मेरी मां की समझदारी, मुझे चोदना सिखाया-2

(Maa Ke Sath Sex Stories Mujhe Chodna Sikhaya- Part 2)

अभी तक आपने मेरी मां के साथ सेक्स स्टोरी के पिछले भाग
मेरी मां की समझदारी, मुझे चोदना सिखाया-1
में पढ़ा कि एक तरफा चुदाई के बाद मैंने अपना पेशाब मम्मी की चूत में लबालब भर दिया और मैं सो गया।

अगले दिन सुबह उठ कर पापा काम पर चले गए… और छोटी बहन स्कूल चली गई… उस दिन मैं स्कूल नहीं गया था… तो थोड़ी देर बाद मम्मी और मैं साथ में ही नहा लिए।

अब तो रोज नहाते वक्त मम्मी को नंगी देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाया करता था… जिसे मम्मी कभी-कभी अपने हाथ में लेकर साबुन दिया करती थी और मुझे देखकर हँस देती थी।

नहाने के बाद मम्मी और मैं कमरे के अंदर आकर कपड़े पहनने लगे… मम्मी भी पूरी नंगी हो कर मेरे सामने कपड़े पहन रही थी… मुझे मेरी चड्डी नहीं मिल रही थी… तो मैंने मम्मी से पूछा- मेरी चड्डी कहां है?

मम्मी बोली- शायद बिस्तर के नीचे हो… वहां देख ले।
मुझे पता था… कि वहाँ कंडोम के पैकेट भी पड़े हैं और मम्मी जान बूझकर मुझसे यह बोल रही हैं।

मैंने बिस्तर उठा कर देखा… तो वहां बहुत सारे कंडोम के पैकेट पड़े हुए थे, मैंने मम्मी से पूछा – मम्मी यह क्या है… तो मम्मी ने कहा… यह तेरे मतलब की चीज नहीं है.. ये कंडोम हैं।

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी.. मैंने इसके बारे में सुना तो बहुत है… पर आज तक कभी समझ नहीं पाया… कि ये होता क्या है?
मेरी इस बात को सुनकर मम्मी बोली- बड़े लोग इसे शादी से पहले या शादी के बाद यूज करते हैं!
तो मैंने मम्मी से पूछा- मम्मी… बड़े लोग इसे कैसे यूज करते हैं, बताओ ना?

मैं पहले भी आपको बता चुका हूं कि मेरी मम्मी मुझसे पहले ही बोल चुकी थी कि अगर सेक्स से संबंधित कोई भी या कुछ भी पूछना हो तो बेशक पूछ लेना.. मैं बता दिया करूंगी।

तो मम्मी बोली- ला, मैं सिखा देती हूं तुझे…

मम्मी अभी भी पूरी नंगी थी और मेरा लंड उनकी चिकनी चूत को देखकर बिल्कुल खड़ा हो चुका था, मम्मी बोली- देखो रोहन… मैं तुम्हें यह सब इसलिए बता रही हूं… ताकि तुम बाहर से यह सब ना सीखो।

फिर मम्मी ने एक कंडोम का पैकेट उठाया और उसे खोल दिया और फिर मुझसे बोली- लो इसे अपनी नूनू पर चढ़ाओ।

मैंने मम्मी से कहा- मम्मी इसे कैसे चढ़ाते हैं?
तो उन्होंने अपने हाथों से मेरे खडे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया और फिर उस पर कंडोम चढ़ाने लगी।
कंडोम चढ़ाने के बाद मम्मी मुझसे बोली- देख लिया.. कंडोम को ऐसे चढ़ाते हैं!

मैंने उनसे बोला- मम्मी… इसके बाद क्या करते हैं?
तो मम्मी बोली- जो लड़कियों के पास होती है… जहां से वो पेशाब करती हैं… इसे वहां डालते हैं.. और फिर सेक्स करते हैं।

मैंने अनजान बनकर मम्मी की चूत पर हाथ रखकर उनसे पूछा- मम्मी..यहां पर?
तो मम्मी बोली- हाँ यहीं… इसी जगह!

मम्मी की यह बात सुनकर मैं मम्मी से बोला- मम्मी.. मेरी नुनू तो इतनी बड़ी है.. वो इसके अंदर कैसे जा सकती है?
मेरी इस बात पर मम्मी हंसते हुए बोली- हां.. जाता है…
मैंने भी अनजान बनते हुए बोला- कैसे मम्मी.. क्या मैं इसे डाल कर देख सकता हूं… सिर्फ एक बार?

