जवान लड़की की कामुकता: जयपुर की रूपा की अन्तर्वासना-6

(Jawan Ladki Ki Kamukta: Jaipur Ki Rupa Ki Antarvasna- Part 6)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अभी तक आपने पढ़ा कि रूपा को एक युवक बस में मिला, दोनों की आपस में सेटिंग हुई और रूपा उस युवक से चुद गई. रूपा को उस से चुद कर इतना मजा आया कि वो उसकी गुलाम बन गई और उसे अपने घर लाकर अपनी बेटी को पटाने की छूट दे दी.
जवान लड़की की कामुकता की कहानी का आगे मजा लीजिये.

नीता के कड़क मम्मे छू कर पप्पू खुश हो कर बोला- बोला ना कि टीवी मत लगाओ, हम सिर्फ़ तेरी बात करेंगे. नीता बेटी, माना मेरी उम्र तुम से ज्यादा है पर मेरी कोई लड़की तो है ही नहीं तो तू मेरी बेटी की उम्र की कैसे हो सकती है?
पप्पू का लंड गांड पे रगड़ने और मम्मे मसलने से नीता एकदम सिहर गई. अपनी गांड और मम्मों पे पप्पू का कड़क लंड और उसके हाथ उसे अच्छे लगे.
वो पप्पू की बांहों से छूटने की कोई कोशिश ना करते हुए बोली- ओह अच्छा! वैसे अंकल आप ज्यादा उम्र के नहीं लगते, आप तो पूरे जवान लगते हो. वो सब जाने दो, देखो अब टीवी ऑन करो नहीं तो मैं आप से नहीं बोलूँगी और रूम में चली जाऊँगी अंकल.

नीता की तरफ़ से कोई विरोध ना पा कर पप्पू उसे और कस कर पकड़ कर लंड पर दबाते हुए और दूसरे हाथ से मम्मे मसलते हुए बोला- हाँ मेरी उम्र की बात जाने दे, अब सिर्फ़ तेरी बात करेंगे हम. तुझे मैंने रूम में जाने दिया तभी तो जायेगी ना तू? वर्ना मेरी बांहों से कैसे निकल कर जा सकती है… बता मुझे? वैसे भी उस बेकार टीवी से अच्छा तो हमारा यह लाइव चैनल है समझी?

नीता को अपने जिस्म से हो रहा यह खिलवाड़ अच्छा लग रहा था. उसने रिमोट साइड में रख दिया, पर फिर भी पप्पू ने उसे छोड़ा नहीं. उसके मसलने से अब नीता के मम्मे और कड़क हो कर निप्पल भी तन गए. वो बिना कुछ किये बोली- क्या? लाइव चैनल? वो कौन सा अंकल?
पप्पू अब बनियान में हाथ डाल कर नीता के नंगे मम्मे सहलाने लगा. उसके निप्पल आराम से सहलाना और गांड पे लंड रगड़ना उसने जारी रखा.

नीता के नंगे कड़क निप्पल से खेलते हुए पप्पू बोला- लाइव चैनल कौन सा है, वो बताऊँगा तुझे बेटी, सब्र कर. यह बता कि कितने लड़के तुझ पर मरते हैं? तेरा रूप देख कर मरने वालों की कमी नहीं होगी ना? कोई खास पीछे पड़ा है तेरे?
नीता अब और गर्म हो गई थी. वो जो चाहती थी वो मिल रहा था उसे. पप्पू की बांहों में बिना हिले मस्त होती हुई वो बोली- हाँ एक पूरा ग्रुप है लड़कों का, उसका लीडर है सबीर, सब के सब मुस्टंडे हैं, सबीर, केतन, कैलाश और नईम. पूरा ग्रुप पीछे पड़ा है मेरे और बहुत छेड़ता भी है.

