नौकरानी की चूत चाटने की कथा

Naukarani Ki Choot Chatne Ki Katha
हाय दोस्तो, मेरा नाम विकास है, मैं अजमेर से हूँ।
मैं 28 साल का लड़का हूँ, देखने मैं बिल्कुल ठीक-ठाक हूँ, पर मुझे चूत चाटना बहुत ही पसंद है।

मैं आज आपको एक कहानी सुनाने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने पहली चूत चाटी।

दोस्तो, मैं जब 23 साल का था, तब मुझे ब्लू-फिल्म देखने का बहुत शौक था।
मुझे ब्लू-फिल्म में जब लड़का चूत चाटता था तो वो देखना बहुत ही पसन्द था।

चलो अब मैं कहानी पर आता हूँ।

दोस्तो, गर्मी का वक्त था मेरे घर पर कोई नहीं था, माँ-पिताजी बाहर गए हुए थे।

माँ कह कर गई थीं- काम वाली आएगी.. उससे काम करवा लेना..

मुझे याद नहीं रहा, मैं अपने कमरे में ब्लू-फिल्म देख रहा था और भूल गया था कि दरवाजे बंद हैं या केवल ऐसे ही उड़के हैं।

मैं ब्लू-फिल्म देखने मैं मस्त था और मेरा लंड मेरे हाथ में था।
मैं उसे ऊपर-नीचे कर रहा था और मज़े लेकर ब्लू-फिल्म देख रहा था।

हमारी नौकरानी कब आई मुझे पता नहीं चला।
वो पीछे खड़ी-खड़ी सब देख रही थी।

जब मैंने पीछे देखा तो उसने कहा- विकास बाबा.. यह क्या कर रहे हो?

मैंने कहा- सॉरी उमा बाई.. प्लीज़ माँ को मत बताना…

उसने पहले तो गुस्सा किया, पर थोड़ी देर बाद वो बोली- बाबा.. मेरा एक काम करो.. तो मैं किसी को नहीं बोलूँगी।

मैंने कहा- हाँ बोलो.. क्या करना है?

वो मुझे बाद दूसरे कमरे में ले गई, कुण्डी बंद की और मुझे बिस्तर पर धक्का देकर गिरा दिया और अपना पेटीकोट ऊपर करके अन्दर हाथ डाल कर अपनी चड्डी को उतारते हुए बोली- चिकने, आज तुमको मेरी चूत चाटनी पड़ेगी।

मेरी तो जैसे बिन माँगी मुराद पूरी हो गई हो।

मैंने पहले तो नाटक किया।

बाद मैं जब वो बोली- करते हो या माँ को सब बोलूँ?

मैंने बेबसी दर्शाते हुए कहा- ठीक है।

मैंने कहा- जरा रुको।

मैं रसोई में गया और फ़्रिज़ में से चॉकलेट और आइस्क्रीम पड़ी थी.. वो ले आया।

तो वो बोली- इसका क्या करना है. मुझे अभी भूख नहीं है।

मैंने कहा- आप रुको तो.. आज आपकी ऐसी चूत चाटूँगा कि आप जीवन भर भूलोगी नहीं।

मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसके होंठों पर चुम्बन किया और उसके मम्मों से दूध पिया और बहुत देर तक उसको चूमता रहा।

जब वो उत्तेजना से भड़कने लगी तो मैंने उसके पेटीकोट को उतारा और भाई क्या चूत थी साली की… मस्त लाल-लाल।

मेरे मुँह में तो पानी आ गया।

पहले मैंने उसकी चूत में ऊँगली की, तो वो ‘आहें’ भरने लगी।

फिर मैंने उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ को फेरने लगा।

वो मदहोश होने लगी। फिरे मैंने उसकी चूत को चाटने लगा।

वो मेरे सिर पर हाथ फिराने लगी, साथ ही वो कामुकता से सिसकारने लगी- चाट चाट.. भड़वे. चाट…बहुत सालों से प्यासी हूँ.. साले चाट…

मैंने फिर आइसक्रीम ली और उसकी चूत पर फैला दी और फिर चाटने लगा।

उसकी चूत में से नमकीन पानी निकल रहा था। आइसक्रीम का स्वाद नमकीन हो गया, पर मैं पूरी चाट कर ही माना।

वो बोली- उईईईईई…बाबा मैं छूटने वाली हूँ और मुझे पेशाब भी आ रही है।

मैंने कहा- मेरे मुँह में कर दे ना..

मैं चूत और जोर से चाटने लगा। वो और जोर से चिल्लाने लगी और मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगी।

थोड़ी देर में ही वो ढीली पड़ गई और उसकी चूत में से पानी निकलने लगा।

मैं सारा माल चाट गया।

वो बोली- अब मुझे पेशाब लगी है।

मैंने कहा- जरा रूको..

मैं फर्श पर बैठ गया और उसको बोला- अब मेरे मुँह में कर दो।

वो मेरे मुँह में चूत लगा कर मूतने लगी और मैं उसका मूत पीने लगा।

थोड़ी देर बाद मैंने कहा- मुझे तुमको चोदना है।

वो बोली- आ जा.. मेरे चिकने.. चोद ले.. अब तो ये चूत तेरी ही है मेरे राजा.. जब चाहे चाट ले या चोद ले..

जैसे ही मैं कंडोम लेने अपने कमरे में गया, मेरे फोन पर माँ का फोन आया- मैं बस 5 मिनट में आ रही हूँ.. नीचे आ जाना.. मेरे पास सामान बहुत है।

मेरे तो जैसे खड़े लंड पर चोट हो गई, मैंने यह बात मेरी नौकरानी को बताई।

उसने कहा- कोई बात नहीं बाबा.. मैं कहाँ भागे जा रही हूँ.. फिर कभी कर लेना।

उसने मुझे चुम्बन किया और कपड़े पहन लिए।

थोड़ी देर में माँ भी आ गईं।

इसके बाद तो मेरी और उमा की जैसे निकल पड़ी, माँ के बाहर जाते ही मैं उसे फोन कर देता और वो जैसे बाहर ही मेरा इन्तजार करती रहती हो, तुरन्त मेरा फोन काट कर अन्दर आ जाती।

उसको मैंने कई बार चोदा।
उसने मेरा लौड़ा भी खूब चूसा, वो कहती है कि मेरे राजा मेरी प्यास तुम्हारे लौड़े से चुदने के बाद ही बुझती है।

दोस्तो, आप को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।

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