मैं कॉलगर्ल कैसे बन गई-2

(Main Callgirl Kaise Ban Gai- Part 2)

This story is part of a series:

अब तक आपने पढ़ा था कुसुम मुझे अपने ग्राहक के सामने बैठा कर लाइव चुदाई की फिल्म दिखा रही थी.
अब आगे..

चूंकि विक्रम का लंड बहुत देर से झटके मार रहा था, वो 5 मिनट में अपना पानी उसके मुँह में छोड़ गया और बाहर आ गया. मगर अभी 5 मिनट भी नहीं बीते थे कि विक्रम का लौड़ा फिर पूरा शवाब पर था.
वो उससे बोला- चढ़ जा जानेमन इस पर और मार झटके दबा दबा कर. अब यह तुम्हारी चुत को चोदे बिना नहीं मानेगा.

कुसुम अपनी दोनों टांगों को इधर उधर करके उसके खड़े हुए लंड पर अपनी चुत टिका कर एक ही धक्के में पूरे का पूरा लंड अपनी चुत में अन्दर तक ले गई. लंड चूत में घुसा तो कुसुम के मुंह से एक हल्की सी आह निकली और विक्रम का पूरा लंड कुसुम की चुत में कहीं खो सा गया.

उसके बाद कोई 5 मिनट तक कुसुम विक्रम के लंड पर अपनी गांड उछालती रही. विक्रम का लंड और कुसुम की चुत एक दूसरे से लड़ते रहे.
फिर 5 मिनट बाद विक्रम बोला- चलो अब कुतिया बन जा.
वो अपनी चुत से लंड निकाल कर अपने हाथों और घुटनों के बल चौपाया जैसी बन गई. विक्रम ने पीछे से उसकी चुत में अपना लंड डाल कर उस पर चढ़ गया और उसके मम्मों को बुरी तरह से दबाने और मसलने लगा.

मगर कुसुम बहुत मज़े ले कर अपनी गांड को आगे पीछे करती रही. फिर वो मेरी तरफ देख कर बोली- यार सॉरी, मैं भूल गई थी.

उसने विक्रम से बोला कि डार्लिंग इसको इसके घर पर छोड़ना है, अपने ड्राइवर से बोलो कि छोड़ कर आए. मैं ऐसे ही इसको लाइव शो दिखाना चाहती थी, सो वो दिखा दिया. यहाँ तो पूरी रात ही यह सब होना है, इसको किस लिए रोक कर रखें.

विक्रम ने ड्राइवर को फोन किया कि मेमसाब को अभी उनके घर पर छोड़ कर आओ और वो कुसुम के दूध दबाते हुए मुझसे बोला कि आप ड्रॉइंग रूम में जाएं, ड्राइवर आपका वेट कर रहा है.

उसके बाद उन दोनों में क्या क्या हुआ मुझे नहीं पता, मगर अब मेरी चुत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और मम्मों की घुन्डियां भी अकड़ गई थीं. मुझको अब लंड चाहिए था, जो मैं नहीं लेना चाहती थी.

अगले दिन जब मैं ऑफिस गई तो कुसुम की चाल कुछ बदली हुई सी नजर आ रही थी.

मैंने उससे पूछा- क्या हुआ डियर?
वो बोली- तुम्हें नहीं पता क्या.. तुम्हारे सामने ही चुदाई शुरू हुई थी, उस साले ने पूरी रात पाँच बार मेरी चुत का हलवा बनाया है. सुबह 5 बजे छोड़ा था. लास्ट बार तो उसने मेरी दोनों टांगें चौड़ी करके बेड से बांध दीं और मेरे हाथों को भी उसी तरह से बांध दिया. अब उस स्थिति में मैं जरा भी नहीं हिल पा रही थी सिवाए अपनी गांड को ऊपर नीचे करने के. उसका पूरा लंड मेरी चुत को थप्पड़ पर थप्पड़ मारे जा रहा था और मैं बस ‘ऊह अयू हा हा…’ के सिवा कुछ नहीं बोल पा रही थी. फिर उसने एक पट्टी से बांध कर मेरे मुँह को भी बंद कर दिया. जब उसके लंड से पानी निकलने वाला था तो उसने मेरे मुँह पर से पट्टी उतार दी और मालूम उसने क्या किया.

