यौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसी -1

(Yaun Parikalpana Sex Fantasy-1)

अन्तर्वासना के मेरे सभी दोस्तों को अरुण का नमस्कार,

आज बहुत बहुत दिनों बाद मैं आप लोगों से मुखातिब हो रहा हूँ, इसकी वजह मैं खुद हूँ और मेरे लिखे गए दो सेक्स आर्टीकल हैं
लड़कियाँ सुरक्षित हस्तमैथुन कैसे करें?

जो मैंने लड़कियों और महिलाओ के लिए लिखा था और दूसरा लेख जो युवकों की सेक्स समस्याओं पर था।

इन दो लेखों की वजह से मेरे पास लड़कियों, महिलाओं और युवकों के उनकी खुद की सेक्स समस्याओं के मेल आने का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, मैंने सभी को यथासम्भव समाधान भी सुझाये, क्योंकि मेरा यह मानना है कि अन्तर्वासना की साइट सिर्फ सेक्स मनोरंजन के लिए ही नहीं है, इससे यदि लोगों को सही राह भी मिलती है तो यह समाज के लिए बहुत अच्छी बात है और मुझे खुद यह काम करके बहुत अच्छा महसूस होता है।

आज जो मैं लिखने जा रहा हूँ, यह लोगों द्वारा की जाने वाली कामुक और वासनामयी परिकल्पना Sex Fantasy के बारे में है, मेरे पास आपके जो मेल आते हैं, यह उसी पर आधारित है, क्योंकि बहुत से लोग कामुक और वासनामयी बातें सोचते तो बहुत हैं लेकिन बाद में कुछ लोगों को ग्लानि भी महसूस होती है।

ऐसे बहुत से लोगों ने इसे मुझे अपनी समस्या के रूप में लिख कर भेजा, जबकि मैं बता दूँ कि कामुक और वासनामयी परिकल्पना जिसका चर्चित नाम आजकल ‘सेक्स फेंटेसी’ है, बहुत ही सामान्य है, और मैं तो कहूँगा कि जरूरी भी है।

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

आज मैं यहाँ आप लोगों को ऐसी ही कुछ साधारण और असाधारण कामुक और वासनामयी परिकल्पनाओं के बारे में बताने जा रहा हूँ जो मुझे अन्तर्वासना के पाठक और पाठिकाओं ने लिख कर भेजी या मुझसे फोन पर जिक्र किया।

यहाँ एक बात का और उल्लेख करना चाहूँगा कि पुरुष अपनी बातें बिंदास बोल देते हैं, लिख देते हैं लेकिन औरत बहुत शर्माती, सकुचाती हैं, लेकिन जब उन्होंने मुझे अपनी कामुक और वासनामयी परिकल्पनाएँ सुनाई तो मैं दंग ही रह गया और अब उनकी इजाज़त से आप लोगों के लिए लिख रहा हूँ।
तो पेश हैं कुछ ऐसी ही ‘सेक्स फेंटेसी’

काश, मुझे कोई देख ले!

बहुत सी लड़कियाँ और महिलाएँ जब भी नहाते या कपड़े बदलते समय निर्वस्त्र होकर पूर्ण नग्नावस्था में होती हैं, तब यह सोचती हैं कि काश कोई उन्हें कोई इस अवस्था में देख ले, छुप कर निहार ले, और यह अहसास मात्र उनके जिस्म में सनसनी पैदा कर देता है और वे शीशे के सामने कामुक और उत्तेजक मुद्राएँ बनाती हैं, और जिनका कोई प्रेमी होता है या जिन्हें वे मन ही मन अपने सपनों का राजकुमार मानती हैं, उससे अपने आप ही बातें करती हैं और ऐसे सोचती हैं कि जैसे वह उन्हें नग्न होने को, अपना जिस्म दिखाने को कह रहा है। वे झूठ मूठ मना करती हैं, रूठती हैं, उसे ‘गन्दा’ बोलती हैं फिर भी अपने आपको नंगा किये जाती हैं। Seductive Sex

इसके बाद वे उसी नग्नावस्था में आँखें मूँद कर अपने सपनों के राजकुमार का स्पर्श, उसके चुम्बन अपनी मन चाही जगह, जैसे होंठ, वक्ष और योनि पर महसूस करती हैं।

और ये सब करते हुए वे बहुत ज्यादा उत्तेजना महसूस करती हैं।

राह चलते लोगों के बारे में सोचना

यह भी बहुत ही आम सेक्स फेंटेसी है कि रास्ते चलते, बस में या मेट्रो ट्रेन में कोई अज़नबी दिख गया जिसमें कामुक आकर्षण हो, उस के नग्न जिस्म की परिकल्पना, उसके साथ कामुक सम्भोग के बारे में सोचना, यहाँ तक कि उत्तेज़ना ज्यादा बढ़ने पर कुछ लड़कियाँ तो भीड़ में उनसे सट कर, चिपक कर भी खड़ी हो जाती हैं।

और दोस्तो, पाठक और पाठिकाएँ ध्यान दें… कुछ लड़कियाँ तो रफ-टफ, बड़ी उम्र के पुरुष, रिक्शे वाले, ऑटो वाले, यहाँ तक कि साधू और कद्दावर भिखारी तक से भी वासनामय आकर्षित हो जाती हैं, कुछ बहुत शरारती और मॉडर्न लडकियाँ तो उनसे फ्लर्ट करने से भी नहीं चूकती हैं।