हल्के से दूसरा मम्मा भी मसलते हुए पप्पू बोला- ओह अच्छा… 4-4 लड़के पीछे पड़े हैं तेरे? वैसे भी तू है इतनी मस्त कि कोई भी तेरे पीछे पड़ेगा. नीता तू दिखती ही है इतनी मस्त है कि कोई भी लड़का तुझ पर मर मिटे. क्या छेड़ते हैं तुझे? उनमें से कोई पसंद है तुझे बेटी?
दोनों मम्मे मसलने से नीता बहद गर्म हो गई पर अब उसे ज़रा शरम भी आ रही थी.

पप्पू की बांहों से छूटने का नाटक करती हुई वो बोली- आप मुझे छूएं मत ऐसे अंकल. प्लीज़ मुझसे दूर बैठ कर बात करो. शी.. मुझे नहीं कोई पसंद कोई उन लड़कों में से, सबके सब मवाली जैसे हैं. पता नहीं कालेज वालों ने कैसे एडमिशन दिया उनको.

नीता को और कस कर पकड़ कर एक हाथ मम्मों पे रख के दूसरे हाथ से नीता का नंगा पेट मसलते हुए पप्पू बोला- हा हा… अरे तेरी जैसी मस्त लड़की को छेड़ने के लिए ही एडमिशन लिया होगा उन्होंने. अच्छा यह बता कि क्या छेड़ते हैं तुझे वो लड़के?

नीता को यह मस्ती अच्छी लगने लगी, पर नाटक करते हुए वो झपट के पप्पू के चुंगल से खुद को छुड़ा कर अब उसके सामने सोफ़े पे बैठ कर बोली- अंकल जाओ, मैं आपसे नहीं बोलती. आप भी उन लड़कों जैसे छेड़ रहे हो, वो लड़के मुँह से छेड़ते हैं और आप हाथ से. वो लोग तो बहुत गंदा गंदा बोलते हैं, वो सुन कर तो कान का कचरा भी निकल जाये, ऐसा तो कोई बोल ही नहीं सकता.

पप्पू अब कहाँ मानने वाला था, वो उठ के नीता के पास आ कर बैठ कर उसकी गोरी नंगी टाँगों को सहलाते हुए बनियान में बंद मम्मे ऊपर से हल्के से मसलते हुए बोला- अरे नीता, हम मर्दों का काम ही होता है चिकनी मस्त लड़कियों को छेड़ना, अब देख तेरी माँ को हम लोग बहुत छेड़ते थे पर तेरी माँ कभी गुस्सा नहीं होती थी. बोल वो मवाली लड़के क्या छेड़ते हैं तुझे? क्या बोलते हैं तेरी यह गदराई गोरी जवानी देख कर?

नीता ने फिर पप्पू का हाथ अपने जिस्म से हटाया. उसकी माँ को भी ऐसे छेड़ने की बात सुन कर नीता को अजीब फ़ीलिंग आई. वो जानती थी कि उसकी माँ सुंदर है पर यह नहीं पता था कि मर्द उसे भी छेड़ते थे.
पप्पू का हाथ हटा कर वो वहीं बैठ कर बोली- क्या? आप मॉम को छेड़ते थे? कौन-कौन थे वो लोग जो मॉम को छेड़ते थे और उनका क्या छेड़ते थे?
पप्पू फिर हाथ उसकी जाँघ पे रख कर बनियान के नीचे हाथ डाल कर बोला- हाँ नीता, मैंने खुद तेरी माँ को बहुत छेड़ा है इसलिए तेरी माँ पहले मुझसे गुस्सा थी लेकिन अब नहीं. तू बता वो लड़के क्या बोलते हैं तुझे, मैं किसी को नहीं बताऊँगा.. समझी… और उसके बाद तुझे बताऊँगा कि हम लड़के तेरी माँ को कैसे छेड़ते थे.