मैंने पूछा- क्या किया?

कुसुम- उसने लंड को मेरे दोनों मम्मों में रख कर मम्मों को अपने हाथों से मिला कर वहाँ भी चुदाई करनी शुरू कर दी.. और जब पिचकारी निकली तो वो धार सीधी मेरे मुँह में जा घुसी. फिर जब पूरा पानी निकल गया तो मेरी टांगें और हाथ खोल कर बोला कि बाथरूम में जाकर सफाई कर लो, सुबह ऑफिस भी जाना है. मैंने कहा कि सुबह का क्या मतलब अभी क्या कोई रात बाकी बची है. तुमने जितने पैसे दिए हैं, वो सब एक एक करके पूरी रात में मुझसे वसूल कर लिए हैं. इस पर वो हंसने लगा. मैं फिर जब बाथरूम की तरफ जाने लगी तो मेरी टांगें जवाब दे रही थीं क्योंकि पूरी रात भर चुदाई हुई थी. बाद में टांगों और हाथों को पूरी तरह से बांध कर मेरी टांगों को हिलने ही नहीं दिया जिससे मेरी तो चाल ही बदल गई. फिर तुम्हें तो पता नहीं, लास्ट चुदाई में उसका वीर्य भी बहुत देर तक नहीं निकला क्योंकि वो पहले कई बार निकल चुका था, इसलिए बहुत देर तक लौड़ा अपना काम करता रहा. अब धीरे धीरे ठीक हो जाएगी. वैसे कसम से सच बता कि तुझे कैसा लगा लाइव शो?

मैं कुछ नहीं बोली तो वो खुद ही बोली कि मुझे पता है तुम्हें पूरा मज़ा आया होगा मगर बोलोगी नहीं. तुम भी सोच लो अगर मेरी तरह से कुछ करने का इरादा हो तो पूरे पैसे दिलवा दूँगी और मज़ा तुम्हें ही मिलना है. मुझे बस 10% चुदाई की कीमत देनी होगी.

मैं कुछ नहीं बोली.

कुसुम ने बाहर जाते हुए कहा- जल्दी नहीं है अभी मेरे पैसे वापिस करने को तुम्हारे पास एक वीक है. खूब आराम से सोच कर जवाब देना.
इतना कह कर वो ऑफिस से चली गई.

हां तो दोस्तो, उसके अगले दिन जब कुसुम ऑफिस में आई तो मुझसे उसने कोई बात नहीं कि और ना ही कोई ब्लू फिल्म दिखाने की कोई चाहत दिखलाई बस हैलो बोला और अपनी सीट पर जाकर बैठ गई.

लंच में वो बोली- यार देख मैं तुमसे इतनी जल्दी पैसे तो माँगना नहीं चाहती थी मगर मेरी भी मजबूरी है, उसको जरा समझ. मेरी माँ को 1 लाख रूपए लेकर जाने है. अगर तुमसे 40000 मिल भी जाएंगे तो भी बाकी की रकम मुझे ही पैदा करनी है. देखो लड़कियों की चुत दो चीजें पैदा कर सकती हैं, नंबर वन बच्चे और दूसरी चुदवा कर पैसे. तुम जानती हो मैं कल विक्रम से बुरी तरह से चुदी हूँ. मैं जानती थी कि वो एक एक पैसे का हिसाब मेरे जिस्म से वसूलेगा.. मेरे शरीर का कोई ऐसा पार्ट नहीं होगा, जिसको वो पूरी तरह से निचोड़ कर ना रख दे. मगर क्योंकि उससे मुझे 20000 मिलते हैं.. इसलिए मैं उसके पास गई. वैसे और भी लड़के हैं, जो मेरी चुत में डालने के लिए अपना लंड खड़ा किए रहते हैं मगर वो कम पैसे देते हैं, इसलिए मैं उनसे नहीं चुदवाती हूँ. हां उनके लिए मैं कोई ना कोई चुत ढूँढ ही लेती हूँ और भेज देती हूँ. सब कुछ पहले से सेट्ल हो जाता है कि कितने पैसे मिलेंगे. वो रकम मैं अड्वान्स में ले लेती हूँ और अपनी कमीशन निकाल कर उस लड़की को दे देती हूँ.

