बॉस के साथ दुबारा चुत चुदाई का मजा-2

(Boss Ke Sath Dobara Chut Chudai Ka Maja- Part 2)

मेरी सेक्सी ट्रू स्टोरी
बॉस के साथ दुबारा चुत चुदाई का मजा-1
में आपने अब तक पढ़ा कि कैसे मेरे बॉस मेरे साथ सेक्स का मजा लेने, मेरी चुत चुदाई करने मेरे घर आये. बॉस ने मुझे डिल्डो वाली पेंटी पहनने के लिए दी, मैंने डिल्डो को अपनी चुत में लेकर वो पेंटी पहन ली.

मैं जब चल रही थी तो पेंटी वाला लंड मेरी चुत में घुस जाता और कभी थोड़ा बाहर को निकल जाता। इस तरह मैं उम्म्ह… अहह… हय… याह… प्लास्टिक के 6 इंच के लंड से चुदते हुए चल रही थी।
मुझसे ठीक से चला नहीं जा रहा था जिसे बॉस देख कर मुस्करा रहे थे। और फिर बॉस मेरे पास आ गये और मेरे होंठों को चूम लिया।

मैंने भी बॉस को बांहों में लिया और किस करने लगी।
अब बॉस ने मेरे गाऊन को उतार दिया और मेरे जिस्म को देखने लगे।

मुझे बहुत शर्म आ रही थी पर मैं वापिस कमरे में नहीं जा सकती थी चूत में घुसे हुए लंड की वजह से।
मैं आधी नंगी बॉस के सामने खड़ी थी और बॉस मेरे चारों तरफ घूम कर मेरे नंगे जिस्म को देख रहे थे। फिर उन्होंने मेरे चूतड़ों को पकड़ कर फैला दिया और मेरी गांड के छेद को देखने लगे।
फिर बॉस ने मेरी चुचियों को ब्रा के ऊपर से पकड़ लिया और खींच कर सोफे की तरफ ले जाने लगे।

मैं जैसे जैसे चल रही थी, मेरी चूत प्लास्टिक के लंड से चुद रही थी जिससे मैं बहुत उत्तेजित हो गयी और बॉस को पीछे से पकड़ कर झड़ गयी।
मैं- सर पेंटी बहुत चुभ रही है, निकाल दूं क्या?
बॉस- नहीं मेरी जान, आज ये लंड तुम्हारी चूत को प्यार करेगा।

अब बॉस सोफे पर बैठ गये और अपना लंड चड्डी के ऊपर से दिखाने लगे.
बॉस- नेहा, तुम मेरे लंड से प्यार करती हो?
मैं- हाँ सर!
बॉस- कितना?
मैं- बहुत प्यार करती हूँ, चाहती हूँ कि आपका लंड हर वक्त मेरे छेद में घुसा रहे। मैं आपके लंड को चूसती रहूँ।
बॉस- तो आओ, मुझे नंगा करो और मेरा लंड अपने मुंह में ले लो।

मैं नकली लंड चूत में लिये हुए दूसरा असली लंड मुँह में लेने के लिये चल दी. अब मैं नीचे बैठ गयी बॉस का लंड चूसने के लिये।
और जैसे ही मैं बैठी, वो प्लास्टिक का लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ और अन्दर घुस गया जिससे मेरी चीख निकल गयी और मेरा मुँह खुल गया, अब बॉस ने तुरन्त मेरे खुले हुए मुँह में अपना लंड डाल दिया और मेरे मुंह को चोदना शुरू कर दिया।

मुझे अच्छा लग रहा था इसलिये मैं कमर उछाल उछल कर बॉस का लंड चूसने लगी और चूत को प्लास्टिक के लंड से चुदवाने लगी।
अब मेरी चूत में प्लास्टिक का लंड था और मुँह में बॉस का लंड।

10-15 मिनट तक बॉस के लंड से मुंह और प्लास्टिक लंड से चूत चुदवाने के बाद मैं दुबारा झड़ गयी।
फिर मैंने बॉस को बोला- सर, प्लीज मुझे अपने लंड से चोद दीजिए।

बॉस ने मुझे अपनी बांहों में उठा लिया और कमरे में बेड पर लिटा दिया। फिर मेरे जिस्म पर लेट कर मेरे होंठों को चूसने लगे, मैंने भी बॉस को बांहों में ले लिया।

