जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-9

रूठना-मनाना सखी मैं साजन से रूठी थी, और साजन मुझे मनाता था मैं और दूर हट जाती थी, वह जितने कदम बढ़ाता था साजन के हाथों को मैंने, अपने बदन… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-8

पहले हम हँसे फिर नैन हँसे, फिर नैनन बीच हँसा कजरा उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया ! . पहले तो निहारा उसने… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-7

मायके में मैं मैके अपने आई सखी, कई दिन साजन से दूर रही मन मयूर मेरा नाच उठा, जब साजन मेरे घर आया उस रात की बात न पूछ सखी,… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-6

स्वप्न वह रात चाँदनी रही सखी, साजन निद्रा में लीन रहा आँखों में मेरी पर नींद नहीं, मैंने तो देखा स्वप्न नया उस रात की बात न पूछ सखी, जब… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-5

तरण-ताल सखी चारों तरफ चांदनी थी, हम तरण-ताल में उतरे थे, जल तो कुछ शीतल था लेकिन, ये बदन हमारे जलते थे, जल में ही सखी सुन साजन ने, मुझको… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-4

रसोई में मैं घर में खाना पका रही, साजन पीछे से आ पहुँचे, मैं देख भी न पाई उनको, बाँहों में मुझे उठाय लिया, उस रात की बात न पूछ… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-3

मुख-चोदन मैं लेटी थी, वह लेटा था, अंग-अंग को उसने चूसा था, होंठों से उसने सुन री सखी, मेरे अंग-अंग को झकझोर दिया उस रात की बात न पूछ सखी,… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-2

69 का खेल साजन की गोद में सिर मेरा, आवारा साजन के हाथ सखी ऊँगली के कोरों से उसने, स्तन को तोड़ मरोड़ दिया उस रात की बात न पूछ… [Continue Reading]

जब साजन ने खोली मोरी अंगिया-1

स्नानगृह में स्नानगृह में जैसे ही नहाने को मैं निर्वस्त्र हुई मेरे कानों को लगा सखी, दरवाज़े पे कोई दस्तक हुई धक्-धक् करते दिल से मैंने दरवाज़ा सखी री, खोल… [Continue Reading]