सिनेमा हॉल में मैडम की चुदाई

(Cinema Hall me Madam Ki Chudayi)

दोस्तो! मेरा नाम राज है. मैं गुजरात का रहने वाला हूँ और कंप्यूटर इंजीनियर के पद पर काम करता हूँ. यह कहानी मेरी जॉब के दौरान ही हुई एक घटना से जुड़ी हुई है. कहानी बताने से पहले मैं आप सबको अपने बारे में कुछ बता देता हूँ. मेरी उम्र 26 साल है. मैं देखने में सामान्य कद-काठी का लड़का हूँ. मेरा शरीर भी सामान्य है. वैसे मुझे जिम जाने का भी शौक है लेकिन काम के दबाव के कारण मैं अपना ये शौक पूरा नहीं कर पाता हूँ.

यह कहानी आज से दो साल पुरानी है. मैं कम्पनी में कम्प्यूटर के काम के लिए गया हुआ था. मेरी मुलाकात वहाँ पर एक लड़की से हुई. वह देखने में काफी सेक्सी थी. उसके शरीर के अंदर जो चीज़ मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई वह थी उसके मोटे-मोटे हिप्स. जब मैंने उसके हिप्स को देखा तो मैं उनको देखता ही रह गया.

बहुत मोटे और गोल हिप्स थे उसके. लेकिन मैं वहाँ पर उसके हिप्स देखने नहीं गया था, मैं तो काम करने गया था. इसलिए मैं काम पर लग गया. तभी उस लड़की ने बताया कि उसका कम्प्यूटर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है. तो मैंने उसका कम्प्यूटर भी चेक किया. मुझे उसकी खराबी के बारे में पता चल गया और मैंने जल्दी ही उसके कम्प्यूटर को ठीक भी कर दिया.
इस बीच मैं उस लड़की से बहाने से बातें करने की कोशिश भी कर रहा था. जब उसका कम्प्यूटर ठीक हो गया तो उसने मुझे धन्यवाद किया. मैंने हिम्मत करके उसका नम्बर भी ले लिया और साथ ही अपना नम्बर भी उसको दे दिया. उसने अपना नम्बर देने में मुझे एक बार भी मना नहीं किया.

मैं उससे और भी बात करना चाहता था लेकिन वहाँ पर बातें करना ठीक नहीं था क्योंकि मेरा काम खत्म हो गया था और मुझे वहाँ से वापस आना था. लेकिन वह मेरी बात को समझ गई थी कि मैं उससे बात करना चाहता हूँ. उसने खुद ही बोला कि वह घर जाकर मुझसे फोन पर बात करेगी.

जब मैं घर पहुंचा तो मैं सीधा बाथरूम में चला गया. मुझे बार-बार उसके मोटे बूब्स और उसके मोटे-मोटे हिप्स याद आ रहे थे. मैंने बाथरूम में जाकर उसके बारे में सोचते हुए मुट्ठ मार दी. मेरा माल मैंने वहीं बाथरूम के फर्श पर झाड़ दिया.

मैं उसकी कॉल का इंतज़ार करने लगा लेकिन उसका कॉल नहीं आया. फिर मैंने रात का खाना खाया और आराम करने लगा. मैं सोच रहा था कि मैं उसको फोन कर लेता हूँ लेकिन वो एक लड़की थी, मैंने सोचा कि कहीं उसको बुरा न लग जाए. इसलिए मैंने खुद को थोड़ा कंट्रोल करके रखना ही ठीक समझा.

उसके फोन का मैं इंतज़ार कर ही रहा था कि मेरे फोन की बेल बजी. मैंने फोन उठाकर हैल्लो किया तो दूसरी तरफ से प्यारी सी आवाज़ में हैल्लो की आवाज़़ आई. उसने कहा- मैं मीना बोल रही हूँ.
उसका नाम सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उससे बहुत सारी बातें करने के दौरान उसने बताया कि उसके घर का कम्प्यूटर भी ठीक नहीं है. उसने मुझसे उसके घर का कम्प्यूटर ठीक करने के लिए पूछा तो मैंने फट से जवाब दिया- हां क्यों नहीं, मेरा तो काम ही यही है.

