किरायेदार भाभी की फुद्दी की मेरे लन्ड से मस्त चुदाई

(Kirayedar Bhabhi Ki Fuddi Ki Mere Lund Se Mast Chudai)

नमस्कार दोस्तो, मैं कमल राज सिंह, आपका पुराना दोस्त, एक बार फिर अपनी कहानी लेकर हाज़िर हूँ।
दोस्तो मेरी उम्र 27 वर्ष, कद 5 फीट 10 इंच, सीना 44 इंच है, मैं एक मज़बूत बदन का पंजाबी लड़का हूँ।

मैं चंडीगढ़ में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ, अपने मम्मी पापा जो रिटायर्ड हैं, के साथ अपनी बड़ी सी कोठी में रहता हूँ.

मेरे पापा को यहाँ रहना ज्यादा पसंद नहीं है, वो अपने फार्म हाउस, जो शिमला के पास है, में रहना पसंद करते है और इसलिए बीच-बीच में वहाँ जाते रहते हैं।

हमारी कोठी के पीछे के हिस्से में नौकरों के रहने का छोटा घर है जिसमें मेरे ऑफिस का चौकीदार बाबू सिंह और उसकी पत्नी रानी रहते हैं। रानी हमारे घर में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करती है.

मुझे सेक्सी गर्म औरत पसंद है जिसको सेक्स पसंद हो… सेक्स के बारे में मर्दों की तरह हर पल सोचती हो, उसको अपने अंदर महसूस करती हो, उसका मजा लेती हो और ज़िन्दगी में उसका मजा लेना चाहती हो।

मैंने ऐसी औरत पाई सोनिया जी में… सोनिया भाभी 32-33 साल की बहुत सुन्दर दूध सी गोरी, मलाई सी चिकनी 5 फुट 4 इंच लंबाई काली बड़ी-बड़ी आँखों वाली 36-30-36 की फिगर वाली पढ़ी लिखी महिला थी जो सरकारी नौकरी करती थी और हमारी कोठी के ऊपर वाले हिस्से में किरायदार की तरह अकेली रहती थी।
उन का पति और दो साल का बेटा दिल्ली में उसके सास ससुर के साथ रहते थे.

सोनिया जी की मेरी मम्मी से अच्छी दोस्ती थी और हर रोज़ शाम को ऑफिस से आने के बाद वो मेरी मम्मी के साथ बैठ कर अपना समय बिताती थी।
जब मैं ऑफिस से वापिस आता और कपड़े बदल कर उन दोनों के साथ बैठ कर चाय पीता, मुझे उनको देख कर बहुत अच्छा लगता था। उनका पल्लू फिसल जाता और उनकी ब्लाउज में मस्त तनी चुची… चिकनी-चिकनी नंगी कमर ..चपटा नंगा पेट… गहरी सेक्सी नाभि… हाय… बस अपनी मशीन टाइट हो जाती।

मुझे ऐसा लगता था कि वो यह सब मेरा देखना महसूस कर रही है और अपनी मस्त गदराई गोरी चिकनी जवानी दिखा कर मजा ले रही है क्योंकि वो अपना पल्लू ठीक करने की कोशिश नहीं करती। उनके निप्पल भी कड़क हो जाते थे और कभी-कभी तो बार-बार आगे झुक कर ब्लाउज से मस्त गोरी चिकनी चुची दिखा कर पागल कर देती थी।

मैं उठ कर अंदर अपने कमरे में चला जाता था, मुझे मालूम था कि उन्हें अपना माल दिखा कर बहुत मजा आ रहा है… और उन्हें भी यह मालूम था कि यह देख कर मेरा खड़ा हो रहा है।
धीरे-धीरे हम अच्छे दोस्त बन गए। मेरी उनसे बात हो जाती थी जब मैं ऊपर के एक कमरे में, जहाँ स्टोर था, जाता था.

एक दिन वो बोली- कमल, मैं अकेली बहुत बोर हो जाती हूँ, कुछ कर ना यार!
मैंने पूछा- अच्छा यह बताओ कि आपको क्या पसंद है?

