रिश्तेदारों में चुदाई का घमासान

ये एक फैमिली सेक्स स्टोरी है. मेरी मम्मी को फूफा जी ने चोदा, ताई को उनकी बेटी के ससुर ने चोदा, बुआ को भी चोदा… शायद शारीरिक सम्बन्ध को हमारे घर में एक मनोरंजन समझा जाता था. अभी तक मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं हुई थी कि किसका किसके साथ खेल चलता है.

कामुकता वश ननदोई से चूत गांड की चुदाई करवा ली

मेरे पति कुछ दिनों के लिए बाहर गए तो मेरी कामुकता काबू से बाहर होने लगी. मेरे ननदोई अक्सर हमारे घर आते थे तो मैंने अपनी चुदास उनसे चूत और गांड मरवा कर बुझवाई!

मेरी बीवी ने अपनी भाभी की चूत दिलवाई

मेरी बीवी ने मुझे बताया था कि उसकी भाभी बहुत चुदासी हैं. दोनों ने खूब लेस्बो का मजा लिया है. वो एक बार हमारे घर आई तो मेरी बीवी ने मुझे उसकी चूत दिलवाई.

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-7

सलहज की चूत और गांड मैंने दो सप्ताह तक खूब पेली, अब उसके घर जाने का समय आ गया था, उसे छोड़ने गया तो एक रात हमने होटल में बिताई। होटल के कारनामे पढ़िए।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-6

मैंने उसे कूल्हे फैलाने के लिये कहा, उसने अपने कूल्हे फैला लिए, मैंने पास पड़ी शीशी से तेल उसकी गांड में डाल दिया और अपने लंड पर मल लिया, उसकी गांड काफी चिकनी हो चुकी थी।

मॉम ने मेरे फूफा से मजे लेकर चूत चुदवाई

मेरी माँ सेक्स बम है, मेरे चाचा, फूफा और पापा के दोस्त की नज़रें भी माँ पर थीं। एक बार पापा और चाचा का झगड़ा सुलझाने फूफा जी आए तो मैंने जो देखा, इस कहानी में!

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-5

मेरी सलहज मुझ पर कुछ ज्यादा ही फ़िदा थी, वो मुझे खुश करने के लिये काफ़ी कुछ कर रही थी, सुबह सुबह उसने झांट के बाल साफ़ करके मुझे अपनी चूत दिखाई। कहानी का मजा लें।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-4

मेरी सलहज पर मेरा नशा इस कदर छया हुआ था कि उसने अपना सब कुछ मुझे अर्पित कर दिया। मैंने उसकी गांड में उंगली की तो उसने मुझे गांड मारने की भी इजाजत दे दी।

सलहज ने मुरझाये लंड में नई जान फूंकी-3

अगले दिन साले साहब चले गए लेकिन सलहज कुछ दिन के लिए रुक गई। वो क्यों नहीं गई अपने पति के साथ? क्या मेरी बीवी बीमार थी इसलिये या कोई अन्य कारण था?

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-22

मैं अपने पति को उसकी बहन और जीजा की चूत चुदाई का खेल दिखाने उनके कमरे की खिड़की पर ले गई। नंगे जीजा मेरी नंगी ननद को बाहों में लेकर मेरे कामुक बदन की तारीफ़ कर रहे थे।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-11

नमिता उसे फ्लांईग किस देते हुए बोली- जानू, तुम्हें तो रोशनी में मजा आता है और तुम तो मुझे पूर्ण रूप से नंगी देखना चाहते हो ना… और मैं अभी पूरा नंगी कहाँ हुई हूँ!

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-8

जीजा से बदला लेने के लिये मैंने उसे पटाने की सोची और मौका मिलते ही उसे अपने सेक्सी बदन के दर्शन कराने लगी। मेरे उद्देश्य उसे अपनी चूत देकर भी अपना पेशाब पिलाना था।

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-7

सुहागरात से अगले दिन भी मेरे ननदोई ने शरारत करने में कमी नहीं रखी। मैं कुढ़ रही थी लेकिन ननदोई जी का डील डौल देख खुद ही चाहती थी कि मैं उसके नीचे लेट जाऊँ!

साले की बीवी की गांड में रंग

मैं अपने साले के घर गया तो सलहज अकेली थी. काम करते हुए उसके ऊपर पेंट का डिब्बा पलट गया और सारे शरीर, कपड़ों पर पेंट लग गया. पेंट साफ़ करने के चक्कर में क्या हुआ?

दहेज की कार में सलहज की चूत सेवा

मैं अपनी सलहज को छोड़ने जा रहा था तो रास्ते में भाभी ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा, उनके छूते ही मैंने कहा- आपका हाथ कितना गर्म है। उन्होंने कहा- तुम्हारी भाभी भी तो गर्म है।

सेक्सी सलहज को नंगी देखा, फिर चुदाई

स्वति का बदन दूध की तरह सफेद रंग का था.. उसकी कमर पर कोई भी निशान नहीं था, उसके चूतड़ बिल्कुल साफ और चिकने थे। चूतड़ों के बीच की लकीर साफ नज़र आ रही थी।

सलहज की चूत रगड़ाई चुदाई

मेरी सलहज गाँव से है। मैं तो बचपन से ही सेक्स के लिए बहुत उत्साहित रहता हूँ और जब मैं उनके गाँव दुल्हन विदा कराने गया तो दुल्हन की भाभियों के द्विअर्थी मजाक और गन्दी बातें सुनकर अपनी सलहज और उसकी भाभियों को चोदने का प्लान बनाने लगा।

मैं और मेरा पूरा परिवार चुदक्कड़

मैं 46 साल की विधवा, मेरा एक बेटा अनिल और एक बेटी रानी है, दोनों की शादी हो चुकी है। रानी और मेरा दामाद रणजीत थोड़ी ही दूरी पर रहते हैं। रिश्तों में चुदाई की दास्ताँ पढ़िये!

विधवा सलहज की चूत की चुदास

मेरी विधवा सलहज अक्सर मेरी बाइक पर बैठ कर आती थी तो भारी बदन की होने के कारण वो मेरे से चिपकी हुई रहती थीं। जब कहीं गड्डा आता.. तो उसके मम्मे मेरे से टकराते। मेरा मन तो बहुत करता पर करूँ क्या..

फूफाजी ने मेरी माँ चोद दी-2

Fufaji ne Meri Maa Chod Di-2 मेरी मम्मी ओर मेरे फूफा जी की कहानी तो आपने पिछली बार पढ़ी ही थी.. उसके लिए मुझे कई ईमेल आए, मैंने तो सिर्फ़… [Continue Reading]