चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-5

उन्होंने अपने लंड को मेरी चुत के मुँह पर रखा और मेरी तरफ देखा, वह पल आ गया था कि मैं अपने पचास साल के मौसा जी पर अपनी अठारह साल की कमसिन जवानी लुटाने जा रही थी।

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-3

नाईटी घुटनों तक लंबी थी पर बीच में जांघों तक कट था तो उसमें से मेरे गोरी जांघें दिख रही थी। बारिश की वजह से मेरी पतली नाईटी भीग कर पारदर्शी हो गयी थी और उसमें मेरी ब्रा और पैंटी दिख रही थी

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-2

मैंने खीरा कमरे में ले जाना था और कहाँ फंस गयी, मुझे डर था कि कहीं खीरा मेरी चुत से फिसल न जाये, पैंटी उतारी न होती तो उसे खीरे पर लेकर उसको फिसलने से रोक सकती थी।

चुत की खुजली और मौसाजी का खीरा-1

मैं अपनी पढ़ाई के लिए शहर में अपनी मौसी के घर में रहने लगी. लेकिन मेरे फ़ौजी मौसाजी बहुत सख्त थे तो मेरी चूत को लंड मिलने बंद हो गए.