अब बॉस मेरी ब्रा निकाल कर मेरे एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगे और हाथ से मेरी पेंटी को खींचने लगे जिससे मेरी गांड में मोती रगड़ मारने लगे और मैं बहुत उत्तेजित हो गयी।
अब बॉस ने मेरी चूत से प्लास्टिक का लंड निकाला और उसको मेरे मुँह में दे दिया।
जब मैंने वो लंड चूसना शुरू किया तो उसमें से मेरी चूत का रस मेरे मुँह में आया। मैंने देखा कि उस प्लास्टिक के लंड में सुपाड़े पर एक छेद था जिसमें से मेरी चूत का रस उसमें भर गया था। मैंने बॉस को देखा और स्माइल किया।

बॉस- नेहा मेरी जान, मैं लंड तो नहीं चूसता हूँ पर तुम्हरा रस पीना चाहता हूँ, पिलाओ मुझे!
मैंने उस लंड से पूरा रस अपने मुंह में खींच लिया और बॉस के मुँह में अपना मुँह डाल कर पूरा रस बॉस को पिला दिया।
बॉस को अच्छा लगा।

अब बॉस ने मेरी चूत को फैला दिया और उसको चाटना शुरू कर दिया। मुझे अच्छा लग रहा था इसलिये मैंने बॉस के सर को पकड़ लिया और उनके मुँह में अपनी चूत को रगड़ दिया। बॉस अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा कर चूसने लगे।
फिर बॉस ने मुझे उल्टा लिटा दिया और मेरे चूतड़ों को फैला कर मेरी गांड को चाटना शुरू कर दिया। मुझे बॉस से गांड चटवाने में बहुत मजा आ रहा था इसलिये मैं मजे से “आह्ह ऊओह्ह्ह सक माय एस!” की आवाज के साथ बॉस को सपोर्ट कर रही थी मेरी गांड चाटने में।

अब बॉस ने कहा- नेहा, लंड लोगी चूत में?
मैंने तुरन्त हाँ कह दिया, मैं तो पहले से ही असली लंड से चुदाने के लिए तड़प रही थी और बॉस को कह भी रही थी.
तो बॉस ने मेरी कमर को पकड़ कर उठा दिया जिससे मैं कुतिया बन गयी और बॉस ने मेरी चूत में अपना मूसल लोडा पेल दिया, मेरा मुँह खुल गया, मैं चीख ना दूं इसलिये मैंने वो प्लास्टिक का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

अब बॉस मेरी चूत चोद रहे थे और मैं एक नकली लंड चूस रही थी।
बॉस- नेहा, तुम्हारी गांड बहुत टेस्टी है।
मैं- सर आपसे गांड चटवाने के लिये ही उसको टेस्टी बनाया है।

बॉस- नेहा, तुम अपनी गांड मरवाओगी मुझसे?
मैं- सर डर लगता है! गांड फट जायेगी मेरी।
तो बॉस ने कहा- नहीं फटेगी, इसका इलाज है मेरे पास! बताओ नेहा, गांड मार कर देखते हैं, गांड मरवाओगी?

मैंने सोचा कि एक दिन गांड तो मरवानी ही पड़ेगी, तो आज ही मरवा लेती हूँ, मैं बोली- ओके सर, पर प्लीज दर्द मत देना ज्यादा!
बॉस- नेहा, वेसलिन या कोई क्रीम है?
मैं- जी सर, ड्रावर में रखी है।

बॉस ने वेसलिन की डिब्बी लेकर मेरी गांड पर वेसलिन लगा दी और अब मेरी चूत को चोदने लगे।
चुद चोदते हुए बॉस ने गांड में ढेर सारी क्रीम अपनी एक उंगली से भर दिया और गांड को उंगली डाल कर फैलाने लगे।

मैं अपनी चूत चुदवा रही थी इसलिये मुझे दर्द नहीं हो रहा था और गांड में बहुत मजा आने लगा था। अब बॉस ने मेरी गांड में दो उंगलियाँ घुसा दी। तो मैं थोड़ा सा चीखी पर फिर बॉस ने मेरी गांड को दूसरे हाथ से सहलाना शुरू कर दिया।

बॉस- नेहा बेबी, वो लंड मुझे दो।
मैंने प्लास्टिक का लंड बॉस को दे दिया।
मैं- सर मेरे मुँह में लंड चाहिये मुझे।
बॉस- अभी सिर्फ दो लंड हैं यहा पर नेहा डार्लिन्ग, गांड और चूत में लोगी या गांड और मुंह में?

