मेरा गांडू भाई और मेरे चोदू यार-1

(Mera Gandu Bhai Aur mere Yar- Part 1)

This story is part of a series:

दोस्तो, कैसे हो आप लोग … मैं आपकी दोस्त तान्या हूँ.

आप सभी ने मेरी पिछली सेक्स कहानी
पहली बार गांड मरवाने की तमन्ना
पढ़ी थी और आप लोगों मुझे काफी सारे मेल भेजे थे, जिसके लिए आप सभी का शुक्रिया.

इसके साथ ही मैं उन सभी से माफ़ी भी मांगती हूँ, जिन्हें मैं रिप्लाई नहीं कर पाई. आजकल मैं अपने काम में बहुत बिजी रहती हूं, तो मैं सभी को रिप्लाई नहीं कर पाती हूँ. मैं जितनों को जबाव लिख सकती हूं, लिखती हूं. लेकिन मुझे आप सभी से एक शिकायत भी है, आप लोग मेरी सेक्स स्टोरी पर लाइक और कमेंट नहीं करते हैं. प्लीज़ किया कीजिए, मुझे अच्छा लगेगा.

दोस्तो, जैसा आप लोगों ने पिछली कहानी पढ़ी कि कैसे मैंने अपने नए ब्वॉयफ्रेंड विक्की से पहली बार गांड मरवाई थी. उसके आगे पढ़ें कि कैसे मेरे भाई ने मुझे गांड मरवाते हुए देख लिया था.

मैं अपने भाई के बारे में बता देती हूं. उस टाइम मेरी उम्र 22 साल थी और मेरा भाई मुझसे 2-3 साल छोटा है. उस टाइम तक वो घर में सबका और मेरा भी बहुत लाड़ला था. वो ये सब धीरे धीरे समझ रहा था. उसने मुझे पहले भी मेरे एक ब्वॉयफ्रेंड के साथ चुदते हुए देख लिया था, पर तब वो और छोटा था. उस समय उसे ये सब नहीं पता था, तो उस टाइम कोई प्रॉब्लम नहीं हुई … लेकिन अब वो बड़ा हो गया था.

वो भी अब धीरे धीरे सब सीख रहा था या सीख गया था. क्योंकि मैंने उसे काफी बार नोटिस किया था कि मेरी ब्रा और पैंटी अक्सर गायब हो जाते थे. मैं ये सब बातें मम्मी से नहीं पूछ पाती थी, क्योंकि वो सब ब्रा पैंटी मुझे मेरे ब्वॉयफ्रेंडस लाकर देते थे. मुझे ब्रा पैंटी के सैट उपहार में मिलते थे, इसलिए मैं भी ज्यादा ध्यान नहीं देती थी.

तो पहली बार गांड मरवाने के बाद क्या हुआ, आप उसका मजा लीजिएगा.

राहुल अब तक मेरी गांड दो बार मार चुका था. विक्की से मैं अभी भी चुदवाती थी. हम दोनों उसके साथ चुदाई का मजा कभी उसके घर पर ले लेते थे, कभी वो मेरे घर पर ही मुझे पेल देता था, या फिर कभी हम दोनों अलग अलग होटलों में चुदाई का खेल खेलते थे.

वो मेरे घर रात में भी आया करता था. उस समय के लिए उसने मुझे नींद की गोलियां दे रखी थीं. ताकि जिस रात वो घर आए, तो मैं मम्मी डैडी और भाई के खाने में गोली डाल दूं. मैं भी वैसे ही करती थी. अब ये मेरे लिए आम बात हो गई थी. मैं भी जब मेरा मन होता, तो मैं राहुल को घर बुला लेती थी. उस दिन मैं घर वालों को नींद की गोली खिला देती थी और अपनी चुत की खुजली शांत करवा लेती थी.

अब तक सब कुछ अच्छा चलता रहा था. कभी राहुल, कभी विक्की आकर घर में ही चोद देते थे.

