चचेरी बहन की कुंवारी चूत खोली

(Chacheri Behan Ki Kunwari Chut Kholi)

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम राज (बदला हुआ) है. मेरी आयु 23 वर्ष है. मैं अपने परिवार के साथ जोधपुर, राजस्थान में रहता हूं. मैं पहली बार कोई सेक्स कहानी लिख रहा हूं. हो सकता है कि कहानी को लिखते समय मुझसे कुछ गलतियां हो जायें तो कृपया सबसे निवेदन है कि गलतियों पर ध्यान न दें.

जो कहानी मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूं वह मेरे साथ हुई एक वास्तविक घटना है. कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप लोगों को अपने बारे में बताना चाहता हूं.

मैं देखने में ज्यादा स्मार्ट तो नहीं हूं, फिर भी ठीक ही दिखता हूं. भगवान ने मेरे अंदर किसी चीज की कमी नहीं रखी है. मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच है जो किसी भी लड़की या भाभी को संतुष्ट करने के लिए काफी है.

सेक्स के बारे में मेरा अनुभव काफी अलग रहा है. सेक्स करने के लिए जोश से ज्यादा महत्व मैं सेक्स करने के तरीके को देता हूं. अगर सेक्स करने का तरीका सही है तो फिर औरत को संतुष्ट करना कोई मुश्किल काम नहीं है.

मैं मार्केटिंग का काम करता हूं और घर पर बहुत कम रहता हूं. मेरा ज्यादातर काम बाहर का ही रहता है. अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं. कहानी मेरे और मेरे रिश्तेदार की लड़की के बारे में है.

एक बार मैं जोधपुर में काम से गया हुआ था. मुझे गांव में एक रिश्तेदार के घर रुकना पड़ा. मुझे 15 दिन के लिये वहीं रहना था. मैं उनको चाची कहकर बुलाता था. उनके दो बच्चे भी हैं. उनके यहां एक बेटा है और एक बेटी है.

बेटी कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी. बेटा बड़ा था और जॉब में था. यह कहानी उनकी बेटी रीना (बदला हुआ नाम) के बारे में है. रीना की उम्र 20 से ऊपर ही थी. उसने अपनी जवानी में कदम रखा ही था.

रीना देखने में काफी सुंदर थी या फिर ये कहूं कि वह काफी सेक्सी थी. उसकी चूचियां काफी बड़ी हो गयी थीं. नई नई जवानी थी इसलिए उसके बदन में भराव आना शुरू हो गया था. गांड और चूचियां देख कर किसी का भी लंड उसको चोदने के लिए तड़प सकता था.

रीना का फीगर था 32-30-36. उसके साथ सेक्स करने के लिए मेरे मन में पहले दिन से ही ख्याल आने लगे थे. मगर समझ नहीं आ रहा था उसको अपने दिल की बात कैसे बताऊं कि मैं उसके साथ ये सब करना चाहता हूं.

मेरे चाचा चाची खेत में काम करने के लिए चले जाते थे. तो उन दिनों जब मैं अपने चाचा चाची के घर में रुका हुआ था, उस दिन मैं घर पर अकेला था. उनका लड़का जॉब में गया हुआ था. उनकी बेटी रीना अपने कॉलेज में गयी हुई थी और चाचा चाची खेत में थे.

उस दिन रीना अपने कॉलेज से जल्दी घर आ गयी थी. उस समय मैं दूसरे कमरे में अपने लैपटॉप में सेक्स कहानियां पढ़ रहा था. अन्तर्वासना पर सेक्स कहानी पढ़ना मुझे बहुत पसंद था. मैं पूरे मजे लेकर कहानियों का लुत्फ उठा रहा था. मेरा लंड भी तना हुआ था.

फिर गेट पर पोस्टमैन आ गया.
रीना ने आवाज लगाई कि भैया जाकर एक बार बाहर देख लो.
मैंने अपने लंड को अंदर दबाया और मैं उठ कर बाहर चला गया. उस वक्त रीना शायद कपड़े बदल रही थी.

मैंने लैपटॉप को वहीं पर छोड़ दिया था. पोस्ट लेकर मैंने वहीं पास में रख दी क्योंकि मुझे पेशाब लगी थी. मैं बाथरूम में चला गया. पेशाब करने लगा. उसके बाद मेरा मन लंड को हिलाने के लिए करने लगा क्योंकि उत्तेजना तो पहले से ही थी. मैं बाथरूम में ही लंड हिलाने लगा.

