प्यासी जवानी के अकेलेपन का इलाज़-1

(Pyasi Jawani Ke Akelepan Ka Ilaj- Part 1)

This story is part of a series:

दोस्तो, मैं आपका और सिर्फ़ आपका के के.. आपके सामने आपनी एक कहानी पेश कर रहा हूँ. पहले मैं थोड़ा अपने बारे में बता दूँ. मैं राजकोट, गुजरात का रहने वाला एक सुपर सेक्सी ब्वॉय हूँ.. जो हर वक़्त सेक्स करना चाहता है. मैं 25 साल का हूँ. मेरा जिस्म एकदम मस्त है और लंड का साइज़ 8 इंच है.
मेरी पिछली कहानी
चुदाई का असली मज़ा आंटी को दिया
के दो भाग आपने पढ़े होंगे. आज मैं आप लोगों को एक असली घटना सुनने वाला हूँ. ये घटना मेरे जिंदगी की बहुत ही सुखद घटना है.

पिछले साल मैं महाबलेश्वर में होटल लेक व्यू में रुका हुआ था. ये होटल एक सुनसान जगह पर बहुत आलीशान तरीके से बनाया हुआ है और इस होटल के चारों तरफ काफ़ी जंगल भी है.

उस दिन शाम को थोड़ी हल्की बूंदा बूँदी हुई थी और इसलिए मौसम सुहाना था. मैं होटल के स्विमिंग पूल में नहाने के लिए गया था. इसलिए मैं अपने कपड़े उतारकर स्विमिंग कास्टयूम पहन कर एक बड़ा पैग ब्लडी मेरी लेकर स्विमिंग पूल पर पहुँच गया. मैंने स्विमिंग पूल पर जाकर पहले अपना ड्रिंक एक टेबल पर रखा. फिर स्विमिंग पूल में डुबकी लगाकर हल्के हल्के स्ट्रोक के साथ तैरने लगा.

थोड़ी देर तैरने के बाद मैंने एक बहुत खूबसूरत औरत को, जिसकी उम्र अंदाज़न करीब 30-31 साल रही होगी, स्विमिंग पूल के तरफ आते देखा. उस औरत के हाथ में एक इंग्लिश की किताब थी. थोड़ी देर तक तैरने के बाद मैं पूल से बाहर निकल कर अपनी टेबल पर आकर बैठ गया और अपने ड्रिंक की चुस्की लगाने लगा. वो औरत भी मेरी टेबल के पास बैठी हुई अपनी किताब पढ़ रही थी.

मैं उस औरत की खूबसूरती से बहुत ही प्रभावित हो गया था और आंखें फाड़ फाड़ कर उसको देख रहा था. वो औरत एक जींस और टॉप पहने हुई थी. उसके जींस और टॉप इतना टाइट थे कि उसका हर अंग बाहर झलक रहा था. मैंने अपने ड्रिंक से एक लम्बा घूँट लिया और फिर से पूल के तरफ बढ़ गया. लेकिन जाने से पहले मैंने उस औरत को एक बार फिर से घूर कर देखा. मैं पूल पर जाकर छलाँग लगा और तैरने लगा. तैरते समय मैं बार बार उस औरत को देख रहा था और थोड़ी देर के बाद देखा कि वो औरत भी मुझे देख रही है और हल्की हल्की मुस्कुरा रही है.

मैं भी तब उसको देख कर मुस्कुरा दिया और पूल से बाहर आकर उसके पास जाकर उसको हल्के से हैलो बोला.
वो भी जवाब में हैलो बोली. फिर धीरे से बोली- आप बहुत अच्छा तैरना जानते हैं और आपका बदन भी काफ़ी गठीला है.
मैंने धीरे से उसको थैंक्स बोला और खुद का उससे परिचय कराया. उसने भी तब अपना परिचय दिया और बोली- मेरा नाम पूजा है और मैं अपने पति के साथ महाबलेश्वर आई हुई हूँ.