मुझे चूत में ज्यादा अच्छा लगा और दोनों ऑप्शन में गांड में घुसवाना ही था तो मैंने बोल दिया कि चूत में लंड घुसा रहने दीजिये।

अब बॉस ने वो प्लास्टिक का लंड धीरे धीरे मेरी गांड में घुसाना शुरू कर दिया और मुझे बोला- अपने सांस मुँह से लेना और नाक से छोड़ना।

मैंने वैसे ही किया जिससे मेरी गांड खुलती जा रही थी और गांड में प्लास्टिक का लंड पूरा ही घुस गया। मैंने पीछे हाथ ले जाकर देखा तो पता चला 6 इंच का प्लास्टिक लंड पर मेरी गांड में था और मुझे घुसवाने में दर्द भी नहीं हुआ।

मैं बॉस के इस काम की कायल हो गयी और बॉस को ‘आई लव यू…’ बोल कर अपनी चूत पीछे को धकेलने लगी जिससे अब मेरे बॉस को आराम मिला और उन्होंने मेरी चूत को मुझसे ही चुदवाना जारी रखा और पूरा ध्यान मेरी गांड पर लगा दिया।

अब बॉस ने ढेर सारी वेसलिन मेरी गांड के छेद पर रख दिया और लंड बाहर निकाल कर फिर धीरे धीरे मेरी गांड में घुसा दिया।
अब तक मेरी गांड काफी फैल चुकी थी और यह बात बॉस को समझ आ गयी थी इसलिये बॉस ने जैसे ही प्लास्टिक का लंड गांड से निकाला, तुरन्त अपना मूसल लंड मेरी गांड में पेल दिया और दूसरा लंड चूत में पेल दिया।

उस समय यह समझ आ गया मुझे… कि प्लास्टिक का लंड कभी असली लंड की जगह नहीं ले सकता।
मैं दर्द से तड़प रही थी, मुझे मेरी गांड फटी हुई लगी। मैं बॉस के लंड को गांड में लिये ही लेट गयी बेड पर… और बॉस मेरी नंगी पीठ को चूमते हुए मेरे ऊपर लेट गये।

अब बॉस ने अपने एक हाथ को मेरे नीचे चुची पर लगा दिया और दूसरे हाथ से मेरे सिर को सहलाने लगे और मुझे चुप कराने लगे।
बॉस- मेरी जान को गांड में दर्द हो रहा है?
मैं रोते हुए- हां सर, प्लीज निकाल लीजिये।
बॉस- अभी ठीक हो जायेगी मेरी बेबी की गांड… नेहा मेरी जान तो मेरी लंड की दीवानी है ना?
मैं- हां सर, लेकिन गांड नहीं मरवानी है।

बॉस ने मेरे होंठों पर होंठ रख दिये और मेरी चुचियों को दबाते दूसरे हाथ से मेरी चूत में प्लास्टिक के लंड को घुसाने लगे और फिर धीरे धीरे अपने लंड को हिलाना शुरु किया।

अब मुझे दर्द थोड़ा कम लग रहा था और मैं भी बॉस के जीभ को मुँह में लेकर चूसने लगी। धीरे धीरे मुझे मजा आने लगा और यह बात बॉस ने समझ ली तो मुझे उसी तरह उल्टा लिटा कर मेरी गांड में लंड ठोकने लगे।
अब बॉस ने मेरी चूत के नीचे एक तकिया रख दिया और दूसरा लंड मेरे मुँह में दे दिया जिसे मैं चूसने लगी। मेरी गांड थोड़ी ऊपर ऊठ गयी और बॉस का लंड आराम से मेरी गांड में घुसने लगा।

मुझे अच्छा लग रहा था गांड मरवाने में… मैं दूसरा लंड चूसते हुए गांड मरवा रही थी।
मैं- चोदिये सर, तेज तेज मेरी गांड को फ़ाड़ दीजिये। और तेज सर… मेरी चूत को मजा आ रहा है गांड मरवाने में।
बॉस- ले मेरी जान, तेरी गांड बहुत मस्त है नेहा। ऐसी गांड का हर कोई दीवाना है नेहा मेरी जान! तेरी गांड में ही लंड डाल कर रहूंगा जानेमन!
मैं- हां सर, मेरी गांड अपके लंड के लिये बनी है सर। मार लीजिये मेरी गांड! पूरा लंड घुसा कर ठोकिये गांड को।

