चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-5

उन्होंने अपने लंड को मेरी चुत के मुँह पर रखा और मेरी तरफ देखा, वह पल आ गया था कि मैं अपने पचास साल के मौसा जी पर अपनी अठारह साल की कमसिन जवानी लुटाने जा रही थी।

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-4

अंकल ने कैसे हमारी जवान नौकरानी को चोदा, पढ़ें इस भाग में… साथ ही पढ़ें कि कैसे बारिश में अंकल ने मेरे साथ सेक्स से भरा मजा लिया.

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-3

नाईटी घुटनों तक लंबी थी पर बीच में जांघों तक कट था तो उसमें से मेरे गोरी जांघें दिख रही थी। बारिश की वजह से मेरी पतली नाईटी भीग कर पारदर्शी हो गयी थी और उसमें मेरी ब्रा और पैंटी दिख रही थी

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-2

मैंने खीरा कमरे में ले जाना था और कहाँ फंस गयी, मुझे डर था कि कहीं खीरा मेरी चुत से फिसल न जाये, पैंटी उतारी न होती तो उसे खीरे पर लेकर उसको फिसलने से रोक सकती थी।

स्त्री-मन… एक पहेली-5

मेरी साली की जवान बेटी के चोदन की कामवासना से परिपूर्ण हॉट सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि वह मेरे घर में मेरे साथ अकेली मेरे बेड पर नग्न वक्ष है. मैं उसके बदन से खेल रहा हूँ और वो कामुकता के आवेग में अपने गर्म जिस्म को तोड़ मरोड़ रही है.

स्त्री-मन… एक पहेली-4

मेरी साली की जवान बेटी के साथ सेक्स की कामुकता भरी कहानी में पढ़ें कि मेरी भानजी मेरे घर में मेरे साथ अकेली है, रात हो चुकी है, वो मेरे बेडरूम में मेरे बेड पर है. हम दोनों की कामवासना अपने चरम पर है और दोनों एक दूसरे के गर्म जिस्म का मजा लेते हुए को वस्त्र विहीन कर रहे हैं.

स्त्री-मन… एक पहेली-2

मेरी साली की युवा बेटी मेरे यहाँ रहने आ रही है. इस समय वो मेरे साथ कार में है. वो नज़र झुकाये, अपने दोनों हाथों में मेरा हाथ थामे ग्रीक की कोई देवी सी लग रही थी- आप मेरे जीवन के प्रथम-पुरुष हैं, मैं मन ही मन आप को पूजती हूँ और मेरे दिल में हमेशा आप की एक ऊंची और ख़ास जगह है और हमेशा रहेगी। इस के साथ ही यह भी सच है कि आप का और मेरा साथ किसी भी सूरत संभव नहीं. मेरी आप से विनती है कि जिसे मैंने अपने मन-मंदिर का देवता माना है वो देवता ही रहे.

स्त्री-मन… एक पहेली-1

मेरी पिछली कहानी ‘हसीन गुनाह की लज़्ज़त’ में आपने पढ़ा था कि कैसे मेरी साली की युवा बेटी हमारे साथ रहने आई और कैसे मेरे और उसके बीच सेक्स सम्बन्ध पल्लवित हुए! अब पढ़ें उससे आगे की कहानी!

साली की कमसिन बेटी मेरे हत्थे चढ़ गई

मैं अपनी साली के घर आया था, मैंने उसकी बड़ी बेटी को पड़ोस के लड़के के साथ चूचियां दबवाते देख लिया और वीडियो बना ली. शाम को मैंने उसे वीडियो दिखाई तो वो… पूरी कहानी पढ़ा कर देखें कि मैंने उसकी बुर और गांड की ओपनिंग कैसे की.

चुदासी की उदासी

मैं सेक्स का पागलपन की हद तक दीवाना हूँ, हर वक़्त यही सोचता हूँ मैं किसकी फुद्दी मारूँ। मैंने अपनी साली की बेटी की फुद्दी कैसे मारी, इस सेक्सी कहानी में पढ़ कर आनन्द लें!

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-5

प्रिया की योनि से कामरस अविरल बह रहा था, प्रिया रह-रह कर मुझे अपने ऊपर खींच रही थी जिससे यह बात साफ़ थी कि गर्म लोहे पर चोट करने का वक़्त आ गया था।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-4

प्रिया पूर्णतः कँवारी थी और मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं था, जिंदगी में दोबारा ऐसी रात नहीं आनी थी। मैंने उंगली को प्रिया की योनि में गोल गोल घुमाना शुरू किया।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-3

अगली रात पहल मेरी साली की बेटी ने की, मैं सो चुका था, उसने मेरे कान, चेहरे को छू कर मुझे जगाने की कोशिश की। मैं यही चाहता था। इस रात क्या हुआ?

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-2

अब मुझे रात का इन्तजार था कि कब मैं बैडरूम में सोने जाऊँ और कब मुझे भांजी के बदन का सामिप्य प्राप्त हो! आखिर वो पल भी आए और मेरा हाथ उसके बिस्तर पर था।

हसीन गुनाह की लज़्ज़त-1

मेरी साली की बेटी की तो कच्ची उम्र थी पर मैं जो कर रहा था वो सामाजिक और नैतिक दृष्टि से गलत था लेकिन कहते हैं कि गुनाह की लज़्ज़त मेरा पीछा नहीं छोड़ रही थी।

मौसी ने मुझ पे मौसा चढ़ाया: मेरी पहली चुदाई

मुझ पर जवानी आई, कॉलेज में बॉयफ्रेंड बन गया, चूमा चाटी, लंड चूस लिया, मेरी बुर लंड मांग रही थी पर कोई मौक़ा नहीं मिल रहा था. मेरी बुर में मौसा का लंड गया.

साली और साली की बेटी संग मज़े किए-4

ओह कोमल मेरी जान, एक दिन ऐसा आए जब तुम जागते हुये, मेरा यह लंड अपनी चूत में लो जानेमन… चाट चाट कर ही तेरी चूत का पानी निकाल दूँगा मैं, एक बार मेरी हो जा!

साली और साली की बेटी संग मज़े किए-3

मेरा लंड कमल के पेट पे रगड़ खा रहा था, मेरा दिल चाह रहा था कि इसको अभी नंगी करूँ और अपना लंड इसकी कुँवारी चूत में डाल दूँ।
मगर मैं ऐसा नहीं कर सकता था क्योंकि उसकी माँ सामने लेटी सब कुछ देख रही थी।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-3

ऐशु रानी एक टक ये सब नज़ारा देखे जा रही थी। चुदाई होते देख और रीना रानी की आनन्द से पुलकित आवाज़ें सुन कर वो भी बहुत ज़्यादा गरमा चुकी थी, उसके माथे पर पसीने की बूँदें चमकने लगी थीं।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-2

नंगी वो हो तो गई मगर बहुत ज़्यादा डरी हुई थी कि ना जाने क्या हो जायेगा और शर्म से लाल लाल हुई पड़ी थी। मैंने उसकी चूचियाँ चूसना शुरू किया तो वो भी मज़ा लेने लगी।