चाची की गांड चुदाई: पारिवारिक चुदाई की कहानी-5

मेरे जेठ के बेटा अपने मुँह को मेरी चूत से हटाते हुए मेरी गांड के पास लाया और अपने थूक से मेरी गांड को गीला करना शुरू कर दिया। मैं समझ गयी कि अब आगे क्या होगा।

मॉम की चूत के साथ चाची की चुत भी मिली

मेरी मॉम पापा से झगड़ा करके अलग रहने लगी थी. एक दिन मैंने मॉम को बाथरूम में अपनी चूत में उंगली करते देखा तो मुझे लगा कि मेरी मॉम चुदाई के लिए तड़प रही हैं. मुझे कुछ करना चाहिए.

इलेक्ट्रिक शेवर ने मामी को दिलाया सेक्स का मज़ा-1

शायद मेरे यौन जीवन में चाची, बुआ, मामी जैसे रिश्तों में चूत चुदाई ही लिखी है। पहले बुआ, फ़िर बड़ी चाची, छोटी चाची के बाद अब मामी भी मेरे अन्तर्वासना पूर्ति का साधन बनी।

मेरी कामाग्नि : भतीजे के साथ सेक्स का मजा-2

मेरी गुम हुई पैन्टी मुझे मेरे बेटे के बेडरूम से मिली, मुझे लगा कि मेरा भतीजा ले गया होगा। फ़िर सबके जाने के बाद भतीजे ने बताया कि वो कल वापिस जा रहा है। लेकिन जाने से पहले…

मेरी कामाग्नि : भतीजे के साथ सेक्स का मजा

मेरे भतीजे ने मेरी अन्तर्वासना भड़का दी थी लेकिन हम चुदाई नहीं कर पाए थे. इस कहानी में पढिए कि कैसे मेरे भतीजे ने मेरी चूत को चाट चाट चोदा.

होली देवर से और चूत चुदाई भतीजे से

मैं अपने पड़ोसी के बेटे से चुदवाना चाहती थी पर वो पड़ोसी होली के दिन अकार मेरी चूचियों, चूत और गांड में रंग लगा कर मसल गया. थोड़ी देर बाद उनका बेटा आया और…

चाची का गर्म वाला प्यार

मैं अक्सर चाची को आंगन में पेशाब करते और नहाते देखता, एक बार चाची ने मुझे उन्हें नंगी नहाते देखते देख लिया। मैं डर गया लेकिन चाची ने मुझसे अपनी प्यास बुझाई।

प्रेयसी का उसके भतीजे से सेक्स सम्बन्ध

मेरी प्रेयसी की शादी हो चुकी है, तकरीबन सात साल हो चुके हैं पर हम लोग अब भी मौक़ा मिलते ही चोदम चोद कर लेते हैं.
उसने खुद बताया था कि उसका उसके भतीजे के साथ सेक्स सम्बन्ध हुआ था एक बार… ऐसा उसने मुझे कभी ज़ोर डालने के बाद बताया था!

चाची द्वारा संसर्ग की मनोकामना पूर्ति-2

चाची मुझसे अलग होते हुए उठी और मुझे नीचे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ गई। फिर उन्होंने थोड़ा ऊँचा हो कर अपनी योनि के मुख को मेरे लिंग की सीध में किया और उस पर बैठ गई।

चाची की चूत की चिन्गारी-2

चाची ने कहा- ऐसे आनन्द नहीं आएगा, अगर सही आनन्द चाहते हो तो तुम उलटे हो कर चूत को चूसो और मैं तुम्हारा लंड चूसती हूँ, फिर आनद ही आनन्द मिलेगा।

चाची की चूत की चिन्गारी-1

जब वह बाथरूम से बाहर आई तो मैं उसका यह रूप देख कर दंग रह गया। चाची ने पेटीकोट, ब्लाउज, ब्रा और पैन्टी उतार कर सिर्फ लुंगी और बनियान ही पहन रखे थे। उनके मादक शरीर की झलक उन कपड़ों में से साफ़ दिख रही थी

पजामा ख़राब होने से बच गया-2

लेखक : विवेक सम्पादन : तृष्णा ऐसा मनमोहक दृश्य को देख कर आनन्द के मारे में मेरा लिंग बार बार सिर उठा कर उनकी योनि को सलामी देने लगा था,… [Continue Reading]

पजामा ख़राब होने से बच गया-1

लेखक : विवेक सम्पादन : तृष्णा प्रिय अन्तर्वासना के पाठकों कृपया मेरा अभिनन्दन स्वीकार करें! मेरी पिछली रचना ‘बुआ का कृत्रिम लिंग’ और ‘बुआ को मिला असली लिंग’ को पढ़ने… [Continue Reading]

चाची ने चुदाई का तजुर्बा दिला दिया-2

साहिल मैंने आँख खोल कर देखा मेरा मुँह उनकी झांटों के बीच में था। ‘इसको चाट रे… तेरी चाची की बहुत तरसी चूत है..!’ ऐसा कह कर उन्होंने दोनों हाथों… [Continue Reading]

चाची ने चुदाई का तजुर्बा दिला दिया-1

साहिल दोस्तो, आज मैं आप लोगों को अपनी कहानी सुना रहा हूँ। मेरी यह कहानी बिल्कुल खरे सोने की तरह सही है। बात उस वक्त की है जब मैं 19… [Continue Reading]

चाची की बुर और गाण्ड

प्रेषक : किशोर हैलो दोस्तो, मेरा नाम किशोर है, मैं राँची से हूँ। जिम करने की वजह से मेरा शरीर काफ़ी फिट और गठीला है। यह एक सच्ची घटना है,… [Continue Reading]

चाची को संतुष्ट किया

मेरे चाचा की नई-नई शादी हुई थी। चाची खूबसूरत तो नहीं थी, मगर एक औरत के सभी गुण उनमें मौजूद थे।
हमारे घर में दो कॉमन बाथरूम थे एवं उनकी एक कॉमन दीवार थी। छेद से मैंने कई बार बाथरूम में उन्हें नहाते हुए देखा था और चाची के मीडियम साइज़ के बोबों को निहारा था।

कुछ भी ढंग से नहीं हो पाता

रोहित पुणे वाले दोस्तो, मैं फिर से आ गया हूँ अपनी कहानी ‘मेरी दीदी के कारनामे’ का अगला हिस्सा लेकर ! इस भाग ‘चाची का राज़’ जानने के लिए के… [Continue Reading]

चाँद की चांदनी में चाची की चूत चाटी-2

दोस्तो, नमस्कार, मेरा नाम राज है, आपने मेरी कहानी चाँद की चांदनी में चाची की चूत चाटी का पहला भाग पढ़ा जिसमें मैंने आपको बताया था कि मैं अपने चाचा… [Continue Reading]

चाँद की चांदनी में चाची की चूत चाटी-1

एक रात को मेरी नींद खुली तो मैंने महसूस किया कि चाची ने मुझे अपनी बाहों से जकड़ रखा है। शायद वो मुझे नींद में चाचा समझ रही थीं।