पप्पू के हाथ को बिना रोके नीता बोली- ना अंकल मैं… वो लोग जो बोलते हैं वैसा कभी बोल ही नहीं सकती. आप सोचो वो लोग कैसा बोलते होंगे कि में आपको उनकी बात का एक भी शब्द नहीं बता सकती. बड़े गंदे और नालायक लड़के हैं वो.
नीता की जाँघ पकड़ कर उसे अपने पास खींच कर उसकी बनियान की नेक से उसके साफ़ दिख रहे मम्मों पे उंगली फेरते हुए पप्पू बोला- अब बेटी वो क्या बोलते हैं यह मुझे समझा तो ही मैं कह सकूंगा ना कि वो कितनी गंदी बात करते हैं तेरे बारे में. देख मैं तेरे बड़े भाई जैसा हूँ, तू बता मुझे दिल खोल कर वो क्या बोलते हैं तुझे, बिल्कुल शरमा मत मेरी नीता.

नीता थोड़ी पीछे हटी लेकिन इतना भी नहीं कि पप्पू का हाथ उसे छू ना सके. अपनी गोरी जाँघों पे खुद हाथ घुमाते हुए वो बोली- नहीं ऐसा नहीं अंकल, मैं नहीं बोल सकती. आप तो कह रहे थे कि आप लोग मम्मी को छेड़ते थे… तो आप को तो पता होना ही चाहिये. आप क्या बोल कर छेड़ते थे मेरी मम्मी को?
पप्पू जान गया था कि नीता यह सब चाहती है इसलिए उसे पकड़ कर अपनी गोद में बिठा कर पप्पू लंड उसकी गांड पे रगड़ते हुए बोला- अरे नीता तेरी माँ को तो हम ‘क्या माल है? आती क्या आज रात मेरे घर? मेरी पैंट में छुपा हुआ घोड़ा देखना है क्या? आती क्या मेरे घोड़े पे सवारी करने? तेरा हार्न बजाने दे ना..’ ऐसा बोलते थे. तेरी माँ पहले शर्माई पर फिर हमें देख कर मुस्कुरा कर के जाती थी… अब तू बोल, वो लड़के क्या बोलते हैं तुझे?

नीता की नंगी गोरी जाँघ मसलते हुए पप्पू उसकी नेक किस करने लगा. इस बात पे नीता बड़ी मचली. उसका जिस्म मस्ती से भरने लगा. वो एक मादक अँगड़ाई ले कर बोली- अंकल, प्लीज़ छोड़ो मुझे, आप क्यों मेरा जिस्म सहला रहे हो.. और यह जो आप माँ को छेड़ते थे वो तो कुछ भी नहीं, वो लड़के इससे भी गंदा बोलते हैं.
एक हाथ से नीता की गोरी जाँघें और दूसरे से सीना सहलाते हुए नेक किस करते हुए पप्पू बोला- देख नीता, जब तक तू मुझे नहीं बताती कि वो लड़के क्या छेड़ते हैं तुझे, मैं तुझे नहीं छोड़ूँगा, ऐसे ही तेरा जिस्म सहलाता रहूँगा. तूने अगर मुझे सब बताया तो तेरी माँ को हम तीन लड़कों ने कैसे मस्ती से छेड़ा था वो तुझे बताऊँगा.

नीता फिर पप्पू से दूर हो कर पास की सोफ़ा कुर्सी पर जाते हुए बोली- उम्म्म अंकल, देखो मैं कहती हूँ मुझे मत छूना. मुझे अजीब सा लगता है आपका छूना. वो लोग बहुत गंदा बोलते हैं अंकल मेरे जिस्म के बारे में. वो मुझे देख कर बोलते हैं कि मैं कितनी गोरी हूँ, मेरी मक्खन जैसी टाँगें हैं, टाँगें ऐसी हैं तो जाँघें कैसी होंगी और अगर जाँघों का यह हाल है तो अन्दर की जन्नत तो कैसी होगी. ओह नीता रानी, एक बार तेरी उस नंगी जन्नत की सैर करवा दे हमें. एक साथ 4-4 खंबे देंगे तुझे रानी, बोल आती है क्या हमारे साथ. यह सब बोलते हैं वो लड़के अंकल. छी, यह सब सुन कर मुझे बहुत शरम आती है अंकल.