फिर एक बार मेरे डैडी और मम्मी किसी रिश्तेदार के यहां शादी में गए थे. मैं और मेरा भाई आदी, हम दोनों उस शादी में नहीं गए थे. मम्मी डैडी सुबह चले गए थे.

कुछ देर बाद जब आदी भी स्कूल जाने लगा, तो मैंने आदी को बोल दिया- बाबू, मैं दिन में अपनी सहेली के यहां जा रही हूँ … ये लो एक चाबी, तुम घर आकर खाना खा लेना और गेट लॉक करके घर में ही रहना, कहीं जाना मत.
इस पर आदी बोला- ठीक है.
यह कह कर आदी स्कूल चला गया.

उसके जाने के बाद में विक्की के साथ मूवी देखने चली गई. मूवी ज्यादा अच्छी नहीं थी, तो हम दोनों विक्की के फ्रेंड के फ्लैट पर आ गए. वहां उसका फ्रेंड बाहर से आकर यहां पढ़ता था. इसलिए वो अकेला ही फ्लैट पर रहता था. पहले भी मैं 2-3 बार उसके फ्लैट पर जा चुकी थी. विक्की मुझे वहां ले गया था.

आज जब मैं उसके फ्लैट पर गई, तब उसका फ्रेंड रूम पर ही था.

फिर थोड़ी देर बाद विक्की का फ्रेंड बोला- विक्की तू यहां रुक … मुझे लाइब्रेरी जाना है. जब तू जाने लगे, तो लाइब्रेरी आकर मुझे चाबी दे देना.

ये कह कर वो जाने लगा. विक्की गेट तक गया और उससे कुछ पूछने लगा. उन दोनों की कुछ बात हुई.

फिर विक्की दरवाजा बंद करके अन्दर आ गया. मैंने उससे पूछा- क्या हुआ, उससे क्या बोल रहे थे?
वो बोला- मैं उससे कंडोम की पूछ रहा था कि कहां रखे हैं. उसने बताया कि ड्रावर में हैं.

ये बात सुनकर मैंने विक्की को एक स्माइल दी और उससे पूछा- कौन सा फ्लेवर है?

इस पर उसने भी एक स्माइल दी. वो मुझे गोद में उठा कर किस करने लगा और मेरे मम्मों को दबाने लगा. हम दोनों एक दूसरे से गुत्थम गुत्था हो गए.

इसी चूमाचाटी में मैं कब नंगी हो गई, कुछ पता ही नहीं चला.

फिर उसने मुझे अपना लंड चूसने को कहा और मेरे मुँह में लंड डाल दिया. मैं मस्ती से उसका लंड चूसने लगी.

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद उसने मुझे लंड पर लगाने के लिए कॉन्डम दिया … मैंने लंड पर छतरी चढ़ा दी.

इसके बाद उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे दोनों पैर अपने कंधे पर रख लिए. पोजीशन बना कर वो मेरी चुत पर अपना लंड रगड़ने लगा और सुपारा अन्दर घुसाने लगा. मैंने चुत को ढीला किया, तो उसने धीरे से पूरा लंड अन्दर डाल दिया.
मेरे कंठ से एक मीठी सी आह निकली उम्म्ह… अहह… हय… याह… और विक्की ने मुझे चोदना चालू कर दिया. मुझे भी उसके लंड से बहुत मज़ा आ रहा था.

दस मिनट बाद वो झड़ गया और मेरे ऊपर गिर गया. मैं भी थक गई थी. हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे और मैं उसके सर के बालों पर हाथ घुमा कर प्यार करती रही. वो मेरे मम्मों को हल्के हल्के से दबाता सहलाता रहा.

थोड़ी देर बाद मैं उससे बोली- चलो अब उठो … चलते हैं.
वो बोला- नहीं … अभी एक राउंड और करते हैं.
मैं बोली- अच्छा तो उठो … और जल्दी करो.
वो उठा और बोला- कंडोम निकाल कर साफ़ कर दो.