मुझे गये हुए दस मिनट हो चुके थे. जब मैं वापस आया तो रीना बाहर आ चुकी थी और मेरे लैपटॉप में देख रही थी. उसका हाथ उसकी चूत पर था. मैंने उसे चुपके से देखा और पाया कि वो अपनी चूत को सहला रही थी.

यह देखकर मैं वहीं साइड में खड़ा हो गया. मैं उसको देखने लगा कि ये आगे भी कुछ करती है या नहीं. कुछ देर के बाद उसने अपनी चूची को बाहर निकाल लिया और उसको दबाने और मसलने लगी. मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.

मेरे मन में उसको चोदने के ख्याल आने लगे. अब मौका भी सही था. मैं एकदम से खांसते हुए उसकी तरफ निकल कर आया तो एकदम से हड़बड़ा गयी.
मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उससे कहा- ये क्या कर रही थी तुम मेरे लैपटॉप में?
मैं जानता था कि वो भी सेक्स कहानियों का मजा ले रही थी. मगर फिर भी मैं उसको फंसाना चाहता था.

फिर मैं उसके करीब आ गया. मेरा लौड़ा भी मेरी पैंट में तन चुका था. उसने नीचे ही नीचे मेरे लंड की तरफ देखा और मुझे सॉरी बोलने लगी.
वो कहने लगी कि मैं इस बात के बारे में चाचा चाची को कुछ न बताऊं.
मैं हंसते हुए उसके पास बैठ गया और उससे कहा- मैं तो मजाक कर रहा था. जवानी में तो ये सब नॉर्मल होता है.

मेरा मूड देखकर वो खुश हो गयी और मुझे गले से लगा लिया. जैसे ही उसकी चूचियां मेरी छाती से लगीं तो मेरे बदन में करंट सा दौड़ गया. मैंने उसको पीछे हटाया और उसके होंठों को देखने लगा. हम दोनों के होंठ आपस में कब मिल गये हमें पता भी नहीं चला.

दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे. वो मेरे होंठों को चूस रही थी और मैं उसके होंठों को चूस रहा था. हम दोनों गर्म होने लगे और पांच मिनट के बाद ही रीना के बदन पर केवल ब्रा और पैंटी ही रह गयी थी. मैं उसको वहीं बेड पर लिटा कर उसके बदन को चूम रहा था.

फिर उसने मेरे कपड़े निकालना भी शुरू कर दिया. मेरी शर्ट को निकाला और फिर पैंट को. वो मेरे लंड को पकड़ना चाह रही थी मगर फिर भी अभी थोड़ा शरमा रही थी.

मैं अंडरवियर में था और मेरा लौड़ा फटने को हो रहा था. जबकि रीना की चूचियां उसकी ब्रा में कैद थीं. उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था जिससे उसकी पैंटी गीली दिखाई देने लगी थी.

वो काफी देर से अपनी चूत को सहला रही थी. इसलिए उसकी चूत में पहले से ही गर्मी आ चुकी थी. फिर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया तो उसके चूचे नंगे हो गये.

जवान लड़की की नंगी चूचियां जैसे ही मेरे सामने आईं मैं उन पर टूट पड़ा. मैं उसकी चूचियों को दबाते हुए पीने लगा. वो भी कामुक हो चुकी थी और उसके मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं.

पांच मिनट तक मैंने उसके दूधों को पीया और फिर उसकी पैंटी को भी निकाल दिया. मैंने उसकी चूत को नंगी कर दिया. उसकी चूत गीली हो चुकी थी.

मैंने उसकी चूत पर मुंह रख दिया और उसको चाटने लगा. अब उससे भी रहा न गया और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये. वो भी मेरे अंडरवियर को निकाल कर मेरे लंड को चूसने लगी. मैं उसकी चूत में जीभ दे रहा था और वह अपनी जीभ को मेरे लंड के टोपे पर फिरा रही थी.

हम दोनों ही पागल हुए जा रहे थे. मुझे बहुत मजा आ रहा था. एक तरफ तो मेरा मुंह उसकी चूत में था और दूसरी तरफ वो मुझे लंड चुसवाने का मजा दे रही थी.

काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे के सेक्स अंगों को चाटते और चूसते रहे. उसके बाद मैंने उसकी टांगों को चौड़ी कर दिया. उसकी कमर के नीचे तकिया लगा दिया. उसकी चूत ऊपर आ गयी थी.