धनाढ्य घरों की लड़कियाँ ऐसी कामुक परिकल्पनाएँ अपने घरेलू नौकर, ड्राइवर यहाँ तक कि बगीचे के माली तक के साथ सोचती हैं और उनमें से कुछ तो कर भी गुज़रती हैं।
इस विषय पर मैं अन्तर्वासना पर एक महा-उत्तेजक सच्ची घटना लिख चुका हूँ शालिनी ने जो चाहा वो पाया यह पूरा वाकया खुद उस शालिनी ने मुझे बताया था।

विदेशों में तो इस फैन्टसी पर बहुत सी महान कामुक फिल्में बन चुकी हैं जिनमें इमैनुएल सीरीज़ Emmanuelle की फिल्में, लेडी चैटर्ली लवर्स Lady Chatterley और टू मून जंक्शन Two Moon Junction बहुत प्रसिद्ध हैं।

कुछ लड़कियों ने तो मुझे यहाँ तक बताया कि वे ऐसा सोचती हैं कि कोई रास्ते चलते अज़नबी उन्हें पकड़ कर किसी खंडहर, खेत या जंगल में जबरदस्त तरीके से चोद जाए और चलता बने!

और यग वासनामयी आकर्षण एकदम घरेलू, शर्मीली लड़कियों को भी होता है, और बाद में उन्हें अपने आप पर शर्म भी आती है, तो उन्हें मैं यह बता दूँ कि ऐसा सोचना या महसूस करना कोई पाप नहीं है, जरूरत है अपने आप पर काबू रखने की, फिर कुछ भी गलत नहीं है।

पुरुष उनका गुलाम हो

यह फैन्टसी लगभग हर लड़की की होती है कि वो एक शाही महारानी है और उनके आस पास आकर्षक गठीले मर्द उनके गुलाम की तरह से हो किसी भी तरह की सेवा के लिए, और इस सेवा में कामुक सेवा जैसे कि उन्हें नहलाना, उनकी मालिश करना, उनका श्रृंगार करना और जब वो चाहे जिससे चाहे सम्भोग कर सकें। (Sex Slave)

यहाँ तक कि कुछ लड़कियाँ या महिलायें तो पुरुषों को नग्न करके उन्हें प्रताड़ित करने का सोच सोच के उत्तेज़ना महसूस करती हैं जिसमें पुरुष की छाती के बालों को नोचना खींचना, पुरुष के लण्ड को, उसकी गोलियों को मसलना मरोड़ना, चूतड़ों पर चांटे मारना…

समझदार लड़के जो लड़कियों की इस फेंटेसी को समझ जाते हैं, वे शादी के बाद इन सब कामुक क्रियाकलापों का फॉर-प्ले में इस्तेमाल भी करते हैं और अपनी पार्टनर का दिल जीत लेते हैं।

ज्यादती या ज़बरदस्ती Sadomasochism

यह भी सिर्फ कुछ लड़कियों की एक बहुत ही सामान्य परिकल्पना कॉमन फैन्टसी है कि वे चाहती हैं कि काश कोई उनके साथ ज़ोर ज़बरदस्ती वाला सेक्स करे, उनके कपड़े फाड़ दे, पलंग पर लिटाने के बजाए पटक दे, वक्ष योनि को प्यार से चूमने सहलाने के बजाए मसले, दबाये और खा जाए, उन्हें कामुक अवस्था में बाँध कर उनके पूर्ण नग्न बदन पर अपनी मनमानी करे, उन्हें उलटा पटक कर चूतड़ों पर चांटे लगाए, थप्पड़ लगाए…

जो शादीशुदा लड़के या ऐसे लड़के जो अपनी प्रेमिका से सेक्स करते रहते हैं, वे मेरी इस बात से सहमत भी होंगे कि उनमें से कुछ की पार्टनर कभी कभी बहुत नखरे करती हैं, जान बूझ कर सेक्स से दूर भागती हैं अपने आप को छुपाती हैं, उन्हें परेशान करती हैं, भाग भाग कर छकाती हैं, वो सब सिर्फ इसलिए कि उनसे ज़बरदस्ती भी की जाए।

तो दोस्तो, सेक्स फैन्टसी का तो कोई अंत ही नहीं है, और यह कहीं से भी गलत या गंदी बात नहीं है। इसकी वजह से सेक्स में आकर्षण और नयापन बना रहता है।

मैं इस लेख का दूसरा भाग भी जरूर लिखना चाहूँगा लेकिन उसके लिए अन्तर्वासना के पाठक पाठिकाओं से अनुरोध है कि वे अपनी सेक्स फेंटेसी जो उपरोक्त लिखी फेंटेसी से अलग हो, या इस सन्दर्भ में कोई विशेष बात बताना चाहें तो मुझे जरूर मेल करें।
आपकी इच्छानुसार आपका नाम और इमेल गुप्त रखा जा सकता है या प्रकाशित किया जा सकता है।
आपका दोस्त अरुण

कहानी का अगला भाग : यौन परिकल्पना सेक्स फ़ैंटेसी-2

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