इस पर मम्मी कुछ नहीं बोली और कुछ सोचने लगी।
मैंने मम्मी से कहा- कोई बात नहीं मम्मी… मैं सिर्फ देखना चाहता था कि मेरी नुनू अंदर कैसे जाती है… पर कोई बात नहीं… अगर आपको हर्ट करता हो… तो मैं नहीं करूंगा।

मम्मी बोली- ठीक है… पर सिर्फ आज के लिए और थोड़ा जल्दी करना!
तो मैंने मम्मी से कहा- मैं अगर कभी भूल गया तो?
मम्मी बोली- अगर भूल गया तो कोई बात नहीं… मैं फिर से बता दूंगी।

मैंने वैसे ही खड़े खड़े अपना लंड मम्मी की चूत पर लगाया और फिर धीरे-धीरे अपना पूरा लंड मम्मी की चूत के अंदर डाल दिया.. और फिर वैसे ही खड़ा हो गया।
मम्मी बोली- हां… बस ऐसे ही…

तो मैंने मम्मी से कहा- क्या इसे ही सेक्स कहते हैं।
मम्मी बोली- नहीं… इसके बाद नूनू को अंदर बाहर करते हैं.. और धक्के लगाते हैं।

तो मैंने मम्मी से कहा- क्या मैं भी एक बार धक्के लगा कर… अपनी नूनू अंदर बाहर कर के देख सकता हूं?
मम्मी बोली- ठीक है… बस सिर्फ एक बार कर लो.. फिर बार-बार मत कहना… मैं यह सब तुम्हें सिखाने के लिए कर रही हूं।

मैंने मम्मी से कहा- मैं फिर कभी नहीं करूंगा.. पर अगर भूल गया… तो आप दोबारा सिखाओगी ना?
मम्मी बोली- हां… सिखा दूंगी!
और फिर मैं धीरे धीरे से मम्मी की चूत में लंड डालकर धक्के लगाने लगा, फिर मैंने मम्मी को जोर जोर से चोदना चालू कर दिया और थोड़ी ही देर बाद मेरा पेशाब फिर से निकल गया और मैंने मम्मी को कसकर पकड़ लिया।

मेरा लंड अभी भी मम्मी की चूत के अंदर था… मम्मी बोली- क्या हुआ तुझे?
मैंने कहा- मम्मी.. मेरा पेशाब निकल गया है कंडोम के अंदर… तो मम्मी ने मेरा लंड अपनी चूत से बाहर निकाला और फिर मेरे लंड से कंडोम को उतार दिया।

मेरे लंड से कुछ सफेद जैसा गाढ़ा पानी निकल रहा था… मैंने मम्मी से पूछा- मम्मी यह क्या है… ये पेशाब तो नहीं है।
मम्मी बोली- नहीं… यह पेशाब नहीं है… यह सफेद सफेद गाढ़ा पानी वीर्य होता है।
और मुझे देखते हुए बोली- जो तू रोज रात को मेरी चूत के अंदर भर देता है।

हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे, मैं डर रहा था, मैंने मम्मी से कहा- सॉरी मम्मी!
तो मम्मी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया… हम दोनों के नंगे जिस्म आपस में चिपके हुए थे, मम्मी बोली- कोई बात नहीं!

तो मैंने मम्मी से कहा- मम्मी… रोज रात को जब मैं आपके साथ सेक्स करता था तो आपने मुझे रोका क्यों नहीं.. और मुझसे कुछ कहा क्यों नहीं?
मम्मी बोली- मैंने तुझसे पहले भी कई बार बोला था कि सेक्स के बारे में मुझसे कुछ भी बेहिचक पूछ लेना।

फिर मैंने मम्मी से बोला- मम्मी… सेक्स करने से पहले नुनू पर कंडोम क्यों लगाते हैं?
तो मम्मी बोली- यह एक तरह की सेफ्टी होती है.. जिससे लंड से निकला हुआ पानी चूत के अंदर ना जाए।

तो मैंने मम्मी से पूछा- अगर पानी आपकी चूत के अंदर चला जाएगा तो उससे क्या होगा?
मम्मी बोली- अगर किसी का वीर्य चूत के अंदर स्खलित हो जाता है… तो वह गर्भवती हो जाती है और फिर नौ महीने बाद तुम्हारे जैसे सुंदर बच्चे को जन्म देती है।

मम्मी के इतना बोलते ही मैंने अपनी नंगी मां को फिर से अपने गले से लगा लिया, मैंने मम्मी को थैंक यू बोला तो मम्मी बोली- अब तेरी नूनु… नूनु नहीं रही अब तो ये लंड बन गया है।

फिर मम्मी बोली- मैं ऐसी नहीं हूं कि तुझे कुछ ना सिखाऊं… पर यह बात किसी को मत बताना!
तो मैंने कहा- हां मम्मी… मैं किसी को नहीं बताऊंगा।
मम्मी बोली- लेकिन तुझे भी मेरी एक बात माननी पड़ेगी… मैं तुझे यह सब इसलिए सिखा रही हूं कि कहीं तू बाहर जाकर यह सब ना करने लगे! आजकल की लड़कियाँ पहले तो सेक्स कर लेती है… और फिर बाद में ब्लैकमेल करती हैं… और बाहर सेक्स करने से एड्स का भी खतरा रहता है… तुझे जब भी जरूरत हो… मेरे पास आ जाना।

मैंने मम्मी से वादा किया और बोला- मम्मी, आपके होते हुए मैं कभी बाहर नहीं जाऊंगा!