मैं चुपचाप कुसुम को सुने जा रही थी.

कुसुम- देख मैं तो तेरे भले के लिए ही बोल रही हूँ कि तू चाहे जो भी कर ले.. तू 40000 कलेक्ट नहीं कर सकती. समझ लो मैं तुमको एक और महीने का टाइम दे देती हूँ तब मुझे बता.. तू पैसे कहाँ से लाएगी? रानी यह दुनिया बहुत मतलबी है.. बड़ा मुश्किल है यहाँ पर इज़्ज़त से रहना. जब हम खुल कर चुदवाती हैं और किसी भी जान पहचान वाले को ना पता लगे. हाँ सबकी नजरों में पूरी इज़्ज़त से रहती हैं. अपना मकसद पूरा किए बिना कोई एक पैसे भी नहीं देगा. मेरी मान तू आज और कल फिर सीरियसली सोच कर बताना कि तुम तैयार हो. मैंने एक लड़का ढूँढा हुआ है, जो 50000 तक देने को तैयार है मगर उसकी शर्त यह है कि उसे कोई कुंवारी (वर्जिन) लड़की ही चाहिए. मैंने उससे कहा था कि मैं हाफ रेट पर हाज़िर हूँ.. मगर वो नहीं माना. वो बोला अगर तुम अरेंज कर सकती हो तो मैं तुम्हें भी कमीशन दे दूँगा. अब तू सोच ले. वैसे तुम्हारी जानकारी के लिए मैंने एक लड़की पटाई हुई है, जो अभी तक किसी से भी नहीं चुदी. अगर तुम्हारी तरफ से पूरी तरह ना हो जाए तो मैं उसी को उस लड़के से चुदवा दूँगी. मेरा तो सिर्फ़ अपने कमिशन से मतलब है.

मैं गुमसुम सी उसकी बात सुने जा रही थी.

कुसुम आगे बोली- देखो, मैंने तुम्हें कल अपना लाइव शो भी दिखवा दिया था उससे तुम्हें पता लग गया होगा कि लड़की को कैसे और क्या क्या करना होता है. अगर चुत से पैसे कमाने हों.. तो ये सब करना ही होगा. अब तुम जानो और तुम्हारा काम जाने. मैं अब तुम्हें आज के बाद कुछ नहीं कहूँगी सिवाए अपने पैसे माँगने के. मैं उस लड़की को, जिसका मैंने अभी जिक्र किया है, उसी को ले जाऊंगी.
इतना कह कर कुसुम चली गई.

लंच के बाद मैं अपने काम में लग गई मगर दिमाग में हर पल किसी लड़के का पूरा खड़ा लंड मेरी चुत में जाता हुआ दिखाई देता रहा.

इसी वजह से काम में कुछ ग़लती भी हो गई.. तो बॉस ने बुला कर कहा- मैडम क्या बात है आपका काम में दिल नहीं लग रहा या कोई प्राब्लम है. आज तक तुमने कोई ग़लती नहीं की और आज सिली मिस्टेक सामने है.. जो मैं किसी से भी उम्मीद नहीं करता, आपने कर दी है. अगर कोई प्राब्लम है तो तुम दो दिन की छुट्टी ले लो.

मैं ‘सॉरी सर सॉरी सर..’ कहते हुए अपनी सीट पर आ गई. शाम तो छुट्टी के समय भी कुसुम ने कोई बात नहीं की और वो चली गई.

