जवान लड़की की चूत चुदाई की शुरुआत-1

(Jawan Ladki Ki Chut Chudai Ki Shuruat- Part 1)

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मेरा नाम मीता है. मेरी उम्र 24 साल ही है. मुझे सभी लोग खूबसूरत बोलते हैं. मगर मैं ऐसा नहीं सोचती क्योंकि मुझसे अधिक बहुत सी खूसूरत लड़कियां हैं. मैं यह तो नहीं कहूँगी कि मैं लड़के और लड़की के शारीरिक रिश्तों के बारे में नहीं जानती, क्योंकि मैंने बहुत सारी ब्लू फ़िल्में देखी हुई हैं. वो कब और कहां पर देखी, यह भी आप को आगे पता लग जाएगा. मगर मैंने कभी भी किसी लड़के से यौन सम्बन्ध बनाने की कोशिश नहीं की और इस सबसे दूर ही रहती रही हूँ.

जब मैं कॉलेज में गई, तो वहां लड़कियों ने जो मेरे साथ रेंगिंग की वो रेंगिंग कम और नंगा नाच ज़्यादा था. जिस दिन मैं पहली बार कॉलेज में पहुँची तो कुछ लड़कों ने मुझ पर कुछ गंदे कॉमेंट्स किए. मैंने उन सबको देख और सुन कर भी अनदेखा और अनसुना कर दिया.

इस पर उनमें से एक लड़के ने किसी लड़की को बुला कर मेरी तरफ इशारा करते हुए पता नहीं क्या कहा. उस लड़की ने हंस कर कुछ कहा और अपनी क्लास में चली गई. कॉलेज बंद होने से दो पीरियड पहले वो ही लड़की मेरे पास आई और बोली कि तुम्हें प्रिन्सिपल ने बुलाया है. मैं तुरंत उसके संग चल पड़ी मगर वो मुझे प्रिन्सिपल के कमरे के बजाए उस क्लास में ले गई, जहां पर कोई क्लास तो नहीं थी, मगर कुछ और लड़कियों को भी इकठ्ठा किया हुआ था, वो सब मेरी तरह ही आज ही पहली बार कॉलेज में आई थीं. उस सबसे वो गंदे गंदे शब्द बुलवा रही थी. जो लड़की मुझको लेकर आई थी, शायद वो उनकी लीडर थी.

उसके आते ही कमरे में सभी लड़कियां चुप हो गईं. वो सबसे बोली कि देखो यह है हमारे कॉलेज की मिस कॉलेज. अब देखना यह है कि जितनी यह बाहर से ही खूबसूरत नजर आती है.. क्या उतनी ही अन्दर से भी है क्या. आज इसका स्वागत करो.
एक ने पूछा- कैसे करना है?
वो बोली- उल्लू की पट्ठी.. तुमको नहीं पता कि स्वागत कैसे किया जाता है. भूल गई तुम, तुम्हारा स्वागत कैसे किया गया था?

फिर दो लड़कियां मेरे पास आईं और बोलीं- जो हम बोलेंगी, तुम उसको रिपीट करना. जरा भी आना काना की, तो यह कपड़े जो तुमने डाले हुए हैं ना.. हम इन्हें उतार कर ले जाएंगे.. फिर नंगी ही बाहर आना.

ये सुन कर मैं बहुत डर गई और मैंने देखा कि बाकी की लड़कियां भी सहमी हुई थीं कि पता नहीं उनके साथ क्या होगा.

अब एक ने बोलना शुरू किया और बोली- मेरे बाद में मेरी बात को दोहराना. बोलो कि मेरे मम्मे बड़े मस्त मस्त हैं. चूत बड़ी पस्त है. मुझे एक लंड दिलवा दो, अपनी चूत के लिए.. क्या तुम दिलवा सकती हो. बिना लंड के मुझे चूत बहुत तंग करती है. मेरे मम्मे रात को सख्त हो जाते हैं. मेरा दिल करता है कि कोई आ के इनको दबाए. मेरे मम्मों के निप्पल खूब चूसे. मेरी चूत पर अपना मुँह रख कर उसे भी चूसे. अपना लंड मुझसे चुसवाए. जब वो यह सब कर ले, तो अपना लंड मेरी चूत में डाले और मुझे अच्छी तरह से चोदे ताकि मुझे जिंदगी के पूरे मज़े मिलें.

