चालू लड़की की चूत का बाजा बजाया

(Chalu Ladki Ki Chut Ka Baja Bajaya)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम लव है, मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 21 साल है, लंबाई 6 फिट है और मेरे लंड की साइज लगभग सात इंच और मोटाई ढाई इंच है. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. ये कोई कहानी नहीं, मेरी जिंदगी की सबसे हसीन याद है, जिसको मैं आप सभी को बताना चाहता हूँ.

मैं अपनी पढ़ाई के चक्कर में दिल्ली चला गया और वहीं से पढ़ाई करने लगा और धीरे धीरे मेरी दोस्ती यहाँ के लोकल लड़कों से हो गयी. मैं यहाँ रूम ले कर रहता था. मैं यहाँ के लड़कों से बहुत घुल मिल गया था, तो दोस्ती के नाते सब दोस्तों को उनके अपने माल को चोदने के लिए कभी कभी रूम दे देता था. वैसे भी आजकल अस्सी प्रतिशत लड़के लड़कियां इस वजह से चुदाई नहीं कर पाते क्योंकि उनको कोई अच्छी और विश्वासपात्र जगह नहीं मिल पाती और होटल सबको सही नहीं लगता.

मेरे कुछ खास दोस्त कभी कभी अपनी माल को चोदने मेरे रूम पे आ जाते. इस तरह यहाँ मेरे लोकल लड़कों से बहुत ही ज्यादा धनिष्ठता हो गयी थी. उस वक़्त तक मैंने दिल्ली में किसी लड़की को नहीं पटाया था, जो भी थी सब लखनऊ की थीं.. दिल्ली में अब तक कोई नहीं मिली थी.

एक दिन मैं अपने एक दोस्त के साथ दारू पी रहा था तो मैं नशे में उसको बोला- सालों तुम लोगों का काम तो हो जाता है, मैं ही बहनचोद मुठ मार कर काम चलाता हूं.
यह बात मेरे उस दोस्त को लग गयी और वो बोला- लव बोल, तुझे कैसी लड़की चाहिए.. अभी बता.. मैं तेरे लिए सैट करवाता हूं.. बता मुझे?
मैं- अबे कैसी भी हो मुझे सब चलेगी, पर चुत के मज़े देने वाली हो क्योंकि मुझे बस अब चुत चाहिए.
दोस्त बोला- ठीक है ये ले एक लड़की का नम्बर इसका नाम पायल (बदला हुआ नाम) है, इसको पटा.. ये बहुत मस्त चुदती है साली.. अभी 19 साल की है पर चुदते चुदते इतनी आदत हो गयी है कि इसका शरीर एकदम निखर गया है. तू इसको पटा ले और हां, मेरा नाम नहीं आना चाहिए क्योंकि पहले ये मेरी ही गर्लफ्रेंड थी.

उसने उसका पता भी बता दिया, जो मेरे रूम से दो किलोमीटर आगे था. फिर क्या था.. अंधे को काने का सहारा मिल गया.. और मैं भी उसी वक़्त उसको फ़ोन करने लगा. पर रात ज्यादा हो जाने के वजह से उसने फ़ोन नहीं उठाया. फिर मैं भी खाना खा कर सो गया और जब सुबह उठ कर मोबाइल देखा तो उसके दस मिस कॉल पड़े हुए थे.. और एक मैसज भी था, जिसमें लिखा था ‘हू आर यू..?’
मैंने भी लिख दिया- राज.. नाम तो सुना होगा.
उसका रिप्लाई आया कि बहुत घिसा पिटा डायलॉग है, कुछ और ट्राय करो.

मैंने लिखा- तब तो वो ही करना होगा जो एक बंद रूम में किया जाता है.
तब वो बोली- क्या किया जाता है?
मैं बोला- प्यार…
तो वो बोली- वो कैसे किया जाता है?
मैं बोला- पहले होंठों को होंठों से मिला कर चुम्मा लिया जाता है. फिर पूरी बॉडी को बॉडी से मिला कर रगड़ा जाता है और इसके बाद कबड्डी खेली जाती है.

मेरी इस बात पर वो हंस दी और उसने मुझे किस का स्माइली भेज दिया.

इस तरह हमारी बात शुरू हो गयी और हम एक दूसरे को जानने लगे. अब तो हमारा सेक्स चैट करने का रोज का नियम हो गया और फ़ोन सेक्स करने का खेल शुरू हो गया.

फिर एक दिन जब मैं उसको फ़ोन पे चोद कर शांत कर रहा था तो वो बोली- लव अब फ़ोन पे बहुत हो गया, अब सामने से करने का मन कर रहा है.. लेकिन डर ये है कि हम मिले तो कैसे मिलें, मेरे घर वाले मुझे कहीं निकलने नहीं देते. मैं कॉलेज जाती हूं तो मेरा भाई छोड़ने आता है, लेने भी मुझे कॉलेज में आ जाता है. क्योंकि इससे पहले मेरा एक बॉयफ्रेंड था, जिसका सबको पता चल गया था.. इसीलिए मेरे ऊपर इतनी पाबंदी है.