मेरी यह बात सुन कर वो मुस्करा ने लगी- हाय राम, अभी तक नहीं समझा कि मुझे क्या पसंद है। सच बोलूँ तो मुझे सेक्स बहुत पसंद है। तू तो अपनी गर्लफ्रेंड मधु के साथ और कभी अपनी नौकरानी रानी के साथ मजा लेता रहता है पर मैं क्या करूँ यार?
‘अरे भाभी, आप तो इतनी सुन्दर मस्त पढ़ी लिखी है, आपको सेक्स भी पसंद है और आप के पास लैपटॉप भी है, तो आप सेक्सी कहानी पढ़ा करें पर आपको मेल से मुझे यह बताना होगा कि आपको कौन सी कहानी कैसी लगी।’
मैंने उन्हें अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज की वैब साइट के बारे में बता दिया अपना ई मेल आई डी भी दे दिया।

सोनिया भाभी तो सेक्सी कहानी पढ़ कर मस्ती में नाच उठी और उनका मेरे फोन पर पहला मेल आया- ओह माय गॉड… ये तो बहुत गर्म और सेक्सी है। तेरी तरह मेरा भी खड़ा हो गया यार!
मैंने जवाब दिया- आपने खड़ा करके क्या किया। अपना तो खड़ा ही रहता है जब मैं ऐसी कहानी लिखता हूँ या पढ़ता हूँ।
सोनिया का जवाब आया- मैं अपनी उंगली इस्तेमाल करने की सिवाय कर भी क्या सकती हूँ। इसमें मजा बहुत आ रहा है राजू… तू क्या करता है जब तेरा खड़ा होता है तो?
मैंने जवाब दिया- और क्या, वही जो अभी आप कर रही हैं। फर्क यह है कि हाथ में पकड़ कर रखता हूँ जब तक कहानी ख़त्म नहीं हो जाती और फिर फट पड़ता है… पर उसमें मजा नहीं आता।

उसने पूछा- क्यों तुझे मजा नहीं आता, मुझे तो बहुत अच्छा लगता है। सच तो यह है राजू की इस समय तुझ से ऐसे मेल पर बाते करने में और यह कल्पना करने में कि अब तू क्या कर रहा है, बहुत मजा आ रहा है।
मैंने जवाब दिया- हाँ, मुझे पसंद तो बहुत है पर ज्यादा मजा उस समय आता है जब आप मस्ती में अपना मस्त माल दिखाती हैं। उस समय मैं तब तक पकड़ कर रखता हूँ जब तक आप माँ के साथ बैठी रहती हैं। उसके बाद कुछ करता हूँ।

अगले दिन जब सोनिया जी माँ के साथ बैठी थी और मैं अपने कमरे से उनकी तनी हुई चुची, नंगी कमर और पेट निहार रहा था और अपना खड़ा लन्ड अपनी जांघों के बीच दबा रहा था।
वो बार-बार आगे झुक कर और भी ज्यादा मस्ती कर रही थी।

थोड़ी देर बाद वो अपने घर गई और मुझे मेल करा- क्यों राज, अभी तक पकड़ रखा है। या कर रहा है या निकाल चुका?
मैंने जवाब दिया- ओह गॉड, सोनिया जी आप क्या कर रही हैं, अब तो सच में बहुत कड़क हो रहा है और मैं कहानी पढ़ रहा हूँ जिसमें जोरदार चुदाई हो रही है। मैं अपने को रोक रहा हूँ पर फटने वाला है.

उसका जवाब आया- ओह… वाह… बहुत मजा आ रहा होगा। पढ़ते रहो यार। मैं भी पढ़ रही हूँ। सभी कहानी बहुत मज़ेदार हैं। बहुत गर्म और गीली हो रही थी जब मैं ऊपर अपने घर आई। यह सब तेरी गर्म निगाहों की वजह से था राज। अब मैं पागल हो रही हूँ और निकाल देना चाहती हूँ, पर रोक रही हूँ जब तक तेरा नहीं फट जाता अह्ह्ह… सी… ई… हह… हह

मैंने जवाब दिया- हाँ… हाँ… मेरा निकल रहा है गया… उह्ह्ह… अह्ह्ह… सी… उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह… गॉड… यस… बहुत जोर से… मजा आ रहा है यह सोच कर कि आप क्या और कहाँ छू रही होगी। ऊपर भी दबा रही हो मुझे ऊपर दबाने में बहुत मजा आता है.
सोनिया का जवाब आया- ओह… यस मुझे ऊपर वाली के साथ खेल कर, दबा कर, छू कर बहुत अच्छा लगता है… ओह… यस… ओह… यस मेरा भी निकल रहा है यार राजू सोच कर तूने अपना गर्म गर्म मस्त कड़क पकड़ रखा है बहुत जोर से निकल रहा है… आह ई… सी… सी… अह्ह्ह!