अब बॉस का वीर्य निकलने वाला था, वे बोले- नेहा मेरी जान, मेरा पानी छुटने वाला है, कहाँ निकालूं?
मैं- सर, आज इस लंड पर मेरी गांड का हक है। मेरी गांड को भर दीजिये अपने वीर्य से!
बॉस- हां मेरी जान, तेरी गांड बहुत मस्त है। तेरे चूतड़ों को काट कर खा जाऊंगा नेहा मेरी जान!
मैं- काट लीजिये सर… प्लीज मेरी गांड मारिये जोर जोर से!
बॉस- नेहा रानी, तुझे रन्डी बना कर अपने लंड पर घुमाऊँगा मेरी जान, मेरी रखैल बन कर रहेगी हमेशा।
मैं- हां सर, मैं आपकी रखैल रन्डी सब बन जाऊंगी, मेरी गांड को फ़ाड़ दीजिये… और तेज मेरी गांड मारिये।

और फिर हम दोनो एक साथ झड़ गये, बॉस का वीर्य मेरी गांड में भर गया। मेरी गांड के अन्दर अभी भी बॉस का लंड था और बॉस मेरे नंगे जिस्म पर सोये हुए थे।
फिर बॉस उठे और मुझे बांहों में उठा लिया और बाथरूम में ले जाकर मेरी गांड को धोया।

मुझे पोट्टी आ गयी तो मैंने बॉस को बोला- सर, आप बाहर जाइये, मुझे टोइलेट करना है।
बॉस ने कहा- नहीं, मेरे सामने करो।
अब बॉस का हुक्म था तो मैं कैसे मना करती।

मेरे बाथरूम में कामोड वाला टोइलेट है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं हुई और मैं पूरी नंगी थी तो मैं सीधा उस पर बैठ गयी और बॉस मेरे सामने अपना लंड धोने लगे।
अब बॉस ने मेरे मुँह में अपना लंड डाला जिसे मैं चूसने लगी।
फिर बॉस ने कहा- नेहा यार… मुझे सू सू आ रही है।

फिर मुझे ज्यादा ही उत्तेजना हो गयी और मैंने बॉस का लंड मुँह में ले लिया। अब बॉस मेरे मुँह में मूत कर रहे थे जिसे मैं पी रही थी। अजीब सा नमकीन और कसैला स्वाद था। पर थोड़ा ही था तो मैं पी गयी और फिर मैंने बॉस के लंड को चाट कर साफ कर दिया और फिर बॉस अपना खड़ा लंड लिये बाहर चले गये और सोफे पर बैठ गये।

मैं फ्रेश होकर अपने आपको धोकर बाहर आयी तो देखा बॉस शैम्पेन की बोतल लेकर बैठे हैं और उसको गिलास में लेकर पीने वाले हैं।
मैं- सर नहीं, रुक जाइए।
बॉस- यार, मुझे प्यास लगी है।
और बॉस ने पूरा ग्लास पी लिया।

फिर मुझे कहा- ये तुमने फ्रिज में नहीं रखा था क्या? इसका टेस्ट अजीब लग रहा है?
मैंने बॉस से कहा- मुझे पता नहीं था कि आप इसको दुबारा पिएंगे और मैंने इस बोतल को चूत में लिया था और सूसू आ गयी थी जिससे इसमें मेरी सुसु भर गयी थी।

फिर बॉस ने मुझे अपने गोद में बिठा लिया और मेरी चुचियों को सहलाते हुए कहा- यार तेरी सू सू तो डायरेक्ट पीने वली चीज है चूत से… शैम्पेन में डाल कर क्यों बर्बाद कर दी?
मैं कुछ नहीं बोली, बस बॉस को गले से लगा लिया।

अब हम दोनों ने खाना मंगवाया और नंगे ही खाया.
फिर खाना खा कर बॉस अपने घर चले गये, मैं भी नंगी ही सो गयी।

जब सुबह मेरी नीन्द खुली 5 बजे तो मेरे मौसा जी का फ़ोन आया।

अब आगे क्या हुआ, वो सब मैं अपनी अगली सच्ची चुदाई कहानी में बताऊंगी।
तब तक के लिये गुड बाय… लव यू आल!
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