मेरी हॉट सेक्सी मॉम -2

(Meri Hot And Sexy Mom- Part 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अब तक आपने पढ़ा..

बस फिर क्या था मैंने उनके मम्मों को पकड़ कर पहले जीभ से चाटा.. फिर ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया।

वो भी चूचे चुसवाती हुई मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से मसलने और दबाने लगीं।
फिर मेरा रस गिरने वाला था.. वो बोलीं देर हो रही है.. चलो अभी इतना ही.. तुझे भी कॉलेज को देर हो रही होगी।
यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड पर ज़ोरदार किस जड़ दिया।

फिर मैंने कहा- हाँ ठीक है.. बाकी काम रात को करेंगे.. अभी तो बदन पोंछना बाकी है.. पाउडर भी लगाना है..
उन्होंने हँस कर मेरे चूतड़ों पर थपकी लगा दी।

अब आगे..

मुझे याद था कि आज शाम को डैड दो दिनों के लिए आउटस्टेशन जा रहे हैं।
मैं बड़ी बेसब्री से शाम का इंतजार कर रहा था कि आज क्या होना लिखा है।
उस दिन बहुत गर्मी थी..

रात को डैड के जाने के बाद मॉम नहाने के लिए बाथरूम में घुस गईं.. और मैं भी मौका पाकर अपनी आँख को दरवाजे के छेद से लगा कर बाथरूम के अन्दर का सीन देखने लगा।

मॉम ने अभी नहाना शुरू ही किया था.. वे अपनी साड़ी उतार रही थीं।
फिर उन्होंने अपने ब्लाउज को खोलना शुरू किया, अब मॉम ब्रा और पेटिकोट में मेरी नजरों के सामने थीं।

उनकी बड़ी-बड़ी गोरी चूचियाँ मानो ब्रा से निकलने के लिए बेताब हो रही थीं और मॉम ने ब्रा को भी उतार दिया, मॉम की दोनों चूचियाँ आज़ाद हो गईं।
अब मॉम ने अपना पेटीकोट भी उतार दिया और वो बिल्कुल नंगी हो चुकी थीं।

पहली बार मैं किसी औरत को नंगा देख रहा था। मेरी नंगी मॉम ग़ज़ब की हसीन लग रही थीं.. मॉम की चूचियों से मेरी नज़र नीचे खिसकते हुए उनकी चूत पर ठहर गईं।
मॉम की चूत काफ़ी बड़ी और गोरी थी.. उस पर हल्की-हल्की सी झांटें उगी हुई थीं।

मेरे पूरे बदन में सनसनी होने लगी और मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया।
मॉम अपने सारे बदन को साबुन से मसल-मसल कर नहा रही थीं, नहाते-नहाते मॉम अपने दोनों चूचियों को हाथों से दबाने लगीं।
इसी तरह दबाते-दबाते मॉम पर जवानी की मदहोशी छाने लगी, वे अपने हाथों से बुर भी मसल रही थीं।

पहले तो बुर को हाथों से हल्के-हल्के सहलाती रहीं.. और फिर उन्होंने अपनी छूट में अपनी दो उंगलियों को पेल दिया और मॉम के मुँह से हल्की-हल्की सिसकारी निकालने लगी ‘ऊऊओ.. आअहह.. ससिईई..

मॉम ने अब नहाना शुरू कर दिया, मैं दरवाज़े से हट गया।
थोड़ी देर बाद मॉम नहा कर बाथरूम से निकलीं.. इस बार मुझे उनका हुस्न और भी लाजवाब लगा।

मॉम के इस रूप ने मुझे अपनी मॉम में दिलचस्पी लेने के लिए बेकरार कर दिया था। मॉम अपने कमरे में चली गईं.. उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया।

अब मुझमें उन्हें देखने की ज्यादा चाहत जाग उठी थी। मॉम का एक नया मस्ताना रूप देखने की इस चाहत कि वजह से मुझसे भी नहीं रहा गया, मैंने भी बाहर से मॉम को पुकारा।

‘क्या हुआ.. अन्दर आओ न..’
शायद मॉम भी मेरे इंतज़ार में थीं, उन्होंने दरवाज़ा खोल दिया.. मेरे अन्दर दाखिल होते ही दरवाज़ा लॉक कर दिया।

मैंने कहा- और बच्चे भी सो गए हैं।
मॉम सिर्फ़ तौलिया लपेटे हुए थीं.. वे तौलिया वाला गाउन पहन कर बाथरूम से आई थीं।
फिर क्या था.. मैंने बोला- तो.. मैं आपका बदन पोंछ कर पाउडर लगा दूँ?

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