में निकलते हैं।

दोस्तो, आप टेन्शन ले रहे हो कि यह क्या हो रहा है.. तो मैं आपको बता दूँ.. रात को रोमा की माँ ने उसको कहा कि उनको एक दिन के लिए गाँव जाना होगा.. उनके भाई का एक्सीडेंट हो गया है.. सो वहाँ जाना जरूरी है.. तुम्हें साथ नहीं ले जा सकती.. तेरे एग्ज़ाम भी आ रहे हैं तो तू अपनी फ्रेण्ड टीना के यहाँ रुक सकती है.. या उसको यहाँ बुला ले..

तो रोमा ने झट से ‘हाँ’ कह दी.. उसको ऐसा मौका कहाँ मिलता.. बस यही बात है जो रोमा आज इतनी खुश है। तो चलो अब आगे मजा लेते हैं।

रोमा और उसकी मॉम साथ ही निकले.. मगर रोमा स्कूल के लिए निकल गई और उसकी माँ गाँव के लिए…

तो दोस्तो, अब आपको क्या लगता है.. रोमा क्या करेगी.. नीरज के पास जाएगी या उसको यहाँ बुलाएगी.. नहीं.. नहीं.. हो सकता है.. स्कूल ही चली जाए।
चलो इसको बाद में देखना.. वहाँ ममता आ गई है। उसके पास घर के बाहर वाले लॉक की चाभी रहती है तो वो दरवाजा खोल कर अन्दर आ गई।

अब वहाँ क्या हो रहा है.. खुद देख लो पता लग जाएगा..

रात की बाहर ने ऐसा कमाल किया कि मीरा अभी तक बदहवास सी सो रही थी और सोने पर सुहागा देखो.. हमारा हीरो भी उसके साथ चिपका हुआ सोया हुआ था।

ममता अपनी आदत से मजबूर.. आते ही सीधे मीरा के कमरे की तरफ़ गई और दरवाजे पर हाथ लगाया और उसका हाथ लगते ही दरवाजा खुल गया..

अन्दर का नजारा देख कर ममता की आँखें फटी की फटी रह गईं।

राधे सीधा लेटा हुआ था.. उसका लौड़ा उसकी जाँघों पर सोया हुआ था.. मीरा उसके सीने पर बेसुध सोई पड़ी थी।
ममता- हे भगवान.. ये क्या है.. इनको देखो.. कैसे सब खोल-खुला कर सोए पड़े हैं.. इनको ज़रा भी डर नहीं कि कोई आ जाएगा..

ममता धीरे से बिस्तर के पास गई और राधे के लौड़े को सहलाने लगी। कुछ ही देर में सोया हुआ साँप जाग उठा और अपना फन फैलाने लगा।

ममता अपने होंठों पर जीभ फेरने लगी.. उसको राधे का लौड़ा किसी मीठे गन्ने जैसा दिख रहा था और उसका मन उसको चूसने का कर रहा था।

ममता ने धीरे से लौड़े को मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी।

राधे नींद में था.. मगर पूरी रात सोने के बाद अब लौड़े पर ऐसा गर्म स्पर्श किसी की भी आँखें खोल दे। तो राधे भी जाग गया.. मगर उसने आँख नहीं खोली.. बस लौड़े की चुसाई का मज़ा लेने लगा।

राधे- आह्ह.. जान.. सुबह-सुबह क्यों गर्म कर रही हो.. आह्ह.. रात को तो तुम मुझे तड़पता हुआ छोड़ कर सो गई थीं.. आह्ह.. अब दोबारा क्यों तड़पा रही हो।

मीरा उसके सीने पर सोई हुई थी और राधे का मुँह उसके कान के पास था।

तो उसकी बातों से मीरा की नींद टूट गई और जब उसने आँखें खोलीं.. तो वो घबरा गई क्योंकि ममता सामने लौड़ा चूस रही थी।
कहानी जारी रहेगी…
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