बहन का लौड़ा -26

(Bahan Ka Lauda-26)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अब तक आपने पढ़ा..

राधे- अरे नहीं पगली.. बियर खाने के बाद नहीं.. पहले पीते हैं.. उसके बाद खाना खाते हैं।
मीरा- ओह्ह.. यह बात है.. अच्छा मैं गिलास लेकर आती हूँ.. बाद में मज़े से पीयेंगे.. तुम जल्दी से लड़की से लड़का बन जाओ।

मीरा गिलास लेने गई.. तब तक राधे ने अंडरवियर के अलावा सब कुछ निकाल दिया और बिस्तर पर बैठ गया।

मीरा- ये लो जी.. आप तो बड़े बेशर्म हो.. चेंज करने को कहा था.. तुम तो नंगे ही हो गए।
राधे- मेरी जान पीने का मज़ा दुगुना करना है.. तो तुम भी कपड़े निकाल दो.. आज तुम्हें नये तरीके से पिलाऊँगा।
मीरा- अच्छा ये बात है.. तो लो अभी निकाल देती हूँ.. तुम भी ये अंडरवियर निकाल दो.. जब नंगा होना ही है.. तो पूरी तरह हो जाओ ना..

अब आगे..

राधे ने अपना अंडरवियर भी निकाल दिया.. इधर मीरा भी एकदम नंगी हो गई। उसका दूध सा सफ़ेद जिस्म किसी को भी पागल बना दे.. रात को उसकी चुदाई के बाद भी राधे बस उसको ऐसे देखने लगा.. जैसे पहली बार नंगा देखा हो.. उसका लौड़ा अपने आप खड़ा होने लगा।
मीरा- ऐसे क्या देख रहे हो जानू?

राधे- जान तुम हो ही ऐसी कि बस बार-बार देखने को दिल करता है.. आओ मेरे पास आकर बैठ जाओ.. अपने हाथों से मुझे पिलाओ..

मीरा ने दो गिलास में बियर डाली.. अपने हाथ से राधे को पिलाने लगी और राधे उसके मम्मों को सहलाने लगा।

मीरा- जानू इसमें कितनी बदबू आ रही है ना.. मुझसे तो नहीं पी जाएगी..
राधे- मेरी जान शुरू में अजीब लगेगी.. बाद में मज़ा आएगा.. लो मैं पिलाता हूँ तुम्हें..

मीरा ने एक घूँट लिया.. उसको कड़वी लगी.. उसने मुँह हटा लिया।

राधे- अरे क्या हुआ.. थोड़ी तो पियो..

मीरा- नहीं राधे.. प्लीज़ तुम पी लो.. मुझे कल स्कूल जाना जरूरी है.. अगर मैं पीकर लमलेट हो गई.. तो कल उठना मुश्किल हो जाएगा।
राधे- अच्छा ठीक है.. मेरी मीरा यह गिलास तो पीना ही पड़ेगा और मैं ऐसे पिलाऊँगा कि तुम्हें कड़वी भी नहीं लगेगी।
मीरा- अच्छा.. वो कैसे.. जरा बताओ तो..?
राधे- पहले मेरे लौड़े को चूसो.. ताकि तेरे मुँह की कड़वाहट कम हो जाए.. उसके बाद पिलाऊँगा..

मीरा घुटनों पर बैठ गई और राधे का लौड़ा चूसने लगी.. राधे खड़ा हुआ और लौड़े को चुसवाते हुए बियर पीने लगा।

मीरा मस्ती से पूरे लौड़े को चूस रही थी। राधे ने अपना गिलास ख़त्म करके मीरा वाला गिलास उठाया और थोड़ी सी बियर लौड़े पर डाली।

राधे- ना ना रुक मत मेरी जान.. अब मेरे लौड़े की बियर चाट कर साफ कर.. इस तरह बियर भी पी लोगी और मेरे लौड़े को भी मज़ा दे दोगी..

इस तरह धीरे-धीरे करके राधे ने पूरा गिलास मीरा को चटवा दिया.. अब उसका लौड़ा भी चूत में जाने के लिए एकदम तैयार था।

राधे- बस कर मेरी जान.. अब सीधी लेट जा.. आज तेरे यौवन के साथ मिक्स करके बियर पीऊंगा.. आज मैं अपनी तमन्ना पूरी करूँगा।
मीरा समझ गई थी कि राधे क्या चाहता है.. वो सीधी लेट गई।
राधे ने उसके जिस्म पर बियर डाल दी और खुद उसको जीभ से चाटने लगा।

मीरा- आह्ह.. मज़ा आ गया.. तुम्हारी जीभ मेरे जिस्म पर बड़ा मज़ा दे रही है..

राधे अब धीरे-धीरे बियर मीरा के मम्मों पर डालता रहा और उसको चूसता रहा.. मीरा बहुत गर्म हो गई थी.. उसकी चूत गीली हो गई थी।

मीरा- आह्ह.. सस्स राधे आह्ह.. अब बस करो आह्ह.. मेरी चूत आह..

राधे ने बोतल की तरफ देखा.. अभी भी उसमें थोड़ी बियर बाकी थी। वो उठा और मीरा के पैरों को अपने कन्धों पर रखा। अब वो बियर चूत पर डाल कर चाटने लगा।

मीरा- आह्ह.. आह ससस्स चाटो.. आह्ह.. मज़ा आ रहा है आह्ह..

राधे ने 5 मिनट तक चूत को बड़े प्यार से चाटा.. अब उसका लौड़ा भी बेकाबू हो गया था।

मीरा- आह्ह.. आह्ह.. राधे.. अब बस.. आह्ह.. डाल दो अपना लौड़ा.. मेरी चूत में.. ऐइ अब बर्दाश्त नहीं हो रहा..

राधे ने पैर कंधे पर ही रखे.. सुपाड़े को चूत पर टिकाया और ‘फुच्च’ की आवाज़ के साथ चूत में घुसा दिया।

मीरा- आह्ह.. मर गई रे.. आह्ह.. तुम्हारा लौड़ा है या कोई बम्बू.. आह्ह.. अन्दर जाते ही.. बड़ा दर्द होता है.
राधे- मेरी जान.. एक महीने तक रोज चुदवा लेगी.. तब दर्द क्या सब कुछ भूल जाएगी.. बाद में तुझे ये लौड़ा भी काम लगेगा।
समीरा- आह्ह.. चोदो आह्ह…. ज़ोर से घुसाओ आह्ह.. मज़ा आ रहा है..।

राधे स्पीड से लौड़े को अन्दर-बाहर करने लगा, मीरा की चूत में लौड़ा जड़ तक ठोकर मार रहा था।
मीरा तो आसमानों की सैर कर रही थी।

मीरा- आह्ह.. फक मी आह्ह.. फक मी हार्ड.. ऊई.. फास्ट.. राधे आह्ह.. पूरा घुसा दो.. आह्ह.. फाड़ दो मेरी चूत को.. आह्ह.. मज़ा आ गया आह्ह.. मैं गई.. ऊई.. मेरी चूत फट रही है..

राधे- उहह उहह.. रुक मेरी जान.. आह्ह.. मेरा लौड़ा भी तेरी चूत के पानी में अपना पानी मिलाने के लिए तैयार है बस.. आह्ह.. थोड़ी देर आह्ह.. आह्ह…

मीरा की चूत ने पानी छोड़ दिया और उसके अहसास से ही राधे का लौड़ा भी झड़ने लगा। दोनों के पानी का मिलन हो गया। मीरा और राधे लंबी साँसें लेने लगे।

दोस्तों उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।
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