इस तरह हमारा और सोनिया का गन्दी मेल का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे मेल और भी गन्दी होने लगी जब उसने फुद्दी… लन्ड… चुदाई… चुसाई… चुची… चूतड़ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
अगले दिन शाम को जब मैं ऊपर स्टोर में गया तो सोनिया जी पेटीकोट ब्लाउज में अपने घर बाहर आ कर बोली- क्यों राज… आज सामने से देख के मजा ले ले आज, अपने कमरे में छुप कर देखने की जरूरत नहीं है.
‘ओह… गॉड भाभी आप यह क्या कर रही हैं। कोई आ गया तो क्या होगा… आपकी बहुत बदनामी हो जाएगी। पर मुझे आपकी यह रेशमी मस्त गदराई गोरी चिकनी जवानी देख कर बहुत अच्छा लग रहा है। क्या पटाका लग रही हैं।’
‘तो अंदर चल ना राजा… दिल खोल कर आज़ादी से देख ले!’ सोनिया जी ने मुझे अपने घर के अंदर खींच कर दरवाज़ा बंद कर दिया, मुझसे लिपट गई और होठों पर चूमने लगी।
मैंने भी उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और हाथ उनके गोल गोल चूतड़ पर थे और चुची सीने से दबा दी।

वो मस्ती में सिसकार उठी- अह्ह्ह… सी… हाय राजा… उफ़… दबा… दे जोर से, बहुत मजा आ रहा है।
भाभी ने मेरी जीन्स के उभार को अपने हाथ से दाब दिया- उफ़… सच राजा आज तो बहुत मजा आयेगा उंगली करने में!
‘भाभी मुझे काम है, बाजार जाना है।’ मैंने उन्हें चूम कर चुची दबा कर कहा।

सोनिया जी ने मुझे छोड़ दिया, हम चूम कर अलग हो गए।
‘कोई बहुत मस्त चुदाई की कहानी भेज दे यार ताकि उंगली करने में और भी मजा आये।’ भाभी ने लन्ड दबा कर कहा।

‘जरूर भाभी, ऐसी मस्त कहानी मेल करूँगा कि खड़े-खड़े झड़ जायेंगी।’ मैंने उसे दोबारा चूम कर नीचे आ गया और भाभी को एक नई कहानी मेल कर दी और लिखा- अकेले अकेले उंगली मत करना अभी थोड़ी देर में मैं वापिस आऊंगा, दोनों साथ-साथ मजा करेंगे।’
उसी दिन शाम को मम्मी पापा फार्म हाउस चले गए।

नौकरानी रानी ने मुझे चाय दी, सोनिया जी भी नीचे आ गई और रानी ने उन्हें भी चाय दी।
ओह माय गॉड, सोनिया जी यह क्या कर रही हैं।
सोनिया ने गहरे नीले रंग की शिफॉन की साड़ी चूतड़ पर कसी और नीची पहनी थी। जिससे उसकी लंबी गोरी चिकनी नंगी कमर, पेट, नाभि और थोड़े चूतड़ नंगे बहुत सेक्सी लग रहे थे।

सोनिया ने मुस्कार कर चारों तरफ नज़र घुमा कर देखा और बोली- मुझे मालूम है कि माँ चली गई। इसलिए मैंने सोचा कि चलो आज राजा को कुछ मस्त माल दिखा देती हूँ’। वो अपनी बात पर हंस रही थी- तू मुझे देख कर खुश होता है और मुझे तेरी अपने बदन पर गर्म आँखें बहुत मजा देती हैं। ऊपर से तूने कहा था कि अकेले अकेले मत करना ताकि हम दोनों साथ साथ कर सकें… तो चल करते हैं।

‘वो तो ठीक है… पर मुझे डर है कहीं दिल फिसल गया और मैंने तुझे उठा कर पटक दिया तो क्या होगा।’ मैंने हंस कर सोनिया को चूम लिया।
‘अरे जा… तू क्या तू क्या उठा कर पटकेगा… यह भी मुझे ही करना पड़ेगा राजा… और तू पटक कर क्या करेगा बदमाश!’
‘पहले नंगी करके खूब चूम चूम कर प्यार करूँगा… प्यार से चुची दबा कर… चूम कर… चूस कर… तेरी मस्त गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी जवानी का मजा लूटूंगा, तेरी यह मस्त जवानी बहुत रसीली है यार, चूस कर मजा आएगा… पर तू क्या करेगी पटक कर?’