फिर हम दोनों ने कपड़े पहन लिए और मम्मी घर के काम करने लगी।

उसके बाद जब भी मेरा मन करता… मैं मम्मी के साथ सेक्स कर लेता था और मम्मी भी खुशी खुशी मेरा साथ देती थी।

एक रात पापा मम्मी को चोद रहे थे और मैं हल्की आंखें खोल कर उन्हें देख रहा था।
पापा ने मम्मी को घोड़ी बनाया और पीछे से अपना लंड मम्मी की गांड में डाल दिया। मम्मी के मुंह से एक जोरदार उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह निकल पड़ी… तो पापा ने अपने हाथों से मम्मी का मुंह बंद कर दिया।

मम्मी को चाहे कितना भी दर्द हो पर वो पापा को उनकी इच्छा के लिए कभी मना नहीं करती थी।
फिर पापा ने उनकी गांड मारना शुरू कर दिया और फिर कुछ देर बाद उन्होंने अपना सफेद पानी मम्मी की गांड के अंदर ही छोड़ दिया और फिर मम्मी पापा सो गए।

मैं भी उन दोनों की चुदाई देखकर काफी उत्तेजित हो गया था… मैंने धीरे से मम्मी को जगाया और उनके कान में कहा – क्या आज मैं भी सिर्फ एक बार आपकी गांड में अपना लंड डाल सकता हूं… आज बहुत इच्छा हो रही है।

तो मम्मी बोली- नहीं, अगर तुम्हारे पापा जाग गए तो?
मैंने मम्मी से बोला- पापा को बिल्कुल भी पता नहीं चलेगा… मैं बिल्कुल धीरे धीरे करूंगा।

मम्मी मान गई.. पर वे बोली- तू पहले अपने लंड पर कंडोम लगा ले।
मैंने उठ कर कंडोम निकाला और फिर लेटे लेटे ही अपने लंड पर चढ़ा लिया।

मम्मी मेरी तरफ को पीठ करके लेट गई और अपनी टांगों को खोल दिया, मैंने भी अपने एक हाथ से मम्मी की गांड के छेद को खोला और अपना लंड उनकी गांड पर लगा कर अगले तीन धक्कों में मम्मी की गांड के अंदर घुसा दिया।

मम्मी की गांड बहुत कसी हुई थी… शायद पापा कभी कभी ही उनकी गांड मारा करते थे!

कुछ देर तक मम्मी की गांड मारने के बाद मैं झड़ने लगा और फिर वैसे ही अपना लंड मम्मी की गांड में डाल कर उनसे लिपट गया।
थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा… तो मैंने अपना लंड मम्मी की गांड से निकालकर… लंड से कंडोम उतार दिया और फिर उनकी चूत में डाल दिया।

फिर मैं मम्मी की टांगों को पकड़कर उन्हें चोदने लगा… थोड़ी देर बाद मैं उठकर मम्मी के ऊपर लेट गया और फिर उनके ऊपर लेटे लेटे ही उन्हें चोदने लगा।

कुछ देर की चुदाई के बाद मैं झड़ने लगा, मम्मी भी मेरे साथ झड़ने लगी मैंने अपना सारा का सारा सफेद पानी मम्मी की चूत के अंदर भर दिया।

फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और फिर अपने लंड को साफ करने लगा।
मम्मी की चूत से पानी रिस कर बाहर आ रहा था तो मम्मी ने भी उठ कर अपनी चूत को साफ किया और फिर वापस आकर लेट गई।

आज भी जब मेरा मन करता है, मैं अपनी मम्मी के साथ सेक्स कर लेता हूं और मम्मी भी मुझसे चुदवा लेती है।
मुझे एक ऐसी मां मिली जिन्होंने मुझे बाहर जाकर सेक्स करने से बचाया और मुझे गलत सोसाइटी में नहीं पड़ने दिया।

थैंक्स टू माय मॉम एंड डैड… आई लव यू मम्मी… जो आप जैसी मम्मी मुझे मिली।

आपको मां के साथ सेक्स स्टोरी कैसी लगी, आप मुझे मेल करके बता सकते हैं।
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