फिर मैंने भी मन में सोचा वो लड़का कोई और नहीं मेरा दोस्त है, जो तुझे ठोकता था.

मैंने कहा- ठीक है, मैं इस समस्या का समाधान निकलता हूं.

मैं सोचने लगा कि कैसे इसको अपने पास बुलाऊं. मेरे दिमाग में एक आईडिया आया. मैंने उसको फ़ोन किया और कहा कि तुम एक काम कर दो तो शायद हम दोनों एक हो जाएंगे.
उसने पूछा- क्या?
मैंने बोला कि तुम्हारे घर में कितनी गाड़ी हैं?
तो उसने बताया कि एक कार है, जो पापा सुबह ले कर चले जाते हैं और दो बाइक हैं, जिसमें एक बड़े भैया सुबह ले कर चले जाते हैं और एक मेरे छोटे वाले बड़े भैया ले कर घूमते हैं, जिससे मुझे ले कर जाते हैं.

फिर मैंने पूछा कि वो गाड़ी कब धोते हैं?
तो बोली- दो दिन में एक बार, वो भी एकदम सुबह सुबह.
मैंने उसको बताया कि जब वो गाड़ी धोकर अपने रूम में चले जाएं, तब तुम किसी भी तरह गाड़ी की चाभी लेकर उसकी टंकी को खोल कर उसमें आधा लीटर पानी डाल देना.
उसने हैरत से पूछा- उससे क्या होगा?
मैं बोला कि तब गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी, अगर हो भी गयी तो कुछ दूर आगे जाने के बाद बन्द हो जाएगी और तुम कहना कि आज मेरा बहुत इम्पोर्टेन्ट पेपर है, तो वो तुमको अकेले जाने देगा और तुम मेरे पास आ जाना.
तो वो खिल कर बोली- ठीक है.

उसके बाद वो अगले ही दिन सुबह बोली कि मैंने पानी डाल दिया है, अब देखो क्या होता है.
मैं बोला- चिंता मत करो, तुम आज मेरे रूम पे आने की तैयारी कर लो.

उसके बाद मैं जैसा सोच रखा था, वैसा ही हुआ उसकी गाड़ी अचानक से बंद हो गयी और उसने अपनी बहन को अकेला ही कॉलेज जाने दिया. जैसे ही पायल वहाँ से निकली, उसने तुरंत मुझे फ़ोन किया.

मैंने उसको साकेत मेट्रो के पास आने को बोल दिया. मैं भी वहाँ पहुँच गया, जब वो मेरे सामने आई तो मैं उसको देखता रह गया. क्या खूबसूरत लग रही थी वो.. उसके बड़े बड़े बाल, नशीली आंखें और 32 साइज की बेहतरीन चूचियां. ऐसा लग रहा था बनाने वाले ने बड़ी फुरसत से बनाया था उसको. तब ही तो सोचूं कि क्यों उसका भाई उसको लेने और ले जाने आता था.

उसने मुझे देख कर स्माइल की और मेरे पास आ गयी. उसके बाद हम और वो मेट्रो में साथ हो लिए और पहुँच गए अपने चुदाई वाली जगह.. माफ कीजिएगा, अपने रूम पे ले आया.

फिर जैसे ही मैं और वो रूम के अन्दर आये, वो पागलों की तरह मेरे होंठों को काटने लगी और मेरे कपड़े निकालने लगी. ऐसा लग रहा था, मैं उसको नहीं.. वो मुझे चोदने लायी है.

उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को एक साथ बहुत देर तक चूमा चाटा. इस दौरान हम दोनों ने धीरे धीरे एक दूसरे के कपड़ों को शरीर से आजाद कर दिए थे. वो ब्रा पैंटी में और मैं चड्डी में था, जिसमें मेरा लंड फूल कर रॉड बन गया था. मेरे कड़क लंड को पायल ने देख लिया. वो मेरे पास आई और उसने मेरे लंड को चड्डी से आजाद कर दिया. वो जैसे ही आजाद हुआ, अपने फुल साइज़ में आ गया. पायल के मुँह से बस इतना ही निकला, जिसको मैंने सुना.

वो बोली- इतना बड़ा किसी का नहीं हो सकता.

फिर वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी और सिसकारियां करने लगी. मुझे तो जन्नत का एहसास हो रहा था. ऐसा लग रहा था, जैसे कोई मक्खन में हाथ डाल रहा हो. इतना मुलायम फील हो रहा था.
उसके बाद जब मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊंगा तो मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाल लिया.

