अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-7

ज्यों ही उंगली चूत में घुसी ऐशुरानी सिहर उठी और एक क्षण के लिए लण्ड चूसना भी भूल गई। लण्ड मुंह में धंसे धंसे ही उसने सीत्कार ली और फिर दुबारा से लौड़ा चूसने लगी।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-6

थोड़ी देर इसी प्रकार चूसने के बाद ऐश्वर्या रीना रानी से बोली- दीदी… अब ज़रा भी दर्द नहीं हो रहा… बड़ा मज़ा आ रहा है… दीदी मेरे बदन में फिर से अकड़न महसूस होने लगी है… ऐसा क्यों हो रहा है?

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-5

ऐशुरानी बहुत कसमसा रही थी, उसका सुन्दर मुखड़ा तीव्र कामावेग में लाल हो गया था, माथे पे पसीने की बूंदें छलक आई थीं, उसके नाखून मेरी पीठ पे गड़े जा रहे थे और वह बार बार सी सी कर रही थी।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-4

मैंने सोचा कि सबसे पहले एक बार इस अनचुदी कुंवारी कमसिन बुर को चूसने का आनन्द तो उठा लूँ, थोड़ी देर चूस लेता हूँ। थोड़ा स्वाद चख लेता हूँ फिर इसको फाडूंगा।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-3

ऐशु रानी एक टक ये सब नज़ारा देखे जा रही थी। चुदाई होते देख और रीना रानी की आनन्द से पुलकित आवाज़ें सुन कर वो भी बहुत ज़्यादा गरमा चुकी थी, उसके माथे पर पसीने की बूँदें चमकने लगी थीं।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-2

नंगी वो हो तो गई मगर बहुत ज़्यादा डरी हुई थी कि ना जाने क्या हो जायेगा और शर्म से लाल लाल हुई पड़ी थी। मैंने उसकी चूचियाँ चूसना शुरू किया तो वो भी मज़ा लेने लगी।

अठारह वर्षीया कमसिन बुर का लुत्फ़-1

जैसे ही मेरी निगाह ऐश्वर्या पर पड़ी मेरा दिल धक से रह गया, लौड़े ने फौरन एक उछाल लगाई। साली ने एक बहुत ही छोटा सा निकर पहन रखा था, निकर मुश्किल से चूत से चार या पांच इंच नीचे तक ही था, नंगी टाँगें बहुत ही चिकनी, एकदम मलाई जैसी थीं।