मैं कंडोम निकाल कर उसका लंड साफ़ कर ही रही थी, तभी वो अपना लंड मेरे चेहरे पर और होंठों पर रगड़ने लगा. मैं मस्त होने लगी, तो उसने मेरे मुँह में लंड डाल दिया. मैं उसके लंड को चूसने लगी. इस बार काफी टाइम बाद उसका लंड खड़ा हुआ.

फिर वो बेड पर लेट गया और मुझसे बोला- लंड पर बैठ कर उछलो.
मैं बोली- पहले कंडोम तो लगाओ.
वो बोला- नहीं ऐसे ही आ जाओ, कंडोम में मज़ा नहीं आ रहा है.

मैं उसके ऊपर बैठ कर उसके लंड को चुत पर लगा कर बैठ गई.

लंड जैसे ही मेरी चुत में घुसा, वैसे ही एक सीत्कार निकल गई- आहा … आआह.
मुझे लंड अच्छा लगा और मैं उस पर उछलने लगी. थोड़ी देर बाद उसने नीचे से धक्के मारने चालू कर दिए.

कोई 10-15 मिनट बाद उसने मुझसे उठने को कहा. मैं हटी, तो वो भी खड़ा हो गया. उसने एक कंडोम उठा कर मुझे दिया, मैंने कंडोम लगा दिया.

फिर उसने मुझे घोड़ी बनने को कहा. मैं बेड पर घोड़ी बन गई. उसने पीछे से मेरी गांड में लंड डाला और मुझे चोदने लगा.

काफी देर गांड मारने के बाद वो झड़ गया. फिर मैं उठी और बाथरूम जाकर साफ़ करके फिर से रूम में आकर ब्रा पैंटी पहन कर बैठ गई.

एक मिनट बाद विक्की बाथरूम से आया और मेरे पास ऐसे ही आकर बेड पर नंगा लेट गया.
विक्की बोला- रात में कब आना है?
मैं- मैं कॉल करूंगी, जब आ जाना.
वो बोला- अच्छा … ये लो बाकी के कंडोम तुम लेती जाओ, रात में मिलते नहीं हैं.
मैं बोली- नहीं … रहने दो, तुम लेकर आना और ये मत लाना, अच्छे नहीं हैं.
विक्की- अच्छा … लेते आऊंगा, पर ये तुम लेती जाओ … नहीं तो रात में नहीं मिले, तो प्रॉब्लम हो जाएगी.
मैं बोली- ठीक है.

मैं बिस्तर से उठी और कपड़े पहन लिए. विक्की ने भी पहन लिए और हम बाहर आ गए. मैंने कंडोम बैग में रखे और कहा- मुझे घर छोड़ दो.
हम दोनों घर के लिए निकले. रास्ते में विक्की ने पहले अपने फ्रेंड को उसके कमरे की चाबी दे दी और मुझे घर पर छोड़ दिया.

मैं घर गई, देखा तो आदी आ गया था, बाहर उसकी स्कूटी खड़ी थी. मैंने लॉक खोला और अन्दर चली गई.

मैं उसके रूम की तरफ गई, तो गेट हल्का सा खुला था. मैंने झाँका, तो मैं तो अन्दर का नजारा देख कर ही शॉक हो गई. मेरा भाई मेरी ब्रा पैंटी पहने हुए था और लैपटॉप पर गे वाली पोर्न देख रहा था.

ये सब देख कर मेरे तो पैरों के नीचे से जमीन निकल गई. मैं वैसे ही हतप्रभ अवस्था में सोचते हुए अपने रूम में आ गई. मैं बेड पर बैठ कर पता नहीं क्या क्या सोचने लग गई थी.

थोड़ी देर बाद में फिर से उसके रूम के पास गई और उसे देखने लगी. इस बार वो अपने एक हाथ से अपनी जांघ सहला रहा था. इस बार उसने पैंटी उतार दी थी, लेकिन ब्रा पहने हुए अपने एक हाथ से अपने निप्पल दबा रहा था. मैं उसे यूं देख कर जितनी चिंतित थी, उससे ज्यादा मेरी चिंता इस बात को लेकर थी कि उसका लंड खड़ा नहीं था. हालांकि उसका लंड बड़ा है, मैं पहले भी उसे नहाते हुए देख चुकी हूं. लेकिन लंड को मुझे अवस्था में देख कर मुझे एक बड़ी चिंता होने लगी थी.