मैंने देखा कि रीना की चूत एकदम से लाल हो गयी थी. वह फूल चुकी थी. रीना बहुत ही ज्यादा गर्म हो चुकी थी. मगर उसकी चूत को देख कर लग रहा था कि उसने अभी तक लंड नहीं लिया था.

रीना की चूत पर मैंने अपने लंड को लगा दिया और उसकी चूत के दाने को लंड से रगड़ने लगा. वो एकदम से सिहर गयी. मुझे भी उसकी कुंवारी चूत को लंड से छेड़ने में गजब का मजा मिल रहा था.

जब उससे रहा न गया तो वो बोली- बस अब जल्दी डालो, अब और नहीं रुका जा रहा है.
मैंने उसकी चूत में लंड के टोपे को घुसाने की कोशिश की मगर चिकनाई की वजह से मेरा लंड फिसल गया.

मैंने दोबारा से लंड को सेट किया और अबकी बार जोर लगाकर धक्का दिया तो मेरा लंड उसकी चूत में जा घुसा. जैसे ही लंड का टोपा उसकी चूत में घुसा रीना की आंखें जैसे बाहर आ गयीं.

वो तड़पने लगी. मुझे पीछे धकेलने लगी. मगर तभी मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. उसकी चूचियों को दबाने लगा. थोड़ा सा विराम देकर मैंने उसकी चूत में लंड को धकेलना शुरू कर दिया.

मैंने आधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. उसकी चूत एकदम से तप रही थी. मैंने एक और धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. वो मेरे बदन से लिपट गयी.

पूरा लंड रीना की चूत में घुस चुका था. फिर थोड़ा सा रुक कर मैंने उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया. दो मिनट के बाद वो सामान्य होने लगी. मैंने नीचे झांक कर देखा तो उसकी चूत से खून निकल गया था. मुझे पता था कि उसकी चूत की सील टूट गयी है.

मैं उसकी कुंवारी चूत को खोल चुका था. अब वो आराम से मेरे लंड को अपनी चूत में लेकर चुदने लगी. थोड़ी ही देर में उसने खुद ही अपनी चूत को मेरे लंड की तरफ धकेलना शुरू कर दिया.

रीना के मुंह से सिसकारियां लगातार निकल रही थीं. कुछ देर तक उसकी चूत को चोदने के बाद मैं नीचे आ गया और वो मेरे ऊपर आ गयी.

उसने खुद ही मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत में ले लिया और ऊपर बैठ कर चुदने लगी. मैंने उसकी गांड को पकड़ लिया और नीचे से धक्के लगाने लगा. उसकी चूचियां छोटी फुटबॉल की तरह मेरी आंखों के सामने उछल रही थीं.

मैंने उसकी चूचियों को पकड़ लिया और उनको दबाने लगा. अब वो और ज्यादा मदहोश होने लगी और मुझे भी गजब का मजा आने लगा. पांच मिनट में ही उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

उसका पानी निकलने के बाद उसकी चूत से पच-पच की आवाज आने लगी. मैं भी उसे चोदता ही रहा. मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और दो मिनट के बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया.
हम दोनों ही थक गये थे. थक कर हम एक दूसरे के साथ लिपट गये और हांफने लगे.

उसके बाद रीना उठी तो उसका ध्यान बेड पर लगे खून के धब्बे की ओर गया. वो डर गयी. मगर मैंने उसको समझा दिया कि पहली बार में ये सब होना नॉर्मल सी बात है. उसके बाद उसको थोड़ी तसल्ली हुई. फिर वो उठ कर बाथरूम की तरफ जाने लगी तो उसके पैर लड़खड़ा रहे थे. वो गिर गयी.

मैंने दौड़ कर उसको संभाला और उठाया. रीना की चूत सूज गयी थी. फिर हमने साथ में ही शावर लिया. एक दूसरे को किस किया. शावर में ही दोनों का मूड फिर से बन गया.

नहाने के बाद चुदाई का दूसरा राउंड भी हुआ. अबकी बार मैंने उसको डॉगी की पोज में चोदा. इस तरह से उस दिन मैंने तीन बार उसकी चूत मारी. उसकी चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया.

जब तक मैं वहां पर रहा मैंने उसकी चूत को चोदा. आज भी जब कभी मौका मिलता है तो हम दोनों चुदाई करते हैं. मैंने रीना की गांड भी चोदी हुई है. वह कहानी मैं आपको फिर कभी बताऊंगा.

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