बातचीत में मालूम हुआ कि इस समय उसके पति पूना, जो कि महाबलेश्वर से करीब 150 किलोमीटर दूर है, अपने कारोबार के सिलसिले में गए हुए हैं. वो अपने कमरे में अकेले बैठ बैठ कर बहुत बोर हो चुकी थी और इसीलिए वो इस समय स्विमिंग पूल के किनारे बैठी हुई है.

मैंने उससे पूछा- आप क्या पीना पसंद करेंगी?
उसने पलट कर मुझसे पूछा कि मैं क्या पी रहा हूँ?
मैंने बोला- मैं ब्लडी मेरी पी रहा हूँ.
तो पूजा बोली- ठीक है मैं भी ब्लडी मेरी ले लूँगी.
तब मैंने फोन पर दो ब्लडी मेरी का ऑर्डर दे दिया.

अभी बातचीत चल ही रही थी कि तभी अचानक से एक वेटर कॉर्डलेस फोन ले करके हम लोगों के पास दौड़ा आया और बोला- मैडम, आपका फोन है.

पूजा ने फोन वेटर से ले कर, फोन पर बात करने लगी. अचानक उसकी आवाज़ बदल गयी और वो फोन पर बोल रही थी- ओह गॉड ओह गॉड.. हां ओके.. नहीं मैं बिल्कुल ठीक हूँ.. हां मैं होटल में ही रहूंगी.

और फिर उसने फोन काट दिया. पूजा के चेहरे पर परेशानी मुझे साफ साफ दिखलाई दे रही थी.

मैंने पूजा से पूछा- क्या हुआ?
पूजा बोली- रोड में एक टैंकर के साथ एक बस और एक ट्रक का एक्सिडेंट हो गया है और इसलिए पुलिस ने रोड ब्लॉक कर दिया है. जब तक रोड ब्लॉक खत्म नहीं होगा, कोई भी गाड़ी आ या जा नहीं सकेगी और ये रोड ब्लॉक कल सुबह तक ही साफ होगा.

मुझे अभी भी माजरा समझ नहीं आया था.
फिर कुछ रुक कर पूजा बोली- अब मेरे पति कल सुबह तक ही आ पाएंगे.

यह सुन कर मैंने मन में भगवान को लाख लाख शुक्रिया बोला, क्योंकि ये मेरे लिए एक बहुत सुनहरा अवसर था.

मैं पूजा को सांत्वना देते हुए बोला- अरे पूजा जी आप मत घबराइए. आपके पति बिल्कुल ठीक हैं और कल सुबह वो सही सलामत लौट आएंगे.
तब पूजा धीरे से बोली- मुझे अपने पति से ज़्यादा अपने लिए फिक्र है. अब पूरे दिन भर के लिए इस होटल में क़ैद हो गयी.
मैं मुस्कुरा कर बोला- आप ज़्यादा फ़िक्र मत कीजिए.. मैं आपको वादा करता हूँ कि आप बोर नहीं होंगी.
अब पूजा ने हंसते हुए मुझसे पूछा- आप कैसे मुझे बोर नहीं होने देंगे?
मैंने पूजा से बोला- मैं आपको अच्छे अच्छे किस्से सुनाऊंगा, जोक सुनाऊंगा, और इसके अलावा आप जो भी कहेंगी मैं वो भी करूँगा.

तब तक वेटर हम लोगों के लिए ड्रिंक्स ले आया और मैंने पूजा को एक ग्लास ब्लडी मेरी पकड़ा दिया.

पूजा ने बड़ी अदा से ब्लडी मेरी का गिलास मेरे हाथों से लिया और फिर मुस्कुराकर थैंक्स बोली.
मैंने भी अपना गिलास उठा लिया और पूजा से बोला- चियर्स.
पूजा भी मुझसे इठला कर बोली- चियर्स.. तुम्हारे गठीले बदन के लिए.
जब पूजा ने मेरे बदन के लिए कॉमेंट किया तो मैंने बोला- नहीं पूजा डियर तुम तो किसी भी फिल्म एक्ट्रेस से बहुत ज़्यादा सुंदर हो. तुम्हारा बदन भी तो बिल्कुल तराशा हुआ है.
मेरी बातों को सुनकर पूजा बहुत झेंप गयी और फिर शर्मा कर बोली- धत, तुम बहुत ही शैतान हो.