मेरा जवाब सुनकर वह भी खुश हो गई. मैंने उससे कहा कि वह अपने घर का पता मेरे फोन पर मैसेज कर दे. मैंने उसे बोल दिया कि मैं जिस दिन फ्री रहूंगा उस दिन उसके घर पर आकर उसका कम्प्यूटर ठीक कर दूंगा.
मैंने संडे के दिन उसके घर जाने का मन बना लिया क्योंकि संडे को हमारे ऑफिस की भी छुट्टी होती है. मीना ने भी बताया कि संडे को वह भी घर पर ही होती है.
मैं संडे के दिन उसके घर पर पहुंच गया. लेकिन वहाँ जाकर पता चला कि उसके घर पर बाकी लोग भी थे. इसलिए मेरी मीना से उसके घर पर ज्यादा कुछ बात नहीं हो पाई.
मैं चुपचाप अपना काम करके वहां से चलने लगा तो उसने मुझसे पूछ लिया कि मेरा चार्ज कितना हुआ.
मैंने कहा- कुछ नहीं.

मैंने उसको समझाया कि मैंने इसमें अलग से कुछ पार्ट्स नहीं डाले हैं, बस सर्विस ही की है. साथ ही मैंने उसको बोल भी दिया कि ‘आपसे क्या चार्ज लेना.’
लेकिन वो नहीं मानी, उसके घर वाले भी बोलने लगे और उन्होंने मुझे जबरदस्ती 500 रुपये दे दिये. मैंने पहले तो लेने से मना कर दिया लेकिन वो लोग नहीं मान रहे थे.
मैं उनको समझा रहा था कि इतने पैसे तो बहुत ज्यादा हैं. मैंने कुछ नया पार्ट नहीं डाला है. बस सर्विस ही तो की है लेकिन मीना ने प्यार से कहा- आप रख लो ना प्लीज!

मीना के कहने पर मैंने वो पैसे रख लिए और मैं वहां से वापस आ गया. अब मीना का नम्बर तो मेरे पास आ ही गया था. इसलिए मैंने अपने व्हाट्सएप में उसके नम्बर को सर्च किया. वो भी व्हाट्सएप यूज़ कर रही थी.
मैंने उसको एक दिन ऐसे ही गुड मॉर्निंग का मैसेज कर दिया और तुरंत ही उसका रिप्लाई भी आ गया.

उस दिन के बाद से तो उससे अक्सर व्हाट्सएप पर बातें होने लगी. एक दिन जब उससे बात कर रहा था तो मैंने उसकी फैमिली के बारे में पूछ लिया. मुझे पता लगा कि उसकी पांच साल की एक बेटी भी है. फिर मुझे पता लगा कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है.
मैंने उससे पूछा- तो तुम्हारा पति कहां पर रहता है.
मीना ने बताया कि उसका पति इंडिया से बाहर रहता है.

मैं मीना की बात सुनकर बहुत हैरान था. मैं यही सोच रहा था कि ऐसी सेक्सी लड़की को भला कोई कैसे छोड़ सकता है, और सच बताऊं तो मीना को देखकर कोई यह भी बता नहीं सकता था कि वह एक माँ भी है और उसकी एक पांच साल की बेटी भी है. उसकी बातों ने मुझे हैरानी में डाल दिया था. क्योंकि मीना देखने में बिल्कुल एक कुंवारी लड़की के जैसे दिखती थी. इसलिए मुझे उसकी बातों पर पहली बार में तो भरोसा भी नहीं हो पा रहा था. उस दिन के बाद हम फोन पर भी बात करने लगे.

एक दिन बातों ही बातों में उसने मेरे बारे में भी पूछ ही लिया. उसने मुझसे पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है?
तो मैंने उसको बोल दिया कि अभी तक तो कोई नहीं है.
वो कहने लगी कि ऐसा कैसे हो सकता है. आप दिखने में भी अच्छे लगते हैं फिर आपकी एक भी गर्लफ्रेंड नहीं है.
मैंने उसको बोल दिया कि मुझे उसके जैसी आज तक कोई मिली ही नहीं जिसको मैं अपनी गर्लफ्रेंड बना सकूँ.
मेरी बातें सुनकर वो हँसने लगी.

उसके बाद हम दोनों के बीच में खूब देर तक बातें होने लगी. हम घंटों तक एक-दूसरे से बातें करते रहते थे. धीरे-धीरे हमारे बीच में सेक्स की बातें होना भी शुरू हो गईं. मैं उससे उसकी चूत के बारे में पूछने लगता और वो मुझसे मेरे लण्ड के बारे में पूछने लगती. उसने मुझसे कई बार बातों-बातों में बोला भी कि वह कितने दिन से लंड के लिए तड़प रही है.
लेकिन अभी मैं ज्यादा जल्दी नहीं करना चाहता था. मैं उसको और ज्यादा गर्म करना चाहता था. मन तो मेरा भी बहुत करता था कि किसी दिन उसको पकड़ कर चोद दूँ लेकिन अभी जल्दबाज़ी ठीक नहीं थी. मैंने उसको बातों में फंसाकर रखा हुआ था.