‘मैं तो तुझे नंगा करके तेरे मस्त लन्ड को हाथ में लेकर खूब प्यार से दबा कर चूम कर मजा लूंगी और फिर तेरे ऊपर चढ़ कर मस्त लौड़े को अपनी रसीली फुद्दी में घुसा कर जोर से धक्के मार कर जवानी का खूब मजा लूटूंगी।’
हम दोनों आपस में लिपटे हुए एक दूसरे को चुम रहे थे।

मैंने चाय खत्म कर दी थी और मेरा हाथ सोनिया की नंगी कमर, चूतड़ पर घूम रहा था। सोनिया मुझे कस के पकड़े अपनी फुद्दी मेरे उभार पर दबा रही थी और सिसकार रही थी- अहह… सी… हाय… राजा… सी… सी दबा दे… मसल दे अपनी बांहों में!
‘भाभी ऐसे मजा नहीं आयगा…’ मैंने उसको कमरे के अंदर खीच कर दरवाज़ा बंद कर दिया और उसकी साड़ी खींच कर खोल दी।
‘भाभी तू पेटीकोट ब्लाउज में बहुत सेक्सी लगती है.’ मैंने उसकी ब्लाउज से झाँकती चुची को चूम लिया।

सोनिया मस्ती में उछल पड़ी- हाय राम, नंगी कर देगा क्या जालिम… सी… आह… चूस ले राजा… आज तो कुछ कर डाल… पटा ले… बहुत मस्ती चढ़ रही है राजा, पर मुझे तेरी और मधु की चुदाई वाली वीडियो देखनी है जैसा तूने अपनी एक कहानी में लिखा था।

‘ओह जरूर भाभी, दिखाता हूँ पर पहले इन कपड़ों से आज़ाद हो कर मस्ती के मूड में आकर!’ मैंने उसका ब्लाउज खोल कर उसकी गोल-गोल चुची नंगी कर दी।
सोनिया ने मेरी पैंट खोल कर निकाल दी और मेरी टाइट ब्रीफ में खड़े लन्ड को पकड़ लिया और मस्ती में बोली- वाह राजा तेरा लन्ड तो बहुत गर्म और कड़क हो रहा है… क्या मस्त मोटा तगड़ा लग रहा है, एक बार देख लेने दे ना राजा!

‘तो रोका किसने है मेरी प्यारी रानी!’ मैंने उसकी चुची चूम कर कहा- वाह सोनी, तेरी चुची तो बहुत मस्त सुन्दर है. क्या तन कर खड़ी है.’ मैं उसके निप्पल गोल-गोल घुमाने लगा।
सोनिया मस्ती में नाच उठी- ई… हाय… सी… सी… उफ़… मार डालेगा क्या राजा.. सारा रस तो ऐसे ही निकल जायगा… उफ़ क्या नशा चढ़ रहा है।

उसने मेरी ब्रीफ नीचे खिसका दी, मेरा 7 इंची बिना बाल का गोरा लन्ड उछल कर बाहर आ गया, उसने झट से हाथ में थाम लिया- वाह राजा वाह… क्या सुन्दर मस्त गोरा गोरा लन्ड है।
हम दोनों अब बहुत उत्तेजित हो चुके थे और एक दूसरे को चूमते हुए कपड़े उतार रहे थे।

हाथ एक दूसरे के बदन पर चल रहे थे। अब दोनों पूरी तरह नंगे थे।
सोनिया बिस्तर पर करवट करके लेटी थी और मैं नीचे खड़ा उसके ऊपर झुक कर चुची, कमर, पेट, नाभि, गोल गोल चूतड़ चूम रहा था, चूस रहा था। सोनिया मेरा लन्ड पकड़ कर हिला रही थी चूम रही थी। सोनिया बहुत उतेजित और मस्ती में थी और उसने मुझे अपने ऊपर बिस्तर पर खींच लिया।

