देसी लड़की की चूत मौके पर चौका मार कर चोदी

(Desi Ladki Ki Choot Mauke Par Chauka Mar Kar Chodi)

दोस्तो.. मैं अपनी पहली हिन्दी सेक्स स्टोरी आप सबको सुनाने जा रहा हूँ। मैं कॉलेज का छात्र हूँ.. रंग गोरा.. कद और शरीर औसत है।

दरअसल ये बात सर्दियों की है। सर्दियों में तो लगभग सभी लोग धूप सेंकने छतों पर आते हैं। वैसे ही हमारे पड़ोसी भी आते थे। हमारी छत मिली होने के कारण हमारे यहाँ से उनके परिवार की अच्छी बोल-चाल थी।
उनकी एक लड़की थी.. उसका नाम नीलम था। वो देखने में एकदम कन्टाप माल लगती थी।

वो ज्यादातर सलवार-सूट ही पहनती थी.. पर उस पर चुन्नी मैंने आज तक नहीं देखी। उसके मम्मे उसके चुस्त कुरते से बाहर निकलने को दिखते थे। वो सूट इतना टाइट पहनती थी कि उसका पूरा फिगर.. मम्मों से लेकर चूतड़ों तक का उभार साफ़-साफ़ दिखाई देता था।

मैं उसी के दीदार को सारा दिन छत पर बैठा रहता था। मैं बस इसी फ़िराक में रहता था कि कब उसे चोद डालूँ।

एक दिन नीलम का बैंक का एग्जाम शहर से काफी दूर पड़ा। उनके घर में कोई लड़का नहीं था.. केवल उसकी मम्मी वो और उसकी छोटी बहन रहते थे।

उसकी मम्मी ने मुझसे उस कॉलेज के बारे में पूछा.. तो मैंने बताया कि वो यहाँ से काफी दूर है और वहाँ जाने के साधन बहुत मुश्किल से मिलते हैं।

उसकी मम्मी थोड़ी देर सोचने के बाद बोलीं- बेटा तो तुम क्या उसको अपने साथ ले जाओगे?
ये सुनते ही मैंने पूछा- आंटी पेपर कब है?
तो नीलम जो वहीं खड़ी थी.. वो बोली- चार दिन बाद!
मैंने कहा- ठीक है।

अन्दर से मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे। चार दिन बाद जब मैं उसे एग्जाम दिलवाने ले जा रहा था.. तो मैंने उससे पूछा- अगर मैं नहीं चलता तो किसके साथ जातीं।
वो बोली- तुम मना ही नहीं करते।
मैंने पूछा- क्यों..?

बोली- मैं सब समझती हूँ हिमांशु..
मैंने कहा- क्या मतलब?
वो बोली- अच्छा तुम सारी दोपहर छत पर क्या करते रहते हो.. तुम मुझे ही देखने आते हो ना?
यह कहते ही वो बाइक पर मेरी कमर में हाथ डाल कर बैठ गई।

अब वो बोतल में उतर चुकी थी। लौटते समय मैंने उसे ‘आई लव यू’ बोल दिया वो भी ‘लव यू टू’ बोल कर चली गई।

अगले दिन रोज की तरह मैं छत पर गया.. तो वो वहाँ पहले से ही थी और मुझे देख कर मुस्कराई। मैं भी मुस्कराता हुआ उसके पास गया।
मैंने पूछा- तुम्हारी छोटी बहन कहाँ है?
वो बोली- वो मम्मी के साथ स्कूल गई है।
उसकी मम्मी उसी स्कूल में पढ़ाती थीं।

मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है.. तो एक किस तो बनता है।
वो मना करने लगी।
मैंने कहा- ठीक है.. आज के बाद बात मत करना।

थोड़ी देर बाद वो बोली- अच्छा ठीक है.. पर कैसे?
‘तुम नीचे जाओ.. मैं आता हूँ।’
वो बोली- केवल किस ही करना।

उसके नीचे जाते ही मैं भी पहुँचा और मैंने पूछा- इससे पहले किसी को किस किया है क्या?
वो बोली- पागल हो क्या.. जल्दी से जो करना है करो.. और जाओ।
मैंने कहा- ऐसी भी क्या जल्दी है.. आंटी तो अब काफी देर बाद आएँगी।
वो बोली- लेकिन तुम्हें किस तो एक ही बार करना है ना।

मैंने उसे अपनी बांहों में खींचा और उसके होंठ से होंठ लगा दिए और उन्हें चूसने लगा।
दो मिनट बाद वो अलग हो गई और बोली- अब जाओ।
मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ।
वो बोली- क्या?

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