रैगिंग ने रंडी बना दिया-52

(Desi Ladki Ki Kamukta: Ragging Ne Randi Bana Diya- Part 52)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

देसी लड़की की कामुकता की इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मॉंटी और सुमन एक-दूसरे के ऊपर एकदम नंगे होकर लंड चुत को रगड़ कर मजा ले रहे थे.
अब आगे..

सुमन उसको देख के कुछ नहीं बोली वो बस मुस्कुराने लगी.

मॉंटी- दीदी अब आपको आराम मिला कि नहीं?
सुमन- बहुत आराम मिला है मॉंटी.. चल अब कोई कपड़ा दे मुझे, ये सब मुझे साफ भी तो करना है.

तब तक टीना भी अन्दर आ गई और दोनों को देख कर हंसने लगी.

टीना- हा हा हा तुम दोनों ऐसे नंगे-पुँगे कितने अजीब लग रहे हो हा हा हा..
सुमन- दीदी प्लीज़ आप हमारा मजाक मत उड़ाओ.. नहीं दोबारा मैं मॉंटी से इलाज नहीं करवाऊंगी अपना हाँ!
टीना- अरे ऐसे ही मजाक कर रही हूँ यार.. मॉंटी, वो सामने कपड़े रखे हैं, वो दीदी को दे दे और तू अपने कपड़े पहन कर बाहर जा, अब बहुत हो गया चूसना-वूसना मुझे सुमन से कुछ काम है.

मॉंटी ने सुमन को कपड़े दे दिए, फिर अपने कपड़े पहन कर बाहर चला गया.

सुमन ने भी अपने आपको साफ किया फिर वॉशरूम जाकर अच्छे से साफ करके वो बाहर आ गई और उसने अपने कपड़े पहन लिए.
टीना- क्यों मेरी जान, तुझे असली लंड से चुत रगड़वाने में मज़ा आया ना!
सुमन- हाँ दीदी.. सच में बहुत मज़ा आया, मॉंटी का लंड बहुत अच्छा है. उसको चूसने में भी बहुत मज़ा आता है.
टीना- अरे वो तो अभी छोटा है, कभी किसी असली मर्द का चूस कर देख, फिर कहना तुझे कैसा मज़ा मिलता है.
सुमन- उसका जब वक़्त आएगा, तब देख लूँगी.. अभी तो यही मजेदार है.

टीना- अच्छा ये बात है.. बड़ी फास्ट हो गई तू.. तो याद है उस दिन तो तू मेरे सामने नंगी होने में कैसे शर्मा रही थी और आज मॉंटी के सामने आराम से नंगी घूम रही है. मेरी भी कोई परवाह नहीं.. एकदम बिंदास मेरे सामने नंगी होकर वॉशरूम गई. लगता है तू फास्ट हो रही है.. अब तेरे टास्क ख़त्म होने लगे हैं. जल्दी ही संजय तुझे आज़ाद कर देगा, फिर तू हमारे ग्रुप में नहीं रहेगी. चलो अच्छा है इसी बहाने तू फास्ट तो बन गई.. नहीं वैसे ही गँवार देसी लड़की रहती.

सुमन- दीदी प्लीज़ ऐसा मत कहो ना.. मुझे आपके जैसे दोस्तो को खोना नहीं है, मैं अब भी आपके ग्रुप में ही रहूंगी.
टीना- नहीं यार.. भले ही तू फास्ट हो गई, मगर इतनी भी नहीं कि हमारे साथ रह सके. अभी तुमने हमारी पार्टी भी कहाँ देखी है, वो तुमसे कभी नहीं होगा.
सुमन- क्या दीदी जब मॉंटी के साथ मैंने ये सब कर लिया, तो अब मैं कुछ भी कर सकती हूँ और वैसे भी मैंने आपको बताया नहीं कि आज पापा ने मुझे कैसा सरप्राइज दिया है.
टीना- क्या बात कर रही है.. तेरे पापा और तुझे सरप्राइज.. बता तो क्या दिया?

सुमन ने पूरी बात विस्तार से टीना को बताई, जिसे सुनकर टीना की आँखों में चमक आ गई.. वो मुस्कुराते हुए बोली- वाउ यार मतलब मेरा आइडिया काम कर गया गुड, मगर तू अभी वो कपड़े मत पहनना, जब मैं कहूँ तब पहनना ओके!
सुमन- अच्छा ठीक है दीदी मगर आप कुछ पार्टी की बात कर रही थीं.. वो क्या है और मुझसे क्या नहीं होगा?
टीना- हमारी पार्टी में बियर पीना, डांस करना, चुदाई करना ये सब होता है.. बोल तुझसे हो सकेगा?
सुमन- हे राम.. इतना कुछ और चुदाई भी.. नहीं दीदी बियर और डांस तक कर सकती हूँ, मगर मुझे चुदाई नहीं करनी.. मैंने ये सोच रखा है.
टीना- मैं जानती हूँ.. तू अभी तैयार नहीं है, मगर एक ना एक दिन तो चुदाई करनी ही पड़ेगी ना तुझे.. तो थोड़ा एक्सपीरियेन्स ले ले.