पप्पू नीता के पास आ कर उसे खड़ी करके और उसको उकसाने के लिए फिर मम्मे सहलाने लगा.. जिससे वो खुल कर सब बताने लगे. पप्पू बोला- अरे तो इसमें क्या गंदा बोलते हैं? गोरी टाँगें और जाँघें क्या गंदा है? वैसे भी देख तू गोरी है तो गोरा तो बोलेंगे ही ना? मैंने तेरा बाकी जिस्म देखा है अब बस अन्दर की जन्नत देखनी है तेरी. मुझे लगा कुछ और गंदा बोलते हैं जैसे तेरी माँ को हम बोलते थे, पर यह छेड़ छाड़ का बोलना तो बड़ा आम बोलना है बेटी.

नीता ने फिर पप्पू का हाथ अपने जिस्म से हटा कर सोफ़ पे आकर टीवी ऑन किया. टीवी पे अब उदिता गोस्वामी और इमरान हाशमी का गाना चल रहा था.
गाना देखते हुए वो बोली- नहीं.. नहीं.. अंकल, वो लोग दूसरी लड़कियों को तो ऐसे नहीं छेड़ते. कभी भी अगर मैं टी-शर्ट पहन कर जाऊँ तो वो लोग मेरी साइज़ देख कर मेरे पास से गुजरते हुए मेरी ब्रा की साइज़ के बारे में ऊँचे सुर में बातें करते हैं, जैसे कि मेरी ब्रा के साइज़ के बारे में शर्त लगाते हैं और कई बार तो ऐसा बोलते हैं कि इतनी उम्र में इतने बड़े कैसे हो गए, कितनों ने मसला है तुम्हें?

टीवी पे चल रहा सैक्सी गाना देख कर पप्पू और गर्म हो गया और अब पीछे से नीता को पकड़ कर वैसे ही किस करते हुए बोला- तो तूने अपनी ब्रा का साइज़ बताया ना उनको? बेचारे कितने दिन से पूछ रहे हैं ना तेरा साइज़? वैसे नीता तुझे किसी ने मसला है क्या? मतलब तेरे इन मम्मों को मसला है कभी?

बनियान के नीचे हाथ डाल कर मम्मे सहलाते हुए पप्पू आगे बोला- यह बता उन लड़कों में कौन सा लड़का तुझे सबसे ज्यादा पसंद है और कौन सबसे ज्यादा छेड़ता है?
पप्पू का हाथ बनियान से खींचते हुए नीता बोली- उफ्फ्फ़, प्लीज़ हाथ निकालो ना अंकल. मुझे उन लड़कों में से कोई पसंद नहीं है… सब के सब मवाली हैं साले पूरा दिन कालेज के बाहर सिगरेट या फिर गुटखा खाते रहते हैं. अपनी ब्रा की साइज़ थोड़ी किसी लड़के को बताऊँगी मैं? वो तो सिर्फ़ मेरा पति ही जानेगा शादी के बाद और अब मेरी मम्मी जानती है. मैंने तो किसी को नहीं बताया.

पप्पू का हाथ ज़ोर से खींचने के चक्कर में बनियान फट गया और नीता के दोनों मम्मे नंगे हो गए. नीता ने अपना सीना शरम से छुपा लिया. पप्पू वैसे ही नीता को गोद में उठा कर उसका नंगा सीना और क्लीवेज किस करते हुए अपने बेडरूम में ले जाते हुए बोला- क्या नीता, तूने इतना ज़ोर से हाथ खींचा कि बनियान फट गया, अब मैं कल क्या पहनूंगा बेटी? मुझे लगता है कि तू झूठ बोल रही है नीता, तुझे उन लड़कों में कोई एक तो पक्का पसंद है जो तू हर दिन उनके ताने सुन कर गुजरती है. वैसे शादी के पहले माँ और बाद में पति… इन दोनों के बीच में लड़की अपनी ब्रा का साइज़ अपने बाय फ्रेंड को भी बताती है… समझी नीता?

