पर पुरुष समर्पण-4

वो मुझे पीछे से देखते ही रहे… धीरे से उन्होंने मुझे पीछे से ही अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरी नग्न पीठ पर एक चुम्बन लिया।
मेरे बदन में जैसे बिजली दौड़ गई…

पर पुरुष समर्पण-2

मधुरेखा लेकिन उसने बिना कुछ बोले फ़िर से मेरे लबों को अपने लबों की गिरफ़्त में ले लिया। काफ़ी देर वो मुझे चूमता रहा। हम दोनों उत्तेजित हो चुके थे।… [Continue Reading]

पर पुरुष समर्पण-1

मैं खुद ही हुक खोलने लगी। उसने मेरे हाथ हटाए और चट चट मेरे ब्लाऊज़ से सारे हुक खोल दिए, मेरी ब्रा को ऊपर सरका कए मेरे चुचूक को मुंह में लेकर किसी शिशु की तरह चूसने लगा।

पर-पुरुष सम्मोहन

मेरे मित्र ने जितना मुझे समझाया था, वो मैंने सफ़लतापूर्वक कार्यान्वित कर लिया था। अब मुझे प्रतीक्षा थी अपने मित्र से आगे के निर्देशों की ! मुझे पता नहीं था… [Continue Reading]

पर-पुरुष आकर्षण

दोस्तो, आपने मेरी पिछली कहानियों में मेरे कई सेक्सी कारनामे पढ़े ! वो सब मैंने अपने एक पुरुष मित्र से जिद कर कर के पूछे थे, मेरे वो मित्र विदेश… [Continue Reading]

आम हारे, चीकू जीते

अपना पिछला करतब करने के बाद मेरी तबीयत नासाज हो गई थी, उसके दो कारण थे, पहला कि बर्फ़ के अपने बदन पर प्रयोग से मुझे ठण्ड लग गई थी,… [Continue Reading]

जो पहले कर ना सकी थी

मैंने चुपचाप आँखें मूंद ली… काफ़ी दर्द हो रहा था, ऐसा लग रहा था कि मैं कोई गर्भवती थी, अभी मेरा प्रसव हुआ है और मेरा बच्चा मेरे दोनों निप्प्ल चूस रहा है…

कारनामा पूरा ना करने की सजा

उस गड़बड़ में जल्दी जल्दी में और डर के कारण मेरा बायां निप्पल अचानक पनीर की सब्जी में एकदम डूब कर बाहर निकल आया। ओह माँ… मेरे मुख से चीख निकल गई!

आसान काम नहीं है-2

मेरी चूत में अभी भी बर्फ़ का असर बरकरार था, मुझे लग रहा था कि अभी भी मेरी चूत में कुछ मोटा लण्ड जैसा फ़ंसा हुआ है, जैसे मैं अभी भी चुद रही हूँ।

आसान काम नहीं है-1

सुबह दूध वाले भैया को तड़पाने के बाद मैंने अपने मित्र को सारा घटनाक्रम बताया तो उन्होंने मुझे यह साहस भरा काम सफ़लतापूर्वक सम्पन्न करने पर बधाई दी। लेकिन अब… [Continue Reading]

मैं किसे अपना बदन दिखाने जाऊँगी?

रात को मैं छत पर मोमबत्ती लेकर नग्न घूमने के बाद नीचे पहुँची और अपनी आप बीती लिख कर सबसे पहले इंटरनेट पर उन दोस्त को बताया कि मैंने कर… [Continue Reading]

डर और दर्द में भी मज़ा है

जब मैं एक एक करके अपने कपड़े उतार रही थी तब अजीब सी बेचैनी हो रही थी! पूरे कपड़े उतरे तो शीशे के सामने मैंने खुद को देखा! हे भगवान!… [Continue Reading]