मैं उसकी सब बातों को रिपीट करती रही.

अब वो लड़की मेरे पास फिर से आई और बोली- जो तुमने बोला है.. उसे अब याद कर लो और अपने आप सबको सुनाओ.
जितना मुझे याद था वो मैंने दोहरा दिया.

अब उसने कहा- गुड गर्ल.. तुम जल्दी ही सब कुछ सीख जाओगी. अब एक ही वाक्य को 10 बार बोल कि मुझे लंड चाहिए अपनी चूत के लिए.
मैंने जब 10 बार बोला, तो उसने कहा- मम्मों को किस लिए भुला दिया. बोलो मेरे मम्मे दबाओ और चूत चोदो.

इस तरह से मुझसे यह सब बुलवाया गया. फिर उसने सभी लड़कियों से यही सब करवाया.

फिर वो बोली कि तुम सब पहली क्लास पास हो गई हो, अब दूसरी क्लास की बारी है. सब कान खोल कर सुन लो, जो मैं करने के लिए बोलूं, वो उसी वक़्त होना चाहिए.. कोई देर नहीं लगनी चाहिए वरना तुम सबको पता है ना कि क्या होगा तुम सब के साथ?

एक पल रुक कर उसने सभी की तरफ घूर और फिर से बोलने लगी- सब लड़कियां एक एक करके आगे आओ और अपने दोनों मम्मों को खोल कर दिखाओ.

हम सभी ने अपने मम्मे कमीज से बाहर निकाल कर दिखाने शुरू कर दिए. तब उसने जो लड़कियां उसके साथ की थीं, उनसे कहा कि टेस्ट करो किस के सबसे ज़्यादा सख्त हैं.. और किसके सबसे ढीले हैं.
अब वो लड़कियां हम नई लड़कियों के मम्मों को दबा दबा कर देखने लगीं और हमारे मम्मों की घुन्डियों को भी खींच खींच कर देखने में लग गईं.
इस काम को करते समय उन्होंने कुछ लड़कियों को अलग कर दिया और बोलीं कि इन सबके मम्मे ढीले हैं.. लगता है पूरी चुदवा कर आई हुई हैं. हां.. मगर ये तीन लड़कियां ऐसी हैं, जिनसे चूचे सख्त हैं.

एक लड़की ने उस लीडर लड़की को मेरी तरफ इशारा करते हुए कहा कि इसके चूचे सबसे ज्यादा सख्त हैं. लगता है इसको इसके मम्मों को दबाने वाला अभी तक नहीं मिला.
यह सुन कर उस लड़की ने मेरे पास आ कर मेरे मम्मे दबाने चालू किए और बोली- वाह क्या बात है.
फिर उसने मेरे निप्पल चूसने शुरू किए और चूस चूस कर उनको खड़ा कर दिया. फिर वो मुझसे बोली- तुम तो मस्त माल हो. तुम्हें तो अलग से ढीला करना पड़ेगा.

ये सब कारस्तानी चल ही रही थी कि तब तक कॉलेज के बंद होने का टाइम हो चुका था, इसलिए वो बोली- आज का सबक पूरा हुआ, सब यहां से निकलो और सुनो किसी को कुछ भी कहा, तो मेरे कुछ लड़के दोस्त हैं.. उन लड़कों से उन बगावत करने वाली लड़कियों को चुदवा दूँगी और उनकी चुदाई की फिल्म बना कर नेट पर अपलोड भी कर दूँगी. इसलिए तुम सबकी भलाई इसी में है कि जो कुछ हुआ, उसे सीक्रेट ही रखना.
चूंकि उस बॉस लड़की से सब लड़कियां डर गई थीं, इसलिए किसी ने अपना मुँह नहीं खोला.