अब मैंने उसको बिस्तर पे लेटा कर उसकी ब्रा और पैंटी को आजाद कर दिया. उसकी चुत एकदम साफ थी जैसे सुबह ही शेविंग की हो. फिर मैंने देर न करते हुए उसकी एक चूची को मुँह में ले लिया और दूसरी को हाथ से दबा रहा था. वो पागल हो कर मेरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने एक हाथ उसकी बुर पे रखा तो वो पागल हो गयी और मुझे जकड़ने लगी. मैं धीरे धीरे उसकी बुर पे हाथ रख कर मसलने लगा, जिससे वो और ज्यादा उत्तेजित हो गयी और मेरे हाथ को हटा खुद ही अपने हाथ की उंगली डालने लगी.

मैं नीचे की तरफ आ गया और अपने मुँह को उसकी चुत पे रख दिया, जिसको देख कर वो बोली- ये अच्छी जगह नहीं है, अपना मुँह हटा दो.
पर मैं बोला कि सेक्स जितना गंदा होगा मज़ा उतना ज्यादा आएगा.
मैं उसकी बुर को चाटने लगा, कभी उसकी बुर में जीभ घुसा देता तो कभी बुर के दाने को दांतों से काट लेता.

इस तरह वो पागल हो कर मेरा साथ देने लगी और बोलने लगी- ऐसा मेरे साथ कोई ने नहीं किया है, न ही कर सकता है.. लव आई लव यू.. ये जवानी तेरे नाम.

फिर अचानक से उसने मेरे सर को जकड़ लिया और अपना गर्म गर्म पानी मेरे मुँह पे निकाल दिया, जिसको मैं हल्का सा पी भी गया. फिर वो निढाल हो कर एक साइड लेट गयी.

अब मैं अपना लंड उसकी मुह में डाल कर चुसवाने लगा, जिससे वो और मैं फिर जोश में आ गए.

इस बार वो बोलने लगी कि अब बर्दाश्त नहीं होता लव.. डाल दो मेरी बुर में अपने लंड.. और कुचल दो मेरी जवानी का हर एक कतरा..

मैंने अपने लंड को उसकी बुर पे सैट किया और एक झटके के साथ आधा लंड उसकी बुर में उतार दिया, जिससे वो झेल नहीं पाई और रोने लगी. मैं उसको चुप कराने लगा. फिर धीरे धीरे उसकी चुत में आहिस्ता आहिस्ता लंड को डालने लगा, जिससे उसको मालूम नहीं चला क्योंकि उसकी बुर पानी बहुत छोड़ रही थी.

फिर कुछ ही देर बाद उसकी बुर मेरा पूरा लंड खा गई और वो कमर उठा कर मेरा साथ देने लगी. अब हम दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह किस करते जा रहे थे. वो अपने नाखून मेरे पीठ पे गड़ा रही थी. ऐसा करते हुए 20 मिनट तक उसकी चुदाई की और इस दौरान वो 4 बार झड़ गयी थी. इसके बाद मैं और वो एक साथ झड़ने को हो गए.

वो बोली- मेरे चुत में झड़ना.. मुझे तुम्हारी गर्मी महसूस करना है.

फिर हम दोनों एक साथ खाली हो गए थे. उसके बाद उन पांच घंटे के समय में हम दोनों चार बार चुदाई की.

तभी उसके भाई का फ़ोन आया कि मैं एक घंटे में तेरे पास लेने आ सकता हूँ, सुबह बाइक में पानी घुस गया था, शायद सुबह की धुलाई के वक़्त ऐसा हुआ होगा. मैं बाइक बनवा कर आ जाऊं या तू खुद ही घर आ जाएगी?
फिर वो बोली- मैं आ जाऊंगी.

उसके बाद हम दिनों ने फिर से एक बार चुदाई की और फिर मैं उसको उसके घर के मोड़ पे छोड़ आया. अब हमें जब भी मौका मिलता है, मैं उसकी हेल्प करके उसको किसी न किसी बहाने बुला लेता हूं और हचक कर उसकी बुर को पेलता हूं.

अब उसकी शादी मेरठ हो गयी है, अब तो वो जब भी दिल्ली आती है, तो बेफिक्र होकर मेरे पास चुदने आ जाती है. अब तो उसको एक बच्चा भी है, जो एकदम मेरी तरह है. उसका बच्चा मोटे होंठों वाला है, वो कहती है कि ये तुम्हारा ही बच्चा है. इस तरह जब तक मैं दिल्ली में था, मैं उसकी चुदाई करता रहता था. अब मैं जॉब के सिलसिले में चंडीगढ़ आ गया हूं और यहीं रह कर कोई न कोई रंडी या औरत की चुदाई करता रहता हूं.

आपको मेरी यह ट्रू सेक्स स्टोरी कैसी लगी.. आप मुझे जरूर बताना, मुझे आपके ईमेल का इंतज़ार रहेगा. धन्यवाद, आपका लव.
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