‘उफ़… राजा जल्दी से ऊपर आजा ना, उफ़ जालिम यह क्या कर रहा है ऐसे तो सारा निकल जाएगा।’
‘निकल नहीं जाएगा मेरी रानी, सारा माल तेरी इस मस्तानी गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी फुद्दी में भर जाएगा, फिर फुद्दी में लन्ड घुसा कर चुदाई में और भी ज्यादा मजा आयगा रानी।’
‘तो जल्दी से घुसा कर मस्त चुदाई का मजा दे-दे ना राजा… अब तो फुद्दी को चोद कर भोसड़ी बना दे अपना मस्त मोटा तगड़ा घोड़े जैसा लन्ड घुसा कर।’

मुझे लग रहा था कि सोनिया बहुत मस्त और गर्म हो गई है और जल्दी झड़ने वाली है। मैंने झट से उसकी जांघों को पूरा खोल कर बीच में बैठ अपना लन्ड का मोटा टोपा उसकी गीली गीली फुद्दी से रगड़ कर गीला कर लिया।

मस्ती और चुदास से भरी सोनिया भाभी अपने चूतड़ उठा कर सिसकार रही थी- उह्ह्ह… सी… हाँ… हाँ राजा जल्दी कर ना..
मैंने लन्ड का टोपा उसकी गर्म-गर्म गीली-गीली फुद्दी के होंठों अंदर घुसा दिया और उसके ऊपर झुक कर एक चुची मुंह में लेकर चूसते हुए लन्ड हो दबा कर पूरा उसकी फुद्दी में पेल दिया।

सोनिया चिल्ला उठी- हाय मर गई राजा… फाड़ डाली राजा… क्या जालिम मोटा तगड़ा लन्ड है.. उफ़… जालिम जल्दी मार दे धक्के और फाड़ कर निकाल दे इस मस्तानी चुदासी फुद्दी का पानी… अह्ह्ह… सी… हाय… गई… गई जालिम चोदू हाय… ई… ई… ई… सी मार दे जल्दी!
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सोनिया अकड़ रही थी, उसकी साँसें तेज़ चल रही थी और वो अपनी फुद्दी को भींच रही थी। मुझे लग रहा था कि वो झड़ने वाली है, मैंने आधा लन्ड बाहर खींच एक झटका मार दिया और फिर चार पांच बार ऐसा किया।
भाभी अपने चूतड़ उठा कर चिल्ला रही थी- हाँ… हाँ… उह्ह्ह ओऊ… वोई… ओऊ राजा… हाँ मार दे… निकाल दे जान… उफ़ फाड़ दे ..चीर दे… निकल गया साली चुदासी फुद्दी का पानी!

सोनिया ने अपनी जांघें मेरी कमर में लपेट ली, बाँहें गले में डाल अपने ऊपर लिटा लिया। उसकी सांसें तेज़ चल रही थी और झड़ते हुए झटके मार रही थी। उसके होंठ मेरे होंठों से चिपके हुए थे और मुलायम चुची मेरे सीने में दबी हुई थी।

‘यह क्या हुआ सोनिया भाभी…’ मैंने मुस्करा कर उसकी गहरी काली-काली आँखों में देख कर कहा- दो ही झटकों में चूतड़ उठा कर पानी छोड़ दिया। मैंने सोचा था कि तू बहुत चुदासी और जंगली है पर तेरा तो एकदम से पानी निकल गया यार?
‘हाई राम साला चोदू सांड… पहले तो ऐसा मोटा तगड़ा घोड़े जैसा लन्ड पूरा अंदर तक घुसा दिया और फिर ऐसी मस्त चुची चुसाई के साथ धक्के मारे कि फुद्दी पागल हो कर झड़ गई… उफ़ क्या जोर से निकल गया… पर जालिम राजा… आज तो जवानी की मस्त चुदाई का असली मजा आ गया। मैं आज तक इतना जोर से कभी नहीं झड़ी।’ सोनिया के सुन्दर चेहरे पर मधुर मुस्कान थी। उसकी आँखें चमक रही थी, वो मुझे कसके जांघों और बाहों में पकड़े हुए चूम रही थी। मेरा लन्ड उसकी फुद्दी में अंदर तक घुसा था।

