साइबर कैफ़े में वासना भरी चूत चुदाई

(Cyber Cafe Me Vasna Bhari Chut Chudai)

मैं राजवीर सिंह अपनी पहली इंडियन सेक्स स्टोरी लेकर आप सबके सामने आया हूँ. मेरी उम्र अभी 30 साल की है. ये बात करीब आठ साल पहले की है, जब मैं पटना में रहता था और एक ऑफिस में काम करता था. रोज शाम को मैं 6 बजे ऑफिस से घर जाने के लिए निकलता था.

उस दिन भी शाम को मैं रोज की तरह से ऑफिस से निकला और ऑटो लेने के लिए रोड पर आकर एक ऑटो में बैठ गया. कुछ देर बाद मेरे बगल में एक लड़की आ कर बैठी, एक साइड में वो थी बीच में मैं था और एक साइड में एक और आदमी बैठा था. इस वजह से मैं उस लड़की से सटा हुआ बैठा था.

ऑटो चल पड़ी, वो लड़की अपने बैग में कुछ ढूँढ रही थी, अचानक से उसका बैग नीचे गिर गया और उस बैग का सारा सामान भी ऑटो के फर्श पर गिर गया. वो नीचे झुक कर सामान उठाने लगी, मैंने भी उसकी थोड़ी मदद की और सामान उठा कर उसको देने लगा. फिर उसने मुझे थैंक्स बोला और स्माइल करने लगी.

अब पहली बार मैंने उसको ठीक से देखा था, क्या मस्त सेक्सी लड़की थी वो.. उसका रंग जरा सांवला था, पर क्या कटीली स्माइल थी उसकी, मैं तो देखता रह गया. उसकी फिगर भी 32-28-32 की थी और उम्र करीब 20 साल की रही होगी.

मंजिल पर आने पर ऑटो से हम लोग एक साथ ही नीचे उतरे.. उतरने के बाद हमारे बीच कुछ थोड़ी सी बात हुई तो पता चला कि उसका नाम नैना है और वो भी डेली उसी टाइम पर ऑटो लेती है.

फिर वो चली गई.

अगले दिन मैं फिर से 6 बजे ऑफिस से निकल कर उसी जगह पर नैना का वेट करने लगा. दस मिनट बाद वो आ गई, मैं बहुत खुश हुआ, वो भी मुझे देख के स्माइल करने देने लगी. हम लोग ऑटो में बैठ कर बात करने लगे और वो मेरी फ्रेंड बन गई.

अगले सन्डे को हमारा साथ में फिल्म देखने का प्लान बन गया. सन्डे को हम लोग नून शो मूवी देखने गए. मूवी देखते देखते उसने मेरे कंधे पर सर रख लिया और मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर धर दिया.

मैंने साइड वाली सीट ली थी, पीछे की लाइन में भी मूवी देखने वाले कम ही लोग थे और हॉल में अँधेरा भी था. मैं अपने हाथ को उसके कंधे से टच करने लगा और उसके गले को भी हाथ से सहलाने लगा.

कुछ देर बाद मूवी में एक हॉट गाना आने लगा तो उसको भी कुछ कुछ होने लगा. वो मेरी तरफ कुछ अजीब तरह से देखने लगी और अपना चेहरा मेरे पास लाने लगी. मैं भी अपना चेहरा उसके पास ले आया, फिर हम दोनों एक दूसरे के होंठों को किस करने लगे.
पहले मैंने अपनी जीभ से उसके होंठ को चाटा, फिर उसके नीचे के होंठ को अपने दोनों होंठों के बीच दबा कर चूसने लगा. वो भी मेरे ऊपर के होंठ को अपने दोनों होंठों के बीच रख कर चूसने लगी.

कुछ देर बाद उसने अपने जीभ को मेरे मुँह के अन्दर डाल दिया और मैं उसकी जीभ को चूसने लगा. इस तरह होंठों के किस के साथ साथ मैं अब अपना हाथ उसके कंधे से नीचे करके उसकी चुचियों को भी दबाने लगा था.

फिर कुछ देर बाद मैंने अपना हाथ उसके टॉप के गले से अन्दर डाल कर उसकी चूची को पकड़ लिया और मस्ती से दबाने लगा. पहले तो वो मना करने लगी लेकिन मैं नहीं माना. कुछ देर बाद उसकी चूची को दबाने के बाद मैंने उसको छोड़ दिया, फिर हम लोग ने किसी तरह से मूवी देखी. इस बीच कई बार हमने एक दूसरे को किस किया.

मूवी खत्म हुई और हम लोगों ने प्लान किया कि अगले सन्डे को फिर से मिलेंगे.

नैना को पता था कि मैं ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करता हूँ और मुझे कंप्यूटर की जानकारी है, तो वो मुझसे कहने लगी कि उसको भी कंप्यूटर सीखना है.
मैंने बोला- ठीक है, मैं तुमको कंप्यूटर की ट्रेनिंग दे दूंगा.
मगर हम दोनों के पास ही कंप्यूटर नहीं था तो प्लान बना कि अगले सन्डे को मैं किसी साइबर कैफ़े में जा कर उसको ट्रेनिंग दूंगा.

अगला रविवार भी आ गया और हम लोग पटना में बोरिंग रोड के एक साइबर कैफ़े में आ गए. वहां जाने पर हमें एक केबिन मिल गया, जिसमें दरवाजा भी लगा हुआ था.

मैंने अन्दर आकर दरवाज़ा बंद कर दिया, फिर कुछ इधर-उधर की बात के बाद मैं उसको कंप्यूटर के बारे में कुछ कुछ बताने लगा. मगर उस बंद केबिन में दिल तो कुछ और ही कर रहा था.