हम लोग अपने अपने ड्रिंक्स में चुस्की लगाते रहे और बातें करते रहे. हम लोग ऐसे बातें कर रहे थे कि जैसे हम लोगों की जान पहचान बहुत पुरानी है. पूजा ने मुझसे मेरी पर्सनल लाइफ के बारे में कुछ सवाल किए और अपनी जिंदगी की बहुत सारी बातें मुझसे शेयर की.

पूजा तो यहां तक बोली कि उसका पति गुज्जू गान्डू है और वो सेक्स से ज्यादा लगाव नहीं रखता.
मैं पूजा की बातों को सुनकर बहुत ही हैरान हो गया. पूजा मुझसे मेरी लव लाइफ के बारे में भी कुछ सवाल किए.

मैंने पूजा से बोला- मैं सेक्स और औरतों को बहुत पसंद करता हूँ.. मैं तो सेक्स का पूजारी हूँ. मुझे बिस्तर पर औरतों के साथ तरह तरह के एक्सपेरिमेंट करने में बहुत मज़ा आता है.
मेरी बातों को सुन कर पूजा कुछ देर तक चुपचाप बैठी रही. ऐसा लग रहा था कि वो कुछ गहरी सोच में हो.

हम लोगों ने एक एक ग्लास और ब्लडी मेरी पिया और बातें करते रहे. तभी एकाएक जोरों की बारिश शुरू हो गयी. स्विमिंग पूल के आसपास कोई सर छुपाने की जगह नहीं थी और इसलिए हम दोनों कमरे की तरफ भागे. कमरे तक पहुँचते पहुँचते पूजा बुरी तरफ से भीग गयी और उसकी गोल गोल चूचियां भीगे टॉप के ऊपर से ही साफ साफ दिखने लगीं.

मैंने आंखें फाड़ फाड़कर देखा कि पूजा की गोल गोल और तनी हुए चुचियां उसकी लाल रंग की ब्रा में क़ैद देख रही थीं. मैं जितना पूजा की चूचों को देख रहा था, वैसे वैसे मेरा लंड खड़ा हो रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड भी बाहर निकलकर पूजा की सुंदरता को सलाम करना चाह रहा हो.

जब पूजा ने मेरी तरफ देखा. वो मेरी हालत को समझ गई और खिलखिला कर हंस पड़ी.

हम लोग अपने अपने कमरे तक पहुँच गए. संयोग से पूजा और मेरा कमरा बिल्कुल अगल बगल था. जब मैं अपने कमरे में घुस रहा था, तो पूजा मुझसे बोली- कपड़े बदल कर मेरे कमरे में आ जाना.
मैंने कहा- ठीक है, मैं अभी कपड़े बदल कर आता हूँ. लेकिन हो सकता है आपके साथ अकेले कमरे में होने से मैं अपने आपको रोक नहीं पाऊँगा.
तब पूजा हंस कर बोली- कोई बात नहीं. मैं भी तो देखूं कि आप मेरे साथ अकेले कमरे में क्या क्या कर सकते हैं?

फिर मैं हंस कर अपने कमरे में चला गया और जब कपड़े बदल कर मैं पूजा के कमरे में गया तो देखा पूजा अपने कपड़े बदल चुकी है और वो अब चाइनीज किमोना टाइप का गाउन पहन कर बिस्तर पर बैठी हुई है. पूजा ने कुछ मस्त सा सेंट लगा रखा था और उसकी खुशबू पूरे कमरे में फैल रही थी.

मैं पूजा के कमरे में जाकर एक लो चेयर पर बैठ गया. तब पूजा अपनी जगह से उठकर मेरे पास आई और मेरे घुटनों पर बैठ गयी और उसने अपने हाथों को उठाकर मेरे गले में डाल दिया.

वो मुझसे बोलने लगी- ओह माय डियर, ये तो बहुत ही अच्छा हुआ कि आज इस समय तुम मेरे साथ हो और हम दोनों के दिल में जो भी आए, हम कर सकते हैं. इस समय हमें कोई रोकने वाला नहीं है.

