काम-देवियों की चूत चुदाई-9

मंजू- रोनी, मैं तो तुम्हें बहुत ही भला इन्सान समझती थी, पर तुम तो बहुत चालू निकले। बहुत चाहते हुए भी मैंने भी तुमसे अपने दिल की बात नहीं बताई… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-8

एक दिन मैं ऑफिस में बैठा था शाम को हरिया के नंबर से फोन आया। मैंने उठाया तो किरण बोली- बाबू हरिया गांव गए कछु काम रही, आज चौकीदारी का… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-7

दूसरे दिन साईट पर गया तो वहाँ का काम जिस द्रुतगति से चल रहा था। उसी गति से मेरा दिल गांव की गोरी किरण के हुस्न का दीवाना हुआ जा… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-6

आप सभी को मेरी इस कहानी जिसमें कई कहानियाँ एक साथ हैं, पढ़ कर मजा आ रहा होगा। कहानी में सभी नाम और स्थान असली नहीं हैं, उन्हें परिवर्तित किया… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-5

अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा। मेरे लंड की हालत बिगड़ने… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-4

दूसरे दिन ऑफिस की छुट्टी के कारण लीना को तो आना नहीं था, मैं सीधा साईट पर चला गया। फिर फुर्सत के समय में आकर ऑफिस खोल लिया। फिर लीना… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-3

उसने काँपते हाथों से उन पैकेट को खोला तो उन ब्रा पैन्टी को देखकर बोली- सर ये तो बहुत ही सुन्दर और बिल्कुल नए फैशन की बहुत अच्छी हैं। ये तो मंहगी भी बहुत होंगी।

काम-देवियों की चूत चुदाई-2

दूसरे दिन मैंने ऑफिस खोला ही था कि लीना आ पहुँची। वो सलवार सूट पहनकर आई थे, हरे रंग का सूट, उस पर लाल पीले फूल बने हुए थे, बिल्कुल… [Continue Reading]

काम-देवियों की चूत चुदाई-1

मैं उससे एक एक सामान उठाने को कह रहा था जब वो झुककर उठाती तो उसकी बड़ी बड़ी गोल मटोल छातियों को गहराई तक देख देख कर मेरी छाती पर सांप लोट रहे थे।