मेरी चुदक्कड़ माँ की चूत और गांड

(maa ki chudai sex story- Meri Chudakkad Maa Ki Choot aur Gaand)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

मैं फहमिना आप सबके सामने हाजिर हूँ, एक नई दिलचस्प कहानी मेरे एक प्रशंसक ने भेजी है, मज़ा लीजिये।

मेरा नाम अमन, उम्र 23 और लंड का साइज़ 7 इंच है। मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा फैन हूँ।
मेरी यह कहानी रियल स्टोरी है।

मेरे घर में बस मैं और मेरी माँ शिल्पा ही रहते हैं, माँ की उम्र 40 साल है और एक माल औरत है, वो एकदम कामुक भी है।
आपस में चिपके हुये उसके 36 साइज के संतरे देखकर किसी नपुंसक का भी लंड खड़ा हो जाये और गांड ऐसी की हर लंड को चुम्बक की तरह अपनी तरफ खींचती जाये।
मेरी माँ का फिगर 36 34 38 हैं।

मेरे पिता की मौत एक कार एक्सिडेन्ट में 6 साल पहले हुई थी लेकिन इस बात का माँ की सेक्स लाइफ पर कोई असर नहीं हुआ। वैसे भी वो कई बार अपने पति को धोखा दे चुकी थी, कभी अपने बॉस से या कभी अपने कॉलेज के लड़कों से कभी पापा के बॉस से या फिर कभी उसके दोस्तों से… उसकी चूत की भूख कभी कम नहीं हो सकी।

मैं पिछले तीन साल से अपनी माँ के जिस्म को देखने लगा था, दिन रात उसे चोदने के सपने देखने लगा। लेकिन सपना सपना ही रहा हकीकत नहीं बन पाया।

लेकिन आज कुछ होने वाला था, कुछ अलग जो मेरी जिंदगी बदल देने वाला था!

सुबह 8 बजे जब माँ मुझे जगाने आ गई- चलो उठो बेटा, सुबह हो गई तुम जल्दी उठो, मुझे नहाने जाना है।
मैं- हाँ हाँ माँ, मैं उठ गया हूँ।

जैसे ही मैंने आँखें खोली, मेरी आँखें फटी की फटी रह गई, मेरी माल माँ मेरे सामने सिर्फ़ तौलिये में थी, उसके बड़े बड़े दो संतरे और उनके बीच की धारी वो तौलिया छुपा नहीं पाया और तौलिया इतना ही लंबा था कि चूत के नीचे सिर्फ एक इंच तक का बदन छुपा सके।
मेरी आँखें माँ के बोबों पर गड़ गई, यह देखकर शिल्पा थोड़ा शर्मा गई और थोड़ा अजीब सा फील करने लगी कि उसका अपना बेटा उसको हवस भरी नज़रों से देख रहा है।
अब मैं अपनी माँ को नाम से ही बुलाता हूँ।

मेरी नज़र अब उसकी जाँघों पर पड़ी, मेरे पलंग पर बैठी माँ की गोरी गोरी जांघें देखकर मेरा लंड पजामे में टाइट हो गया। मैं किसी भूखे शेर की तरह अपनी माँ के बदन को देखने लगा।
माँ का हाथ उसके तौलिये पर था और वो किसी चीज़ में फंस गया। जैसे ही माँ रूम से बाहर जाने के लिये खड़ी हुई उनका पूरा तौलिया उसके बदन से उतर गया।

मेरी माँ मेरे सामने कमरे में एकदम से नंगी हो गई। घबराहट में उसने जल्दी से टावल खींच लिया, उससे अपने बोबों और चूत को छुपा लिया और वहाँ से भाग निकली।
लेकिन इससे उसकी बड़ी गांड के चूतड़ मुझे नज़र आ गये।

यह सब इतनी जल्दी में हो गया कि मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया, मैं जल्दी से बाथरूम में घुस गया और मुठ मारने लगा। मैं इतना उत्तेजित था कि दरवाजा भी लगाना भूल गया।

जब माँ साड़ी पहनकर हॉल में जाने के लिये निकली तो उसने देखा कि बाथरूम का दरवाजा खुला है और जब उसे बंद करने गई तो देखा कि मैं मुठ मार रहा हूँ, वो समझ गई कि मैं किसके बारे में सोचकर मुठ मार रहा हूँ।

माँ अचम्भे से बोली- यह तुम क्या कर रहे हो?
मैं घबरा कर- ओह!!! सॉरी सॉरी सॉरी… आई एम सॉरी माँ!

शिल्पा- तुम मेरे बारे में सोच कर मुठ मार रहे थे ना? तुम्हें शर्म नहीं आती ऐसा करते हुये, ऐसे सोचते हुये?
मैं- आई एम सॉरी माँ… आगे से ऐसा नहीं करूँगा!!

शिल्पा- क्या तुम मेरे बारे में ऐसी सोच रखते हो?
मैं- बिल्कुल नहीं माँ!
शिल्पा- झूठ मत बोलो! अगर नहीं सोचते तो ये सब नहीं करते!
मैं- आई एम सॉरी माँ, आज तुम्हें ऐसा देखकर मुझसे रहा नहीं गया।

शिल्पा- ऐसा? ऐसा मतलब?
मैं- मतलब… नंगी!
शिल्पा- बेशर्म…

शिल्पा गुस्से से वहाँ से अपने कमरे में जाकर ऑफ़िस के लिये तैयार हो गई और नाश्ता बनाकर चली गई।
मैं भी 11 बजे कॉलेज के लिये निकल गया लेकिन मेरे दिमाग़ में एक ही बात चल रही थी, मैं पूरे दिन अपनी माँ के नंगे बदन के बारे में सोचता रहा।

शाम 5 बजे मैं कॉलेज से वापस आ गया था और टी.वी देख रहा था, 6 बजे शिल्पा ने डोर बेल बजाई तो मैंने दरवाजा खोला लेकिन अपनी माँ से नज़र ना मिला पाया।
शिल्पा समझ गई कि मैं शर्मिंदा हूँ।
लेकिन आज उन्होंने एक बेशर्मी वाली स्माइल दी और वो सीधा बेडरूम में चली गई और आधे घंटे बाद गाउन पहन कर मेरे पास में आकर बैठ गई और ऐसे बर्ताव करने लगी जैसे सब कुछ सामान्य है।

शिल्पा- कौन सी फिल्म देख रहे हो बेटा?
मैं- इंग्लिश फिल्म है।
शिल्पा- अच्छा… तुम्हें इंग्लिश फ़िल्में बहुत अच्छी लगती हैं ना?
मैं- हाँ माँ!
शिल्पा- और क्या क्या अच्छा लगता है तुम्हें?
मैं- क्रिकेट, म्यूज़िक और घूमना!

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