पतियों की चुदाई का खुला राज

(Patiyon Ki Chudai Ka Khula Raj)

यह कहानी मेरी किटी पार्टी की है। हम पांच सहेलियां.. हर महीने किसी एक दिन किसी भी ठिकाने पर मिलते थे और इस दौरान खाने-पीने के साथ दुनिया जहान की बातें होती थीं। किटी पार्टी का बस एक ही नियम था कि कुछ ऐसा करो जिससे हँसी के ठहाके गूंजते रहें।

इस बार किटी पार्टी के लिए तय हुआ कि फैशन परेड होगी। बाकी गेम्स भी वहीं तय होने थे। इस बार की पार्टी अर्चना के घर थी। हम चारों यानी मैं, रजनी.. अदिति और सिम्मी.. तय समय पर अर्चना के घर पहुँच गए।

चाय के साथ थोड़ा नाश्ता लेने के बाद हम फैशन शो की तैयारियों में जुट गए। सबसे पहले रजनी राजस्थानी चोली और लहँगा पहन कर मॉडलों की तरह आई।
चोली का कट गजब का था, सभी की निगाह भीतर तक जा रही थी।
अचानक अदिति आगे बढ़ी और चोली के भीतर झांकने लगी।
रजनी ने पूछा तो कहने लगी- तेरे सामान की जांच कर रही हूँ।
सब ठहाके मार कर हँसने लगी।

अगला नम्बर सिम्मी का आया, उसने एक नेकर और टी-शर्ट पहनी।
कोई खास मजा नहीं आया।

इसके बाद अर्चना ने स्लैक्स और ब्रा पहन कर फैशन शो किया, उसकी चूचियाँ काफी बड़ी थीं।
मैंने पूछा- पति को कितना पिलाती है?
तो वो कहने लगी- अरे इसी को पीकर ही तो रह जाते हैं, आगे का तो नंबर ही नहीं आता।

अगले नंबर पर मुझे तैयार होने भेजा गया।
मैंने मराठी अंदाज में साड़ी बांधी लेकिन नीचे ब्लाउज या ब्रा नहीं पहनी। साड़ी के नीचे से मेरी चूचियों की झलक दिख रही थी।
अदिति फिर आगे बढ़ी और कहने लगी- यार एक बार पी सकती हूँ?
और फिर से सब जोर-जोर से हँसने लगी।

अगली बार अदिति को तैयार होना था।
वो कहने लगी- मैं तो घर से ही तैयार होकर आईं हूँ। उसने अपनी जींस और टॉप उतारा। उसके नीचे अदिति ने झालरों वाली ब्रा और पैन्टी पहन रखी थी। इसके बाद वो किसी मॉडल के अंदाज में हमारे सामने से गुजरी और बाद में मेरे बगल में आकर बैठ गई।

गेम को लेकर सब अपनी अपनी बात कहने लगे.. लेकिन सब पुराने थे।

अब सबने मेरी तरफ देखा और कहा- ये रेणु चुप है.. जरूर इसके पास कोई नया गेम होगा।
मैंने कहा- है तो.. थोड़ा सैक्सी गेम है.. खेलोगी?

मैंने बताया इस गेम में सबको कोई सामान बेचना है.. पतियों को। कौन क्या बेचेगा और किसको बेचेगा.. ये पर्चियों से तय होगा। सब एक-एक पर्ची बनाएगी और फिर फोन पर दूसरों के पतियों को सामान बेचना होगा।

चूंकि किसी के भी पति ने दूसरे की पत्नी के साथ फोन पर बात नहीं की थी.. इसलिए पकड़े जाने का सवाल ही नहीं था।
अर्चना के घर में एक फोन था जिसका इस्तेमाल बहुत कम होता था इसलिए वो उस फोन को ले आई और हम सबने एक-एक पर्ची बनाकर डिब्बे में डाल दी।

पहली पर्ची रजनी ने निकाली।
उसे अदिति के पति को लंड को मोटा और कड़ा बनाने वाला परफ्यूम बेचना था।

उसने अदिति के पति को फोन लगाया और स्पीकर भी खोल दिया।
अब दोनों के बीच बातचीत ऐसी हुई..

रजनी- नमस्कार.. क्या मैं अदिति जी से बात कर सकती हूँ।
अदिति का पति- जी नहीं.. वो कहीं गई हैं।
रजनी- दरअसल हमारी कंपनी परफ्यूम बेचती है। पिछले हफ्ते अदिति जी ने हमें फोन करके कुछ खास तरह के परफ्यूम भेजने को कहा था। क्या आपसे इस बारे में बात हो सकती है?
अदिति का पति- हाँ हाँ.. कर सकती हैं.. खास तरह का कैसा?

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