मकान मालकिन की लड़की ने चूत चुदवाई

(Makan Malik Jawan ladki Ne Choot Chudwai)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

दोस्तो, मैं फहमिना एक बार फिर से आप सबके सामने एक और कहानी लेकर आई हूँ।
लेकिन यह कहानी मेरी नहीं है, यह कहानी मेरे एक प्रशंसक की है।
तो पेश है कहानी उसी की जुबानी:

मेरा नाम जय है, मैं 28 साल का हूँ।

बात उस टाइम की है जब मैं 19 साल का था।
मैं ग्रेजुएशन फाइनल ईयर का एग्जाम देकर मेडिकल की तैयारी के लिए लखनऊ आ गया।

मैं अभी नया नया वहाँ गया था, डेली रूम से कोचिंग और कोचिंग से रूम आना जाना… यही मेरी रूटीन था।

मैं बहुत सीधा सादा लड़का था, मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था, फॅमिली में दो लड़कियाँ, एक तमन्ना 24 साल की दूसरी छोटी वाली रूही 18 साल की थी, अपनी अम्मी के साथ रहती थी।
इन लड़कियों के अब्बू विदेश में रहते थे जो 6 माह में एक बार भारत आते थे।

मेरा रूम उनके बगल में होने के कारण धीरे धीरे मेरा उस फॅमिली में आना जाना शुरू हो गया।
उन लड़कियों की अम्मी जिनका नाम शबनम था, वो बहुत खूबसूरत थी।

शायद बेटियां अपने मम्मी पर गई थी, तमन्ना जिसको प्यार से सब तनु बुलाते थे, गोरा बदन भरा हुआ कसी हुई चूचियां, मोटी जांघें, उठी हुई गांड… कसम से माल थी वो!

छोटी बेटी भी काम नहीं थी, वो भी बहुत खूबसूरत थी, उसके बारे में आपको बाद में बताऊंगा।

अब कहानी पर आते हैं।

एक दिन की बात है, मैं तनु और आंटी उनके घर चाय पी रहे थे, तब आंटी ने कहा- तुम अकेले उस घर में कैसे रहते हो? आओ हम लोगों के साथ पेइंग गेस्ट बनकर रहो!

फिर तनु ने कहा- हाँ अम्मी, ये अच्छा रहेगा! वैसे भी हम लोग तीन ही लोग रहते हैं।
मैंने कहा- आंटी, सोच कर बताता हूँ।

मैं चला आया।

दूसरे दिन सुबह सुबह तनु ने पूछा- क्या हुआ? क्या सोचा? आ जा ना यार… साथ साथ रहते हैं।
मैंने सोचा- चलो ठीक है।
और मैं उसी दिन शिफ्ट हो गया।

फिर हम लोग साथ ही रहने लगे तो हमारी फीलिंग फॅमिली जैसी हो गई।
एक बार दो दिन की छुट्टी हुई तो आंटी रूही को लेकर अपने भाई के घर गई और जाते समय बोली- हम लोग सोमवार को आएंगे, तुम लोग ठीक से रहना, घर से न निकलना!

आंटी के जाने के बाद हम लोगों ने दिन भर टीवी देखा, रात में खाना खाया और वहीं हाल में बिस्तर पर नींद आने लगी तो मैं सो गया।

उसके बाद अचानक रात में मुझे महसूस हुआ कि कोई मेरा हाथ पकड़े हुए है, मेरी नींद खुली लेकिन मैं कुछ बोला नहीं!

वो तनु थी।
वो उस टाइम हॉट पैंट और ब्रा में थी, उसने अपनी टॉप निकाली हुई थी।
हाल में नीले रंग की हल्की रोशनी थी, उसने मेरा हाथ अपनी ब्रा पर रख दिया, मेरे हाथ से अपनी चूची पर दबाव डालने लगी। मेरे पुरे जिस्म में सिहरन दौड़ गई।

थोड़ी देर बाद मैंने खुद उसकी चूचियां दबानी शुरू कर दी तो तनु ने उठकर अपनी ब्रा निकाल दी।

हम लोग आपस में बात नहीं कर रहे थे।

फिर मैं उसकी चूचियों को दबाकर आंखें बंद कर आनन्द लेने लगा।
अचानक मैंने उसकी एक चूची को अपने मुँह में ले लिया और दांतों से काटने लगा तो वो पहली बार बोली- जय, दांत से नहीं प्लीज!

मैं रुक गया और उसकी चूची जीभ से चाटने और चूसने लगा।
फिर मैंने उसकी हॉट पैंट निकाल दी लेकिन उसने पैंटी नहीं निकालने दी।

मैं अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डालने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- वहाँ नहीं…
और उसने मेरे होंठ को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

सारी रात यही कहानी हुई और कुछ नहीं हुआ।

दूसरे दिन हम लोगों ने आपस में बात नहीं की और न ही नज़र मिलाई।
असल में मैं उसको दीदी बोलता था।

अगले दिन उसने मुझे फिर अपने पास बुलाया।
उसने काली मैक्सी पहनी थी और वो कमाल की माल लग रही थी।
उसने बोला- चलो करते हैं।

मैं बोला- दीदी, अब मैं नहीं करूँगा।

तो वो फिर मेरा होंठ चूसने लगी और मेरा हाथ अपनी चूची पर रख दिया।
मैंने भी अब उसको पेलने का मन बना लिया था।

वो बोली- अरे राजा.. थोड़ी सी तसल्ली तो रखो!
मैं बोला- तनु दीदी, तसल्ली गई तेल लेने!

उसे दबोच कर मैंने बेतहाशा उसके होंठ चूस डाले फिर मैंने उसकी मैक्सी निकाल दी।
उसने गुलाबी रंग की ब्रा पैंटी पहनी हुई थी।

मैं तनु के पूरे जिस्म को चूमने चाटने लगा। वो आह्ह्ह्ह छह्ह्ह कर रही थी।

अचानक उसने मेरे कपड़े निकालने शुरू कर दिए और मेरे अंडरवियर को सरका दिया।
मेरा सात इंच लंबा दो इंच मोटा लंड अकड़ कर एक गुस्साए नाग की तरह फुंकार मार रहा था।

मैंने तनु की ब्रा पैंटी उतार दी और उसकी गांड में अपनी उंगली डाल दी।
वो चिहुंक पड़ी, बोली- हाय राजा… क्या करते हो?
मैं बोला- दीदी, मज़ा आया या नहीं?
और फिर उसकी चूचियाँ चबाने लगा।

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