जब मैं घर वापिस आई तो मुझसे पूछा गया कि कैसे रहा आज का दिन?
तो मैंने उन सबसे इन बातों को गोल करते हुए बोला कि सब ठीक ठाक ही था.

मगर उस लड़की ने उन लड़कियों का पीछा छोड़ दिया, जिनके मम्मे ढीले बोले गए थे. वो लड़कियां शायद उसकी नजर में किसी काम की नहीं थीं. उसने सबसे ज़्यादा मुझे तंग करना शुरू कर दिया.
अब जब भी वो मुझे मिलती तो मेरे मम्मों को दबाती और बोला करती थी कि इनका कोई इलाज करवाना हो तो मुझे बताना. मैं कुछ नहीं कहा करती थी और उसको हंस कर टाल देती थी. मैं उससे डरती थी कि कहीं यह मुझे किसी से जबरदस्ती कुछ ना करवा दे.

खैर इसी तरह से कुछ दिन बीते और अब कॉलेज में पढ़ाई पूरी तरह से शुरू हो गई थी, जिसकी वजह से वो कम ही मिलती थी. मगर उसने मेरा पीछा नहीं छोड़ा था. वो जब भी मिलती तो बोला करती कि जान एक बार लड़के से ना सही, मेरे साथ ही कुछ कर लो.
मैंने तब तक कोई लेस्बियन पिक्चर नहीं देखी थी, इसलिए मुझे नहीं पता था कि कोई लड़की भी किसी लड़की को अपने तरीके से चोद सकती है.

आख़िर एक दिन मैंने उससे कहा- मालती (उसका नाम था) बोलो.. क्या करोगी मेरे साथ?
उसने कहा- तुम रज़ामंदी तो दो फिर देखना क्या क्या करती हूँ तुम्हारे साथ. जानी सीधा स्वर्ग दिखला दूँगी. एक बार देखोगी तो बार बार स्वर्ग की सैर करना चाहोगी.
मैंने कहा- ठीक है बोलो.. फिर क्या करना है.
उसने कहा- ओके डार्लिंग ऐसा करते हैं कि परसों मेरे घर पर कोई नहीं होगा. उस दिन हम लोग कॉलेज से बंक मारते हैं और तुम मेरे साथ मेरे घर पर चलना, फिर वहां तुमको सब बताऊंगी.

जिस दिन का उसने प्रोग्राम बनाया था, उस दिन वो मुझसे बोली कि तुम जरा वॉशरूम में रूको, मैं किसी लड़की को बोल कर आती हूँ कि वो तुम्हारी हाजिरी प्रॉक्सी से बोल देगी.

उसने वो ही किया और मेरी हाजिरी भी कॉलेज में लग गई. जब कि मैं उस दिन किसी भी क्लास में नहीं गई.

जल्दी से वो वापिस आ गई और मुझे बोली कि तुम कैंटीन में चलो, मैं अपनी हाजिरी को फिक्स करके अभी आती हूँ.

थोड़ी देर बाद वो आई और मुझको अपने साथ चलने के लिए बोली. मैं उसके साथ चल पड़ी और कॉलेज से बाहर आते ही उसने एक ऑटो पकड़ा और अपने घर पर ले आई. वहां कोई भी नहीं था. उसने जल्दी से घर को अन्दर से लॉक किया और सारे पर्दे ठीक से लगा दिए ताकि किसी को भी कोई शक ना हो कि अन्दर कोई है.

फिर उसने एक डीवीडी पर लेस्बियन पिक्चर चला दी और बोली- अच्छी तरह से देख लो, हमें यही सब करना है.
ऐसी पिक्चर को देखना मेरे लिए एक नया अनुभव था. एक लड़की दूसरी की चूत में उंगलियां कर रही थी. फिर दोनों एक दूसरे की चूत को चाट रही थीं और मम्मों को दबा दबा कर चूस रही थीं.
यह पिक्चर कोई आधे घंटे की थी. जब मैं उसे देख चुकी तो मेरे मम्मे खड़े हो चुके थे और चूत भी गीली हो गई थी. मैंने उस फिल्म को दुबारा से लगा कर देखना शुरू कर दिया. जब वो वापिस आई तो पूरी तरह से नंगी थी.

