कमसिन बेटी की महकती जवानी-6

पद्मिनी बापू के लंड पर झुक गयी. पहले बापू के कहने पर अपनी जीभ को लंड के ऊपर वाले हिस्से पर फेरा, फिर और एक बार फिर से.. और एक बार.. धीरे धीरे वो अपने बाप का लंड चाटती गयी.

कमसिन बेटी की महकती जवानी-5

बापू आहिस्ते आहिस्ते अपनी बेटी पद्मिनी की जवान कुंवारी चुत की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से आराम से खोलते हुए अपनी जीभ को चूत के उन मुलायम हिस्सों पर फेर रहा था.. जो ज़्यादा लाल और नाज़ुक होते हैं.

कमसिन बेटी की महकती जवानी-4

मैं टीचर के साथ क्लास में बिल्कुल अकेली थी, तो उसने मुझको किस किया, मेरे जिस्म पर हाथ फेरा. पता नहीं क्यों वह मुझे अच्छा लगा. उसके बाद जब भी मौका मिलता वह मेरा ब्लाउज खोल मेरी चूचियों को चूसता!

कमसिन बेटी की महकती जवानी-3

पद्मिनी पीठ पर स्कूल बैग लिए हुए बापू के कंधों को पकड़ कर मीठी आवाज़ में बोली- आज क्या हो गया आपको, मुझे स्कूल नहीं जाने दोगे? छोड़िये मुझे, बस करो प्यार करना.. कितना दुलार करेंगे आज आप मेरे साथ?

कमसिन बेटी की महकती जवानी-2

खूब चूमाचाटी के बाद अब बापू से रहा न गया और वो पद्मिनी के ऊपर चढ़ गया. पद्मिनी सोच रही थी कि उफ़ क्या करेगा यह बापू अब… ओह माय गॉड? कहीं अन्दर तो नहीं डालेगा… मैं क्या करूँगी अगर अन्दर डाला तो??

कमसिन बेटी की महकती जवानी-1

एक जवान लड़की की माँ मर चुकी है, वो अपने पिता के साथ रहती है. उसके स्कूल की लड़कियों ने उसके बारे में फैला दिया कि उसके स्कूल टीचर से सम्बन्ध हैं. यह बात उसके पिता तक पहुंची.