मैंने उसके लैपटॉप की तरफ देखा. उस वीडियो में अब एक लड़का दूसरे लड़का का लंड चूस रहा था.

मैंने अपने मोबाइल में इस सबकी वीडियो बना ली. फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने कमरे में वापस आ गई और सोचने लगी कि शायद आदी गे है.

थोड़ी देर बाद मैंने आदी को आवाज़ लगाई- बाबू स्कूल से आ गए क्या?
आदी बोला- हां दीदी.
मैं- क्या कर रहे हो, बाहर आओ … खाना खाया या नहीं?
वो बोला- हां अभी खाना है … आ रहा हूँ.

वो थोड़ी देर बाद बाहर आया, मैंने उसे खाना खिलाया और वो खेलने बाहर चला गया.

मैं विक्की से फोन पर बातें करने लगी.

फिर रात हो गई. मैं विक्की से बोली- बेबी खाना ला दो … मैं बहुत थक गई हूं … अब मैं घर पर नहीं बनाऊंगी.
उसने थोड़ी देर बाद किसी लड़के से खाना घर भिजवा दिया. खाना आने के कुछ देर बाद आदी घर आ गया. हम दोनों खाना खाने लगे.

खाते खाते मैंने आदी से पूछा- बाबू, तुम्हारा कोई दोस्त नहीं है क्या … तुम किसी से बात नहीं करते हो?
उसने कहा- नहीं दीदी … मेरे काफी सारे दोस्त हैं.
मैं- अच्छा कौन कौन हैं?

उसने 3-4 नाम बताए … जिसमें एक लड़के का नाम लिया और 3 लड़कियों के थे.
मैं बोली- तुम्हारा बेस्टफ्रेंड कौन है?
उसने कहा- काजल.

मैं बोली- अच्छा ठीक है … वैसे बाबू क्या तुमने मेरे कपड़े देखे हैं, पता नहीं कहां चले जाते हैं … मिल ही नहीं रहे हैं.
मेरी इस बात पर वो हड़बड़ा गया और बोलने लगा- नहीं दीदी, मुझे नहीं मालूम.

मुझे उसका चेहरा देख कर हंसी आने लगी. खैर हम दोनों ने खाना खा लिया. फिर कुछ देर टीवी देख कर सोने का टाइम हो गया था.

मैं उससे बोली- जाओ सो जाओ, सुबह स्कूल जाना है. अपने रूम में चलो, मैं दूध लाकर देती हूं.

वो चला गया. मैं किचन में गई, उसके लिए दूध लेकर आदी को उसके कमरे में जाकर दे दिया. यहां एक भूल हो गई, मैंने उसके दूध में नींद की गोली नहीं डाल सकी थी. खाना भी बाहर से आया था, सो उसमें भी बनाते समय नहीं डाल पाई थी. मैं पता नहीं किस ऊहापोह में भूल गई थी.

उसे दूध देकर मैंने थोड़ी देर घर के काम किए और अपने कमरे में आ गई.

मैंने अपनी टी-शर्ट उतार कर ब्रा उतार दी. थोड़ी देर आईने में ऐसे ही देख कर मैं अपने मम्मे दबा कर मज़े ले रही थी. फिर मैंने शॉर्ट्स भी उतार दिया और पैंटी को भी उतार कर मैं पूरी नंगी हो गई. मैंने नंगे होकर थोड़ा मेकअप किया और फिर सिर्फ टी-शर्ट पहन कर बेड पर लेट गई.

अब मैंने विक्की को कॉल की और उससे बातें करने लगी.
उसने पूछा- कब आऊं?
मैं बोली- थोड़ा रुको, एक बजे तक आ जाना.

मेरी सेक्स कहानी को लेकर आपकी क्या राय है, प्लीज़ मुझे मेल करें.
[email protected]
कहानी जारी है.

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