मैं घर वापिस आ कर सोचने लगी कि मैं उसके पैसे कैसे लौटा पाऊंगी. उस रात को नींद ही नहीं आई और जब सुबह ऑफिस पहुँची तो मेरी आंखें लाल थीं.
तब कुसुम ने मुझसे कहा कि आज तो तुम ऐसे लग रही हो जैसे पूरी रात तुम्हारी चुत को पेला गया हो.
मेरी आंखों में आँसू आ गए और मैंने उसे सब कुछ बता दिया.

उसे ये पता था कि आख़िर पिंजरे का पंछी कहाँ उड़ कर जाएगा, वो बोली- डार्लिंग, तुम्हें मैं दुनिया की असलियत दिखा रही हूँ. अभी तो कोई इतने पैसे भी दे देगा. मगर इस चुत की कीमत भी उम्र के साथ कम होती जाती है. मेरा कहा मान ले. तू बोल, उससे बात करूँ?

मैं कुछ ना कह पाई. तो वो बोली कि तुम्हारी चुप्पी ही तुम्हारी हामी है.

मैं उससे बोली कि मैंने सुना है कि फर्स्ट चुदाई में खून भी निकलेगा और दर्द भी बहुत होगा.
उसने जवाब दिया- अगर पता है तो फिर पूछ क्यों रही हो. दर्द भी होगा और खून भी निकलेगा. जिसके पास तुम्हें जाना है उसका लंड भी विक्रम की तरह का ही है. उससे 21 हो सकता हैं मगर 19 नहीं. मगर एक बार का दर्द जिंदगी में बहार ला देगा.

मैं कुछ ना बोली, तो उसने कहा- ओके मैं समझ गई हूँ कि तुम तैयार हो. कल मेरे साथ मेरे घर चलना, मैं तुम्हें चुदाई से पहले की तैयारी करवा दूँगी और सेक्सी कपड़े भी दे दूँगी, जिसे डाल कर तुम मेरे साथ चलोगी. घर पर बोल आना कि ऑफिस के किसी काम से बाहर जा रही हूँ और अगले दिन शाम तक ही आ पाऊंगी.

अगले दिन हम दोनों ने हाफ डे की छुट्टी की और कुसुम मुझको अपने घर पर ले आई. वो अकेली ही रहती थी इसलिए उसके घर पर सेक्सी बुक्स और फोटो इधर उधर पड़ी थीं. ऐसे चीजों को मैं अपने घर पर रखने के लिए सोच भी नहीं सकती थी.

उसने मुझे पीने के लिए एक शरबत दिया और बोली- डियर अब खुल कर सेक्सी वर्ड्स यूज करना सीख लो. तुम्हारी पहली क्लास है. मेरे पीछे दस बार बोलना ‘लंड लंड लंड लंड लंड..’
मैंने बोला.
जब अच्छी तरह से बोल चुकी तो बोली- शाबाश अब बोलो चुत चुत चुत..
मैंने कहा तो बोली- अब बोलो चुदाई चुदाई चुदाई. फिर बोली- मम्मे, मम्मे, मम्मे.. इसके बाद उसने मुझसे बुलवाया मम्मों की घुन्डियां (निप्पलों) मम्मों की घुन्डियां…

फिर बोली- पूरे कपड़े उतार कर नंगी हो जाओ.
मैंने कहा- यार शर्म आती है.
इस पर वो मुझ पर चिल्ला कर बोली- शर्म आती है बेशर्म.. शर्म पी जा.. अभी तो मेरे सामने नंगी होना है. रात को तो पूरे खड़े लंड के सामने नंगी होना पड़ेगा. देख जैसे मैं नंगी होती हूँ उसी तरह से नंगी हो जा और मैं भी देखती हूँ तू कैसे होती है.

आपकी भेजी हुई मेल्स मुझे बताएंगी कि आपको मेरी लिखी हुई स्टोरी कैसी लगी.
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कहानी जारी है.