वो बोली- क्या बात है कुछ ज़्यादा ही पसंद आ गई ही मीता.. जो इसी फिल्म को दुबारा देखना शुरू कर दिया है.
मैं शर्मा गई और बोली- नहीं, ऐसी बात नहीं है.
‘क्यों शरमाती हो.. अब मुझे देखो जिस हालत में मैं हूँ, उसी में तुम भी हो जाओ वरना मुझे जबरदस्ती करना पड़ेगा.

मैंने सोचा भलाई इसी में है कि मैं खुद ही अपने कपड़े उतार दूं वरना यह जैसे निकालेगी तो घर पर जब कोई देखेगा तो कुछ गलत समझ जाएगा. मैंने आराम से सारे कपड़े उतार दिए और बस अपनी चड्डी ही अपने शरीर पर रहने दी.
उसने कहा- क्यों असली माल को छुपाती हो? मेरी देखो, पूरी साफ़ की हुई चूत है.
यह कहते हुए उसने मेरी चड्डी भी खींच दी.

मेरी झांटें मेरी पूरी चूत को ढके हुए थीं वो बोली- अरे यार मीता, तुमने तो मेरा सारा मूड ऑफ कर दिया है. पहले तुम्हारी चूत की इन झांटों को साफ़ करना पड़ेगा ताकि हीरा जंगल से बाहर निकल आए.
यह कह कर वो शेविंग किट, जो उसने अपनी झांटों को बनाने के लिए लिया हुआ था, लेकर आई और मेरी चूत पर अच्छी तरह से फोम लगा कर सेफ्टी रेजर से चूत की हजामत बना दी.

जब पूरी चूत साफ़ कर दी तो बोली- जाओ, इसे धोकर आओ और शीशे में देखना कि चूत कैसे लगती है.
सच कहूँ तो मेरी चूत की पहली बार हजामत हुई थी, मुझे तो पता ही नहीं था कि यह कैसे दिखेगी. अब लगता था कि जैसे किसी नई जन्मी हुई लड़की की चूत हो.

मालती ने मेरी चूत पर हाथ रख कर कहा कि यह है असली चूत और अब तो इसका मनका (छूट का दाना) भी नजर आने लगा है, जिस पर लिखा है कि यही है स्वर्ग का दरवाजे का कुंडा. अब देखना में तुम्हें कैसे मज़े दिलवाती हूँ.
उसकी चूत पहले से ही साफ थी, इसलिए उसने कहा- इस पर अपना मुँह मारो और चूत पर मुँह से धक्के मारो ताकि चूत के आस पास का सारा हिस्सा खुश हो जाए कि आज उसको कोई मिला है.

फिर उसने 69 में होकर मेरी चूत पर अपना मुँह मारना शुरू कर दिया. पता नहीं उसने किस तरह से अपनी ज़ुबान मेरी चूत में डाली कि मैं उसके सर को चूत पर दबाने लग गई ताकि वो बाहर ना निकले.
यह देख कर वो बोली- मुझे पता था कि तुमको जब चूत का असली मज़ा मिलेगा तो तुम्हारी यही हालत होगी.

उसने मेरी चूत में उंगलियां डाल डाल कर चूत को खोला और थोड़ी देर बाद उठी और बोली- मैं आती हूँ.
जब वो वापिस आई तो उसने अपने हाथों में एक डिल्डो (नकली लंड) लिया हुआ था.. जो काफ़ी मोटा था. मुझे समझ आ गया कि अब मेरी चूत खुलने का कार्यक्रम शुरू होने वाला है.. लेकिन मैं डर गई थी.

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