पप्पू के मुँह से अपना सीना बचाते हुए नीता बोली- आपको तो बाद में कल पहननी है अंकल, मैं अब क्या पहनूँ? क्या मम्मी के आने तक यह फटी बनियान पहनूँ?
नीता को बेड पे लिटा कर उसके हाथ हटा कर पप्पू उसके पास लेट कर निप्पल से खेलते हुए बोला- जाने दे नीता, तू यही फटी बनियान रहने दे, इससे तुझे लगेगा तेरे जिस्म पे कपड़े हैं और मुझे तेरा जिस्म दिखेगा भी. वैसे तूने बताया नहीं कि कितने लड़कों ने तेरा यह जिस्म सहलाया है और तुझे उन लड़कों को अपनी ब्रा का साइज़ बताने में क्यों शरम आती है?

नीता को पहली बार मर्द के सामने अपना नंगा सीना दिखाने और निप्पल को मर्द से मसलवाने में मज़ा आने लगा था. वो पप्पू को रोके बिना बोली- तो क्या करूँ मैं? उनको सामने से जवाब दूँ? और दूँ भी तो क्या जवाब दूँ? कि मेरी ब्रा का साइज़ 32 है और ब्रा के कप भी c के हैं? प्लीज़ अंकल आप मेरे जिस्म को मत छूना, मुझे गुदगुदी होती है.. और वो मेरे सीने का दाना ऐसे क्यों मसल रहे हो आप? लेकिन अंकल आपने बताया नहीं कि आप मम्मी को कैसे छेड़ते थे?

नीता के हाथ हटा कर उसका सीना पूरा नंगा देख कर पप्पू झुक कर बारी बारी उसके निप्पल खूब अच्छे से चूसते हुए बोला- अरे वाह, यह अच्छा किया जो तूने कम से कम मुझे तो अपनी ब्रा और कप का साइज़ बता दिया नीता. बेटी इसे जवानी का खेल बोलते हैं, हम जैसे मर्द तेरी जैसी गर्म सैक्सी मस्त लड़की के साथ यह खेल खेल कर सिखाते हैं. बोल कि जब मैं तेरा यह सीने का दाना मतलब निप्पल किस करता हूँ तो अच्छा लगता है ना तुझे? तेरी माँ के साथ खेल कर उसे भी मैंने यह खेल ठीक से खेलना सिखाया है. तेरी माँ की बात थोड़े समय के बाद बताऊँगा, पहले यह बोल कि कितने लड़कों ने तेरा यह जिस्म छुआ है रानी?

पहली बार मर्द से निप्पल चुसवाने से नीता बड़ी गर्म हो गई, वो हल्की सिसकरियाँ भरते हुए बोली- हाँ बड़ा अच्छा लगता है जब आप निप्पल चूसते हो तो… अंकल! प्लीज़ पूरा लो ना और पूरा, मेरी पूरी चूचियाँ चाटो ना अंकल. आज आप मुझे जवानी का पूरा खेल सिखा देना जैसे मेरी मम्मी को सिखाया है. अंकल मेरी चूची चूसते हुए बता दो कि आपने मम्मी को यह खेल कैसे सिखाया. अंकल मुझे उन लड़कों में से कोई भी पसंद नहीं, वैसे उन लड़कों के साथ यह करने का मन कैसे हो? उन गुंडे मवालियों से क्या मुँह लगना? हाँ भीड़ का फायदा ले कर लड़के कभी कभी मेरा जिस्म सहलाते हैं, मेरा सीना और पिछवाड़ा दबाते हैं और पिछवाड़े पे रगड़ते हैं… बस उतना ही लड़कों से संबंध हुआ है और कुछ नहीं.