‘पर तेरा क्यों नहीं निकला राजा, मजा नहीं आया राजा और कसी फुद्दी लेनी है?’
‘अरे भाभी तेरे जैसी और कसी फुद्दी और कहाँ, बहुत मज़ेदार है। हाँ अपना इतनी जल्दी नहीं निकलता… अपना निकालने के लिए तो जोरदार धक्के लगा कर चुदाई करनी पड़ेगी।’ मैंने मुस्करा कर उसकी चुची चूम ली।

‘हाई राम… तो चोद ना राजा… अंदर तो घुसा है…’ सोनिया ने अपनी जांघों को खोल कर एक पलटी मारी। अब वो मेरे ऊपर थी। कड़क लन्ड उसकी झड़ी हुई फुद्दी में घुसा था। वो अपने चूतड़ उठा कर चोदने लगी- ले राजा, अब मैं तुझे चोद कर तेरे लन्ड का रस निकालती हूँ.

‘हू… हू… हाँ… हाँ सोनी हाँ… लगा दे.. पर जोर से.. और जल्दी-जल्दी कर… रुक मैं करता हूँ, तू बस लन्ड को अपनी फुद्दी में पकड़ कर रख!’
मैंने दोनों हाथ से उसके गोल गोल चूतड़ पकड़ थोड़ा ऊपर उठ चुची मुंह में लेकर चूसते हुए नीचे से पूरी रफ़्तार से धपा धप धक्के मारने शुरू कर दिए।

सोनिया मस्ती और चुदास से नाचने लगी- हाय मार डाला… चोदू… उफ़ क्या मस्त लन्ड है… हाँ… ठोक दे.. रगड़ दे… फाड़ डाल फुद्दी… बहुत मजा आ रहा है राजा.. हाँ… हाँ… ई… ई… उई… सी… अह्ह्ह शाबाश राजा.. क्या चोदू है।
सोनिया भी अपने गोल गोल चूतड़ हिला कर मेरा साथ दे रही थी और अपनी फुद्दी का दाना मेरे अंदर बाहर होते लन्ड से रगड़ रही थी। उसकी गर्म फुद्दी से रस बह रहा था।

‘अह्ह्ह… अह्ह्ह… हाँ… राजा… हाँ मेरी फुद्दी फिर से गर्म हो रही है… राजा… लगता है एक बार और झड़ जायगी.. तेरा क्या हाल है मेरे चोदू.. क्या जोर से ठोक रहा है।’
‘बस सोनी… बस… अपना भी लन्ड पिचकारी मारने वाला है.. तू भी अपना जल्दी से छोड़ दे.. दोनों साथ साथ झड़ेंगे और मजा लेंगे रानी… हाँ… हाँ… ले… और… ले।’

जैसे ही मैंने अपनी पिचकारी उसकी फुद्दी की गहराई में मारी, सोनिया भी एक बार और झड़ कर मेरे ऊपर लेट गई- उफ़ राजा… जान निकाल डाली आज तो!
‘तेरी फुद्दी ने मेरे लन्ड को निचोड़ डाला मेरी भाभी जान! मेरे हाथ उसके चूतड़ों से खेल रहे थे और होंठ उसके होंठों से जुड़े थे.

‘हाय राम… साला चोदू सांड.. मैंने निचोड़ दिया या तेरे इस चोदू घोड़े के लन्ड ने मेरी फुद्दी को चोद-चोद कर दो-दो बार पानी निकाल दिया… उफ़ बहुत जालिम चोदू है यार…’ सोनिया धीरे से मेरे ऊपर से उतर कर बराबर में लेट गई।

‘पर राजा… आज तेरे ऊपर चढ़ कर चोदने असली जवानी की चुदाई का मजा आ गया… जैसे मेरे सपनों की चुदाई थी… मैं हमेशा ऐसी चुदाई के बारे में सोचा करती थी.’
‘भाभी तू भी बहुत मस्त चुदासी औरत है, मैं भी ऐसी ही मस्त चुदासी औरत की चुदाई के बारे में सोचा करता था।’

दोस्तो, आपको यह प्यार भरी लन्ड फुद्दी चुदाई की कहानी कैसी लगी। अपने विचार अवश्य लिखें!
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