शादी किसी की और चुदाई किसी की-3

Shadi Kisi ki Aur Chudai Kisi ki-3
अब तक आपने पढ़ा कि मैंने नेहा को कॉल करके दरवाजा खोलने को बोला।

मैं कमरे के अन्दर गया और दरवाजा बंद कर लिया।

नेहा स्कर्ट और टॉप पहने थी।

मैं सोफे पर बैठ गया और नेहा को अपनी तरफ खींचा और उसे अपनी गोद में बिठा लिया।

वो दोनों पैर मेरे पैरों की दोनों तरफ करके बैठ गई।

मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा और उसके होठों को चूसने लगा।

उसकी चूत मेरे खड़े लंड से सट रही थी.. ऐसा लग रहा था कि मानो जन्नत की सैर हो रही है।

अब मैंने उसके टॉप को ऊपर उठाया और निकाल दिया।

उसकी ब्रा गुलाबी रंग की थी…

मैंने उसकी पैंटी तो शाम को ही देखी थी.. वो भी गुलाबी थी।

मैंने उसकी ब्रा उतार दी.. अब उसकी चूचियाँ मेरे सामने थीं।

नेहा का फिगर 36-30-36 था।

मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा.. नेहा की आँखें बंद थीं।

मैंने उसकी चूचियों को चूसना शुरू किया.. हाय क्या मस्त चूचियाँ थीं.. मस्त गोरी-गोरी.. देखने में एकदम सख्त और मसलने में मुलायम..
अब मैंने उसे खड़ा किया और उसकी स्कर्ट उतार दी और जब पैंटी उतारने लगा तो नेहा बोली- पहले तुम अपने कपड़े उतारो।

मैंने तुरत अपने कपड़े उतार दिए।

मेरा 8 इंच का लंड बिल्कुल तन्नाया हुआ खड़ा था।

वो बोली- आह.. कितना बड़ा है..!

अब मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और उसे सोफे पर लिटा दिया।

नेहा सोफे पर लेटी थी और मैं नीचे बैठा था।

मैंने उसके दोनों पैरों को ऊपर उठाया और उसके चूतड़ों को दोनों हाथों से पकड़ कर उसकी चूत को चूमने लगा।

चूत चाटने में मुझे बहुत मजा आता है।

मैं चूत चाट रहा था और वो अपना सर उठा कर देख रही थी।

अब मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत में डाल दिया और उसकी चूत में अपनी जीभ अन्दर-बाहर करने लगा।

मैंने उसकी चूत की चुदाई अपने जीभ से शुरू कर दी।

थोड़ी देर चूत चाटने के बाद मैं सोफे पर बैठ गया और नेहा नीचे बैठी और मेरा लंड चूसने लगी।

वो मेरा लंड बहुत अच्छे से चूस रही थी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था।

इस चुसाई से मेरे लंड को चूत की बहुत जरूरत हो गई थी और नेहा की चूत को लंड की भूख लगने लगी थी।

अब देर करना ठीक नहीं था।

मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसके पैरों को मोड़ कर लंड उसकी चूत पर रखा।

उसकी चूत को फैला कर धीरे-धीरे लंड चूत में डालने लगा…

उसकी चूत कसी हुई थी। लेकिन मुझे ज्यादा मुश्किल नहीं हुई.. मेरा लंड चूत में घुसता चला गया।

वो पहले भी चुद चुकी थी।

मैंने उसकी चूत की चुदाई शुरू कर दी।

धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाता गया और मैं कामातुर हो कर धक्के पर धक्के मारते ही जा रहा था।

नेहा भी कामातुर हो कर बोल रही थी- आह्ह.. चोद दो और जोर से..

मैं दनादन शॉट्स मार रहा था।

थोड़ी देर के बाद मैं लेट गया और अपना लंड सीधा खड़ा कर दिया…

नेहा ऊपर से आकर लंड पर बैठ गई।

जैसे-जैसे वो बैठती गई.. मेरा लंड चूत में घुसता चला गया।

वो जोर-जोर से मेरे लंड पर कूद रही थी..

मैं उसकी चूचियों को पकड़े था।

कुछ देर के बाद वो नीचे उतर गई।

मैंने अब उसे घोड़ी बनाया और लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसकी गाण्ड पकड़ कर झटके मारने लगा।

हर झटके पर वो आगे की तरफ हो जाती और मैं उसकी गाण्ड पकड़ कर अपनी तरफ खींच कर लंड उसकी चूत में पेल देता।

थोड़ी देर में वो झड़ गई।

मेरा अभी तक नहीं निकला था, मैंने उसे फिर से बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया और उसके पैरों को थोड़ा सा फैला कर लंड पेल दिया।

मैं अब जोर-जोर से उसकी चूत चोद रहा था।

मैं उसकी चूचियों को जोर से पकड़ कर उसी चूत चोद रहा था।

जब मुझे लगा कि अब मेरा गिरने वाला है, तो मैंने लंड को चूत से निकाल कर वीर्य उसकी चूत के ऊपर गिरा दिया।

नेहा शांत लेटी थी… मैं भी उसकी बगल में लेट गया और उसकी चूचियों से खेलने लगा।

उस रात मैंने उसे एक बार और चोदा।

करीब 5 बजे मैं उसके कमरे से बाहर आकर दूसरे कमरे में सो गया।

अगले दिन 2 बजे उसकी फ्लाइट थी, उसे वापस मुंबई जाना था।

वहाँ वो एक अच्छी कम्पनी में काम करती थी।

उसने अपना नम्बर मुझे दिया और मुंबई आने को बोला।

अभी तो मैं मुंबई जा नहीं पाया, लेकिन उसको फिर से चोदने की इच्छा तो होती है।

देखता हूँ कब दुबारा नेहा की चूत चोद पाता हूँ।

मुझे आपकी प्रतिक्रियाओं का इन्तजार रहेगा।

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