फिर मैंने उससे एक दिन मिलने के लिए कहा. हम बाहर मिले और शाम के वक्त मैंने उसके चूचों को दबा दिया और उसके होठों पर किस भी कर दिया. वह पहली बार में ही बहुत एक्साइटेड लग रही थी. लेकिन उस दिन हम दोनों उससे आगे कुछ भी नहीं कर पाए क्योंकि वहां पर जगह सेफ नहीं थी.

अब तो मैं भी उसकी चूत को देखने के लिए तड़पने लगा था. इसलिए एक दिन मैंने उसे मूवी दिखाने के लिए मना लिया. हमने छुट्टी वाले दिन का प्लान बनाया और वह जल्दी ही राज़ी भी हो गई.
हम दोनों ने आधे दिन की छुट्टी ले ली और मूवी देखने चले गए. मैंने हम दोनों के लिए बॉक्स की 2 टिकट बुक करवा ली.

हम दोनों सबसे कोने वाली सीट पर जाकर बैठ गए. उस दिन मैं भी काफी खुश था. मैंने मीना के चेहरे पर एक्साइटमेंट देखी थी. वह भी मेरे साथ मूवी देखने को लेकर काफी एक्साइटेड लग रही थी.
मूवी शुरू हो गई और बीच में मूवी के अंदर एक किसिंग सीन आ गया. मैंने मीना की तरफ देखा तो वो ध्यान से मूवी को देख रही थी. उसका हाथ मेरे कंधे पर रखा हुआ था. वह मूवी देख रही थी और मैं उसको देख रहा था. मैंने धीरे से उसके हाथ को पकड़ा और दबा दिया. उसने मेरी तरफ देखा लेकिन कुछ बोली नहीं.
फिर मैंने दोबारा उसके हाथ पर चुटकी से काट लिया. वो इस्स्स … करके बोली- क्या कर रहे हो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

फिर मैंने उसके हाथ पर प्यार से किस कर दिया. उसने कुछ नहीं कहा.
मैंने देखा कि वह मूवी में चल रहे किसिंग सीन को ही देख रही है. मैंने सोचा कि मौके का फायदा उठाया जाए. मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर रख दिया. उसने कुछ नहीं कहा.

फिर मैंने धीरे से अपना हाथ नीचे सरका कर उसके बूब्स को टच कर दिया. उसके सॉफ्ट बूब्स को छूकर मेरा लंड मेरी चड्डी में तन गया. मैंने जोश में आकर मीना के मुंह को अपनी तरफ कर लिया और उसके होठों पर किस करने लगा.
पहले तो उसने हल्का सा विरोध किया. लेकिन 2 मिनट बाद वह भी मेरे होठों को किस करने लगी. मैं उसके होठों किस करते हुए उसके बोबे भी दबा रहा था. उसके बोबे धीरे-धीरे टाइट होना शुरू हो गए थे.

मेरा लंड मेरी पैंट में तना हुआ था. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी पैंट पर रखवा लिया और उसने खुद ही मेरे तने हुए लंड को ढूंढ लिया. वह पैंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी. फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर करवा दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े-बड़े सॉफ्ट बोबों को दबाने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं कितने दिनों से उसके बोबों का रस पीने की फिराक में था.
फिर मैंने उसके टॉप को और ऊपर करवा दिया और पीछे से उसकी ब्रा को भी खुलवा दिया. उसके बूब्स वहीं पर मेरी आंखों के सामने नंगे हो गए. मैंने उसके बोबों के बीच में तने हुए उसके निप्पल्स को अपनी चुटकी में भरकर मसल दिया तो वो उछल पड़ी. मैं समझ गया कि जोश में मैंने कुछ ज्यादा ही तेज़ उसके निप्पल को काट लिया है.

उसके बड़े-बड़े और गोरे बूब्स को देखकर मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. मैंने अपनी गर्दन को नीचे किया और उसके बोबों को चूसने लगा. मैंने उसके निप्पल को बारी-बारी से चूसा और उसके चूचों का रस पीने लगा जैसे कोई छोटा बच्चा उसमें से दूध निकालने की कोशिश कर रहा है.