इतना कह कर पूजा ने मुझे चूम लिया. मैंने भी पूजा को अपनी बांहों में भरते हुए उसको चूम लिया और धीरे से पूछा- मेरे प्यारी पूजा, हम लोग अभी क्या करने वाले हैं?
पूजा फिर से मुझको चूमते हुए मेरी आंखों में आंखें डाल कर बोली- हम लोग अब कुछ शरारत करने वाले हैं. हम लोग अभी जो शरारत करेंगे, उसमें तुम्हें और मुझे दोनों को बहुत मज़ा आएगा.
इतना कह कर पूजा का चेहरा शरम से लाल हो गया.

थोड़ी देर तक चुप रहने के बाद पूजा फिर बोली- मुझे आज बहुत शरारत करनी है.
मुझे लग रहा था कि अकेले कमरे मेरे साथ रहना और ऊपर से मौसम भी रंगीन और इन सबसे पूजा का मिज़ाज़ भी कुछ ज़्यादा ही रंगीन हो गया है. मैं अब इस अवसर को खोना नहीं चाहता था और मैं चाह रहा था कि मैं अब पूजा को समझा दूं कि चुदाई का असली मज़ा क्या होता है.

मैं अब पूजा से बोला- डार्लिंग पूजा, लगता है कि अब हम लोगों को ज़्यादा वक़्त बर्बाद नहीं करना चाहिए. मैं अब तुमको तब तक नहीं छोडूंगा, जब तक ना तुम मेरे लव जूस का आख़िरी कतरा निचोड़ ना लो. अब तुम्हें शरारती होने का पूरा मौका मिलेगा.

पूजा मेरी बातों को सुनकर बेहद खुश हो गयी और मुझको अपने बांहों में भरकर मुझे तीन-चार चुम्बन मेरे होंठों में दे दिए.

फिर पूजा मेरे घुटने पर से उठकर खड़ी हो गयी और अपने सर को नीचा करके, जैसे कि वो मुझे ये बताना चाहती हो कि अब वो मेरे हुकुम की गुलाम है और उसका जो भी चाहूं कर सकता हूँ, मेरे बगल में खड़ी हो गयी.

तब पूजा की देखा देखी मैं भी अपने सीट पर से उठकर खड़ा हो गया और उसके सामने अपने बदन से अपना गाउन उतार कर पूजा के सामने बिल्कुल नंगा खड़ा हो गया. अब तक मेरा लंड आधा खड़ा हो गया था और धीरे धीरे झूल रहा था. पूजा ये देख कर पहले तो शर्मा गयी, उसका चेहरा लाल हो गया और फिर वो ललचाई आंखों से मेरे खड़े लंड को देखने लगी. अब तक मेरा लंड पूजा की आंखों के सामने धीरे धीरे और खड़ा होकर काफ़ी सख़्त हो गया था.

मैंने अपना हाथ बढ़ा कर पूजा की कमर में डाल दिया और उसे खींचकर कमरे में लगी हुई ड्रेसिंग टेबल के सामने ले गया.
मैं पूजा से बोला- देखो तो सही.. हम लोग कैसे लग रहे हैं?
शीशे में मुझे नंगा और उसमें मेरा खड़ा हुआ लंड और अपने आप को पूरे कपड़े पहना देखकर पूजा पहले बहुत शरमाई, फिर हंसकर वो मुझे कसकर अपने बांहों में भींच कर मुझे चूमने लगी.

थोड़ी देर तक मुझे चूमने के बाद पूजा फिर से ड्रेसिंग टेबल के शीशे में देखने लगी. मैं अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चूचियों से खेलने लगा और वो भी अपने हाथों को बढ़ा कर मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी.

अब मैं पूजा को अपने बांहों में भरकर उसके कान में बोला- डार्लिंग, अब मुझे तुम्हारे कपड़े उतारने हैं.
उसने मुझे चूमते हुए अपनी मौन स्वीकृति दे दी.

मुझे उम्मीद है कि आपको इस हसीन तरीन पूजा के संग समय काटने के साथ साथ उसकी रंगीन जवान चूत चुदाई की कहानी भी मजा दे रही होगी. आप मुझे मेल कर सकते हैं.
कहानी जारी है.
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