जिस्म की जरूरत -27

हम वैसे ही लिपटे हुए थे, वंदु की चूचियाँ मेरे सीने में दबी हुई थी, मेरा लंड सिकुड़ कर भोली सूरत बनाकर चूत के बाहर होंठों से सटा था मानो उसकी पप्पी ले रहा हो.

जिस्म की जरूरत -26

उसने खुद को कपड़ों से आज़ाद किया फिर यह छोटी सी पेंटी क्यूँ रहने दी? मन में कई विचार कौंधे और फिर समझ आया कि नारी सुलभ लज़्ज़ा का प्रदर्शन तो स्वाभाविक था.

जिस्म की जरूरत -25

वो और कोई नहीं वंदना ही थी. अभी थोड़ी देर पहले मैं उसकी माँ के मोह जाल में फंसा हुआ अपने आप को समझा रहा था और अब उसकी बेटी को सामने देख कर सब कुछ भूल गया…

जिस्म की जरूरत -24

गैर मर्द की बाहों में प्यार ढूंढते ढूंढते अचानक उसे अहसास हुआ कि उसका पति उसे कितना चाहता है और उसने अपने प्रेमी से दूरी बना लेने का निश्चय कर लिया.

जिस्म की जरूरत -23

अचानक से रेणुका ने बिजली की फुर्ती से अपना गाउन लगभग खींचते हुए निकाल फेंका और शेरनी की तरह कूद कर मेरे ऊपर झपट पड़ी… अब इस बार कुचले जाने की बारी मेरी थी।

जिस्म की जरूरत-22

वन्दना की मम्मी रेणुका को गोद में उठाये हुए मैं धीरे-धीरे बिस्तर की तरफ बढ़ा और हौले से उसे बिस्तर पर लिटा दिया… उनकी चिकनी जांघों को चूमते चाटते जैसे ही चूत पर जीभ लगी…

जिस्म की जरूरत-21

दिल्ली से मेरा यहाँ आना… रेणुका जी के साथ मिलना और फिर उनके साथ प्रेम की ऊँचाईयों को पाना… फिर वंदना का मेरी ज़िन्दगी में यूँ दाखिल होना और हमारे बीच प्रेम का परवान चढ़ना… सारी घटनाएँ बरबस मेरे होठों पे मुस्कान ले आती थीं।

जिस्म की जरूरत -20

पड़ोसन भाभी, जिन्हें मैं चोद चुका था, उनकी बेटी को अभी पहली बार चोद कर उनके घर छोड़ने जा रहा था तो मेरे मन में तरह तरह के विचार उमड़ रहे थे…

जिस्म की जरूरत-19

मैं उसके कान के पास अपना मुँह लेजा कर धीरे से बोला- थोड़ा सा सब्र रखना ‘वंदु’ यकीन करो मैं तुम्हें तकलीफ नहीं होने दूँगा, बस अपने बदन को बिल्कुल ढीला रखना!

जिस्म की जरूरत-16

अपनी असफलता से दुखी होकर मैंने वंदना की आँखों में देखा और उसने मेरी मुश्किल को भांप लिया… अब हम दोनों ने एक दूसरे के होठों को आजाद कर दिया… [Continue Reading]

जिस्म की जरूरत-13

मैं समझ गया था कि जिस रेणुका में मैं अपना प्यार तलाश रहा था वो रेणुका सिर्फ मुझसे अपने जिस्म की जरूरत पूरी कर रही थी… रेणुका मुझसे मिल कर… [Continue Reading]

जिस्म की जरूरत-12

जलती हुई मोमबत्ती लेकर मैं वापस कमरे में आया और बिस्तर के बगल में रखे मेज पर उसे ठीक से लगा दिया। मोमबत्ती की हल्की सी रोशनी में वंदना का… [Continue Reading]

जिस्म की जरूरत-8

‘उफ्फ… बड़े वो हैं आप!’ रेणुका ने लजाते हुए कहा और फिर वापस मुझसे लिपट गई। ‘हाय… वो मतलब… जरा हमें भी तो बताइए कि हम कैसे हैं..?’ मैंने उनकी… [Continue Reading]