मेरी और मेरी कामवाली की चुदास-5

चूत तेरी सबसे ज़्यादा कीमती वस्तु है, तू अगर इसे घर के माल की तरह उसे इस्तेमाल करेगी तो ठीक और मस्त रहेगी और अगर म्यूनिसिपॅलिटी वाले नल की तरह उसे यूज किया.. तो इसकी कीमत 2 पैसे की भी नहीं रहेगी.

मेरी और मेरी कामवाली की चुदास-4

कोई ऐसे लंड तलाशो, जो तुम्हारे साथ शादी करके हमेशा के लिए तुम्हें अपनी चूत बना कर रखे.. ना कि तुम्हें बाज़ारू चूत समझे, जिसे रंडी भी कहा जाता है.

मेरी और मेरी कामवाली की चुदास-3

मेरे घर मेरे भाई का साला कुछ दिन के लिए आया तो मेरी कामवाली तो उस पर खुद को लुटाने को तैयार थी. मेरा दिल भी उस पर आ गया था. तो हम दोनों में से किसने पहले बाजी मारी? पढ़ें यह कहानी!

मेरी और मेरी कामवाली की चुदास-2

मेरी कामवाली बहुत खूबसूरत थी, मैंने उसकी वासना जगाई और उससे लेस्बीयन सेक्स किया. लेकिन लंड की अपनी ही महानता है, इसके बिना चूत भी अधूरी रहती है और उसको पाने के लिए रोती है.

मेरी और मेरी कामवाली की चुदास-1

मैं अकेली रह कर जॉब कर रही थी तो मैंने एक कामवाली लड़की रखी. वो खूबसूरत थी लेकिन किस्मत की मारी थी, उसे मेरा सहारा मिल गया. मेरा दिल उसकी कच्ची जवानी पर आ गया.