रंडी को चोदा भी और मदद भी की

(Randi Ko Choda Bhi Aur Madad Bhi Ki)

मेरा नाम राज है. मैं जयपुर में रहता हूँ. मैं बहुत ही चोदू किस्म का इंसान हूँ. मेरी शादी नहीं हुई है. मैं हफ्ते में जब तक दो तीन बार चोदाई नहीं कर लेता, तब तक रह नहीं सकता.

कुछ महीने पहले की बात है, जब मुझे पैसों की बड़ी तंगी आ गई थी, जिसके कारण में चार दिनों से चोदाई नहीं कर पाया था. फिर मैंने एक एसी रंडी खोजी, जो कम पैसों में चुदने के लिए मान गई.

उस रंडी का नाम सोना था और उसकी उम्र केवल 25 साल की थी. वो दिखने में किसी अच्छे घर की लग रही थी. मैं उसे अपने एक दोस्त के घर पर ले गया, जहां पर कोई नहीं था. वहां पहुंच कर मैंने उससे कुछ खाने पीने के लिए पूछा, उसने मना कर दिया.

फिर मैं उसे बेडरूम में ले गया और उस पर किसी कुत्ते की तरह टूट पड़ा. मैंने एक झटके में उसके और अपने सारे कपड़े अलग कर दिए. फिर उसके मम्मों पर टूट पड़ा. मैं उन्हें दोनों हाथों से बहुत ही बुरी तरह से दबा रहा था और चूस काट रहा था. वो दर्द के कारण कराह रही थी. उसकी आंखों से आंसू बहने शुरू हो गए थे.

फिर मैंने उससे अपना लंड मुँह में लेने को कहा. तो वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी. वो बहुत ही अच्छे से लंड चूस रही थी.

कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा और पीछे से उसकी चूत और गांड के छेद पर लंड फिराने लगा.
वो तुरंत बोली- पीछे के छेद में कुछ मत करना.

मैंने उसकी चुत पर लंड टिकाया और जोरदार शॉट दे मारा. मेरा पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर तक घुसता चला गया. उसकी एक कराह निकल गई. लेकिन वो रंडी थी सो अगले ही पल मेरे लंड को खा गई.
फिर मैंने एक हाथ से उसके बाल पकड़े और दूसरे हाथ से उसकी कमर को थामा. बस जोरदार शॉट्स मारने चालू कर दिए. मेरे हर एक शॉट पर उसके कंठ से आवाज़ निकल रही थी.

फिर जब मैं पूरा होने वाला था, तब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. उसने ये समझ लिया कि मेरा काम तमाम होने वाला है तो उसने कहा- प्लीज़ अन्दर मत करना.
मैंने कहा- ठीक है.
बस मैंने शॉट्स मारने चालू रखे और उसके अन्दर ही पूरा हो गया. झड़ने के बाद मैं उसके पास में ही लेट गया.

उसने थोड़े गुस्से में कहा कि मैंने अन्दर करने को मना किया था न?
इस पर मैंने कोई जवाब नहीं दिया और मुस्कुरा दिया.

वो तुरंत बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर में बाहर आकर मेरे पास बैठ गई.

मैं अब दूसरे राउंड के लिए तैयार था. मैंने उससे अपने ऊपर आने को कहा, तो वो मेरे ऊपर आकर चोदाई करने लगी. मुझे उसे अपने लौड़े पर कुदाने में बहुत मजा आ रहा था.

कुछ देर में वो थक गई, तो मैंने उसे सीधा लेटाया और उसके पैर अपने कंधों पर रखकर चोदाई शुरू कर दी. कुछ देर की धकापेल के बाद मैं पूरा होने वाला था, तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

इस बार उसने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसकी आंखों से आंसू बहने लगे. मुझे थोड़ा अजीब सा लगा, लेकिन मैं अपनी मस्ती में उसे चोदे जा रहा था.

इस बार भी मैं उसके अन्दर ही पूरा हो गया लेकिन इस बार उसने कुछ नहीं कहा. वो उठ कर बाथरूम में चली गई.

मैं बड़े आराम से लेटा हुआ अपने आखरी राउंड के लिए आराम कर रहा था. थोड़ी देर में वो बाथरूम से बाहर आई और मेरे पास आकर लेट गई. कुछ देर आराम करने के बाद मैंने उसे फिर से घोड़ी बनने को कहा और वो तुरंत ही घोड़ी बन गई. मैंने पोज़िशन बना ली और उसकी गांड और चूत के छेद पर अपना लंड फिराने लगा.

उसने फिर से कहा- प्लीज़ पीछे कुछ मत करना.
मैंने कहा- ठीक है.
लेकिन मैं उसकी गांड पर लंड टिका कर शॉट मारने ही वाला था कि वो आगे से हट गई और खड़ी हो गई.
मैंने उससे कहा- मुझे तेरी गांड मारनी है.

