पुलिस चौकी में मेरा एनकाउंटर

मैं मॉल में शॉपिंग करने गई तो पता नहीं कैसे लेकिन मैं चोरी के इल्जाम में फंस गई. मुझे पुलिस चौकी ले जाया गया. वहा मेरे साथ क्या क्या हुआ, मेरी इस सेक्स स्टोरी में पढ़ कर जानें!

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-4

मुझे अपने पापा और पड़ोस की आंटी के बीच सेक्स संबंधों के बारे में पता चला. मैं अपनी तरफ से इस समस्या को गंभीर मान कर इसके हल में लग गया.

सीनियर मैडम ने मुझे जिगोलो बना दिया

मेरे ऑफिस में एक लड़की मेरी सीनियर थी, उसकी मस्त फिगर ने मुझे बहका दिया था. एक बार शाम को छुट्टी हुई तो वो अपने घर खाना खिलाने की जिद करके मुझे अपने साथ ले गई. उसके घर जाकर क्या हुआ? मेरी गर्म कहानी पढ़ कर जानें!

सरकारी अस्पताल में मिला देसी लंड-1

एक दिन किसी काम से सरकारी अस्पताल के पास की एक दुकान पर किसी काम से गया तो वहाँ पर खड़े 3 नये नवेले लड़कों को देखकर दिल में मानो कामुकता की आग सी लग गयी, मुझे किसी कड़क लंड की जरूरत थी.

घर की सुख शांति के लिये पापा के परस्त्रीगमन का उत्तराधिकारी बना-1

यह हिंदी सेक्स कहानी है परायी नारी से मेरे पापा के संबंधों की, जिससे मेरे घर की सुख शान्ति को खतरा था. मैंने कैसे इस समस्या को हल किया, पापा और उन आंटी के सेक्स सम्बन्धों को कैसे तोड़ा, पढ़ें मेरी इस कामुक कहानी में!

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-7

आआह… क्या नज़ारा था! दुनिया की सबसे सुन्दर लड़की, मेरी वाइफ एक साथ दो-दो मोटे-मोटे टोपों को अपनी नर्म, गुलाबी जीभ से चाट रही थी… ये शानदार था! ये गज़ब… [Continue Reading]

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-5

मैं साफ देख रहा था कि आर्थर मेरी पत्नी को अपने हाथों पर ऊपर नीचे करने में बहुत अधिक ऊर्जा व्यय कर रहा था, और ये इतना आसान काम नहीं था! मैं उसका दबाव थोड़ा कम करने के प्रयास में बोला- अप-डाउन, अप-डाउन, अप-डाउन, लिफ्ट-ड्रॉप, लिफ्ट-ड्रॉप, लिफ्ट-ड्रॉप…

लिफ्ट-ड्रॉप यानि उठा-पटक वाली चुदाई-4

मैंने शो की शानदार समाप्ति पर आखिर तालियाँ बजानी शुरू कर ही दीं और बोला- शाबाश आर्थर, गज़ब की परफॉरमेंस! और मेरी प्यारी पत्नी, तुम तो अनमोल हो! तुम्हारे लिए… [Continue Reading]

पड़ोसन भाभी का सेक्स-2

भाभी को मैंने अपनी गिरफ्त में ले लिया था और उन्हें चूमने की कोशिश करने लगा था. मैं जैसे ही अपना चेहरा उनके फेस के करीब ले गया, वो शांत हो गईं और मुझे देखने लगीं. धीरे से मैंने अपने होंठ उनके होंठों से लगा दिए.

पड़ोसन भाभी का सेक्स-1

इंजीनियरिंग के लिए मैं पुणे में एक फ़्लैट में रहने लगा. मेरे ही फ्लोर पर सामने ही एक भाभी अपने बेटे के साथ रहती थी. उनके पति किसी दूसरे शहर में जॉब करते थे तो वो अकली थी. इस कारण भाभी का सेक्स पूरा नहीं हो पाता था.