उस दिन उसने जींस और मस्त सफ़ेद टॉप पहना था, टॉप इतना टाइट था कि मुझे उसकी पिंक कलर की ब्रा भी थोड़ी थोड़ी दिख रही थी.

वो कंप्यूटर के माउस को को चलाना सीख रही थी, उसको थोड़ी प्रॉब्लम हो रही थी. मैंने अपना हाथ उसके हाथ के ऊपर रख कर उसको ट्रेनिंग देना लगा, तो कुछ ही देर में उसकी साँस तेज होने लगी.
फिर मैंने उसके गले पर से बालों को एक साइड किया और उसके गले पे किस करने लगा. उसने माउस को छोड़ कर मुझे जोर से पकड़ लिया और मैंने उसके गले और कंधे पर बहुत सारे किस किए.

फिर हम दोनों उत्तेजना में होंठों को किस करने लगे और मैं उसकी चुचियों को दबाने लगा. दस मिनट के होंठों किस करने के बाद मैंने उसके टॉप को निकाल दिया. पिंक कलर के टॉप में उसकी 32 साइज़ की चुचियां क्या मस्त लग रही थीं. मैंने उसके दोनों चूचों के बीच में बहुत सारे चुम्बन किए और साथ में ही अपना हाथ उसके पीठ पर ले जाकर उसकी ब्रा को भी खोल दिया. उसकी ब्रा के खुलते ही उसकी दूध सी सफ़ेद चुचियां मेरे सामने आ गईं.

मैंने तुरंत ही एक चूची के निप्पल को अपने होंठों के बीच दबा लिया और चूसने लगा. साथ ही दूसरी चूची को अपने हाथ से जोर से दबाने लगा. उसकी कामुक सिसकारियां निकलने लगीं. कुछ ही पलों में उसकी पूरी बॉडी गरम हो गई थी. मैंने बारी बारी से नैना के दोनों मम्मों को कुछ चूसा, कभी कभी तो उसके निप्पल को अपने दांत से काट भी लेता था तो वो मेरे बाल पकड़ कर खींचने लगती थी.

मैंने नैना के मम्मों को खूब चूसा और दबाया और साथ में ही अपना एक हाथ उसके दोनों पैरों के बीच में ले जाकर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही दबाने लगा.
कुछ देर बाद उसने बोला- राजवीर, प्लीज अब कुछ करो.

मैंने उसकी जींस निकाल दी और अपनी भी खोल दी. फिर मैंने उसकी पेंटी एक टांग से बाहर निकाल दी, हय.. क्या मस्त चूत थी मेरी जान की.. साली ने उसी दिन झांटों की शेविंग की थी.

वो कुर्सी पर बैठी रही और मैं नीचे बैठ कर उसकी चूत को करीब से देखने लगा और अपनी एक उंगली को उसकी चूत के अन्दर डाल दिया. फिर दो उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. पांच मिनट के बाद नैना का पानी निकल गया, वो बहुत खुश हुई.

अब मैं टेबल के सहारे खड़ा हो गया और वो नीचे बैठ कर मेरा 8 इंच का लंड अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी और आगे पीछे करने लगी. वो मेरे पिंक सुपारे को को बहुत ही प्यार से देखने लगी.
मैंने नैना को बोला- प्लीज नैना, एक बार इसको चूस लो.

पहले तो उसने मना किया, पर बाद में मेरे लंड के सुपारे को अपनी जीभ गोल गोल चाटने लगी. फिर पूरे सुपारे को मुँह में भरके चूसने लगी, तो मैं भी अपने लंड को उसके मुँह में अन्दर डालने लगा. उसने बड़े ही प्यार से लंड को चूसा.

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने उसको उठाया और टेबल पर बैठा दिया. मैं खड़े होकर उसके दोनों पैरों के बीच आ गया और अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा. सुपारे को थोड़ा सा अन्दर डाला, फिर निकाल लिया. फिर पूरे सुपारे को अन्दर डाला तो वो नशीली आवाज में बोली- अब डाल दो न पूरा अन्दर.

मैंने फिर से सुपारे को चूत के अन्दर डाल कर निकाल लिया, फिर पूरे तेजी के साथ उसकी चूत में अपना लंड पेल दिया. वो चिल्लाने को हुई मगर मैंने पहले से ही उसके दोनों होंठों को अपने मुँह में भर लिया था.

वो कुछ देर तड़फती रही, फिर सामान्य होने लगी. मैं लंड को उसकी चुत में अन्दर बाहर करने लगा. धीरे धीरे 5 मिनट के बाद जोर जोर से उसको चोदने लगा. अब वो भी अपनी चूत को लंड के साथ आगे पीछे कर रही थी. कभी कभी मैं उसकी चूची को भी चूसने लगता था. करीब बीस मिनट के बाद जब मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने उसको बताया.
वो बोली- अन्दर मत गिराना.

मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और चूत के ऊपर रगड़ने लगा और अपना काम-रस उसकी चूत के ऊपर गिरा दिया उसने भी मेरे लंड रस को अपनी पूरी चुत पर मल लिया.

इसके बाद हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और सामान्य होकर एक दूसरे को किस करने लगे. जब कुछ देर बाद हमारी साँसें सामान्य हुईं तो हम दोनों साइबर कैफे से बाहर आ गए.

अब हफ्ते में एक दिन हम दोनों का ये रुटीन बन गया था कि जगह तलाश कर चुत लंड का खेल खेल लेते थे.

आप सबको मेरी यह इंडियन सेक्स स्टोरी पसंद आई या नहीं? मुझे मेल कीजिएगा. मैं आगे भी अपनी कुछ दूसरी सच्ची सेक्स कहानियां आपके सामने जरूर रखना चाहूँगा.
धन्यवाद.
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