आंटी की चुदाई, वो नेट पर क्सक्सक्स कॉम सर्च करती थी

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दोस्तो, हिंदी सेक्स स्टोरी की साईट अन्तर्वासना का मैं एक बड़ा फैन हूँ। मैं एक अच्छी कद-काठी का लड़का हूँ और चूत को प्यार से कैसे चूसा और चोदा जाता है, इस कला से अच्छी तरह वाक़िफ़ हूँ।

मैं अब से 5 साल पहले रामपुर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। मैं अपने मम्मी-पापा के साथ ही रहता था।
जिनके यहाँ हम लोग किराए पर रहते थे, उनके घर में जो आंटी थीं.. वो बहुत ही मस्त महिला थीं। उस समय उनकी उम्र लगभग 40 साल थी और उस वक्त मेरी उम्र 20 साल थी।

आंटी बहुत प्यारी और सेक्सी महिला थीं, उनके स्तन एकदम टाइट और नुकीले थे.. उनके चूतड़ भी बहुत उठे हुए थे। आंटी के पति की उम्र लगभग 55 साल थी, वे रेलवे में लोको पायलट थे और वो महीने में मुश्किल से 2 या 4 दिन ही घर में रह पाते थे, वो ज्यादातर बाहर ही रहते थे।
मैं जिस कमरे में रहता था वो ऊपर वाले पोर्शन में था।

एक दिन की बात है.. मेरे पापा और मम्मी गाँव चले गए और आंटी से मेरा ख्याल रखने का कह गए।

उन दिनों अंकल भी काफी दिनों से घर नहीं आए थे.. तो आंटी की सेक्स की भूख बहुत बढ़ गई थी। अब तो खैर अंकल भी बहुत जल्दी पानी छोड़ देते थे। ये सब मुझे इसलिए पता चल गया था क्योंकि एक दिन आंटी फोन पर अपनी बहन से बात कर रही थीं, तो फोन पर उनकी बहन ने सलाह दी कि चुदाई करने का कहीं और जुगाड़ फिट कर लो.. अब जीजाजी के बस की बात नहीं रही है।

ये बात उनके फोन के स्पीकर खुले होने के कारण मुझे सुनाई पड़ गई थीं। अब ये बातें सुनकर मुझे कुछ उम्मीद दिखने लगी थी कि मैं भी आंटी की जुगाड़ बन सकता हूँ।

उस दिन जब मैं और आंटी घर में अकेले थे और आंटी को सेक्स की आग लगी थी, तो मैं भी उनके सामने लंड खुजाने की हरकत कर रहा था, वो मेरी इस हरकत को बड़े गौर से देख रही थीं।

दूसरे दिन आंटी बोलीं- बेटा तुम आज नीचे हमारे कमरे में ही सो जाना।
मैंने फिर उनके सामने ही लंड सहलाते हुए कहा- ठीक है आंटी।

उन दिनों मैं आंटी की गांड और चूचे देखकर मुट्ठ मार लेता था।

दोपहर में आंटी बोलीं- तुम यहाँ बैठ कर टीवी देखो.. जब तक मैं नहा कर आती हूँ।
आंटी ने बिना झिझक के उधर ही अपनी साड़ी निकाल दी और जब मैंने आंटी को केवल ब्लाउज और पेटीकोट में देखा तो मेरा लंड खड़ा हो गया।

आंटी ने मेरे खड़े होते लंड की तरफ देखा और मुस्करा दीं। मैं समझ गया कि आंटी मन ही मन मुझसे चुदने का प्लान बना रही हैं, बेटा अनुज आज आंटी की चूत चोदने को पक्का मिलेगी।
आंटी अपनी गांड और चूचियों को हिलाती हुई और मुस्कराती हुई नहाने चली गईं।

मैं लंड मुठियाने लगा.. बाथरूम में से आंटी के गाना गुनगुनाने की आवाज आ रही थी- मैं मालगाड़ी तू धक्का लगा..
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मैं गर्म हुआ ही था कि कमाल हो गया। नहाने के बाद आंटी बाथरूम से केवल चड्डी और ब्रा में बाहर निकलीं।
मेरा बुरा हाल हो गया था।

आंटी चूचे फुलाते हुए मुझसे बोलीं- अनुज बताओ तो मैं कैसी लग रही हूँ?

मैंने भी लंड हिलाते हुए कह दिया- आप तो पूरी माल लग रही हो!

इतना सुनना था कि आंटी ने अपने कपड़े पूरी तरह उतार दिए और बोलीं-अनुज मेरी चूत बहुत भूखी है.. अपनी इस माल की चुदाई करोगे?

मैं उनका खुला ऑफर सुन कर एकदम दंग रह गया। मैंने सोचा मौका अच्छा है चढ़ जा आंटी की चुत पर बेटा अनुज!
आंटी ने मुझे अपने पास बुलाया और अपने कठोर चूचियों पर मेरे हाथों को रखते हुए बोलीं- कसके दबाओ अन्नू.. साले तू मुझे देख कर लंड हिलाता रहता है, ले मेरे दूध चूस ले..!

मैं आंटी के मम्मों को दबाने लगा, मेरा 6 इंच का लण्ड सलामी देने लगा।

फिर आंटी ने मेरे कपड़े भी निकाल दिए और बैठ कर मेरा लण्ड पकड़ कर चूसने लगीं।
लंड चूसते हुए बोलीं- मेरी चूत चाटोगे?

मैं उन्हें कमरे में बिस्तर पर ले गया और 69 में लेट कर उनकी चूत को चाटने लगा। अब तो वो फुल मस्ती में आ गई थीं.. और अपनी कमर चलाते हुए चिल्लाने लगीं। उनका स्खलन होने ही वाला था और चिल्लाती हुई झड़ गईं।

फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर चित लिटाया और मेरा लण्ड चूसने लगीं। कुछ ही देर में मेरा लंड सलामी देने लगा और फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गईं। आंटी ने अपनी चूत के मुँह पर मेरे लण्ड के सुपाड़े को रखा और नीचे की तरफ झटका मार दिया। घच्छ से मेरा लण्ड आंटी की चूत में समा गया। क्सक्सक्स उम्म्ह… अहह… हय… याह… वो बहुत जोर से चिल्ला उठीं और कुछ देर मुझे चुम्बन करती रहीं।

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