सामूहिक चुदाई का आनन्द-8

जूजा जी अब तक आपने पढ़ा कि ज़न्नत पूरी तरह से नरेन की चुदाई से खुश होकर बिस्तर पर पीठ के बल लेट गई। नरेन ने अपने पानी को तौलिए… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-7

जूजा जी अब तक आपने पढ़ा कि मेरी बातों को सुन कर पंकज हंस पड़ा और बोला- विभा, मैं तो तुम्हें एक चुदक्कड़ औरत समझ रहा था लेकिन तुम तो… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-5

जूजा जी मैंने पंकज से अपने ऊपर नंगे लेट कर पहले मेरा सारा नंगा बदन चूमने और चाटने के लिए कहा। पंकज झट से मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी नंगे… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-4

जूजा जी अब तक आपने पढ़ा कि झड़ते समय पंकज ने मुझे अपने से चिपका लिया और अपना लंड जड़ तक मेरी चूत में घुसेड़ कर अपना पूरा का पूरा… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-3

जूजा जी अब तक आपने पढ़ा कि पंकज हालाँकि ज़न्नत को बहुत ज़ोर से चोद रहा था पर उसकी नज़र मेरी चूत पर टिकी हुई थी। नरेन का भी यही… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-2

जूजा जी हम सब उनके बेडरूम में चले गए। मैं और नरेन सोफे पर बैठ गए और पंकज और ज़न्नत अपने बिस्तर पर। पंकज ने लाइट बंद करके फिल्म चालू… [Continue Reading]

सामूहिक चुदाई का आनन्द-1

यह कहानी किसी और ने मुझे भेजी है, आप उसी के शब्दों में इस कहानी का आनन्द लें। मेरा नाम विभा है, मेरे पति नरेन एक इंजीनियरिंग कंपनी में अच्छे… [Continue Reading]