सुमन- आपकी बात सही है.. इसी लिए तो मॉंटी के साथ मैंने आज मज़ा किया. इसी के साथ मैं ये सब करके सीख जाऊंगी.
टीना- ओये मैडम, मेरे मासूम भाई को क्यों बलि का बकरा बना रही है? अगर सीखना ही है तो किसी मर्द के साथ करके सीख.. इस मॉंटी को क्या पता कि चुदाई क्या होती है!
सुमन- नहीं दीदी.. वो अभी नहीं, अगर किसी मर्द के साथ करूँगी तो वो फिर बिना चोदे नहीं रहेगा, मॉंटी को तो कैसे भी रोक सकती हूँ मैं.. मगर ना ना.. आप इस बारे में कुछ और सोचो.
टीना- चल जाने दे, मत कर मगर रियल चुदाई देख कर तो कुछ सीख सकती है ना?
सुमन- हाँ वो तो है आप मुझे वीडियो दिखा कर सिखा दो.

टीना- धत तेरी की.. अभी भी वहीं अटकी हुई है, अरे पागल, वीडियो में नहीं मैं लाइव सेक्स देखने की बात कर रही हूँ.
सुमन- क्या..! मगर मैं किसका सेक्स देखूँ?
टीना- अपने मॉम-डैड का देख लेना रात को, वैसे भी आज से तू उनकी चुदाई देखना ट्राई करने वाली है ना!
सुमन- छी: दीदी.. कुछ भी बोल देती हो आप, मुझे नहीं देखना उनका सेक्स और अब ट्राई की क्या ज़रूरत, पापा ने तो ड्रेस दिला दिए ना!
टीना- नहीं तुम ट्राई ज़रूर करना, तेरे पापा ने ड्रेस क्यों दिलाए.. ये तू नहीं समझेगी और मैं बताऊंगी तो तुझे बुरा लगेगा. प्लीज़ बात को समझ.. उनकी चुदाई देखना ट्राई करना बहुत जरूरी है.
सुमन- उन्होंने मुझे ड्रेस क्यों दिलाए और ऐसी क्या बात है जो मुझे बुरी लगेगी.. ज़रा आप खुल कर बताओगी?

टीना सोच में पड़ गई, अब वो सुमन को क्या बताए.
टीना- बात को समझ सुमन.. अभी बताऊंगी तो तुझे कुछ समझ नहीं आएगा. बस कुछ दिन रुक जा.. और जैसे मैं कहूँ, वैसा करती जा.. तुझे सब समझ आ जाएगा.

सुमन ने बहुत ज़िद की तब जाकर टीना ने उसे बताया.
टीना- अच्छा सुन.. बुरा मत मानना जब तू तेरे पापा से चिपकी तो उनका लंड खड़ा हुआ था या नहीं?

टीना की बात सुनकर सुमन को वो पल याद आ गया, जब उसके पापा का लंड उसकी नाभि में चुभा था और फिर उसने लुंगी में बना हुआ तंबू भी देखा था.

सुमन- हाँ दीदी हुआ था.. मैंने देखा भी मगर पापा ने मुझे फ़ौरन हटा दिया था इस बात का क्या मतलब हुआ?
टीना- तेरे पापा प्यासे हैं, शायद इसी लिए तेरे जिस्म की गर्मी पाकर उनका लंड खड़ा हो गया, समझी कुछ!
सुमन- नहीं दीदी, ये गलत है वो मेरे पापा हैं और मेरे बारे में गंदा कैसे सोच सकते हैं वो, नहीं नहीं..
टीना- अरे पागल उन्होंने कुछ गंदा नहीं सोचा, जवान जिस्म जब टच होता है तो लंड अपने आप खड़ा हो जाता है.. अब तुझे कैसे समझाऊं.
सुमन- अच्छा समझ गई आपका मतलब पापा के मन में मेरे लिए कुछ गंदा विचार नहीं, बस मेरे टच होने से उनका खड़ा हुआ, यही ना!
टीना- हाँ यार जब समझ गई तो मुझे क्यों पका रही है?