वो भी मेरी इस हरकत पर अपने होश खोने लगी थी. मैं उसके बूब्स को चूसने में ही लगा हुआ था. फिर मैंने उसकी टांगों के बीच में हाथ डाल दिया. उसने पजामी पहन रखी थी. मैंने उसकी पजामी के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़ना और मसलना शुरू कर दिया. मैं अपने हाथ पर उसकी चूत की दरार को अलग से महसूस करने लगा था.

कुछ देर बाद उसकी चूत के अंदर से गीला-गीला पदार्थ निकलना शुरू हो गया. मैं समझ गया कि मीना पूरी तरह से गरम हो चुकी है. मैंने उसकी लेगिंग को उतारने के लिए कहा क्योंकि वहां पूरे कपड़े उतारना संभव नहीं था. इसलिए मीना ने अपनी पजामी हल्की सी नीचे कर ली. मैंने नीचे झुक कर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. उसकी चूत से नमकीन सा पानी निकल रहा था.
मैं उसकी चूत के रस को पीने लगा. मुझे उसकी चूत के पानी को चाटने में बहुत ही मज़ा आ रहा था. मैंने उठ कर उसके कान में कहा कि मेरा लंड भी अपने मुंह में ले लो. फिर वो नीचे की तरफ झुक कर मेरे लंड को मुंह में लेने के लिए राज़ी हो गई और मेरे लंड को अपने गर्म मुंह के अंदर लेकर चूसने लगी.

मेरा लंड उसके मुंह में जाकर और ज्यादा टाइट हो गया था. मेरा लंड काफी मोटा था और वह मज़े से मेरे लंड को चूसने में लगी हुई थी. उसे वह काफी पसंद आ गया था. वह किसी लॉलीपोप की तरह मेरे लंड को चूसने में लगी हुई थी. जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसे वापस उठने के लिए कहा.
वह उठ गई. मैंने उसके कान में बताया कि मैं तुम्हारी चूत में अपने लंड को डालना चाहता हूँ.
वह बोली- तुम्हें जो भी करना है तुम मेरी चूत के साथ कर सकते हो. अब यह तुम्हारी ही है.

मैंने मीना को अपनी गोद में बैठने के लिए कहा तो वह आहिस्ता से मेरी गोद में आकर बैठ गई. उसका मुंह मेरी तरफ ही था. उसने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और अपनी चूत पर सेट करवा लिया. फिर उसने अपना सारा भार मेरे लंड पर डाल दिया तो मेरा लंड उसकी चूत में घुसना शुरू हो गया.
जब मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था तो वह थोड़ी सी आवाज़ करने लगी क्योंकि मेरा लंड काफी मोटा था और उसकी चूत में फंसता हुआ जा रहा था. उसकी टाइट चूत का एक कारण यह भी था कि सालों से उसकी चुदाई नहीं हुई थी.

इसलिए उसकी चूत इतनी टाइट हो गई थी. मैंने उसको पकड़ कर ज़ोर से एक धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. वह उचक गई. शायद उसको दर्द हो रहा था. मैंने उसी वक्त उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया. फिर जब धीरे-धीरे उसका दर्द कम हो गया तो वह नॉर्मल होती चली गयी. उसके बाद तो वह खुद ही मेरे लंड पर बैठकर उछलने लगी. मेरा लंड उसकी चूत में अंदर-बाहर होने लगा. मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था.

मीना भी मेरे लंड से चुदने का मज़ा ले रही थी. मूवी की तरफ हमारा ध्यान नहीं था. हम दोनों चुदाई में लगे हुए थे. जब काफी देर तक वह मेरे लंड पर उछलती रही तो मेरा लंड टाइट होने लगा. मेरा छूटने वाला था, मैंने मीना से कहा कि मेरा छूटने वाला है.
मीना ने बोल दिया कि कोई बात नहीं अंदर ही छोड़ दो, मैं गोली ले लूंगी.

फिर मैंने उसको दो-तीन ज़ोर के धक्के मारे और मेरा सारा पानी उसकी चूत में निकल गया. 2-4 मिनट में हम शांत हो गए. हम दोनों ने कपड़े पहने और उसने मेरे लंड को भी एक कपड़े से साफ कर दिया. मूवी देखने के बाद हम दोनों वापस आ गए.
उसके बाद मैंने अपने जन्मदिन पर उसकी चूत को दोबारा चोदा, वह कहानी मैं अगली बार बताऊंगा.

दोस्तो, आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे बताना ज़रूर. यह मेरी पहली कहानी है तो कहीं कुछ लिखने में भूल हुई हो तो माफ करना.
मेरी ई-मेल आई-डी है- [email protected]

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