उसकी पूरी चूचियाँ चाट कर और निप्पल चूसते हुए पप्पू अब नीता के ऊपर बैठ गया. उसका लंड नीता की चूत पर था और नीता के निप्पल से खेलते हुए वो झूठी कहानी बताने लगा- ओके नीता… अब सुन… तेरी माँ को यह खेल मैंने कैसे सिखाया. पहले तेरी माँ को हम सिर्फ़ छेड़ते थे… जब वो रास्ते से गुजरती थी. जब तेरी माँ की शादी फिक्स होने की खबर मिली तो उस बात पे हमने उसे छेड़ा. तब उसने मुझे गाली दी, मुझे गुस्सा आया तो दूसरे दिन शाम को मैंने और रमेश ने उसे सूनी गली में पकड़ कर तेरी माँ को हमने खूब सहलाते हुए गालियाँ दी, यहाँ तक कि 2-4 झापड़ भी मारे, उसका शर्ट खोल कर मम्मे मसले, स्कर्ट ऊपर करके चूत रगड़ कर उसमें उंगली भी की. हम तेरी माँ को चोदने वाले थे पर तेरी माँ बहुत गिड़गिड़ाते हुए रोई कि उसकी शादी फिक्स हुई है और हम उसे माफ़ करें. तेरी माँ पे रहम खा कर हमने उसे जाने दिया पर उसके बाद शादी होने तक तेरी माँ को हम बुलाते थे तो वो आती थी और हम तेरी माँ को खूब मसलते थे. तेरी माँ हमसे इतनी डर गई थी कि हमारे लंड भी चूसती थी. उन 1-2 महीनों में तेरी माँ को खूब मसला मैंने उससे बहुत बार लंड चुसवाया. तेरी माँ से सिर्फ़ लंड चुसवाया था, पर आज तुझे लंड खिला कर तेरी चूत में घुसा के तुझे जवानी का खेल पूरा सिखाऊँगा.

पप्पू द्वारा उसकी माँ के बारे में बताई बात सुन कर नीता जल्दी से वो फटी बनियान अपने जिस्म पे ओढ़ कर फटी आँखों से पप्पू को देखने लगी. उसकी माँ को जिस हिसाब से पप्पू अंकल और उनके दोस्त ने मसला था.

वो सुन कर उसकी चूत और गीली हो गई. बनियान को अपने सीने पर लपेटते हुए वो बोली- क्या बात करते हो? मम्मी तो आपको कितनी इज़्ज़त देती है और उनके साथ आपने ऐसा किया था? उन्होंने आपको सहन भी किया? अंकल आपने बहुत ज्यादती की है मेरी मम्मी के साथ, शी… कितने गंदे काम करवाये, कितना ज़लील किया उन्हें और कितना दर्द दिया बेचारी को.

नीता के हाथ से फटी बनियान खींच कर उसे दूर फेंक कर अब नीता के नंगे मम्मे मसलते हुए पप्पू बोला- इसमें कैसी ज्यादती नीता? तेरी माँ मस्त आईटम थी तब भी और अब भी है, साली अब भी देख उसने अपना जिस्म कैसे मेंटेंड रखा है. एक बात है नीता तेरी माँ जैसे लंड आज तक किसी ने नहीं चूसा, क्या मस्ती और लगन से चूसती है रूपा. अरे उसकी शादी नहीं हुई होती तो मैं भगा कर ले जाता उसे और उस माल को तेरे बाप से भी ज्यादा चोदता रहता.

पप्पू अब नीता को खींच कर अपनी गोद में बिठा कर उसके मम्मे मसलने लगा. नीता भी गर्म हो कर अपनी गांड उसके लंड पे दबाने लगी. अपनी माँ की बात सुन कर उसे बड़ा अच्छा लग रहा था. इसका मतलब था कि उसकी माँ जिसे वो एक अच्छी औरत मानती थी वो तो कई मर्दों से अपना जिस्म मसलवा चुकी थी और उसने कितने ही लंड भी चूसे थे.

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कहानी जारी है.

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