सुमन- सॉरी दीदी अब आगे से ध्यान रखूँगी कि पापा से दूर रहूँ बेचारे मेरी वजह से ऐसे ही परेशान होंगे.
टीना- अच्छा ये सब जाने दे, तुझे लाइव सेक्स देखना है ना.. तो मेरा और संजय का देख लेना, बोल क्या बोलती है?
सुमन- सच.. वो कैसे? मगर मैं संजय के सामने ऐसे नहीं आना चाहती.
टीना- संजय को पता भी नहीं लगेगा और तू मज़े से सब देख भी लेगी, बोल देखना है तुझे लाइव सेक्स या नहीं?
सुमन- देखना तो है मगर ये सब होगा कैसे.. मुझे समझ नहीं आ रहा.
टीना- देख मेरे पीरियड के चक्कर में बहुत दिनों से मैं चुदी नहीं हूँ. आज मैंने और संजय ने चुदाई का प्रोग्राम बनाया है. कल कॉलेज के बाद मैं उससे मिलूंगी और वहीं हमारा चुदाई का खेल होगा. तू मेरे साथ चलना और फिर आराम से सब देख लेना.
सुमन- अच्छा ये बात है.. मगर संजय के सामने मैं कैसे आऊंगी? आपने तो कहा उसको पता नहीं लगेगा.
टीना- अरे पागल मेरी पूरी बात तो सुन.. फिर तू चपर-चपर करना.

टीना ने कल के लिए सुमन को कुछ समझाया और उसे सुनकर सुमन खुश हो गई. वैसे ये टीना का नहीं शाम को संजय ने टीना को जो बताया वो प्लान था. अब कल आप खुद देख लेना, सब समझ आ जाएगा.

सुमन- वाउ दीदी ये बेस्ट है, मगर संजय को कोई शक तो नहीं होगा ना?
टीना- अरे मैं किस लिए हूँ.. अब तू कल बस घर पर कोई बहाना बना कर कॉलेज आ जाना ताकि दोपहर को तू लाइव प्रोग्राम देख सके, समझी मेरी जान!
सुमन- ओके दीदी समझ गई. अब मैं चलती हूँ और कल नई वाली ड्रेस पहन कर ही आऊंगी.
टीना- नहीं अभी मत पहन, जब मैं कहूँ, तब पहनना समझी! अब तुम घर जाओ मुझे भी थोड़ा काम है, कल मिलते हैं.

सुमन वहां से चली गई और टीना अपनी माँ के पास चली गई.

दोस्तो आज मॉल में एक नए किरदार की एंट्री हुई थी, अब वो कौन है.. ये जानने का वक़्त आ गया है तो चलो उससे आपको अच्छी तरह मिलवा देती हूँ.

एक बड़ी सी बिल्डिंग के बाहर गुलशन जी की गाड़ी रुकी और फिर वो बिल्डिंग में एक फ्लैट के बाहर जाकर बेल दबाने लगे.
थोड़ी ही देर में अनीता ने दरवाजा खोला वो एक ब्लैक नाइटी में थी और बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

अनीता- क्या बात है पापा आ गए आप.. मुझे तो लगा आज आपके दर्शन ही नहीं होंगे.
गुलशन- बकवास बंद करो मैंने तुम्हें कितनी बार कहा है कि मुझे पापा मत बोला कर, तेरी समझ में नहीं आता क्या?
अनीता- अरे आप नाराज़ क्यों होते हो. अब आपने मेरी माँ से शादी की है तो आप मेरे पापा ही हुए ना? हा हा हा हा..

गुलशन ने अनीता को बांहों में भर लिया और उसके बाल खींच कर एक जोरदार किस किया. फिर उसको बेड पे गिरा कर खुद उस पर चढ़ गए और उसकी नाइटी खोलने लगे.

गुलशन- साली कुतिया बड़ी ज़ुबान चलने लगी है तेरी.. मैं अभी तुझे सबक सिखाता हूँ.
अनिता- अरे रूको प्लीज़.. अभी नहीं अच्छा सॉरी अब नहीं बोलूँगी आपको पापा.. रूको तो मैंने आपके लिए बादाम का हलवा बनाया है.. वो तो खा लो फिर मुझे आराम से खा लेना.. मैं कहीं भाग कर नहीं जा रही हूँ.
गुलशन- साली आज लंड में एक्सट्रा तनाव आ रहा है, ऊपर से तू बादाम का हलवा खिला रही है. आज तुझे ऐसे चोदूंगा कि तेरी सारी अकड़ निकाल जाएगी.
अनिता- अब रहने भी दो.. मेरी अकड़ तो पहली रात ही अपने निकाल दी थी.

दोस्तो, मेरी देसी लड़की की कामुकता की कहानी कैसी लग रही है, मुझे आप मर्यादित भाषा में ही कमेंट्स करें.
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कहानी जारी है.

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