ज़िम में तीन चूत और एक लंड-1

पुलिस वाली दो सहेलियों ने मुझे अपने पास ही रख लिया था और मेरा इस्तेमाल चूत गांड चुदाई के लिए करती थी. एक बार उनकी एक और सहेली उनके घर आई कुछ दिन के लिए तो उन तीनों ने मिल कर जिम में मुझसे अपनी चूत और गांड में मेरे लंड का मजा लिया. कैसे? पढ़ें मेरी कहानी में!

पड़ोस के सलीम भाईजान-4

नीतू ने पहले कभी हिंदी ब्लू फिल्म नहीं देखी थी। नितिन भी इतना रोमान्टिक नहीं था कि उनके साथ बैठ कर पोर्न फिल्म देखे। उसकी हमेशा से ही ऐसी फ़िल्म देखने की चाहत थी और सलीम उसकी यह इच्छा भी पूरी कर रहा था।

पड़ोस के सलीम भाईजान-3

एक सीधी सादी नवविवाहिता अपने किरायेदार के जाल में फंस गई और उसकी कामुकता ने उसके जिस्म को अपने वश में कर लिया. वो अब सब लाज शर्म त्याग कर अपनी कामवासना, अपनी लालसाएं पूरी करने में लग गई थी.

पड़ोस के सलीम भाईजान-2

नई नई शादी के बाद जब पति लम्बे समय के लिए दूर चला जाए तो उस नवविवाहिता के दिल और जिस्म पर क्या बीतती है, वो तो वही जानती है. ऐसा ही इस कहानी में हुआ, आप भी पढ़ें एक सीधी साड़ी देसी भाभी की कामवासना की गाथा!

मैं कॉलगर्ल कैसे बन गई-11

मेरा अनुभव था कि सभी लोग जैसे ही कोई पराई लड़की देखते हैं, तो उनका ध्यान उस लड़की के मम्मों और चूत पर ही जाता है कि किस तरह से इसको हासिल करके चुदाई के लिए इस्तेमाल किया जाए.

मैं कॉलगर्ल कैसे बन गई-10

मुझे एक पुलिस अधिकारी ने अपनी बहन बना कर मुझसे अपना काम करवा लिया था लेकिन उसने मुझे खुद हाथ भी नहीं लगाया था बल्कि वो मुझसे राखी बंधवाने मेरे घर आया और मुझे कालगर्ल का काम करने से मना किया. लेकिन मेरे दलाल मुझे कहाँ छोड़ने वाले थे… पढ़ें कि मेरे साथ क्या हुआ!

मेरी मॉम है या रांड-4

मेरी मॉम की चुदाई की स्टोरी के पिछले भाग मेरी मॉम है या रांड-3 में आपने पढ़ा था कि मेरी मॉम की चुदाई होते न देख पाने के कारण मैंने… [Continue Reading]

मेरी सहेली की मां बनने की चाहत-1

मेरी पिछली कहानी में मैं अपनी सहेली के साथ चार लड़कों से गैंग बैंग करके आई थी. उस दिन तो हम दोनों सहेलियां एक दूसरी के सामने चुद कर बिल्कुल बेहया हो गई। मेरे पति ने बिज़नस बढ़ाने के लिए एक विदेशी कंपनी से समझौता किया लेकिन उस कम्पनी के अंग्रेज मेनेजर को भारतीय लड़कियां पसंद थी, उसने मेरे कामुक जिस्म को मेरे पति से मांग लिया.

मैं कॉलगर्ल कैसे बन गई-9

मेरी चुदाई की हिन्दी कहानी में आपने पढ़ा कि मैं काल गर्ल कैसे बनी. उसके बाद मेरी कम्पनी के बॉस को पटा चला तो वो मेरा फ़ायदा उठाने लगा अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए. एक बार मैं कम्पनी के काम से एक काल पर थी लेकिन फंस गई.

मेरी मॉम है या रांड-2

मेरी मॉम के व्यभिचार की कहानी में आप पढ़ रहे हैं कि कैसे मैं चुपचाप अपने घर आया तो मेरी मॉम हमारे नौकर के जवान बेटे के साथ चुदाई का खेल खेल रही थी.