तेरी याद साथ है-25

मैंने जल्दी से रिंकी को खुद से अलग किया और फिर उसे बाथरूम के दरवाज़े के पीछे छिपा कर दरवाज़ा खोला…बाहर कोई नहीं था। मैंने रिंकी को जल्दी से जाने… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-24

“उम्म… हम्म्म्म…” फिर से वही मादक सिसकारी लेकिन इस बार सुकून भरी.. आंटी के ये शब्द मुझे और भी उत्तेजित कर गए और मेरे लंड ने अकड़ना शुरू किया… लेकिन… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-23

“प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊपर आ जाओ, सब तुमसे मिलना चाह रहे हैं।” इतना कहकर प्रिया ने मुझे ज़बरदस्ती अपने ऊपर से उठा… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-22

मैं जानता हूँ कि आप सब बड़ी बेसबरी से ‘तेरी याद साथ है’ के आगे की कहानी पढ़ने के लिए अन्तर्वासना पर अपनी नज़रें गड़ाए बैठे हैं लेकिन आपको इतने… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-20

प्रेषक : सोनू चौधरी निक्कर निकलते ही मेरा मुन्ना बिल्कुल अकड़ कर फुफकारने लगा। प्रिया की आँखें फ़ैल गईं और फिर उनमें वही चमक दिखने लगी जो कि पिछली रात… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-19

प्रेषक : सोनू चौधरी “प्लीज जान…अपने हाथ ऊपर करो और मैं जो करने जा रहा हूँ उसका मज़ा लो…” मैंने उसे समझाते हुए कहा। “हाय राम…पता नहीं तुम क्या क्या… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-15

प्रेषक : सोनू चौधरी उह्ह्ह…जान, थोड़ा धीरे करना…तुम्हारा लंड सच में बहुत ज़ालिम है, मेरी हालत ख़राब कर देगा।” रिंकी ने डरते हुए अपना सर उठा कर मुझसे कहा और… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-12

प्रेषक : सोनू चौधरी “दोनों बहनें बिल्कुल समझदार हैं…समय गँवाने का चांस ही नहीं रखतीं।” मैंने मन ही मन सोचा और अपने हाथों को उसकी स्कर्ट के अन्दर डालने लगा।… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-10

प्रिया ने भी मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमते हुए कहा,”ठीक है मेरे स्वामी, अब मैं जाती हूँ। लेकिन कल हम अपना अधूरा काम पूरा करेंगे।” और… [Continue Reading]

तेरी याद साथ है-8

प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने अपनी हथेली को उसके जांघों से ऊपर सरका दिया और धीरे धीरे ज़न्नत के दरवाज़े तक पहुँचा दिया। उफ्फ्फ्फ़…इतनी गर्मी जैसे किसी धधकती हुई भट्टी… [Continue Reading]