उसने कहा- आप जितना चाहो … जैसे चाहो चोद लो … लेकिन गांड में कुछ मत करो प्लीज़.
अब मुझे उसकी गांड मारे बिना चैन नहीं आने वाला था, मैंने उससे कहा कि डबल चार्ज कर लेना.
वो चुप खड़ी रही.
मैंने कहा कि प्राब्लम क्या है?
तो उसने कहा- आप नहीं समझोगे.
मैंने उससे कहा- अपनी प्राब्लम बताओ … अगर नहीं समझा तो गांड नहीं मारूँगा.

उसने कुछ सोचा और कहा- क्या आप थोड़े पैसे और दे सकते हो?
तो मैंने कहा- गांड मरवा लो … ढाई गुना दे दूँगा.
यह सुनकर वो मेरे सामने घोड़ी बन गई और कहने लगी कि शुरू में थोड़ा आराम से और जल्दी खत्म कर लेना.

मैं तुरंत तेल की बोतल लेकर आया और अच्छे से उसकी गांड में लगा दिया. फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड पर रख कर एक शॉट मारा. मेरा लगभग आधा लंड अन्दर चला गया.

सोना ने अपने मुँह तकिये में दबा लिया. इससे उसकी चीख दब रही थी. तभी मैंने दो और शॉट मारे और मेरा लंड पूरा अन्दर चला गया. वो ज़ोर से चिल्लाने लगी.. चूंकि उसने अपना मुँह पिल्लो में दबाया हुआ था, इसलिए आवाज़ चिल्लाने की नहीं हो रही थी.

मैं थोड़ी देर रुका रहा, फिर उसकी गांड की चोदाई चालू कर दी. थोड़ी देर बाद मैंने पोजीशन बदलने के लिए कहा. वो मुड़ी, तब मैंने उसका चेहरा देखा जो कि पूरी तरह लाल हो चुका था. उसकी आंखों से इस तरह आंसू बह रहे थे मानो कोई नदी बह रही हो.

मैं उसकी यह हालत देखता ही रह गया. तभी उसने दबी आवाज़ में पूछा- कैसी पोज़िशन लूँ?
तब मुझे बहुत ही अलग एहसास होने लगा. मैंने उससे पूछा- क्या तुम्हें तकलीफ़ हो रही है?
उसने दबी सी आवाज में कहा- आप अपना काम कर लो.

उसकी आवाज़ में दर्द था, जो मैंने पहली बार महसूस किया. मैं सीधा लेट गया और उसे मेरे ऊपर आने को कहा.
उसने कहा- मैं इस तरह नहीं कर पाऊंगी.
मैंने कहा कि मेरे ऊपर आके घोड़ी बनो.

इस तरह उसकी चूत मेरे लंड से छूने लगी और उसका चेहरा मेरे चेहरे के सामने था. उसके थोड़ा नीचे होने पर उसके बूब्स मेरी छाती पर छुल रहे थे. उसने पूछा कि ऐसे कैसे गांड में डालोगे?
मैंने कहा- मुझे तुम्हारी चूत मारनी है.
यह सुनते ही उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गई जो मैंने पहली बार देखी थी.

उसने खुद मेरे लंड को अपनी चुत में ले लिया और चोदाई चालू कर दी. इस बार उसकी मुँह से अलग तरह की आवाजें आ रही थीं, जो मुझे भी मदहोश कर रही थीं. वो ऊपर से और मैं नीचे से शॉट्स मार रहे थे. हर शॉट के साथ जब वो आगे की तरफ आती, तो मुझे किस करती.

अब मुझे बहुत मज़े आ रहे थे, इतने मजे तो पहले के राउंड और पहले की चुदाइयों में भी नहीं आए थे.

अब मैं पूरा होने वाला था, तो मैंने उससे कहा- मुँह में लेके चूसो.
वो खुशी से मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसके मुँह में ही पूरा हो गया.

जो लोग कहानियां केवल मनोरंजन के लिए पढ़ते हैं, उनके लिए ये कहानी यहीं पर समाप्त होती है.

चोदाई के बाद हम दोनों ही बिना कपड़ों के ही लेटे हुए थे, तब मैंने उससे पूछा- तुम रंडी का काम ज़रूर करती हो, पर तुम रंडी तो नहीं हो, सही बात क्या है?
उसने कोई जवाब नहीं दिया.

मैंने थोड़ा प्यार से पूछा तो उसने बताया कि उसका कोई परिवार नहीं है, बस एक बड़ी बहन है, जिसे एड्स है और उसके इलाज के लिए उसकी प्राइवेट जॉब की सेलरी कम पड़ती है, इसलिए उसे ये काम करना पड़ता है.

उसने बातों ही बातों में ये भी बताया कि हर बार जब वो ये काम करती है, तो उसे लगता है कि उसका बलात्कार हो रहा है. लेकिन अपनी बहन के लिए वो सब कुछ सह लेती है.

दोस्तो, सोना की कहानी सुनकर मुझमें बदलाव आए और अब मैं उन महिलाओं की मदद करना चाहता हूँ, जो एड्स की शिकार हैं. अगर कोई मुझसे बात करना चाहे, तो मुझे मेल कर सकता है.
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